Tuesday, 17 December 2019

अयोध्या में चार माह में राम मंदिर निर्माण

   केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि चार महीने के भीतर अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। 
    शाह ने कहा कि अभी कुछ वक्त पहले सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या पर फैसला दिया, "इससे राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ हो गया और सौ साल से ज़्यादा वक्त से चला आ रहा विवाद भी खत्म हो गया। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण की अवधि भी तय कर दी।
   अमित शाह ने झारखंड में कहा कि चार महीनों के अंदर आसमान को छूता हुआ भव्य राम मंदिर अयोध्या में बनने जा रहा है। अमित शाह ने भरी जनसभा में बाकायदा राम मंदिर निर्माण का समय भी बता दिया। शाह ने कहा कि 4 महीने के अंदर अयोध्या में राम मंदिर बनने जा रहा है। 
  अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद वहां भव्य राम मंदिर बनाने की तैयारी है. ऐसे में बीते दिनों यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झारखंड में चुनाव रैली के दौरान भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए हर परिवार से 11 रुपये व एक पत्थर मांगने की बात कही। वहीं, अब राम मंदिर की झलक अयोध्या शहर के रेलवे स्टेशन पर भी दिखेगी। 
   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए झारखंड के हर घर से ईंट मांगी। कहा, ‘‘राम मंदिर महज कोई मंदिर ही नहीं होगा, बल्कि यह एक राष्ट्रीय मंदिर होगा जो भगवान राम की जन्मस्थली पर बनाया जाएगा। यह भारत की आत्मा होगी। यह मंदिर दुनिया में देश के लोकतंत्र और न्यायपालिका की मजबूती को प्रदर्शित करेगा। यानी अब अयोध्या रेलवे स्टेशन को राम मंदिर के रंग रूप में ढाला जाएगा। ऐसे में ट्रेनों से आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन पर ही प्रस्तावित राम मंदिर की झलक देखने को मिलेगी। 
   एक्ट्रेस कंगना रनौत ने फिल्म मणिकर्णिका से डायरेक्शन डेब्यू किया था। अब वो प्रोडक्शन में भी अपना डेब्यू करने जा रही हैं। कंगना ने मणिकर्णिका के नाम से प्रोडेक्शन हाउस खोला है। वो अब पहली फिल्म प्रोड्यूस करने जा रही हैं। ये फिल्म अयोध्या राम मंदिर केस पर बेस्ड है। फिल्म का टाइटल दिया गया है 'अपराजित अयोध्या'।

Monday, 9 December 2019

शिक्षा ऋण माफ करने का कोई प्रस्ताव नहीःसरकार

  नई दिल्ली। सरकार ने सोमवार को कहा कि शिक्षा ऋण माफ करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नही है। लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यह जानकारी दी।
  उन्होंनें यह भी कहा कि ऐसा कोई मामला सामने नही आया है कि कर्ज अदायगी के लिए बैंकों की ओर से दबाव बनाए जाने के कारण किसी छात्र ने खुदकुशी की है। निर्मला ने कहा, शिक्षा ऋण माफ करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नही है।

आयुध कारखानों के निजीकरण का सवाल नहीं

  नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि आयुध कारखानों के निजीकरण का सवाल ही नही उठता और सरकार इन कारखानों में कार्यरत कामगारों के हित किसी भी स्थिति में प्रभावित नही होने देगी।
 राजनाथ ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि आम तौर पर लोग आयुध कारखानों को पेशेवर बनाने के पक्षधर हैं। इस बारे मे कारखानों के श्रमिक संगठनों से बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला सभी पक्षकारां को विश्वास में लेकर ही किया जाएगा।

 घाटी में शून्य से चार डिग्री नीचे पहुंचा पारा

  जम्मू। जम्मू कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में तापमान गिरने का सिलसिला जारी है। श्रीनगर में शनिवार रात का तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया।
   इसके साथ ही लद्दाख मे करगिल जिले का दास सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। वहीं जम्मू में न्यूनतम तापमान इस मौसम के औसत तापमान से दो डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस हो गया। हालांकि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में सुधार हो सकता हैं। पश्चिमी विक्षोभ यहंा बुधवार को दस्तक देगा और इसके साथ ही बर्फ गिरने व बारिश का दूसरा चरण भी शुरू हो जाएगा।

Wednesday, 11 September 2019

प्लास्टिक कचरा अलग करने में महिलाओं की भागीदारी

   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज मथुरा में स्वच्छता पर एक व्यापक देशव्यापी जागरूकता अभियान - स्वच्छता ही सेवा 2019 का शुभारंभ किया। 
   एसएचएस 2019 के तहत ‘प्लास्टिक कचरा जागरूकता और प्रबंधन’ विशेष जोर दिया जा रहा है। इसे 11 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2019 तक आयोजित किया जा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान का लक्ष्य महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर एक खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) भारत समर्पित करना है। 
  केन्द्र सरकार के पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन और पेयजल एवं स्वच्छता विभागों और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से एसएचएस के शुभारंभ का आयोजन किया गया था।
   प्रधानमंत्री ने पशुधन आरोग्य विज्ञान मेले में भी गए, जहां उन्होंने गायों के पेट से प्लास्टिक कचरे को हटाने के लिए उनकी शल्य चिकित्सा देखी। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश की महिलाओं के एक समूह के साथ बातचीत की, जो प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग करके उन्हें रिसाईकिल-योग्य और गैर-रिसाईकिल-योग्य श्रेणियों में रखते हैं।
   प्रधानमंत्री ने खुद वहां प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग करने के कार्य में भाग लिया। लगभग 20,000 किसानों, सरपंचों, महिला समूहों और स्वच्छाग्रहियों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से मांग करते हुए कहा कि वे अपने घरों, कार्यालयों और कार्यस्थलों को प्लास्टिक के एकल इस्तेमाल से मुक्त करें। पर्यावरण, पशुओं और जल जीवों के स्वास्थ्य पर ऐसे प्लास्टिक के खतरनाक प्रभावों की ओर लोगों का ध्यान खींचते हुए, उन्होंने कहा कि खरीददारी के लिए बाहर जाते समय कपड़े अथवा जूट के बैगों का इस्तेमाल करें और कार्यालयों में पानी पीने के लिए धातु अथवा मिट्ठी के गिलासों का इस्तेमाल करें।
   उन्होंने लोगों से कहा कि वे अपने आस-पास से प्लास्टिक के सभी कचरे को एक निर्धारित इकट्ठा करें और स्वच्छता ही सेवा के दौरान स्थानीय प्रशासन की सहायता से इसका सुरक्षित निपटारा सुनिश्चित करें। 
  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ भारत मिशन के सकारात्मक प्रभावों के बारे में चर्चा करते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफ्लाइटिस की घातक बीमारी को दूर करने में स्वच्छ भारत मिशन के योगदान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता के दायरे में महत्वपूर्ण वृद्धि होने से ओडीएफ भारत की तर्ज पर भारत को प्लास्टिक कचरा से मुक्त करने का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।    
   इस अवसर पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पूरा विश्व उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है जब भारत ओडीएफ बन जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा 2019 अभियान से प्लास्टिक कचरे और इसके संग्रहण, रिसाईकिलिंग और निपटारे के बारे में व्यापक जागरूकता कायम करने में अत्यधिक मदद मिलेगी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व में पर्यावरण के संरक्षण के लिए एक नया जन आंदोलन बन जाएगा। केन्द्रीय मछलीपालन, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन मंत्री गिरिराज सिंह, जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया, राज्य के अन्य मंत्री और स्थानीय सांसद और विधायकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

Monday, 9 September 2019

भारत 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर डीग्रेडेड भूमि को ठीक करेगा

   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ‘भारत अब से 2030 तक 21 मिलियन हेक्टेयर से 26 मिलियन हेक्टेयर तक की डीग्रेडेड भूमि को ठीक करने की महत्वाकांक्षा रखता है।’ इसके मद्देनजर अत्यंत डीग्रेडेड भूमि के 26 मिलियन हेक्टेयर रकबे की भूमि उत्पादकता तथा जैव प्रणाली को बहाल करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत डीग्रेडेड कृषि योग्य, वन और अन्य परती जमीनों को केन्द्र में रखा जाएगा। 

