Wednesday, 9 August 2017

भारत छोड़ो व आजाद हिन्द फौज की 75 वीं वर्षगांठ

      संस्‍कृति व पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा ने भारत छोड़ो व आजाद हिन्द फौज की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्‍ट्रीय अभिलेखागार भारत, जनपथ, नई दिल्‍ली में भारत छोड़ो और आजाद हिन्द फौज 75 वीं वर्षगांठ (1942-2017) प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। 

         इस अवसर पर संबोधन में डॉ. शर्मा ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन भारत के स्‍वाधीनता संग्राम का महत्‍वपूर्ण पड़ाव था, जिसने समूचे राष्‍ट्र को ब्रिटेन के शासन से मुक्ति पाने के लिए संकल्‍पबद्ध कर दिया। लाखों भारतीय गांधी जी के आह्वान और ‘करो या मरो’ के नारे को सुनकर उठ खड़े हुए। गांधी जी और स्‍वाधीनता संग्राम के प्रमुख नेताओं को 9 अगस्‍त, 1942 को गिरफ्तार कर लिया गया। 
     डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 30 जुलाई, 2017 को अपने ‘मन की बात’ में कहा, हमारी युवा पी‍ढ़ी को इस बात की अवश्‍य जानकारी होनी चाहिए कि 9 अगस्‍त, 1942 को क्‍या हुआ था। यह प्रदर्शनी उसी दिशा में हमारा एक प्रयास भर है। यह प्रदर्शनी 01 सितम्‍बर, 2017 तक जारी रहेगी। यह प्रदर्शनी सार्वजनिक रिकॉर्ड, निजी पत्रों, फोटोग्राफ, समाचारपत्रों की रिपोर्टों और ब्रिटिश सरकार द्वारा प्रतिबंधित किये गये साहित्‍य पर आधारित है, जो स्‍वाधीनता संग्राम के अंतिम चरण के दौरान सामने आया। 
    इस प्रदर्शनी में कुछ मौलिक पत्रों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी में बड़े पैमाने पर डिजिटल सामग्री है, जिस तक इंटरैक्टिव मोड के जरिये पहुंच बनाई जा सकती है। ‘भारत छोड़ो प्रस्‍ताव’ को पारित करने, ‘स्‍वाधीनता संग्राम से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी’, आईएनए और सुभाष चंद्र बोस की भूमिका को प्रदर्शित करने वाली फिल्‍म भी प्रदर्शित की गई है। 
     इस प्रदर्शनी में चार खंड हैं यथा, भारत छोड़ो आंदोलन का आरंभ, वास्‍तविक आंदोलन, आंदोलन का प्रभाव, इंडियन नेशनल आर्मी और आजाद हिन्‍द फौज। भारत छोड़ो आंदोलन का आरंभ, इस खंड में भारत में क्रिप्‍स मिशन का आगमन और उसकी नाकामी, गांधी जी द्वारा मिशन को ‘पोस्‍ट–डेटेड चैक’ के रूप में प्रस्‍तुत करने संबंधी विवरण को दर्शाने वाले दस्‍तावेज-रिपोर्ट प्रदर्शित किये गये हैं। 
     इस खंड में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का 14 जुलाई 1942 का वर्धा का प्रस्‍ताव और मुम्‍बई में 08 अगस्‍त, 1942 को उसको स्‍वीकार किये जाने से संबंधित दस्‍तावेज भी प्रदर्शित किये गये हैं।

भारत को अब भ्रष्टाचार, गरीबी, निरक्षरता व कुपोषण जैसी चुनौतियों को दूर करने की आवश्यकता

      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों की यादें प्रेरणा का स्रोत हैं और मौजूदा पीढ़ी की यह जिम्मेदारी है कि वह इस तरह के आंदोलनों की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाए। 

