Wednesday, 3 May 2017

भारतीय सिनेमा को बढ़ावा

            राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विज्ञान भवन में आयोजित 64वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में विभिन्न वर्गों में वर्ष 2016 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। 

          इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू तथा सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर भी उपस्थित थे। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि 64वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारत के एक सूक्ष्म दर्शन का प्रतिनिधित्व करता है, जो भाषा, रीति रिवाज, धर्म एवं संस्कृति की विविधता का जश्न मनाता है। भारतीय सिनेमा और इसकी विविधिता, भाईचारे, सहिष्णुता, स्वीकृति एवं सह अस्तित्व की अंतर्निहित भावना को प्रदर्शित करती है।

              राष्ट्रपति ने फिल्म संवर्धन निधि की सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रतिभाशाली स्वतंत्र फिल्मकारों को विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों को उनके कार्य को बढ़ावा देने में प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रपति ने इस वर्ष का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार विख्यात फिल्म निर्देशक एवं अभिनेता कसीनाधुनी विश्वनाथ को भारतीय सिनेमा के विकास में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया। 

            शास्त्रीय एवं परम्परागत कला, संगीत एवं नृत्य के प्रस्तोता के. विश्वनाथ भारतीय फिल्म उद्योग में एक प्रेरक व्यक्तित्व रहे हैं। इस अवसर पर सूचना और प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने हमारे सांस्‍कृतिक वैविध्‍य, हमारे खूबसूरत प्राकृतिक दृश्‍यों, भाषाओं की अपार समृद्धि को उल्‍लेखनीय रूप से दर्शाया है। 

             वह देश को एकता के सूत्र में पिरोने की एक महान कड़ी रहा है। उन्‍होंने कहा कि त्रासदी की कहानियों का वर्णन करते समय ऐहतियात और सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि हमारे समाज पर सिनेमा के सशक्‍त प्रभाव और उसके मूल्‍यों के कारण फिल्‍म जगत को मिशन मोदी (विकसित भारत का निर्माण) में सहायता प्रदान के लिए एकजुट होना चाहिए।


 

सेना युद्ध हताहत कल्याण निधि में 29.85 लाख का योगदान

           पंजाब नेशनल बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री ऊषा अनंतसुब्रमण्यम ने यहां रक्षा मंत्री अरूण जेटली को सेना युद्ध हताहत कल्याण निधि में दान के रूप में 29.85 लाख रुपये का चेक प्रस्तुत किया।

          इस निधि से युद्ध में हताहत हुए सेना के जवानों के परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाएगी। इस राशि का योगदान मध्य बिहार ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों द्वारा किया गया है जो कि पंजाब नेशनल बैंक के द्वारा प्रायोजित किया जाता है। जेटली ने चेक स्वीकार करते समय देश के लिए अपने जीवन की कुर्बानी देने वाले रक्षा जवानों के परिवारों के प्रति बैंक के कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शित की गयी भावना की सराहना की।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस महान ध्येय के लिए उनके द्वारा ऐसे प्रयास किए जाते रहेंगे।

शेष बचे 4141 गांवों का 2018 तक विद्युतीकरण

        केंद्रीय बिजली, कोयला, नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा एवं खनन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने यहाँ राज्य बिजली मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि “बिजली ही वह आधार है जिसके आसपास भारत के प्रत्येक नागरिक को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करने के लिए एक उपयुक्त प्रणाली का निर्माण किया जा सकता है”।

        केंद्रीय बिजली, कोयला, नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा एवं खनन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य पिछले छः महीनों के दौरान राज्य सरकारों-केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बिजली, कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा तथा खनन क्षेत्रों में किए गए कार्यों की समीक्षा करना है। गोयल ने कहा कि इसके अतिरिक्त, इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “न्यू इंडिया” के विजन को ध्यान में रखते हुए निर्धारित समय में सभी के लिए गुणत्तापूर्ण एवं किफायती बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए नई नीतियों का निर्माण करना भी है। गणमान्य व्यक्तियों के इस समूह को संबोधित करते हुए मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि यह सम्मेलन एक “परिणाम केंद्रित बैठक” है। 

