Wednesday, 7 March 2018

भारत 21वीं सदी के अशांत विश्व में आशा की किरण साबित होगा

    अलीगढ़। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने आज उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। 

   इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने भारत की विकास यात्रा में विशेष भूमिका निभाई है और यह 2020 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है।
    राष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व और खासतौर से एशिया और अफ्रीका में अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने इस अवसर पर 2017 की अपनी इथोपिया यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें तब यह जानकर बहुत खुशी हुई थी कि इथोपिया के प्रधानमंत्री की पत्नी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा रह चुकी हैं। 
     श्री कोविंद ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित छात्रों की लंबी सूची है। इन छात्रों ने राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, कानून, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी, साहित्य, कला तथा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित खान अब्दुल गफ्फार खान, रंगभेद के खिलाफ संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता युसूफ मोहम्मद दादू और देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन, इस विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं।
    उन्होंने इस अवसर पर आधुनिक विज्ञान के क्षेत्र में डॉ. सैय्यद ज़हुर कासिम, प्रोफेसर ए. सलाहुद्दीन और डॉ. शाहिद जमील के योगदान का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि इस्मत चुगताई और मुमताज़ जहां जैसी प्रगतिशील विचारों वाल महिलाओं ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के साथ ही पूरे भारतीय समाज का सम्मान बढ़ाया है।
    उन्होंने इसरो के चंद्रयान अभियान में अहम भूमिका निभाने वाली अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा खुशबू मिर्ज़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके जैसी महिलाएं 21वीं सदी में अन्य महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल हैं।
     राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि विश्वविद्यालय में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए गए कार्य समाज की जरूरतों के अनुरूप रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास विश्वविद्यालय के अन्य विभागों में भी होने चाहिए, ताकि ज्ञान और नवाचार समाज में हो रहे परिवर्तन के अनुरूप बने रहें। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ ही प्रगतिशील सोच भी जरूरी है, जिससे समाज के सभी वर्ग बराबरी और भाईचारे के साथ आगे बढ़ सकें।
   श्री कोविंद ने कहा कि ज्ञान की खोज और मानव गरिमा की ललक एक दूसरे से गहरे जुड़े हैं। ये भारतीय लोकाचार और हमारी सभ्यता के केंद्र में रहे हैं। इन्होंने हमारी विविधता में योगदान दिया है, जो हमारे खुले दृष्टिकोण के साथ ही हमारी बड़ी ताकत भी है। एक दूसरे को सम्मान देना, एक दूसरे से सीखना, एक दूसरे के साथ विचारों को साझा करना तथा सोच और जीवन के वैकल्पिक तरीकों की स्वीकृति हमारे समाज के सिर्फ कोरे नारे नहीं हैं बल्कि ये भारतीय जीवन शैली के प्राकृतिक गुण हैं। 
    उन्होंने समाज और समुदायों को गहरे जोड़कर रखा है। इस भावना को लगातार मजबूत बनाए रखना जरूरी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम आज वैश्विकरण के युग में जी रहे हैं। हमें एक ऐसे विश्व का निर्माण करना है, जिसमें सबके लिए स्थान भी हो तथा विविधता का सम्मान भी किया जा सके।
     आधुनिक विज्ञान और समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं के जरिए हमें अपने सपनों के भारत का निर्माण करना है। ऐसा भारत प्रत्येक भारतीय के लिए लाभकर होगा। ऐसे भारत में बिना किसी भेदभाव और पृष्ठभूमि की भिन्नता के हर लड़का और लड़की अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल कर सकेंगे। ऐसा भारत 21वीं सदी के अशांत विश्व में आशा की किरण साबित होगा। 
     श्री कोविंद ने कहा कि उम्मीद की जाती है कि आज के दौर में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाएंगे। आज का समय गतिशीलता का दौर है। हम सभी एक ऐसे ज्ञान समाज का हिस्सा हैं जिसका स्वरूप वैश्विक है। ऐसे गतिशील माहौल में ज्ञान का दायरा बढ़ाने के लिए छात्रों और अध्यापकों का दूसरी शिक्षण संस्थाओं के साथ संपर्क बढ़ाना लाभप्रद होगा।

खाद्य सब्सिडी में 17,500 करोड़ रूपये प्रति वर्ष की बचत

   नई दिल्ली। राम विलास पासवान, केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणालीकी पोर्टेबिलिटी पर काम कर रही है और यह धीरे-धीरे विस्तारित होगा। 