   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 14वें मरुस्थलीकरण रोकथाम पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की उच्चस्तरीय बैठक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने रियो सम्मेलन के सभी तीन प्रमुख विषयों को समाधान करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
   उन्होंने कहा कि सभी तीन सम्मेलनों के लिए कॉप के जरिए भारत ने वैश्विक बैठकों की मेज़बानी की है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आगे कदम बढ़ाते हुए भारत को जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और भूमि क्षरण के मुद्दों को हल करने में दक्षिण-दक्षिण सहयोग के लिए पहलों का प्रस्ताव करने में खुशी होगी।’ 
   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूमि क्षरण नियंत्रण लक्ष्य निर्धारण कार्यक्रम के संबंध में यूएनसीसीडी के सदस्य देशों के क्षमता निर्माण तथा समर्थन के लिए एक वैश्विक तकनीकी समर्थन संस्थान बनाने के भारतीय प्रस्ताव की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘मुझे यह बताने में हर्ष हो रहा है कि भारत को सस्ती उपग्रह और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए भूमि उद्धार रणनीतियों के विकास के लिए अन्य मित्र देशों की सहायता करने में खुशी होगी।’ 
   जल की भूमिका के महत्व को रेखांकित करते हुए नरेन्द्र मोदी ने यूएनसीसीडी के नेतृत्व का आह्वान किया कि वह एक वैश्विक जल एजेंडा के बारे में विचार करे, जो भूमि क्षरण नियंत्रण रणनीति के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘जब हम डीग्रेडेड भूमि की समस्या हल करते हैं, तो हम जल की कमी की समस्या भी हल करते हैं। जलापूर्ति बढ़ाना, जल की पुनःपूर्ति करना, जल अपव्यय को कम करना और मिट्टी की नमी को कायम रखना, भूमि तथा जल रणनीति का अह्म हिस्सा है।’
  मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपने वक्तव्य के शुरूआत में हरित गतिविधियों के प्रति प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री ने पेरिस शिखर वार्ता में अग्रणी भूमिका निभाई थी। वे 175 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन प्राप्त करने के भारत के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की प्रेरक शक्ति हैं।’
   पर्यावरण मंत्री ने कहा कि कॉप-14 पर्यावरण संबंधी अति महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करने के लिए एक विश्व मंच के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, ‘विश्व भर के 190 से अधिक देश, 100 मंत्री और 8000 भागीदार यूएनसीसीडी कॉप-14 में भूमि बहाली और जलवायु के संवर्धन पर चर्चा करने तथा इस दिशा में काम करने के लिए एकजुट हुए हैं।’
  इस अवसर पर सेंट विंसेंट और ग्रेनाडिनेस के प्रधानमंत्री राल्फ गोंज़ाल्विस, संयुक्त राष्ट्र संघ की उप-महासचिव सुश्री अमीना जेन मोहम्मद, यूएनसीसीडी के कार्यकारी सचिव इब्राहीम थैव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री बाबू सुप्रियो और अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे।

Sunday, 8 September 2019

लद्दाख के लिए नई पर्यटन नीति में सहयोग

   केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन राज्‍य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय लद्दाख के लिए नई पर्यटन नीति बनाने में स्‍थानीय प्रशासन को पूर्ण सहयोग देगा। 

   उन्‍होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो मंत्रालय के अधिकारी इस मामले में समर्थन व सहायता प्रदान करने के लिए प्रति महीने लद्दाख की यात्रा करेंगे।
   लेह यात्रा में केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल ने लद्दाख में सभी स्‍थानीय हितधारकों के साथ बैठक की। बैठक में पर्यटन विभाग की डीजी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा; पर्यटन विभाग की एडीजी सुश्री रुपिन्‍दर बरार जम्‍मू-कश्‍मीर पर्यटन के प्रधान सचिव नवीन कुमार चौधरी तथा पर्यटन मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी एवं स्‍थानीय निकायों के अधिकारी उपस्थित थे।
   श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान में लद्दाख क्षेत्र के केवल 14 स्‍मारक एएसआई के संरक्षण में हैं। मंत्रालय यह संख्‍या दोगुनी या तीन गुनी करना चाहता है। लद्दाख और कारगिल क्षेत्र में कई ऐसे स्‍मारक हैं जिसका संरक्षण एएसआई द्वारा किया जाना चाहिए।
   बैठक में स्‍थानीय हितधारकों ने श्री पटेल की लद्दाख यात्रा की सराहना की। स्‍थानीय लोगों ने पर्यटन उद्योग को प्रोत्‍साहन देने के लिए बेहतर कनेक्टिवीटि, बेहतर अवसंरचना, टैक्‍स में छूट आदि की मांग की। श्री पटेल ने उन्‍हें मंत्रालय तथा भारत सरकार के पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।
   बैठक में पर्यटक मंत्रालय के संयुक्‍त महानिदेशक विकास रुस्‍तगी ने लद्दाख क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की कार्य योजना विषय पर एक प्रस्‍तुति दी। इसमें यह दिखाया गया कि लद्दाख में पूरी दुनिया से पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। अतुल्‍य भारत अभियान में लद्दाख को विशेष स्‍थान दिया गया है।

विश्वविद्यालय नए भारत की प्रगति के पावर हाउस

   उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषणों में बार-बार शिक्षा की बात होती है। उनके लिए शिक्षा सशक्तिकरण का माध्यम है। वह चाहते हैं कि हमारे विश्वविद्यालय नए भारत की दिशा में प्रगति का पावर हाउस बनें। वह वैज्ञानिक संस्थानों से आशावान रहते हैं। 
 
   उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रपति के चुने हुए भाषणों की पुस्तकें उनकी ज्ञानधारा का संकलन हैं। देश की संप्रभुता की रक्षा के प्रति भारत के संकल्प पर पुस्तक से उद्धरण पेश करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और सहयोग के मूल्यों का पालन किया है।
   उन्होंने चेतावनी दी कि भारत पर आक्रमण करने वालों को माकूल जवाब दिया जाएगा।उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने सामाजिक बुराईयों पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से अश्पृश्यता तथा लैंगिग भेदभाव जैसी सामाजिक बुराईयों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश में उपलब्ध आसाधारण प्रतिभा, विचारों और नवाचारी क्षमताओं को एक साथ लाने की आवश्यकता है ताकि समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
   उपराष्ट्रपति नई दिल्ली के प्रवासी भारतीय केन्द्र में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के चुनिंदा भाषणों पर दो पुस्तकों ‘द रिपब्लिकन एथिक’ (खंड-2) तथा ‘लोकतंत्र के स्वर’(खंड-2) का विमोचन कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत इतिहास के उस मोड़ पर खड़ा है जहां से वह प्रमुख चुनौतियों और बाधाओं का सामना करते हुए समावेशी विकास की दिशा में छलांग लगा सकता है।
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में मूल्यों और नीतियों को बनाए रखना लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस बारे में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की और मेरी सोच एक समान है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने अनेक अवसर पर राष्ट्रपति के संबोधनों में राष्ट्र का सार, विज़न, महत्वकांक्षा, आशाओं और स्वभाव को देखा है। उनमें विचारों की स्पष्टता है, विश्लेषण करने की क्षमता है। राष्ट्रपति के सभी भाषणों में, चाहे वह राष्ट्र के नाम संबोधन हो या विदेश यात्राएं हो या शिक्षा की बात हो, सभी में तालमेल देखने को मिलता है।
    श्री नायडू ने कहा कि राष्ट्रपति हमेशा हमें अन्नदाताओं यानी किसानों, वैज्ञानिकों, पेशेवर लोगों और बहादुर जवानों के योगदान की याद दिलाते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषणों में बार-बार शिक्षा की बात होती है। उनके लिए शिक्षा सशक्तिकरण का माध्यम है। वह चाहते हैं कि हमारे विश्वविद्यालय नए भारत की दिशा में प्रगति का पावर हाउस बनें। वह वैज्ञानिक संस्थानों से आशावान रहते हैं। 
   उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक वकील के नाते राष्ट्रपति वकालत पेशे की शक्तियों और चुनौतियों के प्रति सचेत हैं। राष्ट्रपति संवैधानिक तौर-तरीकों से सामाजिक परिवर्तन में विश्वास रखते हैं। राष्ट्रपति कोविन्द गरीब से गरीब लोगो को न्याय प्रदान करने में कानूनी पेशे की क्षमता पर बल देते हैं। 
   उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अधिकारियों से उच्च स्तर के संकल्प की आशा रखते हैं, क्योंकि अधिकारी लोगों को लोकतांत्रिक संविधान के फल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री कोविन्द ने विभिन्न सेवाओं के सैकड़ों युवा अधिकारियों को सामाजिक न्याय प्रदान करने के लिए प्रेरित किया है। 
   उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति के भाषणों के संकलन को प्रकाशित करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और उनकी टीम को बधाई दी।
   इस अवसर पर पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन और सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, सूचना और प्रसारण सचिव अमित खरे तथा प्रकाशन विभाग की प्रधान महानिदेशक श्रीमती साधना राउत तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

