Wednesday, 12 April 2017

सभी के लिए बिजली : कार्यक्रम में शामिल होने वाला उत्‍तर प्रदेश अन्तिम राज्‍य

             केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणनीय ऊर्जा तथा खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार 24न्7 किफायती, गुणवत्‍ता सम्‍पन्‍न और बिना बाधा के देश को बिजली देने की तैयारी के काम में लगी है।

           केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणनीय ऊर्जा तथा खान राज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ‘ऊर्जा मित्र एप्‍प’ लांच कर रहे थे। ग्रामीण फीडर निगरानी योजना का उद्घाटन कर रहे थे। गोयल ने कहा कि आज बिजली सूचना साझा करने से आती है, सूचना को दबाये रखने से बिजली नहीं आती। ऊर्जा मित्र नागरिकों को बिजली सप्‍लाई पर वास्‍तविक समय में सूचना साझा करने का अधिकार प्रदान करता है। यह एप्‍प अपनी किस्‍म का पहला एप्लीकेशन है, जिसमें सेंट्रल प्‍लेटफार्म, वेब पोर्टल तथा मोबाइल एप्‍प है। एसएमएस-ईमेल-पुश नोटिफिकेशन के माध्‍यम से देश के शहरी-ग्रामीण उपभोक्‍ताओं में बिजली कटने की सूचना के लिए सुविधा है। 

               गोयल ने मंत्रालय के अधिकारियों से और अधिक मेहनत करने और बिजली कटौती शून्‍य करने और उसके परिणाम स्‍वरूप 24न्7 सभी को बिजली देने के काम को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। विद्युत मंत्री ने यह भी बताया कि पूरे देश के उपभोक्‍ताओं को बिजली कटौती की अवधि और कारण की पहले से सूचना उपलब्‍ध होगी। उपभोक्‍ता देश केकिसी भाग में बिजली कटौती को वास्तविक समय पर देख सकेंगे। अपने क्षेत्र में बिजली कटौती की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत हेल्‍पलाइन नम्‍बर 1912 पर भी दर्ज कराई जा सकती है। 

            विभिन्‍न भाषाओं में मोबाइल एप्‍प उपलब्‍ध कराकर समाज के सभी वर्गों की अधिकारिता को सुनिश्चित किया गया है। फील्‍ड कर्मचारी बिजली कटौती की जानकारी ले सकेंगे और शिकायत पर सुधार के कदम उठा सकेंगे। ऊर्जा मित्र एप्‍प की उपयोगिता पर गोयल ने कहा कि यह देश में लाखों लोगों के लिए जीवन में बदलाव वाला साबित होगा। उन्‍होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस प्रयास में शामिल हों ताकि देश में कहीं भी बिजली कटौती की समस्‍या हो लोग अग्रिम रूप से और वर्तमान परिदृश्‍य में इसकी जानकारी प्राप्‍त कर सकें। इससे अस्‍पतालों में अनेक लोगों की जान बचाई जा सकेगी। लोग अपने पढ़ने-लिखने के समय को बेहतर रूप दे सकेंगे और दैनिक घरेलू कामकाज भी कर सकेंगे। ग्रमीण फीडर निगरानी की चर्चा करते हुए 

           गोयल ने बताया कि सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्‍लाई की मात्रा और गुणवत्‍ता मानकों की निगरानी के लिए ग्रामीण फीडर निगरानी योजना लॉंच किया गया है। वास्‍तविक समय आधार पर नेशनल पावर पोर्टल (एनपीपी) पर पूरा डॉटा डाला जाएगा। वेब सेवाओं के माध्‍यम से विभिन्‍न हितधारक अपनी पहुंच बना सकेंगे। गोयल ने बताया कि सरकार ने 100 प्रतिशत ग्रामीण फीडर निगरानी की समय सीमा दिसम्‍बर 2017 तय की है। ऐसा देश के सभी फीडरों में अतिरिक्‍त मीटर और मॉडम लगाकर किया गया है। गोयल ने यह घोषणा भी की कि बाबा साहेब भीमराव अम्‍बेडकर जयंती पर 14 अप्रैल 2017 को उत्‍तर प्रदेश, भारत सरकार के साथ ‘सभी के लिए बिजली’ दस्‍तावेज पर हस्‍ताक्षर करेगा। ‘सभी के लिए बिजली’ कार्यक्रम में शामिल होने वाला उत्‍तर प्रदेश अन्तिम राज्‍य है। 

