Tuesday, 9 March 2021

दस्तक अभियान : खिलाई जाएगी पेट से कीड़े निकालने की दवा

     लखनऊ।उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में बुधवार यानि 10 तारीख से दस्तक अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के तहत बच्चों को आयरन की गोली और पेट से कीड़े निकालने की दवा वितरित की जाएगी। यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा।

     राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ वेद प्रकाश ने बताया कि इस बार दस्तक अभियान के साथ ही राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान भी चलाया जा रहा है। विफ्स कार्यक्रम के अंतर्गत 6 साल से 10 साल के बच्चों को आयरन की पिंक गोली और 11 साल से 19 साल के किशोर किशोरियों को आयरन की नीली गोली वितरित की जाएगी। यह कार्य आशा घर-घर जाकर करेंगी। हर लाभार्थी को 8 गोली दी जाएगी। एक गोली हर हफ्ते खानी है।

   वहीं राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत बुधवार से 1 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से अल्बेण्डजाल की गोली खिलाई जाएगी। यह अभियान प्रदेश के चिन्हित 25 जनपदों में चलेगा। इन जिलों में हैं अलीगढ़, आगरा, अमरोहा, बिजनौर, बदायूं, बागपत, बुलंदशहर, शामली, सहारनपुर, संभल, मुजफ्फरनगर, रामपुर, मेरठ, मुरादाबाद, ललितपुर, मैनपुरी, कासगंज, मथुरा, हाथरस, झांसी, जीबी नगर, गाजियाबाद, हापुड़, फिरोजाबाद एवं एटा।

      डॉ वेद ने बताया कि पेट में कीड़े और आयरन की कमी दोनों ही बच्चों के विकास में बाधक है। इसलिए बच्चों को यह दवा खाना आवश्यक है। उन्होने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान अभी 25 जिलों में चलाया जा रहा है। शेष जनपदों में आने वालों दिनों में चलाया जाएगा।

      कोविड प्रोटोकाल पर चलेगा अभियान : घर-घर दवा खिलाने जाने वाली आशा कार्यकर्ता कोविड प्रोटोकाल का पालन पूरी तरह से करेंगी। भ्रमण के दौरान आशा को समय-समय ग्लब्स, मास्क और सेनीटाइजर का प्रयोग करना है। साथ ही दो गज की दूरी बनाए रखते हुये अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाना है। आशा को यह निर्देश दिया गया है कि मां-पिता को सिर्फ दवा ही नहीं देनी बल्कि अपने सामने चबाकर कर खिलानी है।

     आज से निःशुल्क बनेंगे आयुष्मान गोल्डन कार्ड : प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत एवं मुख्यमंत्री अभियान के तहत योजना के चयनित लाभार्थियों का आज से निःशुल्क गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है। यह अभियान 24 मार्च तक चलेगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव ने पत्र भी जारी किया है। पत्र के अनुसार गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए अभी तक जन सेवा केन्द्रों पर रुपये 30 देने पड़ते थे लेकिन इस पखवाड़ा के दौरान यह कार्ड मुफ्त में बनाया जाएगा। गौरतलब है कि उक्त योजना के तहत पात्र लाभार्थी के परिवार को प्रति वर्ष रुपये 5 लाख तक सुविधा निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 15 दिसंबर 2020 से 15 जनवरी 2021 तक चले अभियान के दौरान यूपी में 10 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए लेकिन अब भी राज्य में इस योजना से आच्छादित 63 प्रतिशत परिवारों का गोल्ड कार्ड बनना शेष है।