        प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत में महात्मा गांधी जैसे कई वरिष्ठ नेताओं को जेल में डाल दिया गया था लेकिन नई पीढ़ी के नेताओं ने इससे उभरे खालीपन को भरा और आंदोलन को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम कई चरणों से होकर गुजरा और 1857 के बाद से विभिन्न बिंदुओं पर विभिन्न नेता तथा आंदोलन सामने आए। उन्होंने कहा कि 1942 में शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन निर्णायक आंदोलन था। गांधीजी को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के 'करो या मरो' के आह्वान पर सभी वर्गों के लोग इसमें शामिल हो गए। 
     उन्होंने कहा कि राजनेता से आम आदमी तक हर कोई इस भावना से प्रभावित था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब समूचे देश ने इस संकल्प को साझा कर लिया तो देश को पांच साल में ही आजादी का उद्देश्य हासिल हो गया। प्रधानमंत्री ने उस समय की मनोदशा को व्यक्त करने के लिए लेखक रामवृक्ष बेनीपुरी और कवि सोहनलाल द्विवेदी को उद्धृत किया। 
   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अब भ्रष्टाचार, गरीबी, निरक्षरता और कुपोषण जैसी चुनौतियों को दूर करने की आवश्यकता है। इसके लिए एक सकारात्मक परिवर्तन और एक जन संकल्प जरूरी है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि आज भी महिलाओं से हमारे साझा उद्देश्यों को बड़ी ताकत मिल सकती है। अधिकारों एवं कर्तव्यों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे हम अपने अधिकारों के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं, वैसे ही हम अपने कर्तव्यों को भी नहीं भूल सकते और ये भी हमारी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। 
          प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में उपनिवेशवाद शुरू हुआ और देश की आजादी के साथ ही इसके पतन की भी शुरुआत हुई, जिसका जल्द ही एशिया और अफ्रीका में भी अनुसरण किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा, 1942 में अन्‍तर्राष्‍ट्रीय परिस्थितियां भारत की स्वतंत्रता के अनुकूल थीं। आज फिर वैश्विक माहौल भारत के पक्ष में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 1857 से 1942 के बीच देश आजादी की ओर बढ़ा था लेकिन 1942 से 1947 का समय परिवर्तनशील और उद्देश्य हासिल करने वाला रहा। 
        प्रधानमंत्री ने संसद सदस्यों से अनुरोध किया कि वे मतभेदों से ऊपर उठें और अगले पांच वर्षों यानी 2017 से 2022 तक स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के साझा प्रयास में शामिल हों। संयोग से वह भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर 1942 में 'करो या मरो' का आह्वान किया गया तो आज का नारा 'करेंगे और करके रहेंगे' होना चाहिए। 
       उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्ष 'संकल्प से सिद्धि' एक संकल्प जो हमें काम पूरा करने के लिए प्रेरित करेगा, के लिए होने चाहिए। भ्रष्टाचार पर काबू पाने के संकल्पों के साथ प्रधानमंत्री ने अपनी बात पूरी की। गरीबों को उनके अधिकार, युवाओं को आत्म-रोजगार, कुपोषण का खात्मा, महिला सशक्तिकरण के लिए अवरोधों का अंत और निरक्षरता पर विजय। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हम सभी मिलकर देश से भ्रष्टाचार दूर करेंगे, और करके रहेंगे। हम सभी मिलकर गरीबों को उनका अधिकार दिलाएंगे और दिलाकर रहेंगे। 
       हम सभी मिलकर नौजवानों को स्वरोजगार के और अवसर देंगे और देकर रहेंगे। हम सभी मिलकर देश से कुपोषण की समस्या को खत्म करेंगे और करके रहेंगे। हम सभी मिलकर महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने वाली बेड़ियों को खत्म करेंगे और करके रहेंगे। हम सभी मिलकर देश से अशिक्षा को खत्म करेंगे और करके रहेंगे। 
     प्रधानमंत्री ने भारत छोड़ो आंदोलन की 75 वीं वर्षगांठ पर इसमें हिस्सा लेने वाली सभी महिलाओं एवं पुरुषों को सलाम किया; लोगों से '2022 तक न्यू इंडिया' के निर्माण की शपथ लेने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ पर इसमें हिस्सा लेने वाली सभी महिलाओं एवं पुरुषों को सलाम किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से '2022 तक न्यू इंडिया' का निर्माण करने की शपथ लेने का भी अनुरोध किया। 
        प्रधानमंत्री ने कहा, 'ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हम इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाली सभी महान महिलाओं एवं पुरुषों को सलाम करते हैं। महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरा देश आजादी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक साथ आ गया था। 1942 में भारत को उपनिवेशवाद से आजाद कराने की जरूरत थी। आज 75 साल बाद मुद्दे अलग हैं। 
         हमें भारत को गरीबी, गंदगी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, जातिवाद, सांप्रदायिकता से मुक्त कराने और 2022 तक 'नए भारत' का निर्माण करने की शपथ लेनी चाहिए। हम कंधे से कंधा मिलाकर ऐसे भारत का निर्माण करें, जिस पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व हो।