            इस अवसर पर विद्युत सचिव पी के पुजारी ने कहा कि इस एप्‍प से प्रणालीगत सुधार करने का दबाव पड़ेगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और देश में बिजली सप्‍लाई प्रणाली में उत्‍तरदायित्‍व निर्धारित होगा। संयुक्‍त विद्युत सचिव अरूण कुमार वर्मा ने कहा कि गामीण भारत में गुणवत्‍ता सम्‍पन्‍न जीवन सुनिश्चित करने के लिए बिजली की गुणवत्‍ता और उपलब्‍धता बढ़ानी होगी। इस अवसर पर अपर सचिव विद्युत श्रीमती शालिनी प्रसाद, आंध्र प्रदेश के प्रधान सचिव (ऊर्जा) अजय जैन, सीईए के अध्‍यक्ष आर के वर्मा तथा मंत्रालय तथा आंध्र पदेश और ओडिशा के विद्युत विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

गंगा की अविरलता एवं निर्मलता के लिए पर्याप्‍त प्रावधान

            गंगा अधिनियम का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित मालवीय समिति ने नई दिल्‍ली में अपनी रिपोर्ट केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती को सौंपी।

         रिपोर्ट स्‍वीकार करते हुए सुश्री भारती ने इसे एक ‘ऐतिहासिक क्षण’ करार दिया। कहा कि ‘मैं इसे स्‍वीकार करते हुए बहुत रोमांचित हूं।’ उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार सभी संबंधित पक्षों से इस पर व्‍यापक विचार विमर्श के बाद इसे शीघ्र ही कानून का रूप देगी। सुश्री भारती ने अपने मंत्रालय के सचिव को निर्देश दिया कि वे इस रिपोर्ट का बारीकी से अध्‍ययन करने के लिए तत्‍काल एक उच्‍च स्‍तरीय समिति का गठन करें। यह समिति जल्‍द से जल्‍द अपनी रिपोर्ट दे।

             मंत्री ने उम्‍मीद जताई कि इस रिपोर्ट में गंगा की अविरलता एवं निर्मलता का ध्‍यान रखते हुए पर्याप्‍त प्रावधान किये गए हैं। समिति के अध्‍यक्ष न्‍यायमूर्ति गिरिधर मालवीय (सेवानिवृत्‍त) ने कहा कि यह एक बड़ी महत्‍वपूर्ण जिम्‍मेदारी थी जिसे समिति के सदस्‍यों ने बखूबी निभाया। उन्‍होंने कहा कि इस कार्य में उन्‍हें केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय और राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन का भरपूर सहयोग मिला। समिति ने अपनी रिपोर्ट में गंगा की निर्मलता एवं अविरलता को सुनिश्‍चित करने के लिए पर्याप्‍त प्रावधान किए हैं। रिपोर्ट में गंगा के संसाधनों का उपयोग करने के बारे में जिम्‍मेदारी एवं जवाबदेही तय करने के बारे में कई कड़े प्रावधानों का उल्‍लेख है।

             समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन के पास पूर्व में उपलब्‍ध कानूनी प्रारूपों का भी अध्‍ययन किया। केन्‍द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय ने प्रस्‍तावित गंगा अधिनियम का प्रारूप तैयार करने के लिए न्‍यायमूर्ति गिरिधर मालवीय (सेवानिवृत्‍त) की अध्‍यक्षता में गत वर्ष जुलाई में इस समिति का गठन किया था। समिति के अन्‍य सदस्‍य वी के भसीन, पूर्व सचिव विधायी विभाग भारत सरकार, प्रोफेसर ए के गोसाई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान दिल्‍ली और प्रोफेसर नयन शर्मा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान रूड़की। राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन के निदेशक संदीप समिति के सदस्‍य सचिव थे। 

             79 वर्षीय गिरिधर मालवीय लंबे समय से गंगा संरक्षण अभियान से जुड़े रहे हैं। गंगा से उनका भावनात्मक लगाव है। वे गंगा महासभा के अध्‍यक्ष भी हैं। महासभा की स्थापना उनके पितामह और काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय के संस्‍थापक और जाने माने स्‍वतत्रंता सेनानी महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने ही की थी।

