Thursday, 1 June 2017

अब गंगा घाटों पर विश्राम कक्ष भी

        केन्‍द्रीय जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि बिहार में गंगा नदी के प्रवाह में बाधक गाद और खनन के विषय पर विचार करने के लिए उनके मंत्रालय में एक समिति गठित की जा रही है।

        छठे दिन बिहार में प्रवेश करने वाले सुश्री भारती के गंगा निरीक्षण अभियान के हिस्‍से के रूप में बिहार के सुल्‍तानगंज में गंगा चौपाल को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि सुल्‍तानगंज में सीवेज शोधन संयंत्र लगाया जाएगा। उन्‍होंने गंगा सफाई के लिए राष्‍ट्रीय मिशन द्वारा चलाए जा रहे जैव विविधता तथा जल जीवन पुनर्स्‍थापन कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत वानिकी और पौध रोपण गतिविधियां गंगा नदी के किनारे चलाई जा रही हैं, ताकि मिट्टी भूस्‍खलन को टाला जा सके और नदी में सीवेज तथा औद्योगिक कचरा जमा होने से रोका जा सके।  

        जल संसाधन मंत्री ने कहा कि नमामि गंगे टीम सीवेज शोधन संयंत्रों को बनाने पर अथक कार्य कर रही है, ताकि पर्याप्‍त सीवेज शोधन क्षमता प्राप्‍त की जा सके और गंगा नदी के किनारे पर बसे शहरों और गांवों को खुले में शौच से मुक्‍त बनाया जा सके। उन्‍होंने कहा कि राज्‍य में वर्तमान घाटों का कायाकल्‍प किया जाएगा और नये घाट भी बनाए जाएंगे। उन्‍होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए घाटों पर विश्राम कक्ष भी बनाए जाएंगे। सुल्‍तानगंज में अपने संबोधन के बाद जल संसाधन मंत्री ने मुंगेर में सक्रिय संवाद सत्र का संचालन किया। यहां सुश्री भारती ने वानिकी विभागों, सीआईएफआरआई, भारतीय वन्‍य जीव संस्‍थान तथा एनईईआरआई के साथ गंगा नदी से जुड़े विभिन्‍न पहलुओं पर काम करने में एकसाथ होने की भी चर्चा की।      

अलेक्‍जेन्‍ड्रा को सर्बिया के राष्‍ट्रपति के पदभार ग्रहण करने पर बधाई

राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने महामहिम अलेक्‍जेन्‍ड्रा वुइकिक के सर्बिया गणराज्‍य के राष्‍ट्रपति का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी है।

      राष्‍ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, ’02 अप्रैल, 2017 को हुए राष्‍ट्रपति चुनाव में आपकी बड़ी जीत के बाद सर्बिया के राष्‍ट्रपति का पदभार ग्रहण करने पर कृपया मेरा अभिनन्‍दन स्‍वीकार करें। भारत सर्बिया के साथ ऐतिहासिक और समय पर परखे संबंधों को महत्‍व देता है। हमारे द्विपक्षीय संबंध पारस्‍परिक विश्‍वास पर आधारित हैं और महत्‍वपूर्ण हित के विषयों पर हम एक दूसरे को समर्थन देते है। मुझे विश्‍वास है कि एक साथ काम करके हम अपने संबंधों की पूर्ण क्षमता को हासिल करेंगे।

      हमारे संबंध हाल में आपकी भारत यात्रा के दौरान और आगे बढ़े हैं। मैं महामहिम के कुशल क्षेम और स्‍वास्‍थ्‍य तथा सर्बिया के मैत्रीपूर्ण जनता की प्रगति और समृ‍द्धि की कामना करता हूं।’

बीएसएफ : दुनिया का सबसे विशाल सुरक्षा बल

           केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीएसएफ के 15वें अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान के आयोजन अवसर पर बीएसएफ के अधिकारियों को वीरता और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल प्रदान किए। इस वर्ष बीएसएफ के 29 अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

      भारत सरकार राष्ट्र की सेवा में वीरता और बलिदानपूर्ण कृत्यों को मान्यता देने के लिए बीएसएफ के बहादुर अधिकारियों और जवानों को सम्मानि करती है। कार्यक्रम के दौरान छठी एशियन साइकल चैंपियनशिप 2017 में कांस्य पदक विजेता बीएसएफ के हवलदार हरिन्दर सिंह को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले बलों और जवानों पर देश को गर्व है। 