अनुसूचित जनजातीय छात्रों के लिए आश्रम स्कूल

       जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने देश भर में 1205 आश्रम स्कूलों के निर्माण के लिए कोष उपलब्ध कराया है। इन स्कूलों में लगभग 1,15,500 सीटों की व्यवस्था की जाएगी। 

   इन स्कूलों के अतिरिक्त विभिन्न राज्य सरकारों ने भी जनजातीय लड़के और लड़कियों के लिए 3272 आश्रम स्कूल खोले हैं। 2017-18 के दौरान जनजातीय उप-योजना क्षेत्रों में आश्रम स्कूल योजना के तहत 10.00 करोड़ रुपये की रकम आवटित की गई है। 
   जनजातीय उप-योजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता के जरिये आश्रम स्कूलों के संबंध में राज्यों को कोष दिया गया है। इसके साथ ही राज्यों के प्रस्तावों के आधार पर अनुदान भी दिया गया है।यह सूचना राज्य सभा में जनजातीय मामलों के राज्यमंत्री जसवंत सिंह भाभोर ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।     

2,20,104 गांवों में 4.54 करोड़ शौचालयों का निर्माण

        प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्‍वच्‍छ भारत मिशन अपनी तीसरी वर्षगांठ की ओर बढ़ रहा है। पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने ग्रामीण भारत में मिशन की प्रगति का जायजा लेने के लिए तृतीय पक्ष जांच सर्वेक्षण रिपोर्ट लांच की।

    भारतीय गुणवत्‍ता परिषद ने सभी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ग्रामीण स्‍वच्‍छता की वर्तमान स्थ्‍िति का एक पारदर्शी तृतीय पक्ष मूल्‍यांकन किया है। इसका नाम स्‍वच्‍छ ग्रामीण सर्वेक्षण 2017 है। स्‍वच्‍छ ग्रामीण सर्वेक्षण 2017 के अंतर्गत, भारतीय गुणवत्‍ता परिषद ने 4626 गांवों में 1.4 लाख ग्रामीण घरों का सर्वेक्षण किया। कुल 62.45 प्रतिशत को शौचालय युक्‍त पाया। स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) की सूचना प्रबंधन प्रणाली ने मई-जून 2017 के सर्वेक्षण के समय कुल 63.73 प्रतिशत क्षेत्र के शौचालय युक्‍त होने की जानकारी दी।
      सर्वेक्षण से यह भी पाया गया कि 91.29 प्रतिशत लोगों की शौचालय तक पहुंच है। लोग इसका उपयोग करते हैं। केंद्रीय पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्री नरेंद्र तोमर और सचिव परमेश्‍वरन अय्यर ने नई दिल्‍ली में संवाददाता सम्‍मेलन में स्‍वच्‍छ ग्रामीण सर्वेक्षण रिपोर्ट 2017 को लांच किया। यह भी घोषणा की गई कि सभी राज्‍यों और जिलों को स्‍वच्‍छता और ठोस द्रवीय कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने व प्रोत्‍साहित करने के लिए पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय प्रत्‍येक तिमाही में एसबीएम-जी आईएमआईएस पर उपलब्‍ध आंकड़ों के आधार पर भारत के सभी जिलों की रैंकिंग आरंभ करेगा।
     यह रैंकिंग प्रदर्शन, स्‍थायित्‍व और पारदर्शिता के पैमानों पर आधारित होगी। जुलाई-सितंबर 2017 की तिमाही की पहली रैंकिंग घोषणा 2 अक्‍तूबर, 2017 को की जाएगी। जिलों में स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा की भावना पैदा करने के लिए उनको इस रैंकिंग के आधार पर प्रत्‍येक तिमाही में पुरस्‍कार भी प्रदान किये जाएंगे। तोमर ने घोषणा की कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) 70 वें स्‍वतंत्रता दिवस पर ’खुले में शौच से आजादी’ सप्‍ताह का नेतृत्‍व करेगा। 
      इस सप्‍ताह की विशेष झलकियां है। 24 से अधिक राज्‍यों ने सप्‍ताह में अपने स्‍वच्‍छता प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए सामुदायिक सहयोग और अभिनव पद्धतियों के माध्‍यम से स्‍वच्‍छता कार्यान्‍वयन योजना की तैयारी की है। 12 अगस्‍त 2017 को पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय (एमडीडब्‍ल्‍यूएस) और एमओडब्‍ल्‍यूआर, आरडी एंड जीआर सामूहिक रूप से 5 राज्‍यों, उत्‍तराखंड (3), उत्‍तर प्रदेश (10), बिहार (4), झारखंड (5) और पश्चिम बंगाल (2) के लिए 24 गंगा ग्रामों की घोषणा करेगा जिन्‍हें आदर्श गंगा ग्राम बनाया जाएगा। 12 अगस्‍त 2017 को कें‍द्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा सरंक्षण मंत्री, तोमर और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री की मौजूदगी में 30 स्‍वच्‍छता रथों की शुरूआत की जाएगी। 
       देश के अन्‍य हिस्‍सों में भी स्‍वच्‍छता रथों की शुरूआत की जाएगी। तोमर ने यह भी घोषणा की कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तीन वर्ष पूरा होने पर पेयजल और स्‍वच्‍छता मंत्रालय (एमडीडब्‍ल्‍यूएस) 25 सितंबर से 2 अक्‍तूबर 2017 तक देशभर में विभिन्‍न स्‍वच्‍छता कार्यक्रमों की योजना बना रहा है। इस सप्‍ताह के दौरान मंत्रालयों के शानदार योगदान के लिए जिला अधिकारियों, जमीनी स्‍तरीय स्‍वच्‍छता चैंपियनस को, सर्वोत्‍तम पखवाड़ा मंत्रालयों को और सार्वजनिक क्षेत्र इकाइयों के प्रायोजकों को स्‍वच्‍छ प्रतिष्ठित स्‍थलों और स्‍वच्‍छता कार्यांवयन योजना के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छता पुरस्‍कार प्रदान किये जाएंगे।
      ओडीएफ ने घोषणा की कि स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरूआत से अभी तक 5 राज्‍यों, 160 जिलों, और 2,20,104 गांवों में 4.54 करोड़ से अधिक घरेलू शौचालयों को निर्माण किया गया है। स्‍वच्‍छता क्षेत्र अक्‍तूबर 2016 में 39 प्रतिशत से बढ़कर अगस्‍त 2017 में 66 प्रतिशत तक पहुंच गया।