जॉर्जिया को 82.57 मिलियन डॉलर का निर्यात

           जॉर्जिया के आर्थिक व सतत विकास मंत्री गिर्योगी गाखरिया के नेतृत्‍व में एक उच्‍चस्‍तरीय शिष्‍टमंडल ने वाणिज्‍य व उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। 

            इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्‍यापार और निवेश संबंधों को प्रोत्‍साहित करने के महत्‍व को स्‍वीकार किया। अधिक व्‍यापक आर्थिक सहयोग के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्‍य से भारत गणराज्‍य और जॉर्जिया ने मुक्‍त व्‍यापार समझौते पर संयुक्‍त संभावना अध्‍ययन लॉंच करने के बारे में संयुक्‍त बयान दिया। समझौते पर जॉर्जिया के आर्थिक और सतत विकास मंत्री गिर्योगी गाखरिया और वाणिज्‍य तथा उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने हस्‍ताक्षर किए। 

              संयुक्‍त संभावना के अध्‍ययन और आतंरिक प्रक्रियाएं पूरी होने तथा वार्ता अधिकार की स्‍वीकृति मिलने पर भारत गणराज्‍य और जॉर्जिया मुक्‍त व्‍यापार समझौता (एफटीए) पर बातचीत करेंगे। इस सम्‍बन्‍ध में दोनों देशों के अधिकारियों का संयुक्‍त संभावना अध्‍ययन समूह बनाया गया है। समूह का नेतृत्‍व भारत सरकार के वाणिज्‍य विभाग के विदेश व्‍यापार (सीआईएस) संयुक्‍त सचिव तथा जॉर्जिया के आर्थिक और सतत विकास मंत्री गेनादी अरवेलाडेज करेंगे।

                संयुक्‍त संभावना अध्‍ययन समूह बनाने का उद्देश्‍य मुक्‍त व्‍यापार समझौता की क्षमता की बारीकी से जांच का अवसर प्रदान करना है। संयुक्‍त संभावना अध्‍ययन समूह एफटीए की क्षमता के दायरे पर विचार- विमर्श करेगा और विशेष क्षेत्रों की संवेदनशीलता का विश्‍लेषण करेगा। दोंनों मंत्रियों ने आशा व्‍यक्‍त्‍ की कि संयुक्‍त संभावना अध्‍ययन समूह छह महीने के अन्‍दर प्रासंगिक विश्‍लेषण के साथ अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें देगा। जॉर्जिया के साथ भारत का व्‍यापार संतुलन सार्थक है। 2015-16 में भारत से जॉर्जिया को 82.57 मिलियन डॉलर का निर्यात किया गया और जॉर्जिया से 24.47 मिलियन डॉलर का आयात हुआ।

139 लाख मिट्रिक टन कृषि उत्पाद का प्रसंस्करण

           खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने यहां एकीकृत शीत श्रृंखला परियोजनाओं के नव-आवंटन कर्ताओं को संबोधित किया।

            उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के तेज बदलाव के लिए एकीकृत शीत श्रृंखला परियोजनाओं की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीमती बादल ने कहा कि वार्षिक रूप से फसल बाद होने वाले नुकसान, जिसका मौजूदा स्तर 92 हजार करोड़ रुपये वार्षिक है, उसकी चुनौती के मद्देनजर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 42 मेगा फूड पार्क और 234 शीत श्रृंखला परियोजनाओं जैसी सुविधाएं शुरू की हैं। 

              इस कदम से 139 लाख मिट्रिक टन कृषि उत्पाद के प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमता बढ़ी है, जिसके कारण फसल बाद नुकसानों में काफी कमी आई है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण नीति को तैयार करने और उसे क्रियान्वित करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों में फलों और सब्जियों के उत्पादन वाले क्षेत्रों की मैपिंग करने का प्रस्ताव किया है।

            राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत मंत्रालय जल्द ही खाद्य प्रसंस्करण पर राष्ट्रीय मिशन में संशोधन करेगा, ताकि मेगा फूड पार्क का काम पूरा हो सके। इसके अलावा तीन नई योजनाएं- खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण क्षमता सृजन/ विस्तार, नव कृषि-प्रसंस्करण कलस्टर आदि शुरू की जायेंगी।

उत्‍तर प्रदेश के आलू उत्‍पादकों को सहायता

              केंद्रीय कृषि और किसान कल्‍याण मंत्रालय ने 2016-17 के लिए उत्‍तर प्रदेश में मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत आलूओं की खरीद के लिए मंजूरी दे दी है। राज्‍य अभिकरण द्वारा अधिकतम एक लाख मीट्रिक टन आलूओं की खरीद की जा सकती है। 

