Monday, 30 October 2017

पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 25 हजार करोड़ का पैकेज

     हैदराबाद। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने युवा पुलिस अधिकारियों से कहा कि साइबर दुनिया के ज़रिए आतंक के उभरते खतरों से निपटने के लिए वह खुद को तैयार रखें। 

  हैदराबाद में सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में भारतीय पुलिस सेवा के प्रशिक्षुओं की पासिंग आउट परेड समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया आज आतंकवाद और अतिवाद से जूझ रही है। आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन इंटरनेट के जरिए घृणा फैलाने के काम में लगे हैं। हम भी इस खतरे से अछूते नहीं है। 
  गृह मंत्री ने मौजूदा खतरों से सफलतापूर्वक निपटने के लिए खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
    सिंह ने कहा कि हम जानते हैं कि राज्य पुलिस बल को केंद्र से मदद की जरूरत पड़ती है इसलिए भविष्य में जब भी आवश्यकता होगी केंद्र हरसंभव मदद करेगा। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस के आधुनिकीकरण की आवश्यकता है। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने पिछले महीने पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दी है। 
  राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें आतंकवाद और अतिवाद जैसी समस्याओं का स्थाई समाधान ढूढ़ने की जरूरत है। इस दिशा में सरकार काम कर रही है। अगले 5 वर्षों में हमें देश से आतंकवाद, अतिवाद औऱ संप्रदायवाद को खत्म करना है।
  राजनाथ सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्रालय कल्याण कोष से सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी को 5 करोड़ रुपए अनुदान देने की भी घोषणा की।
  इस अवसर पर सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के निदेशक श्री डीआर डोले बर्मन, नेपाल पुलिस अकादमी के कार्यकारी निदेशक, रॉयल भूटान पुलिस के कर्नल रिनज़िन दोरजी, मालदीव पुलिस बल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अली सुजाउ और कई सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

असम के लिए 200 मिलियन डॉलर का ऋण समझौता

    नई दिल्ली। भारत सरकार और विश्‍व बैंक के बीच असम के कृषि व्‍यापार और ग्रामीण रूपांतरण परियोजना के लिए 200 मिलियन डॉलर का ऋण समझौता हुआ। 

  सरकार और विश्‍व बैंक ने असम के कृषि व्‍यापार और ग्रामीण रूपांतरण परियोजना के लिए आज 200 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किए। 
  यह परियोजना असम सरकार को कृषि व्‍यापार निवेश व कृषि पैदावर बढ़ाने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने तथा छोटे किसानों को बाढ़ और सूखे को सहन करने वाले फसलों की खेती के लिए प्रोत्‍साहन प्रदान करने हेतु सहायता प्रदान करेगी।
   इस समझौते पत्र पर भारत सरकार की ओर से वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के संयुक्‍त सचिव समीर कुमार खरे व असम सरकार की ओर से प्रधान वित्‍त सचिव रवि कोटा तथा विश्‍व बैंक की तरफ से विश्‍व बैंक भारत के ऑपरेशंस मैनेजर हिशम एबडो ने हस्‍ताक्षर किए।
   इस अवसर पर वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के संयुक्‍त सचिव समीर कुमार खरे ने कहा कि असम सरकार ने व्‍यापार को आसान बनाने, कृषि बाजार और मत्‍स्‍य पालन समेत कई नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाया है। यह परियोजना असम के 16 जिलों में लागू की जाएगी।
    इस परियोजना से 5,00,000 छोटे किसानों के परिवार लाभान्वित होंगे। इस परियोजना की गतिविधियों में हिस्‍सा लेने वालों की कुल संख्‍या की 30ऽ महिलाएं होंगी। महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा।
     विश्‍व बैंक भारत के ऑपरेशंस मैनेजर हिशम एबडो ने इस अवसर पर कहा कि असम सरकार कृषि आय को दोगुना करना चाहती है। कृषि क्षेत्र को विकास का स्‍थायी स्‍त्रोत बनाना चाहती है। वरिष्‍ठ कृषि विशेषज्ञ और परियोजना के लिए विश्‍व बैंक के टीम लीडर मणिवन्‍नन पथी ने कहा कि बाजार से जुड़ी उत्‍पादन प्रणाली और मूल्‍य संवर्धन कृषि क्षेत्र की प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने मे महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
   मौसम के बदलावों का असम के कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में धान की खेती वाले 50ऽ से अधिक कृषि क्षेत्र या तो पानी में डूब जाते है या सूखे के शिकार हो जाते है। 
   इंटरनेशल बैंक फॉर रिकंसट्रक्‍शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) द्वारा दिए गए इस 200 मिलियन डॉलर के ऋण के लिए सात वर्षों की अनुग्रह अवधि और 16.5 वर्षों की परिपक्‍वता अवधि है।
 

लोकतांत्रिक प्रशासन के लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे

   नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा है कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतांत्रिक प्रशासन के लाभ देश के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे। 