भारतीय रेलवे में अधिक क्षमता वाले माल डिब्बे

        भारतीय रेल ने उच्च क्षमता वाले पार्सल डिब्बों का विकास किया है। इनकी क्षमता 23 टन है। इन्हें स्थान तथा परिचालन को ध्यान में रखते हुए यात्री गाड़ियों में जोड़ा जाएगा।

      रेल गाड़ी के जरिये दूध को लाने ले जाने के लिए उच्च क्षमता वाले दूध टैंकरों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इनकी क्षमता 44.64 किलोलीटर है। इन्हें विशेष रेल गाड़ियों के रूप में चलाया जाता है। इस समय तीन दूध टैंकर गाड़ियां चलाई जा रही हैं, जिनमें से दो गाड़ियां गुजरात सहकारी दुग्ध विपरण परिसंघ लिमिटेड पालनपुर से भीमसेन तक और दूसरी गाड़ी मदर डेयरी, दौण्ड से बड़ोत के बीच में चला रहे हैं। 
     इसके अलावा भारतीय रेल आम, केला, संतरा इत्यादि जैसे फलों के थोक यातायात के लिए उच्च क्षमता वाले पार्सल डिब्बों पर आधारित विशेष मालगाड़ियां चला रही है। ये गाड़ियां विशेष स्रोत-गंतव्य स्टेशनों के बीच मांग के आधार पर चलती हैं। 
    कंटेनरों में बागवानी उत्पादों के आवागमन को ध्यान में रखकर भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड ने फलों और सब्जियों के आवागमन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए हुए 98 वेंटीलेटेड आईसोलेटेड कंटेनरों की व्यवस्था की है।    

शिमला हवाई अड्डे का नवीनीकरण व विस्तार

          भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण शिमला हवाई अड्डे पर नवीनीकरण और विस्तार कार्य कर रहा है। 

       हवाई अड्डे पर एटीआर-42 के लिए निर्धारित विमान परिचालन के साथ ही अति महत्वपूर्ण विमानों के लिए नवीनीकरण और विस्तार कार्य के वास्ते 124.22 करोड़ रूपये का बजटीय प्रावधान रखा गया है।
    मिट्टी क्षरण को रोकने के लिए ढलाऊ क्षेत्र का पुर्ननिर्माण, ढलान का स्थिरीकरण, क्षरण नियंत्रण के प्रावधान जैसे उपाय किए गए हैं। यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।