Tuesday, 22 August 2017

शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना सरकार का लक्ष्य

        केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने केन्द्रीय विद्यालय संगठन के कार्यक्रम स्वस्थ बच्चे स्वस्थ भारत का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय विद्यालय के 12 लाख से अधिक छात्रों के स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती कार्ड बनाये जाएगे।

  प्रकाश जावेडकर ने कोच्चि के अलुआ में स्थित केन्द्रीय विद्यालय नाड में आयोजित कार्यक्रम में इस कार्ड का अनावरण किया। इस अवसर पर प्रकाश जावेडकर ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य सामान्य शिक्षा को सशक्त कर देश में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना है। सरकार का लक्ष्य सभी के लिए गुणवत्ता परख शिक्षा सुनिश्चित करना भी है। केरल में स्थित केन्द्रीय विद्यालय ने अन्य राज्यो के मुकाबले अधिक गुणवत्ता प्रदर्शित की है। 
      उन्होंने कहा कि बच्चों को अधिक सम्मिलित करने की प्रणाली बनाने की आवश्यकता है। समारोह के दौरान प्रकाश जावेडकर ने केन्द्रीय विद्यालय के छात्रों से बातचीत भी की। समारोह में जिलाधिकारी मोहम्मद वाई शफीरुल्ला और केन्द्रीय विद्यालय के अपर आयुक्त यू एन खावरे के साथ-साथ अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी भाग लिया। 
       इस दौरान स्वस्थ बच्चे स्वस्थ भारत प्रदर्शनी और बच्चों द्वारा योग का प्रदर्शन भी किया गया। स्वस्थ बच्चे स्वस्थ भारत कार्यक्रम में विभिन्न क्षमताओ और सभी आयु वर्ग वाले बच्चों को विस्तृत और सम्मिलित रिपोर्ट कार्ड प्रदान किया जायेगा। कार्यक्रम का लक्ष्य अध्यापकों और माता पिता को बेहतर स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के महत्व पर जागरूक करने के साथ-साथ हर दिन एक घंटा खेलने के प्रति प्रोत्साहित करना है। 
      स्वस्थ बच्चे स्वस्थ भारत कार्यक्रम में ओलम्पिक और पैरालंपिक के मूल्यों को आत्मसात करने का लक्ष्य भी रखा गया है।बच्चों के बीच बचपन को फिर से वापस लाने,शारीरिक गतिविधियों और मनोरंजनात्मक खेलों को शिक्षण पद्धति का अहम भाग बनाने,विभिन्न खेलों में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आंकड़ों को एकत्र और विश्लेषण करने के लिए प्रौद्योगिकी का प्रयोग कार्यक्रम के उदेश्यों में सम्मिलित है।

तीन तलाक पर सर्वोच्‍च न्‍यायालय के फैसले का स्‍वागत

        प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने तीन तलाक पर सर्वोच्‍च न्‍यायालय के फैसले का स्‍वागत किया है।

       इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को समानता का अधिकार मिलता है और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावशाली उपाय है।
   प्रधानमंत्री ने कहा, ‘तीन तलाक पर माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय का फैसला ऐतिहासिक है। इससे मुस्लिम महिलाओं को समानता का अधिकार मिलता है और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावशाली उपाय है’।

संसद व राज्‍य विधानसभाओं में नियमित अवरोध चिंता का विषय

         भारत के उपराष्‍ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने संसद व राज्‍य विधानसभाओं में नियमित अवरोध पर चिंता जताई है। उन्‍होंने सांसदों और विधायकों को सदन की कार्यवाही ठप करने की बजाय विषय पर चर्चा करने और उसके बाद फैसला करने का सुझाव दिया। 