           यह खरीद प्रति मीट्रिक टन 4870 रूपये की दर से की जाएगी। सरकार अतिरिक्‍त खर्चों यथा परिवहन के प्रभारों, मंडी करों और गोदाम प्रभारों के लिए प्रति मीट्रिक टन अथवा वास्‍तविक वजन जो भी कम हो के लिए 1217.50 रूपये प्रति मीट्रिक टन अतिरिक्‍त तौर पर उपलब्‍ध कराएगी। राज्‍य अभिकरण के परामर्श से राज्‍य सरकार द्वारा खरीद के केंद्रों/क्षेत्रों का निर्धारण किया जाएगा। एमआईएस का कार्यान्‍वयन राज्‍य अभिकरणों द्वारा किया जाएगा। बिचौलियों द्वारा स्‍कीम का लाभ उठाए जाने संबंधी संभावनाओं को समाप्‍त करने के लिए सहकारी समितियों और किसान संगठनों से प्रत्‍यक्षत: आलूओं की खरीददारी की जाएगी। 

             राज्‍य सरकार यह सुनिश्‍चित करेगी कि आलूओं की खरीद केवल वास्‍तविक किसानों से ही की जाए। खरीदे गए आलूओं के स्‍टॉक को खुले बाजार में इस प्रयोजन के साथ बेचा जाएगा जिससे उनका अधिकतम मूल्‍य प्राप्‍त हो सके। यदि आवश्‍यक हुआ तो इन्‍हें राज्‍य के भीतर स्‍थित प्रसंस्‍करण इकाईयों को भी बेचा जा सकता है। राज्‍य अभिकरण यह भी प्रयास करेगा कि प्रसंस्‍करण के बाद खरीदे गए आलूओं का निर्यात किया जाए। 

              पुन:चक्रण से बचने के लिए आलूओं के स्‍टॉक को उसी बाजार/राज्‍य में नहीं बेचा जाएगा जहां से उन्‍हें स्‍कीम की अवधि के दौरान प्राप्‍त किया गया है। तथापि, यदि इसकी बेहतर कीमत मिलेगी तो उन्‍हें वहां भी बेचा जा सकता है। किसानों को खरीद के लिए आलू के बदले वस्‍तु से भुगतान की अनुमति नहीं दी जाएगी। जहां तक संभव होगा, किसानों को गैर-नकदी लेन-देन के जरिए भुगतान किया जाएगा और बिक्री संबंधी रसीदों को केवल बैंकिंग चैनल, विशेष रूप से डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ही संपादित किया जाएगा।

साइबर आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए बेहतर अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग की आवश्‍यकता

           भारत बढ़ते साइबर अपराध और साइबर आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए साइबर सुरक्षा में बेहतर अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग का समर्थन करता है।

            यह बात डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था पर जी-20 के डिजिटल मंत्रियों की जर्मनी में हुई द्वीपक्षीय बैठक में केन्‍द्रीय इलेक्‍ट्रोनिक्‍स और प्रौद्योगिकी तथा विधि और न्‍याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कही। प्रसाद ने दूसरी डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍थाओं के साथ डिजिटल इंडिया प्रयासों को साझा करने की भारत की ओर से पेशकश की। प्रसाद ने कहा कि भारत का यह भी मानना है कि डिजिटीकरण के प्रसार के लिए बहुहितधारकों वाला मॉडल श्रेष्‍ठ है। 

                उन्‍होंने कहा कि पेशेवर लोगों तथा सूचना सक्रियता के मार्ग में सीमा बाधा नहीं होनी चाहिए। रूसी संघ, इंडोनेशिया, जर्मीनी, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, सिंगापुर, चीन, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और अंतरराष्‍ट्रीय दूसर संचार यूनियन (आईटीयू) के साथ द्वीपक्षीय वार्ता हुई। जी-20 डिजिटल मंत्री स्‍तरीय बैठक जर्मनी के डसेलडॉर्फ में हुई। 2016 में चीन के राष्‍ट्रपति की अध्‍यक्षता में हांगझोउ सम्‍मेलन में डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था सहयोग स्‍वीकार करने के बाद डिजिटल अर्थव्‍यव्‍था पर जी-20 सहयोग विशेष प्राथमिकता का क्षेत्र हो गया है। जर्मनी के राष्‍ट्रपति ने इसे आगे बढ़ाया है। 