Tuesday, 3 September 2019

प्रौद्योगिकी का शिक्षण सहायता के रूप में उपयोग

   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोककल्याण मार्ग पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2018 प्राप्त करने वालों के साथ बातचीत की। प्रधान मंत्री ने पुरस्कार विजेताओं को उनके असाधारण काम के लिए बधाई दी। 

   उन्होंने उनसे हर छात्र के जीवन को बदलने के लिए कड़ी मेहनत जारी रखने का आग्रह किया। बातचीत के दौरान, प्रधान मंत्री ने प्रौद्योगिकी को शिक्षण सहायता के रूप में उपयोग करने के महत्व के बारे में बात की। 
   उन्होंने शिक्षकों से छात्रों के बीच दिमागी समस्याओं के समाधान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए कहा। उन्होंने पुरस्कार विजेताओं से आग्रह किया कि वे हर बच्चे को एक मौका दें, न कि छात्रों को बांधें। 
   प्रधान मंत्री ने छात्रों के बीच रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना बच्चों के लिए आत्म-प्रेरणा का काम करेगा और उन्हें स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न मुद्दों के बारे में छात्र के दृष्टिकोण को समझना महत्वपूर्ण है।
    उन्होंने शिक्षकों से कहा कि उनमें से प्रत्येक के अंदर छात्र को जीवित रखने और सीखने को बनाए रखने के लिए। प्रधान मंत्री के साथ बातचीत में, पुरस्कार विजेताओं ने स्कूलों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए अपने परिवर्तनकारी कार्य को सुनाया। 
   उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कैसे अटल टिंकरिंग लैब्स ने छात्रों को प्रौद्योगिकी का नवाचार और उपयोग करने में सक्षम बनाया है। इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री संजय शामराव धोत्रे भी उपस्थित थे।

Monday, 2 September 2019

72 साल बाद भी 18 से 20 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे

    उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने राजनीतिक दलों को अस्थायी फायदे के लिए लोक-लुभावन और वोट को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लाने की बजाए देश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए लंबी अवधि की संरचनात्मक कार्यक्रमों के साथ आगे आने की सलाह दी। 

   उपराष्ट्रपति पद पर 2 साल पूरे होने की खुशी में दोस्तों और शुभचिंतकों द्वारा आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में आयोजित मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री नायडू ने कहा कि आजादी के 72 साल बाद भी 18 से 20 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहे हैं और लगभग 20 फीसदी लोग अशिक्षित रह गये हैं।
   उपराष्ट्रपति ने इच्छा जताई कि राजनीतिक दल लोगों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार पर ध्यान दें, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा और शैक्षणिक सुविधाएँ सुनिश्चित करें, लिंग भेद एवं समाज में भेदभाव और शहरी एवं ग्रामीण विभाजन को कम  करने की कोशिश करें। श्री नायडू ने राजनीतिक दलों को जनमत के प्रति धैर्यवान और सहनशील होने का सुझाव दिया। 
   उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को विरोधियों का सम्मान और खुले मन से संरचनात्मक कार्यक्रमों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंसा का सहारा या अनुचित ढंग से किसी पर हमला करना लोकतंत्र के लिए हानिकारक है। 
   उपराष्ट्रपति ने संसदीय लोकतंत्र में भारत को अनुकरणीय देश बनाने के लिए विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में सुधार की पहल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा डिलिवरी में सुधारलाने, न्यायपालिका के कामकाज में जारी देरी को कम करने और विधायिका एवं संसदीय कार्यप्रणाली के बिना किसी बाधा के पूर्ण होना सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अंततः समय पर लोगों को सेवाओं की डिलिवरी मायने रखती है।
    उपराष्ट्रपति ने विभिन्न स्तरों पर लोगों की सोच, रूख और व्यवहार में बदलाव पर बल देते हुए लोगों से स्वार्थ की भावना त्यागने और सकारात्मक एवं संरचनात्मक रूख अपनाने का आग्रह किया। विश्वभर में भारत के प्रति बढ़ते उत्साह और रूचि पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यदि लोग संरचनात्मक तरीके से काम करने लगें तो 2 अंकों की वृद्धि दर हासिल की जा सकती है।
    जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने इसे राज्य का सामान्य पुनर्गठन बताया। अनुच्छेद 370 को संविधान का अस्थायी प्रावधान बताते हुए उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, एक राष्ट्रीय मुद्दा था। इस मौके पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी, आंध्र प्रदेश के सिंचाई मंत्री श्री पी अनिल कुमार यादव, सांसद प्रभाकर रेड्डी एवं दुर्गा प्रसाद, कई विधायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Sunday, 1 September 2019

फिट इंडिया राष्ट्रीय आंदोलन बनना चाहिए

   उप राष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने कहा है कि पी.वी सिंधु राष्ट्र का गौरव हैं। उनके जैसे खिलाडी युवाओं के लिए अनुकरणीय उदाहरण हैं। 

   उप राष्ट्रपति बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियन पी.वी. सिंधु द्वारा अपने माता-पिता के साथ हैदराबाद में उप राष्ट्रपति निवास पर मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। सुश्री सिंधु इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं। 
  उप राष्ट्रपति ने 24 वर्षीय बैडमिंटन स्टार की कड़ी मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि सिंधु सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
   अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिंधु द्वारा विशुद्ध भोजन लेने, कड़ी अनुशासित प्रैक्टिस करने की प्रशंसा करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया फिट इंडिया का आहवान एक राष्ट्रीय आंदोलन बनना चाहिए। यह उपयुक्त, समय के अनुकूल और वांछित हैं।
   उप राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को जनसंख्या संबंधी लाभ मिला हुआ हैं। उसकी 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष की उम्र से कम है। उन्होंने कहा कि देश को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए स्वस्थ, सक्रिय और उपयोगी युवा शक्ति का होना जरूरी है।
   उप राष्ट्रपति ने कहा फिट इंडिया जैसे प्रयास ऐसे समय में बेहद प्रासंगिक हैं जब आधुनिक जीवन शैली और खानपान की आदतों में बदलाव के कारण गैर संचारी रोग बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि शरीर और दिमाग की फिटनेस से व्यक्ति न केवल सतर्क और स्मार्ट रहता है बल्कि लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उन्हें ताकत मिलती है और सामाजिक दृष्टि से वह उपयोगी बन जाता है। उन्होंने जोऱ देकर कहा कि एक संपन्न राष्ट्र बनने के लिए स्वस्थ राष्ट्र बनना एक आवश्यक पूर्व शर्त है।

आरिफ मोहम्‍मद खान केरल के राज्‍यपाल

   राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निम्‍न नियुक्तियां/बदलाव किए हैं। आरिफ मोहम्‍मद खान को केरल का राज्‍यपाल बनाया गया है। 
 
   हिमाचल प्रदेश के राज्‍यपाल कलराज मिश्र का स्‍थानांतरण किया गया है। उन्‍हें राजस्‍थान का राज्‍यपाल नियुक्‍त किया गया है। इसी तरह भगत सिंह कोश्‍यारी को महाराष्‍ट्र का राज्‍यपाल नियुक्‍त किया गया है। बंडारू दत्तात्रेय को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।
   इसी तरह डॉ तमिलिसाई सुंदरराजन को तेलंगाना का राज्‍यपाल नियुक्‍त किया गया है। उपरोक्‍त नियुक्तियां कार्यप्रभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी मानी जाएंगी।