           उन्होंने कहा कि जब कोई बीएसएफ, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल अथवा सेना में शामिल होने का निर्णय लेता है, तो उसके मस्तिष्क में राष्ट्र की सेवा करने का जुनून अवश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत आत्मसम्मान के साथ-साथ राष्ट्रीय आत्मसम्मान भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब कोई विदेशी शक्ति भारत की सीमाओं पर शांति को भंग करने का प्रयास करती है ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय आत्मसम्मान से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जा सकता। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह बीएसएफ को एक सामान्य संगठन के तौर पर नहीं देखते, बल्कि वह इसे रक्षा की पहली दीवार मानते हैं। उन्होंने देश की सीमाओं पर तस्करी और जाली करंसी नोटों को रोकने में बीएसएफ की अतुलनीय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली अति आवश्यक है।

             सिंह ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा पर घुसपैठ की घटनाओं में व्यापक स्तर पर कमी आई है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया आजकल अफवाहों को फैलाने का एक उपकरण बन गया है। उन्होंने अधिकारियों और जवानों से अपील करते हुए कहा कि जो सोशल मीडिया संदेश प्रमाणित नहीं हैं, एवं राष्ट्र हित के खिलाफ हैं, उन्हें आगे अन्य लोगों तक न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखना हमारा दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों को ड्रेस कोड आदि अनुशासन संबंधी बातों पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। 

            केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सिविक एक्शन प्रोग्राम के लिए भी बीएसएफ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि करीब 35,000 जवानों को हवलदार के पद पर पदोन्नत किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीएपीएफ कर्मियों की शिकायतों के निवारण के लिए हाल ही में एक वेब पोर्टल भी शुरू किया गया है। वह व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक माह कम से कम एक बार इस पोर्टल पर सुरक्षा बलों की शिकायतों के निपटान आदि की निगरानी करते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत के वीर नाम से एक वेबसाइट और मोबाइल एप शुरू की गई है। इसका उद्देश्य देश की रक्षा के दौरान अपना बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों की मदद करने के इच्छुक दाताओं को एक मंच उपलब्ध कराकर उन्हें इस कार्य में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है। 

                उन्होंने यह भी कहा कि शहीद के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये की सहायता मिलनी चाहिए और यदि इस धनराशि को पूरा करने में कुछ कमी रहती है, तो सरकार उसे पूरा करेगी। बीएसएफ की महानिदेशक के. के. शर्मा ने कहा कि बीएसएफ के जवान देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एयर विंग, वाटर विंग, आर्टिलरी विंग, कैमल विंग और डॉग स्क्वॉयड बीएसएफ में अहम समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि बीएसएफ अपने सामाजिक दायित्व को भी बेहतर तरीके से निभा रहा है। 

          बीएसएफ का अलंकरण समारोह सुप्रसिद्ध भारतीय पुलिस अधिकारी बीएसएफ के पहले महानिदेशक और संस्थापक एफ. के. रुस्तमजी की स्मृति में आयोजित किया जाता है। उनके प्रयासों और दृढ़ संकल्पी दृष्टिकोण की वजह से ही बीएसएफ आज अत्यंत पेशेवर और कुशल बल के रूप में खड़ा है। अपनी 186 बटालियनों का संचालन करने वाले 2.5 लाख कर्मियों की ताकत के साथ, बीएसएफ सीमाओं की सुरक्षा करने वाली दुनिया का सबसे विशाल सुरक्षा बल है। बीएसएफ भारत की रक्षा के पहले घेरे के रूप में सीमारेखा की रक्षा करने में एक अहम भूमिका निभाता है।

         इसके अतिरिक्त, ये बल आंतरिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय शांति और सीमा प्रबंधन सहित कई कार्यों को सफलतापूर्वक कर रहा है। आईबी के निदेशक राजीव जैन, बीएसएफ और गृह मंत्रालय के पूर्व महानिदेशक एवं वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर मौजूद थे।

भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व अग्रणी, उत्पादकता मिशन को 825 करोड़

          केन्द्रीय कृषि एवं किसान मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि भारत 15 वर्षों से दुग्‍ध उत्‍पादन के क्षेत्र में विश्‍व अग्रणी हैं। यह सफलता छोटे डेयरी किसानों, दुग्‍ध उत्‍पादकों, प्रसंस्‍करणकर्ताओं, नियोजकों, संस्‍थानों तथा अन्‍य सभी पणधारियों के कारण है। 

           उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन में हम लगातार प्रगति कर रहे हैं लेकिन अभी भी मीलों का सफर तय करना है ताकि हम देश के हर बच्‍चे को दूध सहित पर्याप्‍त पोषण दे सकें। कृषि मंत्री ने यह बात पूसा, नई दिल्ली में विश्व दुग्ध दिवस पर आयोजित समारोह में कही। कृषि मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में 2011-14 में 398 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ था लेकिन 2014-17 में यह 465.5 मिलियन टन हो गया जो कि 16.9ऽ की वृद्धि है। इसी तरह 2011-14 में किसानों की आमदनी रु. 29 प्रति लीटर थी जो 2014-17 में रु. 33 प्रति लीटर हो गयी जो कि 13.79ऽ की वृद्धि है।

         सिंह ने कहा कि देशी गोपशुओं की उत्‍पादकता को बढ़ाने के लिए देशी नस्‍लों के विकास और संरक्षण हेतु आबंटन को कई गुना बढ़ाया गया है। देश में पहली बार राष्‍ट्रीय गौकुल मिशन नामक एक नई पहल की गई। इसका उद्देश्‍य देशी बोवाईन नस्‍लों का संरक्षण तथा विकास करना है। इस मिशन के अंतर्गत मुख्यतः गोकुल ग्रामो की स्थापना करना, फील्ड परफॉरमेंस रिकॉर्डिंग करना, गोपालको एवं गौपालन से संबंधित संस्थानों को प्रति वर्ष सम्मानित करना, बुलमदर फर्म्स को सुदृढ़ करना, देसी नस्ल के उच्च अनुवांशिक गुणवता के साँड़ को वीर्य उत्पादन केन्द्रों में अधिक संख्या में शामिल करना इत्यादि है।

             देशी नस्‍लों का समग्र और वैज्ञानिक रूप से विकसित तथा संरक्षित करने के लिए उत्‍कृष्‍टता केंद्र के रूप में कार्य करने हेतु दो राष्‍ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्रों की स्‍थापना की जा रही है। राष्‍ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्र देशी जर्मप्‍लाज्‍म का भण्‍डार होने के अलावा देश में प्रमाणित जेनेटिक्‍स के स्रोत भी होंगे। मध्‍य प्रदेश तथा आंध्र प्रदेश दोनों राज्‍यों को क्रमश: उत्‍तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में एक-एक राष्‍ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्र की स्‍थापना हेतु 25- 25 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। आंध्र प्रदेश का राष्‍ट्रीय कामधेनु प्रजनन केंद्र लगभग तैयार है। कृषि मंत्री ने देशी नस्लों के बारे में बताया कि उष्‍मा–साध्‍य तथा रोग प्रतिरोधी होने के अलावा गायों की देशी नस्‍लें ए 2 टाइप का दूध उत्‍पादित करने के लिए जानी जाती हैं जो विभिन्‍न पुरानी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं, जैसे ह्दय तथा रक्‍त वाहिकाओं संबंधी मधुमेह तथा स्‍नायु संबंधी विकारों से बचाने के अलावा कई अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी लाभ प्रदान करता है। 

            उन्होंने कहा देश में ए 2 ए 2 दूध को अलग से बेचे जाने की आवश्‍यकता है। सिंह ने कहा कि दूध की लगातार बढ़ती मांग पूरा करने तथा किसानों के लिए दुग्‍ध उत्‍पादन को और भी लाभदायक बनाने के लिए भारत सरकार ने एक नई योजना राष्ट्रीय बोवाईन उत्पादकता मिशन को 825 करोड़ रुपए के आबंटन के साथ अनुमोदित किया है। देश में पहली बार राष्‍ट्रीय गौकुल मिशन के अंतर्गत ई पशु हाट पोर्टल स्थापित किया गया है। यह पोर्टल गुणवत्‍तापूर्ण बोवाईन जर्मप्‍लाज्‍म की उपलब्‍धतता के संबंध में प्रजनकों और किसानों को जोड़ने में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे किसान एवं प्रजनक देशी नस्ल की गाय एवं भैंसो को खरीद एवं बेच सकेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्‍य किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करना है। इस प्रक्रिया में डेयरी क्षेत्र एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभायेगा। 