               जर्मनी ने डिजिटल प्रौद्योगिकी की क्षमता और समग्र अर्थव्‍यवस्‍था पर इसके व्‍यापक प्रभाव को महसूस करते हुए डिजिटल अर्थव्‍यव्‍था कार्यबल को मंत्रिस्‍तरीय दर्जा दिया है। जी-20 डिजिटल इंडिया कार्यक्रम लागू करने केलिए जी-20 के मंत्रियों ने सराहना की। मंत्रियों ने कहा कि डिजिटल इंडिया सस्‍ते रूप में सुरक्षित तरीके से निजता के साथ 1.1 बिलियन नागरिकोंको आधार के मार्फत अनूठी डिजिटल पहचान प्रदान करता है। जी-20 के मंत्रि‍यों ने यूपीआईडीबीटी भीम तथा आधार सक्षम भुगतान प्रणालियों जैसे सोल्‍यूशन प्रदान करने के लिए भारत की सराहना की। जी-20 के मंत्रि‍यों ने विशेष रूप से यह बताया कि कैसे डिजिटल इंडिया का डिजिटल साक्षरता मिशन 60 मिलियन घरों के लिए डिजिटल पहुंच बनाने का काम कर रहा है। 

                 रविशंकर प्रसाद ने बताया कि कैसे भारत डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग समावेश और विकास व्‍यवस्‍था के लिए कर रहा है। उन्‍होंने बताया कि किस तरह डिजिटल इंडिया विभिन्‍न योजनाओं के जरिये परिवर्तन ला रहा है, किस तरह युवा भारत की जनसंख्‍या की क्षमता को बढ़ा रहा है। सफल डिजिटल अर्थव्‍यवस्‍था का संचालन कर रहा है। 

             उन्‍होंने कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी और इंटरनेट मानव मष्तिक के सृजन के बेहतरीन उदाहरण हैं। अब यह वैश्विक हो गया है। इसका उपयोग हम डिजिटल खाई को पाटने और अपने नागरिकों को अधिकार संपन्‍न बनाने और उनका जीवन स्‍तर सुधारने के काम में कर रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का यह कथन पेश किया कि साइबर हमले रक्‍तहीन युद्ध हैं। प्रसाद ने जी-20 के देशों से साइबर अपराधों और साइबर आतंकवाद से लड़ने में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

महिलाओं की सुरक्षा : नई टैक्सी नीति

                   टैक्सी सेवाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं की सुरक्षा के बारे में महिला और बाल विकास मंत्रालय द्वारा सिफारिश किए गए सुरक्षा उपायों को नई टैक्सी नीति के दिशा-निर्देशों में शामिल किया गया है। 

            महिला और बाल विकासमंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने इन उपायों की सिफारिश सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा शिपिंग मंत्रालय से की थी। सोशल मीडिया पर श्रीमती मेनका गांधी को टैक्सियों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के कई मामलों के बारे में सूचित किये जाने को देखते हुये ये सिफारिशें की गयी थीं। महिलाओं ने ट्विटर और फेसबुक पर अपनी मुश्किलें साझा की थीं। इसके बाद महिला और बाल विकास मंत्री ने इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए रेडियो टैक्सी सेवा प्रदाताओं के साथ बैठक की। 

                 उस बैठक के आधार पर मंत्री ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को उनके मंत्रालय द्वारा तैयार किये जा रहे नियामक दिशा-निर्देशों में आवश्यक सुरक्षा उपायों को शामिल करने के लिए पत्र लिखा था। नई टैक्सी नीति के दिशा-निर्देशों में शामिल महिला और बाल विकास मंत्रालय की सिफारिशें टैक्सियों में अनिवार्य रूप से जीपीएस पैनिक उपकरण लगे होने चाहिए। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए टैक्सी में सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 

            वाहन के फोटो और पंजीकरण संख्या के साथ चालक का पहचान पत्र भी टैक्सी में प्रमुखता से लगाया जाना चाहिए। टैक्सी ऑपरेटरों-ड्राइवरों द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर उनसे कानून के अनुसार कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। यात्रियों की इच्छा पर ही सीट साझा की जानी चाहिए। महिला और बाल विकास मंत्री की सिफारिशों को नियामक दिशानिर्देशों में शामिल करने की मंजूरी दे दी गई है। श्रीमती मेनका गांधी ने टैक्सियों में महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षा उपाय करने संबंधी सिफारिशों को स्वीकार करने के लिए नितिन गडकरी का धन्यवाद किया है। 