Friday, 30 August 2019

बैंकों का आपस में विलय

   केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कई बैंकों के आपस में विलय का ऐलान किया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंक का विलय होगा।


   दूसरी तरफ, केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी आपस में विलय किया जाएगा। इसी तरह यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का भी विलय किय़ा जाएगा। इंडिय़न बैंक और इलाहाबाद बैंक का भी आपस में विलय होगा।
   केंद्र सरकार के इस बड़े ऐलान के साथ ही अब देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने जो फ़ैसले लिए थे, उन पर अमल की शुरुआत हो गई है।

नया भारत 130 करोड़ भारतीयों की आवाज

   प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि नए भारत की भावना नए क्षेत्रों में दिखाई दे रही है, चाहे खेल हो या स्‍टार्टअप। 

   उन्‍होंने कहा कि छोटे शहरों और गांवों के साहसी युवा अपनी आकांक्षाओं को उत्‍कृष्‍टता में बदल रहे हैं और भारत को गौरव प्रदान कर रहे हैं। यह वैसा भारत है जहां किसी भी व्‍यक्ति के लिए भ्रष्‍टाचार विकल्‍प नहीं है। केवल सक्षमता ही तौर-तरीका है। उन्‍होंने बल देते हुए कहा कि नया भारत प्रत्‍येक 130 करोड़ भारतीयों की आवाज है।
   उन्‍होंने कहा कि मीडिया मंचों के लिए महत्‍वपूर्ण है कि वह जनता की आवाज को सुने। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडिया कॉफ्रेंसिंग के माध्‍यम से कोच्चि में आयोजित मलयाला मनोरमा कॉनक्‍लेव 2019 को सम्‍बोधित किया। 
  प्रधानमंत्री ने केरल के लोगों को और अधिक जागरूक बनाने और भारत के स्‍वतंत्रता आंदोलन में समर्थनकारी भूमिका के लिए मलयाला मनोरमा के योगदान की प्रशंसा की। सम्‍मेलन का विषय ‘नया भारत’ के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि नए भारत के मूल में व्‍यक्तिगत आंकाक्षाएं, सामूहिक प्रयास और राष्‍ट्रीय प्रगति के लिए स्‍वामित्‍व की भावना है।
   उन्‍होंने बल देते हुए कहा कि नया भारत भागीदारी मूलक लोकतंत्र, नागरिक केन्द्रित सरकार और नागरिकों की सक्रियता के बारे में है। उन्‍होंने कहा कि नया भारत उत्‍तरदायी जनता और उत्‍तरदायी सरकार का युग है। सरकार द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने विभिन्‍न प्रयासों जैसे जीवन की सुगमता, मूल्‍यों को नियंत्रित रखना, पांच वर्षों में 1.25 करोड़ मकान बनाना, सभी गांवों का विद्युतीकरण, प्रत्‍येक परिवार को पेयजल उपलब्‍ध कराना और स्‍वास्‍थ्‍य तथा शिक्षा की आधारभूत ढांचा में सुधार का जिक्र किया। उन्‍होंने बताया कि 36 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं, छोटे उद्यमियों को 20 करोड़ ऋण दिए गए हैं, आठ करोड़ से अधिक गैस कनेक्‍शन से धुआं रहित रसोई सुनिश्चित हुई है और सड़क बनाने की गति‍ दोगुनी हुई है।
   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में भावना किस तरह बदली है इसका उल्‍लेख सिर्फ दो शब्‍दों में किया जा सकता है। पांच वर्ष पहले लोग पूछते थे कि क्‍या हम कर पायेंगे? क्‍या हम गंदगी से कभी मुक्‍त होंगे? क्‍या हम नीतिगत निर्बलता समाप्‍त कर पायेंगे? क्‍या हम कभी भ्रष्‍टाचार मिटा पायेंगे? आज लोग कह रहे हैं कि हम करेंगे, हम स्‍वच्‍छ भारत होंगे, हम भ्रष्‍टाचार मुक्‍त राष्‍ट्र होंगे, हम सुशासन को जनांदोलन बनायेंगे। पहले ‘करेंगे’ शब्‍द निराशावादी संदेश देता था अब यही शब्‍द युवा राष्‍ट्र की आशावादी भावना को व्‍यक्‍त करता है।
   प्रधानमंत्री ने अपनी हाल की बहरीन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्‍हें बहरीन की यात्रा करनेवाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्‍त हुआ। उन्‍होंने बताया कि उनकी यात्रा का प्रमुख आकर्षण वहां की जेलों में बंद 250 भारतीय लोगों को क्षमा दान करने का शाही परिवार का निर्णय है। प्रधानमंत्री ने संयुक्‍त अरब अमीरात में रुपे कार्ड लॉन्‍च किए जाने का जिक्र किया और कहा कि इससे खाड़ी में काम करने वाले लाखों लोगों को लाभ होगा, जो पैसा स्‍वदेश भेजते हैं।

डेढ़ लाख से अधिक आरोग्य केन्द्रों की योजना

   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आधुनिक क्षेत्र के अलावा आयुष के लिए भी अधिक से अधिक प्रोफेशनलों को लाने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।
 
  उन्होंने आयुष-ग्रिड बनाने के विचार की सराहना करते हुए कहा कि इससे इस क्षेत्र की कमियां दूर करने में मदद मिलेगी।
  प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में डेढ़ लाख से अधिक आरोग्य केन्द्रों की योजना बनाने के संदर्भ में आयुष को ध्यान में रख रही है। उन्होंने कहा कि 12.5 हजार आयुष आरोग्य केन्द्रों की योजना बनाई गई है, जिनमें से इस साल लगभग 4,000 केन्द्र खोल दिए जाएंगे।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में योग के संवर्धन और विकास के लिए शानदार योगदान करने वालों को योग पुरस्कार प्रदान किए। इन पुरस्कारों की घोषणा रांची में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर की गई थी। इसके साथ आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पिछले वर्ष के दो विजेता भी शामिल हैं। 
   प्रधानमंत्री ने आयुष प्रणाली के महान और दिग्गज चिकित्सकों की उपलब्धियों और उनके योगदान के मद्देनजर उनकी स्मृति में 12 डाक टिकटों का एक सेट भी जारी किया। प्रधानमंत्री ने हरियाणा में स्थित 10 आयुष स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्रों की भी शुरूआत की।
   उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय ने अगले तीन वर्षों में 12,500 आयुष स्वास्थ्य और आरोग्य केन्द्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2019 योग पुरस्कार विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं- व्यक्तिगत-राष्ट्रीय वर्ग में गुजरात के लाइफ मिशन के स्वामी राजर्षि मुनि, व्यक्तिगत-अंतर्राष्ट्रीय वर्ग में इटली की सुश्री एंतोनिता रोज़ी, संगठन-राष्ट्रीय वर्ग में मुंगेर, बिहार का योग विद्यालय, संगठन-अंतर्राष्ट्रीय वर्ग में जापान का योग निकेतन। 2018 योग पुरस्कार विजेताओं में व्यक्तिगत-राष्ट्रीय वर्ग में नासिक के विश्वास मांडलीक और संगठन-राष्ट्रीय वर्ग का योग संस्थान, मुंबई शामिल है। 
  आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद येसो नाइक ने प्रधानमंत्री योग पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि योग स्वास्थ्य की जमानत है, जिसके लिए हमें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता। इस क्षेत्र के महान दृष्टाओं के योगदान को याद करते हुए श्री नाइक ने कहा, ‘इन दिग्गज चिकित्सकों का योगदान अतुलनीय है।

Thursday, 29 August 2019

पाक को जम्मू-कश्मीर में दखल का अधिकार नहीं : राजनाथ

   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर में दखल करने का कोई अधिकार नहीं है। उसे भारत के आंतरिक मामलों में बयान देना बंद कर देना चाहिए।