            उन्होंने वड़ोदरा में आयोजित पिछले राज्य बिजली मंत्रियों के सम्मेलन में दिसंबर 2018 तक देश के प्रत्येक परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी के लिए गुणत्तापूर्ण एवं किफायती बिजली उपलब्ध कराने के मार्ग की चुनौतियां अभी तक समाप्त नहीं हुई है और अगले तीन चार महीनों में शेष बचे 4141 गांवों का विद्युतीकरण करने के लिए अंतिम रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है। गोयल ने पारदर्शिता और जवाबदेही की चर्चा करते हुए कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में कई मोबाइल ऐप और वेबपोर्टलों का उपयोग किया जा रहा है। 

           उन्होंने कहा कि पारदर्शिता इस सरकार की एक पहचान है। मंत्री ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को राज्य तथा केंद्र सरकार के एक सामूहिक, समन्वयात्मक एवं सहयोगात्मक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने को प्रोत्साहित किया जो कि देश में एक भ्रष्टाचार मुक्त बिजली क्षेत्र के निर्माण में सहायक होगा। इस सम्मेलन में 23 राज्य-केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों एवं वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर बिजली सचिव पी.के.पुजारी, खनन सचिव अरूण कुमार, नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा सचिव राजीव कपूर समेत मंत्रालय तथा मंत्रालय के तहत सीपीएसयू के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राजघाट में राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र की स्थापना

            पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ द्वारा राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति (जीएसडीएस), राजघाट में राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र स्थापित किया जाएगा। 

         चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए इस केंद्र की स्थापना की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय इस प्रयोजन के लिए जगह उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। संस्कृति मंत्रालय के ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ अभियान के समापन समारोह के दौरान संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) महेश शर्मा ने इस बात की घोषणा की। इस अवसर पर ग्रामीण विकास, पंचायती राज तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी उपस्थित थे।

                डॉ. शर्मा ने कहा कि ‘स्वच्छता पखवाड़े’ के दौरान संस्कृति मंत्रालय ने साफ-सफाई और जागरुकता बढ़ाने के लिए 275 घंटे समर्पित किए। ‘स्वच्छता पखवाड़े’ के दौरान कुल 82 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय संग्रहालय का दौरा करने वाले पर्यटकों के बीच जागरुकता पैदा करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने ‘ई-गाईड (श्रव्य दृश्य)  एप विकसित किया है। इस अवसर पर नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) ही सरकार की एकमात्र प्राथमिकता नहीं है, बल्कि यह भारत के लोगों के लिए एक राष्ट्रीय मिशन बन गया है। देश के हर कोने से इसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। 

               उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर, 2014 को शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के बाद अभी तक चार करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों का निर्माण किया गया है। 1,94,000 गांव तथा 135 जिलों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) किया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल, सिक्किम तथा केरल ओडीएफ राज्य हैं और जल्द ही 6 - 7 और राज्यों को ओडीएफ राज्य घोषित किया जाएगा। तोमर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के लिए अभी कुल बजट 19,300 करोड़ रुपये है जिसमें 14,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी है और 5300 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधानों को सभी सरकारी विभागों द्वारा घोषित किया जाएगा क्योंकि उनसे कहा गया है कि वे अपने बजटीय प्रस्तावों में स्वच्छ भारत मिशन का विशेष रूप से उल्लेख करें। स्वच्छता अभियान के तीन साल पूरे होने पर संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2017 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन किया। इस दौरान इन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जिनमें प्रमुख गतिविधियां शामिल रहीं। 

               पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत सभी संगठनों के लिए साफ-सफाई का एक स्थायी तंत्र बनाना। सभी संबंधित संस्थाओं को शामिल करके विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करके जागरुकता फैलाना, तथा  संगीत, नृत्य और नाटकों के माध्यम से स्वच्छता के प्रसार के प्रति जागरुकता फैलाना और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित स्मारकों को स्वच्छ रखना आदि। चंपारण सत्याग्रह की शताब्दी वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री के विजन को ध्यान में रखते हुए पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ द्वारा राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समीति (जीएसडीएस), राजघाट में ‘राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र’ स्थापित किया जाएगा। चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष मनाने के लिए भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार ने ‘स्वच्छग्रह-बापू को कार्यान्जलि’ एक मिशन और एक प्रदर्शनी का आयोजन किया। 