दुग्‍ध, पशुपालन व कृषि में महिलाओं ने पुरूषों को पछाड़ा

     लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की महिलाओं व बेटियों को उनकी शक्ति का बोध वृहद अभियान मिशन शक्ति से कराया जा रहा है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ प्रदेश में महिलाओं व बेटियों की सुरक्षा, सम्‍मान व स्‍वावलंबन के लिए संकल्‍पबद्ध हैं। महिलाओं व बेटियों को सशक्‍त बनाने के उद्देश्‍य से उत्‍तर प्रदेश सरकार की स्‍वर्णिम योजनाएं लागू की गई हैं जिससे महिलाओं का आत्‍मबल बढ़ा है। प्रदेश की महिलाओं व बेटियों को सीधे तौर पर योगी सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बेटियों व महिलाओं के चौमुखी विकास के लिए उनकी सुरक्षा, शिक्षा, स्‍वावलंबन, सम्‍मान, सेहत को केन्द्रित करते हुए योगी सरकार की योजनाओं से प्रदेश की आधी आबादी को प्रोत्‍साहन मिल रहा है।
 
 
    अन्‍तर्राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने जब प्रदेश की उन महिलाओं को सम्‍मानित किया। जिन्‍होंने योगी सरकार की स्‍वर्णिम योजनाओं से न सिर्फ खुद की जिन्‍दगी में सकारात्‍मक बदलाव लाए बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार की मुख्‍यधारा से जोड़ा। कार्यक्रम में झांसी की रवि रंजना पाल भी उन महिलाओं में से एक थी जिनकी जिन्‍दगी योगी सरकार की योजनाओं से बदली। उन्‍होंने कहा कि दुनिया से गुलामी का नाम मिटा देंगें, हर महिला बंधन को हम मिट्टी में मिला देंगें… इस गीत से अपने संबोधन की शुरूआत करते हुए उन्‍होंने कहा कि मैं बेहद खुश हूं कि स्‍वंय सहायता समूह व राष्‍ट्रीय आजीविका मिशन से महिलाओं को रोजगार दिलाने संग उन्‍हें आत्‍मनिर्भर बनाने का कार्य कर रहीं हूं।
 
 
     उन्‍होंने बताया कि सीएम योगी आदित्‍यनाथ से मिलकर और उनके हाथों सम्‍मान पाकर मेरा आत्‍मविश्‍वास बढ़ा है। उन्‍होंने कहा जय दुर्गा माता स्‍वंय सहायता समूह से अब तक 62 दूसरी महिलाओं को जोड़कर उनको जैविक खेती, पशुपालन की ट्रेनिंग दे रहीं हूं। इसके साथ ही अब तक 140 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिला चुकी हूं। उन्‍होंने बताया कि प्रतिमाह 32 हजार की आमदनी योगी सरकार की स्‍वर्णिम योजनाओं से होने लगी है। इसके साथ ही प्रतिदिन 20 से 25 लीटर दूध का उत्‍पादन कर दूसरी महिलाओं को भी डेयरी के जरिए रोजगार मुहैय्या करा रहीं हूं। मैं अपने गांव में 16 सवंय सहायता समूहों की देखरेख कर रहीं हूं।
 
 
     बुंदेलखंड में बलिनी मिल्‍क प्रोडयूसर कंपनी बनाकर बनी आत्‍मनिर्भर : राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ कर महिलाएं कृषि, दुग्‍ध व मुर्गी पालन जैसे व्‍यवसायों में पुरुषों को पछाड़ रही हैं। अकेले बुंदेलखंड में 8 हजार समूह की महिलाएं बालिनी मिल्‍क प्रोडयूसर कंपनी बनाकर 21 हजार लीटर दुग्‍ध का संग्रह कर रही हैं। वहीं, दस लाख से अधिक महिलाओं को खेती व पशुपालन का प्रशिक्षण देकर आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया जा चुका है। यूपी ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बुंदेलखंड क्षेत्र में दुग्‍ध बेचने के लिए महिलाओं ने प्रोडयूसर कंपनी का गठन किया है। जो बुंदेलखंड के 600 सुदूर इलाकों में एनडीएस के सहयोग से डेयरी परियोजना के तहत 3600 स्‍वयं सहायता समूह की 48 हजार महिलाएं को बालिनी मिल्‍क प्रोडयूसर कंपनी से जोड़ा जा रहा है। अभी स्‍वयं सहायता समूह से जुड़ी चुकी महिलाएं 21 हजार लीटर प्रतिदिन दुग्‍ध उत्‍पादन कर रही हैं।