   रक्षा मंत्री ने उच्च उन्नतांश रक्षा अनुसंधान संस्थान (डीआईएचएआर) द्वारा लेह में आयोजित 26वें किसान जवान विज्ञान मेले का शुभारंभ किया। रक्षा मंत्री ने कहा, मैं पाकिस्तान से पूछना चाहता हूं कि कश्मीर उसके पास कब था? कश्मीर हमेशा से ही भारत का एक अंग है।
   रक्षा मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बारे में हमारा रवैया हमेशा स्पष्ट रहा है। उन्होंने आगे कहा कि फरवरी 1994 में संसद ने बिना विरोध के जम्मू एवं कश्मीर पर एक प्रस्ताव पास किया था।
   रक्षा मंत्री ने कहा कि गिलगिट-बाल्टिस्तान समेत पूरे पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर पाकिस्तान ने गैर कानूनी कब्जा जमाया हुआ है। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर बात करने के बजाय पाकिस्तान को पाक अधिकृत कश्मीर के नागरिकों के मानवाधिकारों के हनन पर ध्यान देना चाहिए।
   राजनाथ सिंह ने कहा, सरकार ने लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया, तो हमने यहां की जनभावना का सम्मान किया है। इसके साथ ही यहां की समस्याओं का भी समाधान किया है। प्रधानमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि भारत के सामरिक महत्व के क्षेत्र के लिए हम स्थानीय समाधान लेकर आएंगे।
   इससे पहले रक्षा मंत्री ने मुख्य कार्यकारी सलाहकार, लद्धाख स्वायत्‍त पर्वत विकास परिषद (एलएएचडीसी) लेह, श्री जामयांग शेरिंग नामग्याल, सचिव, आर एंड डी रक्षा विभाग एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. सतीश रेड्डी और लद्दाख के अन्य वरिष्ठ नागरिकों एवं थलसेना के कार्मिकों की उपस्थिति में ‘किसान जवान विज्ञान’ मेले का शुभारंभ किया। 
  राजनाथ सिंह ने डीआईएचएआर के परीक्षण संबंधी उन क्षेत्रों का दौरा भी किया जहां गुणवत्तापूर्ण जैविक फलों एवं सब्जियों के उत्पादन की प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने ग्रीन हाउस प्रौद्योगिकी, भूमिरहित खेती प्रौद्योगिकी, आलू भंडारण प्रौद्योगिकी और शीतल जलवायु परिस्थितियों में खरबूजे उगाने की प्रौद्योगिकी का निरीक्षण भी किया।

फिटनेस को जीवन शैली का हिस्सा बनाएं

   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में फिट इंडिया अभियान की शुरूआत की। 

   प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे फिटनेस को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाएं। मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस पर जन अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने खेल और तकनीक से दुनिया का दिल जीतने वाले भारत के खेल प्रतिमान मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के उन युवा खिलाड़ियों को बधाई दी जिन्होंने अपने प्रयासों से विश्व मंच पर तिरंगा लहराया।
   प्रधानमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों के पदक न केवल उनके कठोर परिश्रम का परिणाम है बल्कि नए भारत के जोश और नए विश्वास की झलक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘फिट इंडिया अभियान’ राष्ट्रीय लक्ष्य और उसकी महत्वकांक्षा बनना चाहिए। देश को उत्साहित करने का प्रयास करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया अभियान को सरकार द्वारा शुरु तो किया जा सकता है लेकिन इसकी अगुवाई लोगों को करनी होगी और इसे सफल बनाना होगा।
   प्रधानमंत्री ने कहा कि सफलता का संबंध फिटनेस से है औऱ जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रतिमान स्थापित करने वाले लोगों की सफलता में एक समानता है और उनका फिट रहना, फिटनेस पर ध्यान देना और फिटनेस की चाहत रखना। 
  प्रधानमंत्री ने कहा “प्रौद्योगिकी ने हमारी शारीरिक क्षमता कम कर दी है और हमारी फिटनेस की आदत छीन ली है तथा आज हम अपनी परंपरागत कार्यप्रणालियों और जीवनशैली से अनभिज्ञ हो गए हैं, जो हमें स्वस्थ रख सकती हैं। समय के साथ हमारे समाज ने फिटनेस को कम महत्व देकर खुद से दूर कर दिया है। पहले एक व्यक्ति कई किलोमीटर पैदल अथवा साइकिल पर चलता था, आज मोबाइल ऐप हमें बताता है कि हम कितने कदम चले हैं।
   प्रधानमंत्री ने कहा, भारत में आज जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं और उससे युवा भी प्रभावित हो रहे हैं। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मामले बढ़ रहे हैं और यहां तक की भारत में बच्चों में भी यह बीमारियां देखने को मिल रही हैं। लेकिन जीवनशैली में मामूली बदलाव से जीवनशैली से जुड़ी इन बीमारियों से बचा जा सकता है। फिट इंडिया अभियान जीवनशैली में मामूली बदलाव लाने का एक प्रयास है।
   प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी पेशे से जुड़े लोग अपने पेशे में और प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं यदि वे मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहे। यदि शरीर फिट है तो आप मानसिक रूप से भी फिट हैं। खेलों का फिटनेस से सीधा संबंध है। लेकिन फिट इंडिया अभियान का उद्देश्य फिटनेस से भी आगे बढ़कर है। फिटनेस केवल एक शब्द नहीं है बल्कि एक स्वस्थ और समृद्ध जीवन का आवश्यक स्तंभ है।

Wednesday, 28 August 2019

देश में सजा का अनुपात दयनीय, फॉरेंसिक जांच की वकालत

   केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के 49वें स्थापना दिवस पर कहा कि सीआरपीसी तथा आईपीसी में बदलाव वक्त की जरूरत है जिसपर काम किया जा रहा है।

   उन्होने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी तथा फॉरेंसिंक यूनिवर्सिटी बनेगी जिसका उद्देश्य पुलिस तथा सशस्त्र बलों में जाने वाले विद्यार्थियों को तैयार करना होगा। अमित शाह ने कहा कि देश में केसों में सजा कराने का अनुपात दयनीय है जिसे फॉरेंसिक साइंस की वैज्ञानिक रिपोर्ट की मदद से सुधारा जा सकता है।
   उन्होने कहा कि इसके लिए मानव संसाधन की व्यवस्था भी करनी होगी। श्री शाह ने कहा कि जेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है जिससे मुजरिमों को सजा के बाद बाहर आने पर अच्छा नागरिक बनाया जा सके। अमित शाह ने कहा कि पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो राज्यों की पुलिस व्यवस्था सुदृढ़ करने में प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है।
   उन्होने कहा कि बीपीआरडी को राज्य की पुलिस आधुनिकीकरण का सशक्त प्लान बनाना चाहिए। अमित शाह का कहना था कि जब देश में अंग्रेजों के समय में पुलिस व्यवस्था की स्थापना की गयी थी तब राज्य का रक्षण, खजाने का रक्षण क्रांतिकारियों का दमन आदि की सोच थी। यह उनकी सोच को दर्शाता था क्योंकि उन्हें अपना राज्य बरकरार रखना था।
   श्री शाह ने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने पहली बार पुलिस को लोगों की सेवा तथा मानव अधिकारों की रक्षा का दायित्व सौंपा और मुझे संतुष्टि है कि अभी तक यह कार्य बखूबी किया गया है। उन्होने पुलिस व्यवस्था के साथ पुलिसिंग व्यवस्था में सुधार को समय की आवश्यकता बताया। श्री शाह ने कहा कि आने वाले समय में चुनौतियाँ बदल रही हैं जिनका सामना करने के लिए लिए पुलिस के आधुनिकीकरण पर जोर देना आवश्यक है।
   उन्होने आगे बताया कि आंतरिक सुरक्षा में 34800 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों ने बलिदान दिया है तब जाकर यह साख बनी है जिसे बरकरार रखना होगाप्र् कार्यक्रम में गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि आज आतंकवाद, नक्सलवाद अपराध, कानून व्यवस्था आदि अनेक चुनौतियां हैं इसलिए ऐसी तकनीक विकसित होनी चाहिए कि अपराध होने से पहले ही रोका जा सके।

शताब्दी जैसी रेलगाड़ियों में किराया छूट योजना

   शताब्दी, गतिमान, तेजस, डबल डेकर, इंटरसिटी जैसी रेलगाड़ियों के एसी चेयर कार और एग्जीक्यूटिव वर्ग में छूट किराया योजना अगले महीने के अंत से लागू होगी।