                राष्ट्रीय संग्रहालय का दौरा करने वाले पर्यटकों के बीच ‘स्वच्छता’ के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए संस्कृति मंत्रालय ने ‘ई-गाईड (श्रव्य दृश्य)  ऐप विकसित किया है। सांस्कृतिक और भक्ति कार्यक्रमों के माध्यम से संगीत नाटक अकादमी द्वारा दो दिवसीय उत्सव ‘विमल यात्रा’ का आयोजन किया गया। झाडू की सींकों के महत्व के बारे में भारतीय संग्रहालय द्वारा ‘सुनो-ब्रूमस्टिक्स’ नाम की विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मंत्रालय के साथ सांस्कतिक केंद्रों ने स्वच्छता के बारे में जागरुकता पैदा करने के बारे में निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण, चित्रकला, रंगोली जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। 

            भारतीय पुरातत्व संर्वेक्षण द्वारा 18 अप्रैल, 2017 को विश्व धरोहर दिवस मनाया गया जिसके तहत सभी संग्रहालयों और स्मारकों में ‘स्वच्छ भारत – स्वच्छ स्मारक’ जागरुकता अभियान आयोजित किया गया। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता, व्याख्यान और संगोष्ठी जैसे कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा ने विश्व कला दिवस और विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रमों में भाग लिया। इन्होंने स्कूली छात्रों के लिए पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। इलाहाबाद संग्रहालय द्वारा स्कूली छात्रों के लिए अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता पर वाद-विवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

                   पर्यटन मंत्रालय ने इन स्थानों को बढ़ावा देने के उद्देशय से ‘अतुल्य भारत’ के आदर्श वाक्य को अपनाया और आगन्तुकों को एक मेहमान के रूप में सम्मान देने के लिए ‘अतिथि देवो भवः’ जैसे उद्देश्यों को अपनाया। पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई के लिए स्वच्छ भारत, जागरुकता अभियान स्वच्छता दौर और राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित जैसी योजनाओं-कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। चालू वित्त वर्ष के दौरान मंत्रालय ने 16 से 30 अप्रैल, 2017 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ का आयोजन किया। इस पखवाड़ा अवधि के दौरान ट्रांसपोर्ट भवन के अंदर गहन सफाई अभियान चलाया गया जिसमें सभी कर्मचारियों ने भाग लिया। 

             विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध वैश्विक स्मारक हुमायूं का मकबरा में एएसआई द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में पर्यटन मंत्रालय ने भाग लिया। भारतीय पुरातत्व संर्वेक्षण और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने इस समारोह में भाग लिया। इसी तरह का एक सफाई अभियान ऐतिसाहिक फिरोजशाह कोटला और पुराना किला, नई दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय स्मारकों में भी चलाया गया जिसके तहत इन ऐतिहासिक स्मारकों की साफ-सफाई की गई। 

          राष्ट्रपिता के स्वच्छ भारत सपने को साकार करने के तहत पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने शहादत स्थल 30 जनवरी, मार्ग नई दिल्ली में एक गहन सफाई अभियान चलाया। सीएसआर योजना के तहत पर्यटन मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सहयोग से स्वच्छता कार्यक्रमों का आयोजन किया। पर्यटन मंत्रालय वर्ष 2019 में महात्मा गांधी के 150वीं जयंती तक स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रयासरत है।

25 एकल व 10 संगठन श्रेणियों के लिए राष्ट्रीय युवा पुरस्कारों की घोषणा

           युवा मामले व खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल ने यहां नए राष्ट्रीय युवा पुरस्कारों की औपचारिक रूपरेखा की घोषणा की। राष्ट्रीय युवा पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया को अधिक व्यापक और पारदर्शी बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है। 

         युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा प्रत्येक वर्ष खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य को मान्यता देने के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा इस पुरस्कार का उद्देश्य राष्ट्रीय विकास एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए युवाओं को प्रेरित करने, समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने और एक बेहतर नागरिक बनने के प्रति खुद युवाओं के अंदर संभावनाओं को बढ़ाना भी है। इस पहल की कुछ मुख्य विशेषताओं में ऑनलाइन आवेदन – पहली बार यह निर्णय लिया गया है कि राष्ट्रीय युवा पुरस्कार के लिए नामांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन तरीके से पूरी की जाएगी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद्म पुरस्कारों के नामांकन को भी ऑनलाइन करने की घोषणा की है। पहले ये नामांकन संबंधित राज्यों अथवा संघ शासित प्रदेशों के माध्मय से किया जाता था।

                इसके विपरीत, अब कोई भी आवेदक सीधे मंत्रालय को अपना आवेदन ऑनलाइन माध्यम से भेज सकता है। इससे पूर्व, शैक्षिक संगठन वर्ग के तहत राष्ट्रीय विकास एवं समाज सेवा के लिए युवाओं के साथ काम करने के लिए केवल एक पुरस्कार दिया जाता था। संगठन वर्ग में पुरस्कारों की संख्या अब एक से बढ़ाकर 10 कर दी गयी है तथा एक पदक और प्रमाण पत्र के साथ पुरस्कार राशि 2,00,000 रुपये कर दी गयी है। यह पहल देश में काम कर रहे संगठनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए इस उद्देश्य के साथ की गयी है कि युवा विकास के क्षेत्र में काम करने वाले शैक्षिक संगठनों को अधिक स्वीकृति दिए जाने की जरूरत है। 

             इसके अतिरिक्त, ये उत्कृष्ट संगठन देश में युवा विकास के क्षेत्र में मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के संवर्धन में साझेदार होंगे। इस कदम से देश भर में कार्यक्रम कार्यान्वयन में मंत्रालय की पहुंच के विस्तारित होने की उम्मीद है। एकल वर्ग में भी पुरस्कार के लिए धन की राशि बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गयी है और इसे 25 व्यक्तियों को प्रदान किया जाएगा। इससे पूर्व, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार एकल क्षेत्रों को निर्दिष्ट किए बिना युवा विकास गतिविधियों एवं समाज सेवा के क्षेत्र में शानदार कार्य के लिए प्रदान किया जाता था जिससे यह एक सामान्य और कम केंद्रित पुरस्कार बन गया था। 

          यह भी फैसला किया गया है कि पद्म पुरस्कार के केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप राष्ट्रीय युवा पुरस्कार भी युवाओं के लिए कार्यकलापों के विशिष्ट क्षेत्र में दिए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया जाए। युवा विकास कार्य की दिशा में कार्यकलापों के क्षेत्रों में – स्वास्थ्य, अनुसंधान एवं नवप्रवर्तन, संस्कृति, मानव अधिकारों का संवर्द्धन, कला एवं साहित्य, पर्यटन, पारंपरिक औषधियां, सक्रिय नागरिकता, समुदाय सेवा, क्रीडा एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं स्मार्ट लर्निंग तथा इसी प्रकार के अन्य क्षेत्र शामिल हैं। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार की सीमित जागरूकता की कमी को दूर करने के लिए, फैसला किया गया है कि सभी बड़े और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में पुरस्कारों के लिए नामांकन आमंत्रित करते हुए देश भर में रंगीन विज्ञापन जारी किए जाएं। 

           इसके अतिरिक्त, ये विज्ञापन माई.गॉव.पोर्टल एवं मंत्रालय के वेबसाइट पर भी रखे जाएंगे। पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित करने वाले विज्ञापन 10 मई, 2017 को जारी किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के साथ यह पहल राष्ट्रीय युवा पुरस्कारों के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा।

ब्रह्मोस ब्लॉक-3 का लगातार दूसरे दिन सफल परीक्षण

              दक्षिण पश्चिमी कमान ‘सट्राइक वन’ ने भूमि पर प्रहार करने वाली क्रूज़ मिसाइल प्रणाली से युक्त अत्याधुनिक ब्रह्मोस ब्लॉक – 3 का बुधवार को अंडमान निकोबार में लगातार दूसरे दिन सफल परीक्षण किया। 