       नायडू हैदराबाद में तेलंगाना सरकार द्वारा अपने स्‍वागत में आयोजित एक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उपराष्‍ट्रपति ने पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के डिस्‍कस, डिबेट और डिसाइड के सुझाव को याद किया। 
    उन्‍होंने कहा कि चौथे डी यानि डिसरप्‍ट के लिए कहीं कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्‍होंने विधायकों से लोगों से लगातार मिलते रहने और देश के विकास को तेज करने के लिए प्रभावी कानून लाने का आह्वान किया। नायडू ने दो तेलुगु भाषी राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों को सलाह दिया कि वे आपस में मिलकर अपनी समस्‍याएं निपटाएं और तेलुगु भाषा के संवर्द्धन के लिए काम करें। 
     उन्‍होंने दोनों मुख्‍यमंत्रियों से तेलुगु राज्‍यों के पुराने वैभव को फिर से हासिल करने का आग्रह किया। हैदराबाद से अपने जुड़ाव को याद करते हुए उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि वे पिछले 40 वर्षों से इस ऐतिहासिक शहर में रहे और यहीं उनका राजनीतिक जीवन फला-फूला। तेलंगाना की समृद्ध संस्‍कृति और इतिहास को श्रद्धांजलि देते हुए उन्‍होंने कहा कि यह भूमि संघर्षों और आंदोलनों के लिए जानी जाती है। 
      स्‍वतंत्रता संग्राम के दौरान तेलंगाना के लोगों के योगदान की प्रशंसा करते हुए उन्‍होंने निजाम और रजाकरों से किए गए संघर्ष को याद किया। तेलंगाना के व्‍यंजनों को याद करते हुए उन्‍होंने कहा कि हैदराबाद बिरयानी और हलीम पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। 
         उन्‍होंने कहा कि सभी लोगों को महात्‍मा गांधी के रामराज्‍य की स्‍थापना के सपने को पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्‍होंने स्‍वराज को सुराज में बदलने पर जोर दिया। इस मौके पर तेलंगाना के राज्‍यपाल ईएसएल नरसिम्‍हन, मुख्‍यमंत्री के चंद्रशेखर राव, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्‍तात्रेय, उपमुख्‍यमंत्री एम.डी. मोहम्‍मद अली, उपमुख्‍यमंत्री कादियाम श्रीहरि सहित कई अन्‍य बड़ी हस्‍तियां मौजूद थी।

लद्दाख स्‍काउट्स बटालियनों व लद्दाख स्‍काउट्स रेजिमेंटल सेन्‍टर को निशान

        राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पांचों लद्दाख स्‍काउट्स बटालियनों और लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेन्टर को निशान प्रदान किए।

     इस अवसर पर राष्‍ट्रपति ने कहा कि जम्‍मू कश्‍मीर राज्‍य में लेह का दौरा, राष्‍ट्रपति का पदभार ग्रहण करने के बाद दिल्‍ली से बाहर यह उनकी प्रथम यात्रा है। सशस्‍त्र बलों के सर्वोच्‍च कमांडर होने के नाते उन्‍होंने अपनी इस यात्रा को देश के सशस्‍त्र बलों को समर्पित किया। राष्‍ट्रपति ने कहा कि लद्दाख स्‍काउट्स को भारतीय सेना का हिस्‍सा बने 54 वर्ष हो चुके हैं। इस रेजिमेंट का यह सफर शौर्य, सम्‍मान और कीर्ति की गाथाओं से भरपूर रहा है। 
       इस रेजिमेंट की स्‍थापना 1947-48 में पाकिस्‍तानी क‍बालियों के हमले के समय हुई और लद्दाख के लोगों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा का संकल्‍प लिया। यह पराक्रम आज भी समूचे देश के लिए गर्व का विषय है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि आधी सदी से कुछ ज्‍यादा अवधि के दौरान यह रेजिमेंट विशिष्‍ट वीरता और असाधारण सेवाओं के लिए 605 सम्‍मान और पदक प्राप्‍त कर चुकी है। 
        यह रेजिमेंट के जवानों के अदम्‍य साहस और भावना का प्रमाण है और यह हमारे सशस्‍त्र बलों के सभी जवानों और अधिकारियों के लिए आदर्श हैं। उन्‍होंने अनेक युद्धों और कार्रवाइयों के दौरान विशिष्‍ट पहचान बनाई और खेलों, रोमांचक गतिविधियों और पेशेवर चुनौतियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। राष्‍ट्रपति ने कहा कि निशान प्रदान करने के समारोह के दौरान वे लद्दाख स्‍काउट्स रेजिमेंट के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते हैं। 
     उनके लहू और बलिदान ने हमारी संप्रभुता की रक्षा की है, हमारे राष्‍ट्र को गौरव दिलाया है तथा हमारी जनता को नुकसान पहुंचने से बचाया है। उन्‍होंने रेजिमेंट के सभी पूर्व सैनिकों और सेवारत जवानों को उनकी कर्तव्‍य निष्‍ठा और पेशेवर आचरण के लिए बधाई दी।
     इस अवसर पर उपस्थित गणमान्‍य लोगों में जम्‍मू कश्‍मीर के राज्‍यपाल एन.एन. वोहरा, मुख्‍यमंत्री सुश्री मेहबूबा मुफ्ती सईद, उपमुख्‍यमंत्री निर्मल कुमार सिंह, जम्‍मू कश्‍मीर सरकार के अन्‍य मंत्रियों के साथ ही साथ थलसेना अध्‍यक्ष बिपिन रावत शामिल थे। बाद में राष्‍ट्रपति ने लेह के महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में बुद्धा पार्क फॉर वर्ल्‍ड पीस की आधारशिला रखी।