  रेल किराये में छूट देने का अधिकार क्षेत्रीय रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को दी गई है। यह छूट सिर्फ उन्हीं रेलगाड़ियों में दी जाएंगी जिनमें पिछले साल मासिक 50 फीसदी से कम सीटें ही आरक्षित हो पाई थी।
  रेल टिकटों में यह छूट मूल किराए पर 25 फीसदी तक मिल सकती है। आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क, जीएसटी इत्यादि अलग से लागू होंगे। यह छूट यात्रा के पहले चरण या अंतिम चरण के लिए मान्य होगी। यह छूट यात्रा के बीच के खंड या पूरी यात्रा के लिए भी प्राप्त की जा सकती है।
   छूट का लाभ सप्ताह के दिन, सप्ताहांत, महीनावार, सीजनल, वर्ष के एक हिस्से के लिए या पूरे वर्ष के लिए प्राप्त किया जा सकता है। रेलवे बोर्ड के वाणिज्य निदेशालय ने सभी मंडल कार्यालयों को सभी रेलगाड़ियों में चेयर कार और एग्जीक्यूटिव वर्ग के कुल आरक्षित सीटों की 30 सितंबर, 2019 तक समीक्षा करने और फिर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है।
   वर्तमान में जारी छूट योजना निम्न रेलगाड़ियों में पहले की तरह लागू रहेंगी। बेंगलुरु-मैसुरु-बेंगलुरु रेल खंड पर 12007/12008 चेन्नई मध्य मैसुरु शताब्दी एक्सप्रेस, अहमदाबाद-वडोदरा रेल खंड पर 12010 अहमदाबाद-मुंबई मध्य शताब्दी ट्रेन, जलपाईगुड़ी-मालदा शहर रेल खंड पर 12042 नई जलपाइगुड़ी-होरा शताब्दी एक्सप्रेस।

Tuesday, 27 August 2019

पहुंच से दूर स्वास्थ्य सुविधाएं

   खबर है कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने पाया है कि स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में भी भारतीय महिलाएं भेदभाव की शिकार हैं। 

   रूढ़िवादी सोच के चलते महिलाएं कई बार अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बता तक नहीं पातीं। खबरों की मानें तो अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भारतीय सांख्यिकीय संस्थान, प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद और हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन में पाया गया है कि भारत में लैंगिक आधार पर भेदभाव की वजह से महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। 
  खबरों की मानें तो शोधकर्ताओं ने 2016 में जनवरी से लेकर दिसंबर तक एम्स में इलाज कराने आए 23,77,028 मरीजों के रिकॉर्ड का अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि सिर्फ 33 प्रतिशत महिलाओं को ही स्वास्थ्य सेवा मिल पाती है। वहीं, पुरुषों में यह दर 67 प्रतिशत है।
  एम्स एशिया का तीसरा सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां उच्च स्तर की इलाज की सुविधा उपलब्ध है। खबरों की मानें तो हर साल यहां 20 लाख से ज्याद मरीजों का इलाज होता है। यहां आने वाले मरीजों में से 90 प्रतिशत चार राज्य बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के होते हैं। इन चारों राज्यों की कुल आबादी 39 करोड़ से ज्यादा है।
   खबरों की मानें तो शोध से यह पता चला कि महिला की प्रजनन आयु यह निर्धारित करने में बड़ी भूमिका निभाती है कि वह इलाज के लिए डॉक्टर तक पहुंच सकती है या नहीं। 31 से 44 वर्ष की उम्र की महिलाओं को लैंगिक भेदभाव का सामना कम करना पड़ता है। इस उम्र के दायरे में 1.5 पुरुष मरीज प्रति महिला मरीज का आंकड़ा मिला है। वहीं 45 से 59 वर्ष की महिलाओं में लैंगिग भेदभाव की दर 1.4 पुरुष मरीज प्रति महिला मरीज है। 18 साल उम्र तक की महिलाओं के साथ लैंगिक भेदभाव बढ़कर 1.9 पुरुष मरीज प्रति महिला और 19 से 30 साल की उम्र वाली महिलाओं के साथ यह बढ़कर 2.02 पुरुष मरीज प्रति महिला हो जाता है। 2016 में 60 वर्ष से ऊपर की उम्र की बात करें तो यह दर एक महिला मरीज के मुकाबले 1.7 पुरुष मरीज रही।
   खबरों की मानें तो अध्ययन से यह भी पता चला कि राजधानी दिल्ली से मरीज के रहने के स्थान की दूरी की वजह से भी इलाज में लैंगिक भेदभाव बढ़ता है। दिल्ली के मुकाबले बिहार और पूर्वांचल (उत्तर प्रदेश) से काफी कम संख्या में महिलाएं इलाज करवाने आईं। 2016 में बिहार से एम्स में इलाज करवाने आए पुरुषों की संख्या 2 लाख से ज्याद रही, वहीं महिलाओं की संख्या 84,926 दर्ज की गई। दिल्ली में यह लैंगिक असमानता कम दिखी। यहां 6 लाख 60 हजार पुरुष मरीजों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 4 लाख 80 हजार रही।

Monday, 26 August 2019

चिदंबरम की रिमांड चार दिन बढ़ी

   खबर है कि सीबीआई की विशेष अदालत ने आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की रिमांड चार और दिन बढ़ा दी है। 

  अब उन्हें 30 अगस्त को अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के मामले में चिदंबरम को मंगलवार तक के लिए राहत दे दी है। ये मामला प्रवर्तन निदेशालय या ईडी ने दायर किया है जो उन्हें अलग से गिरफ़्तार करना चाहती है।
   कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को पिछले हफ़्ते बुधवार 21 अगस्त को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार किया था।
   खबर है कि सीबीआई की हिरासत को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसपर सोमवार को सुनवाई के दौरान चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई के आदेश पर ही इस याचिका को सुनवाई की लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।
   खबर है कि इसके साथ ही चिदंबरम ने सीबीआई की गिरफ़्तारी से बचने के लिए एक याचिका दाख़िल की थी। इसे भी सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया और इसे अनावश्यक क़रार दिया।

Friday, 15 March 2019

बालाकोट : सदियों का युद्ध क्षेत्र

   बालाकोट को आंतक एवं यौद्धिक फैक्ट्री कहा जाये तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। बालाकोट भले ही अभी अचानक दुनिया के सामने आतंकी हलचल के लिए दिखा हो लेकिन बालाकोट का इतिहास आतंक एवं युद्ध से भरा हुआ है।