   श्री पासवान ने आज राज्यों /केंद्र शासित प्रदेशों से खाद्य आयोग के अध्यक्षों की पहली बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण की पोर्टेबिलिटी लागू हो जाने के बाद लाभार्थी किसी विशेष उचित दर दुकान से राशन लेने के लिये बाध्य नहीं रहेंगे, वह अपनी हकदारी का राशन किसी भी उचित दर दुकान से लेने के लिय स्वतंत्र होंगे।
   यह व्यवस्था आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली में पहले से ही चल रहा है। श्री पासवान ने कहा कि देश भर से 82 प्रतिशत राशन कार्ड आधार से जुड़े हैं और राशन की दुकानों पर 2.95 लाख मशीन स्थापित की गई हैं ताकि राशन प्रक्रिया को सुचारु रूप से स्थापित किया जा सके और चोरी को रोका जा सके। 
    करीब 2.75 करोड़ नकली और अवैध राशन कार्ड हटा दिए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप खाद्य सब्सिडी में रूपये 17,500 करोड़ प्रति वर्ष की बचत होगीप्र् केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस धनराशि का इस्तेमाल नए लोगों को सब्सिडी प्रदान करने के लाभ के लिए किया जाएगा। 
   श्री पासवान ने कहा कि जहां राज्य खाद्य आयोग का गठन नहीं किया गया है या आंशिक रूप से गठन किया गया है वहउन राज्यों / केंद्र शासितक्षेत्रों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे । केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 20 राज्यों / केंद्र शासित राज्य क्षेत्रों में राज्य खाद्य आयोग की स्थापना की गई है। श्री पासवान ने कहा कि राज्यों को राज्य खाद्य आयोग की स्थापना और इसके कार्य करने के लिए पर्याप्त आजादी देने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
   केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि आवश्यक हो तो केंद्र सरकार,राज्य / केंद्र शासित राज्यक्षेत्रों में आवश्यक सहयोग का विस्तार करेगा। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और राज्य / केंद्र शासित राज्य क्षेत्रों के खाद्य आयोग के अध्यक्ष के बीच यह पहली राष्ट्रीय स्तर की बैठक थी। श्री पासवान ने बताया कि राज्य / केंद्र शासित राज्य क्षेत्र के खाद्य आयोग की राष्ट्रीय / राज्य स्तर की बैठक हर तीन महीने में होनी चाहिए।

सुखद यात्रा एप तथा राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए आपात फोन नंबर

   नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग, पोत परिवहन, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि जल्द ही देश में भारी वाहनों के चालकों को लाइसेंस देने की पूरी प्रक्रिया पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत कर दी जाएगी। 

   इस पूरी प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप नहीं होगा। आज नई दिल्ली में जिला वाहन चालक प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत कर दी जाएगी।
  इससे जाली लाइसेंसों की संख्या में कमी आएगी तथा इसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी कमी आएगी। केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ मंत्री ने एक मोबाइल एप तथा राजमार्ग पर यात्रा करने वालों के लिए टोल फ्री आपात फोन नंबर का भी शुभारंभ किया।
   नितिन गडकरी ने कहा कि सुखद यात्रा मोबाइल एप के माध्यम से राजमार्ग पर यात्रा करने वाले टोल प्लाजा पहुंचने के पूर्व टोल-दरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इस एप की एक मुख्य विशेषता यह है कि यात्री किसी दुर्घटना, सड़क गुणवत्ता तथा किसी गड्डे की जानकारी एप पर अपलोड कर सकेंगे। यात्रियों को टोल प्लाजा पर लगने वाले समय की भी जानकारी मिलेगी। 
    इसके अतिरिक्त राजमार्ग नेस्ट/नेस्ट मिनी की जानकारी भी यह एप उपलब्ध कराएगा। इस एप की सहायता से उपयोगकर्ता फास्टटैग भी खरीद सकेंगे। श्री गडकरी ने कहा कि टोल फ्री नंबर 1033 की सहायता से उपयोगकर्ता किसी आपात स्थिति की जानकारी दे सकेंगे तथा राजमार्ग के अनुभव को साझा कर सकेंगे। इस सेवा को एम्बुलेंस तथा खराब व दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को ले जाने वाली सेवा के साथ भी जोड़ा गया है। यह सेवा कई भाषाओं में उपलब्ध है। इस सेवा में उपयोगकर्ता की अवस्थिति की जानकारी स्वतः उपलब्ध होगी इसलिए उन्हें त्वरित और सटीक सहायता मिलेगी।
    मंत्री ने कहा कि राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम एक आदर्श वाहन प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। मंत्रालय एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। एजेंसी भी इस योजना में समान राशि निवेश करेगी।
    इस योजना का उद्देश्य रोजगार निर्माण करना है तथा देश के भारी व हल्के वाहन चालकों की जरूरतों को पूरा करना है। जो चालक खतरनाक/जोखिम वाले वाहन चलाते है उन्हें भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता राशि उन स्वयंसेवी संस्थाओं/ट्रस्टों/सहकारी समितियों को दी जाएगी, जो सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेंगी। प्रत्येक राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश में पांच लाख रुपये, दो लाख रुपये तथा एक लाख रुपये के तीन पुरस्कार दिए जाएंगे।
   केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सड़क सुरक्षा के इस पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों के प्रशिक्षण से प्रति वर्ष दस हजार करोड़ रुपये तक की धनराशि की बचत की जा सकेगी।
    श्री प्रधान ने सुझाव देते हुए कहा कि पेट्रोलियम तथा सड़क परिवहन क्षेत्रों की सभी सेवाओं को राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजाओं पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि एक वर्ष में 100 ऐसे केन्द्रों का निर्माण किया जा सकता है।