           महिला यात्री टैक्सियों में सुरक्षा के संबंध में श्रीमती मेनका गांधी को सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी परेशानियां बताती हैं। महिला और बाल विकास मंत्री ने हैशटैग शुरू किया है। इस पर उत्‍पीड़न-हिंसा झेल रही कोई भी महिला या बच्चा ट्वीट कर सीधे अपनी समस्‍या बता सकता है। 

केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल से विजय अमृतराज ने मुलाकात की

                   दिग्गज टेनिस खिलाड़ी विजय अमृतराज ने केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान, अमृतराज ने भारत में टेनिस को बढ़ावा देने की अपनी इच्छा व्यक्त की।

            खेल प्रतिभाओं की खोज को बढ़ावा देने में सरकार को मदद देने की भी पेशकश की। विजय गोयल ने कहा कि उनका मंत्रालय प्रतिभाशाली टेनिस खिलाड़ियों के लिए छात्रवृत्ति की शुरूआत करेगा। उन्हें बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाएंगी ताकि भारत वैश्विक स्तर पर बड़ी जीत हासिल कर सके। बाद में महेश भूपति-लिएंडर पेस के विवाद पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि खेल टीम का चयन करने का अधिकार कप्तान का है, लेकिन अगर कोई बड़ा विवाद सामने आता है, तो खेल के हित को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय निश्चित रूप से मध्यस्थता प्रक्रिया में मदद करेगा। 

                उन्होंने दोहराया कि उनके मंत्रालय के द्वार खिलाड़ियों, कोचों और अन्य अधिकारियों के लिए 24x7 खुले हैं और वे अपनी समस्याओं और मुद्दों को साझा करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय निश्चित रूप से स्थिति बेहतर बनाने तथा मुद्दों को हल करने के लिए कार्य करेगा। बाद में, आईओए के अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने भी केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल से मुलाकात की। 

            उन्होंने मंत्री को एशियाई स्क्वैश चैम्पियनशिप के लिए आमंत्रित किया, जिसे मंत्री ने स्वीकार कर लिया। विजय गोयल ने भारतीय बॉक्सिंग फेडरेशन को मान्यता देने के आईओए के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह खिलाड़ियों और उनके भविष्य के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा।

महाराष्ट्र के स्मार्ट शहरो को फ्रांस का सहयोग

          फ्रांस के परिवहन, मत्स्य पालन और समुद्री मामलो के राज्‍यमंत्री एलन विडालिज से केन्‍द्रीय शहरी विकास,आवास और शहरी गरीबी उन्‍मूलन और सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम.वेंकैया नायडू से मुलाकात की। 

          बैठक के दौरान दोनो पक्षो ने वर्तमान में जारी फ्रांस की वित्तीय सहायता,तकनीकी गठबंधन और आगामी सहयोग के संभावित क्षेत्रो सहित कई विषयो पर विचार विमर्श किया। भारत में मेट्रो रेल परियोजनाओ की स्थिति जैसे वर्तमान में संचालित मेट्रो रेल-मोनो रेल, निर्माणाधीन मेट्रो- एमआरटीएस परियोजनाओ और विचाराधीन मेट्रो परियोजनाओ पर भी विचार विमर्श किया। इस दौरान स्मार्ट शहर और स्वच्छ भारत परियोजनाओ पर भी विचार विमर्श किया गया।

             मंत्रियो ने दोनो देशो के बीच पुद्देचेरी, चंडीगढ़ और नागपुर में तकनीकी और निवेश सहायता के क्षेत्र में सहयोग और बढ़ाने, चंड़ीगढ़ और नागपुर के लिए परियोजना विकास और क्रियान्वयन, महाराष्ट्र में स्मार्ट शहरो को सहयोग, राष्ट्रीय मिशन कार्यक्रमो को सहयोग और स्मार्ट शहरो में क्षमता निर्माण के लिए फ्रांस के शहरो से विशेषज्ञो और व्यावसायिक को भेजने के संभावित क्षेत्रो में सहयोग पर भी विचार विमर्श किया।