 बालाकोट में मारकाट, युद्ध एवं आतंक का इतिहास 200 वर्षों से भी अधिक पुराना है। भारत-पाकिस्तान के विभाजन से पहले भी इसे इस्लामिक साम्राज्य बनाने की कोशिशें की गयीं थीं। 
  उत्तर प्रदेश के रायबरेली के सैयद अहमद ने बालाकोट को अति सुरक्षित मान कर इस्लामिक साम्राज्य की स्थापना के लिए चुना था। सैयद अहमद ने खास तौर से अपने नाम में बरेलवी उपनाम जोड़ा था। सैयद अहमद की मंशा थी कि बरेलवी इस्लामिक साम्राज्य की स्थापना की जाए। उस समय हालात यह थे उपमहाद्वीप में कहीं मराठाओं का शासन था तो कहीं जाट एवं सिखों की हुकूूमत थी। 
  सैयद अहमद ने 46 वर्ष की उम्र में बालाकोट को इस्लामिक साम्राज्य बनाने की कोशिश की। सैयद की उम्मीद थी कि बालाकोट के आसपास की मुस्लिम आबादी एवं अफगानियों से इस्लामिक साम्राज्य बनाने में सहायता मिलेगी लेकिन उसके मंसूबे पूरे नहीं हो सके। सैयद अहमद के साथ शाह इस्माइल भी था। इस्लामिक साम्राज्य की स्थापना में इसे आधुनिक इतिहास का पहला जिहाद माना गया। यह 1786 से 1831 का मुकाम था। 
  बालाकोट को इतिहास के हर पन्ने में केवल खून-खराबा के लिए ही जाना गया। भले ही बालाकोट पर चौतरफा पर्वतीय सौन्दर्य आच्छादित हो लेकिन बालाकोट हमेशा युद्ध के लिए ही जाना गया। कभी राष्ट्रप्रेम के लिए बालाकोट में युद्ध हुआ तो कभी आंतकवाद की पनाहगाह बना। बालाकोट एक बार फिर तीन सौ कब्रागाहों का गवाह बना लेकिन इतिहास की मानें तो बालाकोट पर यह आंकड़ा 3000 से भी पार है।
   पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का हिस्सा बालाकोट कभी भी शांत नहीं रहा। इसे इंसानियत के लिए दुर्भाग्य व विसंगति ही कहा जाएगा कि प्राकृतिक सौन्दर्य से लबरेज बालाकोट रणक्षेत्र के लिए जाना गया। बालाकोट में चौतरफा मखमली घास से लदे-भरे मैदान, सीना ताने खड़े हिम शिखर, घाटियों-वादियों का अद्भुत सौन्दर्य, झीलों-झरनों एवं नदियों की विशिष्टता बेहद दर्शनीय है।
   खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के जिला मानसेहरा के इस शहर ने युद्ध के साथ कई झंझावात देखे हैं। कागान घाटी पर कुनहार नदी के किनारे बसा यह शहर बालाकोट 2005 में पूरी तरह से भूकम्प के कारण नेस्तानाबूद हो गया था। वो तो पाकिस्तान को खैर मनाना चाहिए कि सऊदी अरब की आर्थिक सहायता से बालाकोट शहर एक बार फिर खड़ा हो सका। 
  वस्तुत: बालाकोट एक पर्वतीय क्षेत्र है। इस घाटी में ही बालाकोट शहर बसा है। बालाकोट पर कट्टरपंथियों का दबाव-प्रभाव हमेशा दिखता रहा। बालाकोट कभी तालिबानी आतंकियों का गढ़ रहा तो कभी वहाबी विचारधारा का प्रभुत्व दिखा। ब्रिाटिश हुकूमत रही हो या फिर बालाकोट पर चढ़ाई का दौर रहा हो। खास यह कि 18वीं एवं 19वीं शताब्दी बालाकोट का सबसे रक्तरंजित इतिहास रहा। वर्ष 1831 की बात है। महाराजा रणजीत सिंह लाहौर के शासक थे।
   राजा हरि सिंह कश्मीर-खैबर पख्तून के गवर्नर थे। बालाकोट पर कब्जा करने को लेकर जबर्दस्त युद्ध हुआ। बड़ी तादाद में रक्त बहा। इस भीषण युद्ध में महाराजा रणजीत सिंह की सिख फौज जीत गई। खास यह कि बालाकोट को राजा-महाराजा एवं शंहशाह इस लिए भी पसंद करते थे, क्योंकि सुरम्य एवं शांत इलाका होने के साथ ही पर्वतीय इलाका है। पर्वत पर होने के कारण बालाकोट पर चढ़ाई करना किसी भी शत्रु के लिए आसान नहीं होता था। 
  वर्ष 1947 के बाद भी बालाकोट का इलाका हिन्दू एवं सिख बाहुल्य था। इनमें अधिसंख्य खत्री थे। विभाजन में हिन्दुओं एवं सिखों ने बालाकोट में ही रहने का फैसला किया था। शनै-शनै बालाकोट की तस्वीर एक बार फिर बदलती गयी। तीन दशक पूर्व से इस इलाके ने खास तौर से बालाकोट ने आतंक प्रशिक्षण शिविर की शक्ल अख्तियार कर ली। बेहद आश्चर्यजनक है कि बालाकोट में सदियों से आंतक की फैक्ट्री चल रही हो आैर पाकिस्तान को खबर तक न हो।
   विशेषज्ञों की मानें तो कई दस्तावेजों में वैश्विक स्तर पर संकेत मिले कि बालाकोट आतंक प्रशिक्षण शिविर के तौर पर कार्य कर रहा है। इन प्रशिक्षित आतंकवादियों का लक्ष्य अमेरिका, भारत सहित दुनिया के कई देश शामिल रहे। जैश-ए-मोहम्मद जैसे आंतकी संगठन का यह मुख्य अड्डा था। बालाकोट ने किसी फाइव स्टार होटल से भी अधिक शान-ए-शौकत एवं अत्याधुनिक सुविधाओं वाला केन्द्र बन गया था। बालाकोट की यौद्धिक श्रंखला में एक बार फिर करारा-गहरा धब्बा लगा।
   हालांकि यदि पाकिस्तान सरकार इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित या प्रचारित करती तो शायद यह उसकी आर्थिक व्यवस्था को कहीं न कहीं सुद्रढ़ करता। आतंकी क्रियाकलाप ने तो बालाकोट के प्राकृतिक सौन्दर्य को ग्रहण लगाया। साथ ही पाकिस्तान की छवि पर एक बदनुमा दाग भी लगाया।
   विकास की दृष्टि से सोचें तो दुनिया का कोई भी देश ऐसा नहीं होगा, जो विकास न चाहता हो। फिर पाकिस्तान ने बालाकोट को पर्यटन की दृष्टि से विकास के बारे में क्यों नहीं सोचा। दुुनिया के सामने यह एक विचारणीय प्रश्न है। हकीकत यह है कि बालाकोट को 1990 से एक बार फिर आतंकियों ने अपना गढ़ बना लिया गया था। 
  पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से सटा हुआ इलाका होने के बावजूद पाक सरकार-हुक्मरानों को आतंक प्रशिक्षण शिविर होने के खबर न हो.... यह विश्वास योग्य नहीं। हकीकत तो यह रही कि सरकारी मशीनरी की छांव तले आतंक की फैक्ट्री धड़धड़ाते हुए चल रही थी। अब यह भी देखें कि आतंक की फैक्ट्री के लिए यही स्थान बालाकोट को ही क्यों चुना गया।
   बालाकोट कश्मीर से करीब 45 किलोमीटर दूूर है। लिहाजा भारत की सीमा में प्रवेश के लिए आतंकियों को कोई खास मशक्कत नहीं करनी पड़ती थी। बालाकोट वस्तुत: पाक प्रशिक्षित आतंकवादियों का लांचिंग पैड बन चुका था।
 भारत-पाक विभाजन के बाद जिया उल हक के शासनकाल से ही बालाकोट आतंकी संगठनों का गढ़ बन चुका था। बालाकोट आतंक की हर गतिविधि के लिए बेहद मुफीद है। घना जंगल होने के कारण हथियारों का प्रशिक्षण देने में बेहद आसानी होती है। हथियार प्रशिक्षण का यह बेस कैम्प माना जाता है।

Sunday, 27 January 2019

सावधान ईरान भी अब धंसने लगा

   खबर तो यही है कि ईरान की राजधानी तेहरान धीरे धीरे धंस रही है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि देश खतरे में हैं। तेल रिफाइनरियों से लेकर एयरपोर्ट तक दांव पर हैं। 

  ईरानी राजधानी के आस पास की जमीन धंसती जा रही है। खबर है कि वैज्ञानिक भूजल के अंधाधुंध दोहन को इसका कारण मान रहे हैं। राजधानी तेहरान समुद्र तल से 1,200 मीटर की ऊंचाई पर है।
   खबर है कि बीते 100 साल में यह शहर लगातार बढ़ता गया। आज तेहरान की आबादी 1.3 करोड़ है। खबर है कि इस जनसंख्या ने पानी की आपूर्ति पर बहुत ज्यादा दबाव डाला है। 2018 में पूरे साल भर ईरान में सिर्फ 171 मिलीमीटर बारिश हुई। 
   खबर है कि पानी की कमी पूरी करने के लिए जमीन से खूब भूजल निकाला गया। कहा गया, "सतह के नीचे की जमीन में पानी और हवा मौजूद होते हैं, जब आप जमीन से पानी निकाल लेते हैं तो मिट्टी के बीच खाली जगह बच जाती है। धीरे धीरे ऊपरी दबाव के चलते जमीन धंसने लगती है और दरारें पड़ने लगती हैं.।" बारिश और बर्फबारी से भूजल रिचार्ज होता है, लेकिन ईरान बीते तीन दशकों से भीषण सूखे का सामना कर रहा है। 
   खबर है कि ईरान के मौसम विभाग के मुताबिक देश का 97 फीसदी हिस्सा सूखे का शिकार है। खबर है कि जर्मन सेंटर फॉर जियोसाइंसेस, पोट्सडाम के वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया है कि 2003 से 2017 के बीच पश्चिमी तेहरान का सपाट इलाका 25 सेंटीमीटर प्रतिवर्ष की दर से धंस रहा है। 
   खबर है कि ईरान के पर्यावरण कार्यकर्ता कहते हैं, "यूरोपीय देशों में चार मिलीमीटर प्रतिवर्ष के धंसाव को संकट माना जाता है।" खबर है कि जर्मन वैज्ञानिकों के मुताबिक तेहरान के इमाम खमेनई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नीचे की जमीन हर साल पांच सेंटीमीटर धंस रही है।