   वह आज केंद्रीय सतर्कता आयोग के ‘माई विजन- करप्‍शन-फ्री इंडिया’ विषय के तहत शुरू हुए सतर्कता सप्‍ताह का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह, कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्‍हा, केंद्रीय सतर्कता आयुक्‍त के.वी. चौधरी और अन्‍य गणमान्‍य नागरिक इस अवसर पर उपस्‍थित थे। 
    उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि हमें भ्रष्‍टाचार की जड़ों पर प्रहार करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि वृहद खूबसूरत वृक्ष रूपी देश को हानिकारक तत्‍वों से नुकसान न पहुंचे इसके लिए सतत निगरानी की आवश्‍यकता है। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि सरदार वल्‍लभ भाई पटेल भारतीय परंपराओं के मूल्‍यों के सच्‍चे प्रतिनिधि थे। 
   उन्‍होंने देश की अखंडता के लिए कार्य किया और सार्वजनिक जीवन में विश्‍वसनीयता और शुचिता के सर्वश्रेष्‍ठ उदाहरण हैं। नायडू ने कहा कि हमें सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि ईमानदारी और सत्‍यनिष्‍ठता सामाजिक पूंजी के आवश्‍यक तत्‍व हैं।
   उन्‍होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया और अधिक नागरिक केंद्रित होनी चाहिए। प्रत्‍येक नागरिक को भ्रष्‍टाचार रहित बिना परेशानी और बिना देरी के गुणवत्‍तापूर्ण सेवाएं मिलनी चाहिए। उपराष्‍ट्रपति ने केंद्रीय सतर्कता अयोग द्वारा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ उठाए गए कदमों की सराहना की।

हथियार उत्पादन के क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बढ़ावा

  नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन को मेक इन इंडिया अभियान के तहत बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में रोज़गार बढ़ाने के लिए नियमों को उदार बनाया है। 

  नियमों के उदार होने से इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और मेक इन इंडिया अभियान के तहत हथियार प्रणालियों और गोला-बारूद के देश में निर्मित उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। 
   उदार नियमों के कारण वैश्विक स्तर के देश में ही निर्मित हथियारों के ज़रिए सेना और पुलिस बल की हथियार संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।
    नए नियम गृह मंत्रालय द्वारा छोटे हथियारों के निर्माण को प्रदान किए जाने वाले लाइसेंस पर लागू होंगे साथ ही यह नियम औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग के तहत लाइसेंस प्राप्त करने वाले टैंक, हथियारों से लैस लड़ाकू वाहन, रक्षक विमान, स्पेस क्राफ्ट, युद्ध सामग्री और अन्य हथियारों के पुर्जे तैयार करने वाली इकाईयों पर लागू होंगे।
    उदार नियमों की विशेषताएं हैं। उत्पादन के लिए दिया गया लाइसेंस लाइफ-टाइम के लिए वैध होगा। प्रत्येक 5 वर्ष के बाद लाइसेंस के नवीकरण की शर्त को हटा दिया गया है। हथियार उत्पादकों द्वारा निर्मित छोटे और हल्के हथियारों को केंद्र और राज्य सरकारों को बेचने के लिए गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति की अब ज़रूरत नहीं होगी।
    जितने उत्पादन की अनुमति है अगर उससे 15 फीसदी अधिक तक का उत्पादन ज्यादा किया जाता है तो इसके लिए सरकार से स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी। सिर्फ उत्पादक इकाई को लाइसेंस देने वाले प्राधिकरण को सूचना देनी होगी। इस संबंध में नए संशोधित नियमों को गृह मंत्रालय ने 27 अक्टूबर 2017 को जारी कर दिया है।

भारत को निरक्षरता, अज्ञानता से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास किए जाएं

     बेंगलूरु। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बेंगलूरु में दशमाह सौंदर्य लहरी पारायणोत्‍सव महासमर्पणे में भाग लिया। सौंदर्य लहरी आदि शंकराचार्य द्वारा रचित श्‍लोकों का संग्रह है। इस कार्यक्रम में सौंदर्य लहरी का सामूहिक पाठ किया गया। 

   इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस सामूहिक पाठ से वातावरण में एक विशेष ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों पहले केदारनाथ की अपनी यात्रा को याद किया और कहा कि वह आदि शंकराचार्य द्वारा उनके अपेक्षाकृत छोटे जीवनकाल में दूर-दराज के जगहों के साथ-साथ भारत के अन्‍य स्‍थानों पर किए गए कार्य को देखकर श्रद्धा से भर गए हैं। 
    उन्‍होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने वेदों और उपनिषदों के जरिये भारत को एकजुट किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य की रचना- सौंदर्य लहरी से सामान्‍य मानवी खुद को जोड़ सकता है। उन्‍होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने समाज से बुराइयों को दूर किया। उन्‍हें भविष्‍य की पीढि़यों तक पहुंचने से रोका। 
    उन्‍होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने विभिन्‍न विचारधाराओं की अच्‍छाइयों को आत्‍मसात किया और उन पर विचार किया। उन्‍होंने कहा कि आदि शंकराचार्य का तप आज भी भारतीय संस्‍कृति के मौजूदा स्‍वरूप में विद्यमान है। यह एक ऐसी संस्‍कृति है जो सबको स्‍वीकार करती है और साथ मिलकर आगे बढ़ती है।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि यही संस्‍कृति नए भारत की बुनियाद है। यह सबका साथ, सबका विकास के मंत्र का पालन करती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरह से भारत की सांस्‍कृतिक विरासत में सभी वैश्विक समस्‍याओं के जवाब मौजूद हैं। 
   उन्‍होंने कहा कि भारत में प्रकृति के शोषण को रोकने पर हमेशा जोर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस एलईडी बल्‍ब की लागत पहले 350 रुपये से भी अधिक होती थी वह अब उजाला योजना के तहत महज 40 से 45 रुपये में उपलब्‍ध है। 
     उन्‍होंने कहा कि अब तक 27 करोड़ से अधिक एलईडी बल्‍ब वितरित किए जा चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि इससे बिजली बिल में भी बचत हुई है। प्रधानमंत्री ने उल्‍लेख किया कि उज्‍ज्‍वला योजना के जरिये 3 करोड़ से अधिक एलपीजी कनेक्‍शन वितरित किए गए हैं। 
    इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्‍मक बदलाव आया है बल्कि इसने पर्यावरण को स्‍वच्‍छ रखने में भी योगदान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि समय की जरूरत है कि भारत को निरक्षरता, अज्ञानता, कुपोषण, कालेधन और भ्रष्‍टाचार से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास किए जाएं।

प्रधानमंत्री ने श्री मंजूनाथ स्‍वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की

  कर्नाटक। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी अपनी कर्नाटक यात्रा के पहले चरण में मंगलूरु पहुंचे। वह धर्मस्‍थल के लिए रवाना हुए जहां उन्‍होंने श्री मंजूनाथ स्‍वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उजिरे में आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाताधारकों को रुपे कार्ड वितरित किया। 

    उन्‍होंने 'धरती माता को बचाओ और अगली पीढ़ी को हस्‍तांतरित करो' (प्रिजर्व मदर अर्थ एंड ट्रांसफर टु नेक्‍स्‍ट जेनेरेशन) कार्यक्रम की शुरुआत के लिए एक लोगो का अनावरण किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्‍होंने भगवान मंजूनाथ की पूजा करने का अवसर प्राप्‍त होने पर खुशी जताई। 
  उन्होंने कहा कि वर्तमान शताब्‍दी कौशल विकास की है। उन्‍होंने कहा कि भारत एक युवा देश है और इसलिए हमें जनसांख्यिकीय लाभांश का अवश्‍य फायदा उठाना चाहिए। 
   प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे संतों और महात्‍माओं द्वारा स्‍थापित एवं पोषित संस्‍थानों ने सदियों से समाज की मदद की है। महिला स्‍वयं सहायता समूहों को रुपे कार्ड सौंपने के अवसर के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह डिजिटल लेनदेन के प्रति जबरदस्‍त उत्‍साह को देखकर खुश हैं। 
     उन्‍होंने लोगों से भीम ऐप का इस्‍तेमाल करने और नकदी रहित लेनदेन को अपनाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ईमानदारी और अखंडता का युग है जहां व्‍यवस्‍था को धोखा देने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार का प्रत्‍येक रुपया और हरेक संसाधन भारतीयों के कल्‍याण के लिए समर्पित है। उन्‍होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि विकास का फल बिना किसी भ्रष्‍टाचार के अपेक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।
    नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि इस दिन और काल में जल संरक्षण हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। उन्‍होंने कहा कि हमें प्रकृति के साथ सामंजस्‍यपूर्वक रहने को भी महत्‍व देने की आवश्‍यकता है और हमें अल्‍पावधि फायदे के बारे में नहीं सोचना चाहिए। 
   उन्‍होंने कर्नाटक के किसानों से ड्रिप सिंचाई जैसे तरीकों को अपनाने की अपील की जो जल संरक्षण में मदद करता है।

वाइस एडमिरल अजित कुमार पी को नौसेना उपप्रमुख का पदभार

     नई दिल्ली। वाइस एडमिरल अजित कुमार पी, एवीएसएम, वीएसएम ने आज सुबह नई दिल्ली के साउथ ब्लाक में आयोजित एक औपचारिक समारोह में वाइस एडमिरल करमबीर सिंह, एवीएसएम से नौसेना उपप्रमुख का पदभार ग्रहण किया। 

  वाइस एडमिरल करमबीर सिंह 31 अक्टूबर,2017 को विशाखापट्नम स्थित नौसेना की पूर्वी कमान में फ्लैग आफिसर कमान्डिंग–इन-चीफ का पदभार ग्रहण करेंगे।
   वाइस एडमिरल अजित कुमार भारतीय रक्षा अकादमी से पासआउट हुए थे। 1जुलाई,1981 को वो भारतीय नौसेना में शामिल हुए। 
    अजित कुमार मिसाइल्स और तोपखाना में विशेषज्ञ हैं।कुमार को अग्रिम पंक्ति के युद्दपोतो के संचालन में व्यापक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने नौसेना उच्च कमान कोर्स किया है। नौसेना युद्ध महाविद्यालय, न्यूपोर्ट, रोहडे द्वीपसमूह, अमरीका में अध्ययन किया है।