          लगातार सफलतम परीक्षण ने दुर्जेय हथियारों से मार करने की क्षमता को और मज़बूत किया है। 02 मई 2017 को इसी स्थान से लंबी-दूरी तक मार करने वाले सामरिक हथियारों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों का ये सफलतापूर्वक परीक्षण, मोबाइल ऑटोनॉमस लॉन्चर्स से पूर्ण परिचालन अवस्था में भूमि-से-भूमि पर मार करने वाली मिसाइल के रूप में अपनी पूर्ण क्षमता के साथ किया गया। उच्च स्तर और जटिल युद्धाभ्यासों को आयोजित करते समय कॉपीबुक तरीके से सभी उड़ान मापदंडों को पूरा करते हुए, बहु भूमिका वाली मिसाइल ने भूमि आधारित निर्धारित लक्ष्य पर वांछित सटीकता के साथ सफलतापूर्वक हमला किया। दोनों ही परीक्षणों के दौरान लक्ष्य पर हमले करने के मामले में मिसाइल की सटीकता एक मीटर से भी कम रही।

          यह लगातार पांचवां मौका है, जब ब्रह्मोस के ब्लॉक-3 संस्करण का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया है और भूमि पर हमला करने के मामले में इसकी श्रेणी के किसी अन्य हथियार ने अभी तक यह अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल नहीं की है।

        वर्ष 2007 में ब्रह्मोस को अपनाने वाली दुनिया की पहली थल सेना की उपलब्धि पाने वाली भारतीय सेना इस दुर्जेय हथियार की कई अन्य श्रेणियों को विकसित कर चुकी है। इस मिसाइल को संयुक्त रूप से भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओएम द्वारा विकसित किया गया है।

महात्मा गांधी समाधि राजघाट को डिजिटल बनाने की तैयारी

          राष्‍ट्रीय राजधानी में राजघाट स्‍थित गांधी समाधि पर बड़ी संख्‍या में आने वाले लोगों को बेहतर अनुभव सुनिश्‍चित करने के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत वाले अनेक कार्यों को मंजूरी दी गई।

          मंजूर किए गए कार्यों में तीन डिजिटल स्‍क्रीन लगाना, महात्‍मा गांधी के जीवन एवं कार्यों के बारे में संवादात्‍मक अनुभव सुनिश्‍चित करने के लिए एक व्‍याख्‍या केंद्र स्‍थापित करना, मार्ग को चौड़ा करना, दिव्‍यांगजन की सहूलियत के लिए रैंप की सुविधा मुहैया कराना, ग्रेनाइट फर्श बनाना, राजघाट के चारों ओर स्‍थित 2 मीटर चौड़े एवं 1.10 किलोमीटर लंबे पेरिफेरल मार्गों को विकसित करना, आगंतुकों के लिए सीट-बेंच की व्‍यवस्‍था करना, सभी के लिए उपलब्‍ध शौचालय बनाना, बाड़ लगाना, लोटस पौंड के आर-पार फुट ओवर ब्रिज बनाना इत्‍यादि शामिल हैं। 

            शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू की अध्यक्षता वाली राजघाट समाधि समिति ने इन कार्यों को मंजूरी दी। सांसद उदित राज, पूर्व सांसद एवं महात्‍मा गांधी के पौत्र राजमोहन गांधी, दीपक नायर और समिति के अन्‍य सदस्‍यों ने भी बैठक में भाग लिया। दीपक नायर ने कहा, ‘मैं लंबे समय से इस समिति में हूं और गांधी समाधि तक की यात्रा को एक आनंद एवं ज्ञानदायक अनुभव में तब्‍दील करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से मुझे अत्‍यंत खुशी हो रही है।’ 

           गांधी समाधि के चारों ओर 46 इंच की तीन एलईडी स्‍क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर महात्‍मा गांधी के जीवन, राष्‍ट्रीय आंदोलन, अमृत वचन एवं महात्‍मा गांधी के आदर्श-वाक्‍यों को दर्शाया जाएगा। नायडू ने सीपीडब्‍ल्‍यूडी से इन कार्यों को बेहतर ढंग से एवं जल्‍द से जल्‍द पूरा करने को कहा है।