Friday, 25 January 2019

अब टाइटैनिक टूरिज्म

  खबर है कि दुनिया का सबसे मशहूर जहाज टाइटैनिक 14 अप्रैल 1912 की रात एक हिमखंड से टकराकर अटलांटिक में समा गया था। उस हादसे पर एक फिल्म भी बनी। 

   खबर तो यही है कि अब एक अमेरिकी कंपनी पनडुब्बी के सहारे टूरिस्टों को टाइटैनिक के मलबे तक ले जाने वाली है।
   करीब चार किलोमीटर की गहराई : टाइटैनिक के मलबे का पता पहली बार 1985 में चला। उत्तरी अटलांटिक में 3,800 मीटर की गहराई पर टाइटैनिक के टुकड़े हैं। पानी के भारी दबाव के चलते इतनी गहराई पर खास पनडुब्बियां ही जा सकती हैं।
  टूरिज्म की शुरुआत: अब एक अमेरिकी कंपनी ओशियनगेट वैज्ञानिकों और पेईंग गेस्ट्स को वहां ले जाने की तैयारी कर रही है। एक छोटी पनडुब्बी के सहारे रिसर्चरों और मेहमानों को टाइटैनिक के मलबे तक ले जाया जाएगा।
  कैसी है पनडुब्बी: टाइटन नाम की पनडुब्बी टाइटैनियम नाम की धातु और बेहद हल्के और अत्यंत मजबूत मैटीरियल कार्बन फाइबर से बनाई गई है। पनडुब्बी में एक पालयट होगा, तीन टूरिस्ट होंगे और एक एक्सपर्ट होगा। पनडुब्बी गोता लगाने के बाद 10 से 12 घंटे समंदर के भीतर गुजारेगी।
   महंगी ट्रिप: खबर है कि ओशियनगेट के सीईओ स्टॉकटन रश के मुताबिक 2019 की गर्मियों से टाइटैनिक टूरिज्म की शुरुआत होगी। टाइटैनिक का मलबा देखने के लिए एक सैलानी को 1.05 लाख डॉलर चुकाने होंगे।
   लोहा खाने वाला बैक्टीरिया: आखिरी बार कनाडा की डलहौजी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक टाइटैनिक के मलबे तक पहुंचे थे। खबर है कि वहां वैज्ञानिकों को एक नए किस्म का बैक्टीरिया मिला। उसे हैलोमोनस टाइटैनिके नाम दिया गया। जिन परिस्थितियों में ज्यादातर जीव जिंदा नहीं रह सकते हैं, उन परिस्थितियों में यह बैक्टीरिया आराम से फलता फूलता है।
  बस 20 साल और: हैलोमोनस टाइटैनिके नाम के बैक्टीरिया को लोहा खाना बहुत पसंद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बैक्टीरिया अगले 20 साल में टाइटैनिक के मलबे को पूरी तरह से चट कर देगा।

Thursday, 24 January 2019

फ्रांस में अब बाज की फौज, ड्रोन का करेंगे मुकाबला

   खबर है कि फ्रांस की सेना ने ड्रोन से लड़ने के लिए बाजों की फौज बनाई है। इसके लिए बाजों को बकायदा ट्रेनिंग दी जा रही है। 

  आतंकवादी ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हीं को रोकने के लिए सेना ने यह कदम उठाया है।
   खबर है कि बाज के चार अंडों को ड्रोन पर रख कर ही उनमें से बच्चों के निकलने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पैदा होने के बाद भी बाजों को इन्हीं ड्रोन पर रख कर खिलाया जाता था। नतीजा यह हुआ कि वे ड्रोन से अच्छी तरह परिचित हो गए।
  बाजों की ट्रेनिंग : पिछले साल जन्मे चार गोल्डेन ईगल यानी सुनहरे बाजों को सेना की निगरानी में ड्रोन से लड़ने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। इनके नाम हैं अथोस, पोर्थोस, अरामिस और डे आर्टांगनान।
   ड्रोन का पीछा : इन बाजों ने हरे घास के मैदानों में पिछले दिनों ड्रोन का पीछा किया और फिर चोंच के वार से उन्हें गिरा दिया। इस कामयाबी पर उन्हें पुरस्कार में मांस मिला जिसे उन्होंने उन्हीं ड्रोन के ऊपर बैठ कर खाया।
   तेज रफ्तार : बाजों ने ड्रोन का पीछा करते हुए 20 सेकेंड में 200 मीटर तक की दूरी तय कर ली। फिर गोता लगा कर उसके साथ साथ ही घास के मैदान पर नीचे आ गए।
   फ्रांस का डर : फ्रांस को पहले ड्रोन से डर नहीं लगता था। शहरों में और दूसरी जगहों पर भी वे अकसर उड़ान भरते थे लेकिन 2015 में ड्रोन को सैन्य ठिकानों और राष्ट्रपति के आवास के आसपास उड़ते देख सेना सजग हो गई। 
   आतंकवादी हमले : 2016 में हुए आतंकवादी हमलों के बाद से फ्रांस खासतौर से चिंतित हुआ है। उसे डर है कि ड्रोन का इस्तेमाल आतंकवादी अपने मंसूबों के लिए कर सकते हैं और उसी से बचने के लिए बाजों को तैयार किया जा रहा है।
   शिकारी बाज: तेज रफ्तार, तीखी नजर और चोंच के वार से हड्डियों को चूर कर देने की ताकत बाज को बेहतरीन शिकारी बनाते हैं। शिकार के लिए इनका इस्तेमाल सदियों से हो रहा है जो इस इंटरनेट दौर में भी जारी है।
   शिकारी बाजों का अगला बैच: बहुत जल्द ही अगले बैच के लिए बाज के अंडों से बाज पैदा करने के लिए उसी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा। बाज के नाखूनों और चोंच की रक्षा के लिए खास तरह के चमड़े के दस्ताने भी बनवाए गए हैं।

Sunday, 20 January 2019

बहरीन खोलेगा दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवाटर पार्क

   खबर है कि बहरीन राज्य एक इको-फ्रेंडली अंडरवाटर थीम पार्क खोलेगा, जो दुनिया में सबसे बड़ा होगा। 

  करीब 100,000 वर्ग मीटर से अधिक के क्षेत्र में फैले, इको-फ्रेंडली डेस्टिनेशन 70 मीटर के डिमोशन बोइंग 747 विमान के लिए विश्राम स्थल होगा, जो अब तक का सबसे बड़ा विमान है।
   खबर है कि बहरीन डूबे हुए बोइंग 747 जंबो जेट के साथ दुनिया का सबसे बड़ा अंडरवाटर थीम पार्क खोलेगा। यह एक पारंपरिक बहरीन मोती व्यापारी के घर, कृत्रिम प्रवाल भित्तियों और पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों से बनी अन्य मूर्तियों की प्रतिकृति का घर भी होगा, जो गोताखोर के खेल के मैदान के लिए एक आदर्श पृष्ठभूमि प्रदान करता है। 
   खबर है कि प्रोजेक्ट की जानकारी महामहिम राजा हमद के निजी प्रतिनिधि, पर्यावरण के लिए सर्वोच्च परिषद के अध्यक्ष, महामहिम शेख अब्दुल्ला बिन हमद अल खलीफा द्वारा घोषित की गई।
   खबर है कि अद्वितीय थीम पार्क 2019 की गर्मियों से पहले डाइविंग के प्रति उत्साही और आगंतुकों के लिए खुलने वाला है। इको-फ्रेंडली बोइंग 747 प्लेन को सेंटरपीस के रूप में दिखाया जाएगा।