       उन्होंने कहा कि सभी पणधारियों को इस उद्देश्‍य को प्राप्‍त करने के लिए प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने गौपालकों को राष्ट्रीय गोपाल रत्न और कामधेनू एवार्ड 2917 पुरस्कार भी प्रदान किया। ये दोनों पुरस्कार वर्ष 2017 से शुरू किए गये हैं।



ओडिशा के रायगढ़ में मेगा फूड पार्क

          खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने ओडिशा के रायगढ़ में राज्‍य के पहले मेगा फूड पार्क- एमआईटीएस मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड- का उद्घाटन किया। वर्तमान सरकार द्वारा पिछले तीन वर्षों में संचालित किया जाने वाला यह सातवां मेगा फूड पार्क है।

          इस अवसर पर पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान और खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग राज्‍य मंत्री साध्‍वी निरंजन ज्‍योति भी उपस्थित थीं। इस अवसर पर श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के विजनरी निर्देशन में खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय उद्योग को प्रोत्‍साहन देने पर बल दे रहा है, ताकि कृषि क्षेत्र का विकास हो और किसानों की आय दोगुनी करने में प्रमुख योगदानकर्ता बनें तथा सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को प्रोत्‍साहित करे। खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय मूल्‍य संवर्धन करके तथा सप्‍लाई चेन के प्रत्‍येक चरण में बर्बादी कम करने के लिए देश में मेगा फूड पार्क योजना लागू कर रहा है। 

              मेगा फूड पार्क खाद्य प्रसंस्‍करण के लिए आधुनिक बुनियादी सुविधाएं उपलब्‍ध कराते हैं और साथ-साथ खेत से बाजार तक वैल्‍यू चेन प्रदान करते हैं। इसमें क्‍लस्‍टर आधार दृष्टिकोण को अपनाया जाता है। सामान्‍य सुविधाएं तथा सहायक अवसंरचना सृजन केन्‍द्रीय प्रसंस्‍करण केन्‍द्र में किया जाता है और प्राथमिक प्रसंस्‍करण तथा भंडारण के लिए सुविधाएं प्राथमिक प्रसंस्‍करण केन्‍द्रों (पीपीसी) तथा संग्रह केन्‍द्रों (सीसी) के रूप में खेत के निकट प्रदान कराई जाती हैं। योजना के अंतर्गत भारत सरकार प्रत्‍येक मेगा फूड पार्क परियोजना को 50.00 करोड़ रुपये तक की वित्‍तीय सहायता देती है।

              श्रीमती बादल ने कहा कि 80.17 करोड़ रुपये की लागत से 50.05 एकड़ भूमि में मेगा फूड पार्क स्‍थापित किया गया है। भारत सरकार ने परियोजना को 50.00 करोड़ रुपये की वित्‍तीय सहायता प्रदान की है। फूड पार्क में एसएमई के लिए पूरी तरह से संचालित औद्योगिक शेड सुविधा, प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए विकसित औद्योगिक प्लॉट, 12 टीपीएच का चावल प्रसंस्‍करण परिसर, 10,000 एमटी क्षमता का ड्राई वेयर हाउस, 2500 एमटी क्षमता का शीत भंडारण गृह, बहुखाद्य प्रसंस्‍करण सुविधाएं आदि हैं। पार्क में कार्यालय के लिए साझा प्रशासनिक भवन है।  इसके अतिरिक्‍त इसका उपयोग उद्यमियों तथा काशीपुर, पद्मपुर, उमेरकोट, कोरापुट, दिगापहंडी और तथा खोरधा के छह प्राथमिक प्रसंस्‍करण केन्‍द्र करते हैं।

           उन्‍होंने कहा कि इस मेगा फूड पार्क की आधुनिक अवसंरचना और सुविधाओं से किसानों, प्रसंस्‍करणकर्ताओं तथा ओडिशा के उपभोक्‍ताओं को लाभ मिलेगा और ओडिशा राज्‍य में खाद्य प्रसंस्‍करण क्षेत्र को प्रोत्‍साहित करेगा। मेगा फूड पार्क से केवल रायगढ़ के लोग ही लाभान्वित नहीं होंगे, बल्कि पड़ोस के नारंगपुरा, गंजम तथा खोरधा जिले के लोगों को भी लाभ मिलेगा।