Sunday, 25 June 2017

भारत की विविधता ही विशेषता, भारत की विविधता ही भारत की शक्ति

       आकाशवाणी के मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज भगवान जगन्नाथ जी की रथ-यात्रा देश के कई भागों में बहुत ही श्रद्धा और उल्लासपूर्वक देशवासी मनाते हैं। 

     अब तो विश्व के भी कुछ भागों में भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा का उत्सव सम्पन्न होता है। और भगवान जगन्नाथ जी के साथ देश का ग़रीब जुड़ा हुआ है। जिन लोगों ने डॉ0 बाबा साहेब आम्बेडकर का अध्ययन किया होगा, उन्होंने देखा होगा कि भगवान जगन्नाथ जी का मन्दिर और उसकी परंपराओं की वो बड़ी तारीफ़ करते थे, क्योंकि उसमें सामाजिक न्याय, सामाजिक समरसता अंतर्निहित थे। भगवान जगन्नाथ ग़रीबों के देवता हैं। 
          प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की विविधता ये इसकी विशेषता भी है, भारत की विविधता ये भारत की शक्ति भी है। रमज़ान का पवित्र महीना सब दूर इबादत में पवित्र भाव के साथ मनाया। अब ईद का त्योहार है। ईद-उल-फ़ितर के इस अवसर पर मेरी तरफ़ से सबको ईद की बहुत-बहुत शुभकामनायेंप्र् रमज़ान महीना पुण्य दान का महीना है, ख़ुशियों को बाँटने का महीना है और जितनी खुशियाँ बाँटते हैं, उतनी खुशियाँ बढ़ती हैं। आइए, हम सब मिलकर के इन पवित्र उत्सवों से प्रेरणा लेकर के ख़ुशियों के ख़ज़ानों को बाँटते चलें, देश को आगे बढ़ाते चलें। 
          प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि रमज़ान के इस पवित्र महीने में उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मुबारकपुर गाँव की एक बड़ी प्रेरक घटना मेरे सामने आयी। क़रीब साढ़े तीन हज़ार मुसलमान भाई-बहनों के परिवार वहाँ उस छोटे से गाँव में बसते हैं, एक प्रकार से ज़्यादा आबादी हमारे मुस्लिम परिवार के भाइयों-बहनों की है। इस रमज़ान के अन्दर गाँववालों ने मिलकर के शौचालय बनाने का निर्णय लिया। इस व्यक्तिगत शौचालय के अन्दर सरकार की तरफ़ से भी सहायता मिलती है और उस सहायता की राशि क़रीब 17 लाख रुपये उनको दी गई। जानकर सुखद आश्चर्य भी होगा, आनंद होगा। 
          रमज़ान के इस पवित्र महीने में सभी मुसलमान भाइयों-बहनों ने सरकार को ये 17 लाख वापस लौटा दिए। और ये कहा कि हम हमारा शौचालय, हमारे परिश्रम से, हमारे पैसों से बनाएँगे। ये 17 लाख रुपये आप गाँव की अन्य सुविधाओं के लिए खर्च कीजिए। मैं मुबारकपुर के सभी ग्रामजनों को रमज़ान के इस पवित्र अवसर को समाज की भलाई के अवसर में पलटने के लिए बधाई देता हूँ। उनकी एक-एक चीज़ भी बड़ी ही प्रेरक है। और सबसे बड़ी बात है, उन्होंने मुबारकपुर को खुले में शौच से मुक्त कर दिया।
           प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम जानते हैं कि हमारे देश में तीन प्रदेश ऐसे हैं सिक्किम, हिमाचल और केरल, वो पहले ही खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुके हैं। इस सप्ताह उत्तराखण्ड और हरियाणा भी घोषित हुए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि लोकतंत्र के प्रेमियों ने बड़ी लड़ाई लड़ी और भारत जैसा देश, इतना बड़ा विशाल देश, जब मौका मिला तो भारत के जन-जन की रग-रग में लोकतंत्र कैसा व्याप्त है, चुनाव के माध्यम से उस ताक़त का प्रदर्शन कर दिया। 
           जन-जन की रग-रग में फैला हुआ ये लोकतंत्र का भाव ये हमारी अमर विरासत है। इस विरासत को हमें और सशक्त करना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हर हिंदुस्तानी आज विश्व में सिर ऊँचा कर गौरव महसूस कर रहा है। 21 जून, 2017 - पूरा विश्व योगमय हो गया। पानी से पर्वत तक लोगों ने सवेरे-सवेरे सूरज की किरणों का स्वागत योग के माध्यम से किया। कौन हिंदुस्तानी होगा, जिसको इस बात का गर्व नहीं होगा।
           ऐसा नहीं है कि योग पहले होता नहीं था, लेकिन आज जब योग के धागे में बंध गए हैं, योग विश्व को जोड़ने का कारण बन गया है। दुनिया के क़रीब-क़रीब सभी देशों ने योग के इस अवसर को अपना अवसर बना दिया। इस बार फिर एक बार योग ने विश्व रिकॉर्ड का भी काम किया। गुजरात में अहमदाबाद में क़रीब-क़रीब 55 हज़ार लोगों ने एक साथ योग करके एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया। मुझे भी लखनऊ में योग के कार्यक्रम में शरीक़ होने का अवसर मिला। लेकिन पहली बार मुझे बारिश में योग करने का सद्भाग्य प्राप्त हुआ।

दुनिया का 7वां सबसे ऊंचा माउंट धौलागिरी, पर्वतारोहण

      पर्वतारोहियों की एक आईएएफ टीम सफलतापूर्वक 20 मई 2017 को माउंट धौलागिरी पहुंची। 

    टीम को सीएएस, एयर चीफ मार्शल बीएस धनोओ पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, वीएम, एडीसी ने फ्लैग्ड-इन किया। 12 अप्रैल 2017 को ग्रुप कैप्‍टन आर.सी.त्रिपाठी के नेतृत्व में रवाना हुई भारतीय वायु सेना के पर्वतारोही की यह टीम 26 अप्रैल, 2017 को धौलागिरी बेस कैम्‍प पहुंची थी। 
        बेस कैंप में खुद को स्थापित करने के बाद टीम ने अनुकूलन चरण के दौरान कैंप-2 तक चढ़ाई की।टीम के सदस्य आखिरकार 20 मई 2017 को शिखर पर पहुंचे और आईएएफ का ध्वज फहराया। 8167 मीटर (26795 फीट) की ऊंचाई वाले धौलागिरि को दुनिया का 7वां सबसे ऊंचा और पर्वतारोहियों के लिए चौथा सबसे मुश्किल पर्वत माना जाता है।