Tuesday, 18 July 2017

भारत चीन के बाद विश्‍व में दूसरा बड़ा जूता निर्माता देश

           नई दिल्‍ली के प्रगति मैदान में 04 से 06 अगस्‍त तक तीसरा भारतीय अंतर्राष्‍ट्रीय जूता मेला-2017 (आईआईएफएफ) आयोजित किया जा रहा है। 

    मेले का आयोजन भारत व्‍यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) द्वारा उस समय किया जा रहा है, जब प्रदर्शनी परिसर को विश्‍व स्‍तरीय एकीकृत प्रदर्शनी और कन्‍वेंशन सेंटर के रूप में बनाया जा रहा है। आईआईएफएफ में खरीदारों को जरूरतों में हो रहे बदलाव के साथ उभरती टैक्‍नोलॉजी की विशेषताएं देखने को मिलेंगी।
         इससे भारतीय जूता बाजार को नये अवसर मिलेंगे। मेले का आयोजन भारतीय जूता उद्योग परिसंघ (सीआईएफआई) के सहयोग और चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) केन्‍द्रीय चमड़ा अनुसंधान संस्‍थान (सीएलआरआई) तथा भारतीय जूता निर्माता एसोसिएशन (आईएफसीओएनए) के समर्थन से किया जा रहा है।
       इस मेले में भारत की 150 अग्रणी कंपनियां भाग लेंगी। चीन, ताइवान तथा इटली के 100 भागीदार मेले में शामिल होंगे। मेले में जूता तथा जूता सामग्री, एसेसरी, सिंथेटिक सामग्री तथा पीवीसी-पीयू, रसायन, मशीन, उपकरण तथा प्रौद्योगिकी दिखाई जाएगी। देश में एकीकृत वस्‍तु और सेवाकर प्रभावी होने से इस मेले का महत्‍व काफी बढ़ गया है।
            वस्‍तु और सेवा कर लागू होने से भारत कारोबारी सहजता वाला देश बन गया है। आईआईएफएफ में भारत की निर्यात क्षमता दिखाने के अतिरिक्‍त मेले का उद्देश्‍य भारत को पसंदीदा निवेश स्‍तर के रूप में दिखाना है। भारत चीन के बाद विश्‍व में दूसरा बड़ा जूता निर्माता देश है।
        वैश्विक स्‍तर पर 23.00 बिलियन जोड़े जूता बनाने के काम में भारत की हिस्‍सेदारी 9.57 प्रतिशत है। भारत में विभिन्‍न तरह के 2200 मिलियन जोड़े जूते बनते है। इसमें से 95 प्रतिशत जूतों की बिक्री घरेलू बाजार में होती है।
          भारत में जूते बनाने के प्रमुख केन्‍द्र है। तमिलनाडु - चेन्‍नई, रानीपेट तथा अंबुर, नई दिल्‍ली – उद्योग नगर, मंगोलपुरी तथा नरेला, उत्‍तरप्रदेश - कानपुर, आगरा, नोएडा, सहारनपुर, पंजाब – जलंधर, लुधियाना, हरियाणा – सोनीपत, फरीदाबाद, गुरूग्राम तथा बहादुरगढ़, महाराष्‍ट्र - पुणे और मुम्‍बई, पश्चिम बंगाल – कोलकाता, राजस्‍थान – जयपुर, केरल –कालीकट तथा एर्नाकुलम। जूता बनाने के काम में 1.100 मिलियन श्रमिक हैं।

अंटार्कटिका व आर्कटिक में भी स्टेशनों की साफ-सफाई

          पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय व इसके विभिन्न संगठनों में 16 से 30 जून, 2017 तक स्वच्छता पखवाड़ा आयोजित किया गया।

      मंत्रालय व इसके संगठनों के परिसरों की आम सफाई के अलावा कुछ गांवों की साफ सफाई करने, स्‍कूलों और अस्‍पतालों को साफ सफाई का रखरखाव करने के लिए डस्‍टबिन दान करना, स्वच्छता के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्कूली बच्चों में ड्राइंग, पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करना जैसी कुछ अतिरिक्त गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। अंटार्कटिका में भारती स्टेशन पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। 
          आर्कटिक में हिमाद्रि स्टेशन पर स्‍वच्‍छता अभियान चलाया गया। बंगाल की खाड़ी में एक अनुसंधान पोत फॉरवी सागर संपदा पर भी सफाई गतिविधियों का आयोजन किया गया। एनसीएओआर गोवा ने कुछ स्कूलों को डस्टबिन दान किए। 
          आईआईटीएमओ ने शहर के एक अस्पताल को कूड़ेदान दान में दिये। पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय ने लोदी रोड, नई दिल्ली में अपने आस-पास के इलाके के कुछ स्कूलों में कचरे के डिब्बे, कचरा उठाने की ट्रॉलियां, रद्दी कागज कतरने की मशीनें आदि को दान करने का निर्णय लिया है। 
         इसके विभिन्न संगठनों द्वारा पौध रोपाई का कार्य किया गया। एमएलआरआई कोच्चि ने राज्य युवा गृह, कक्कानाड़, कोच्चि के परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया।आईएनसीओआईएस हैदराबाद ने स्वच्छता अभियान शुरू करने के लिए अपने पास के सरकारी जिला परिषद स्कूल को अपनाया है। 
           एनआईओटी चेन्नई ने मछली पकड़ने वाले गांव कदलूर पेरियाकुम और आस पास के अन्य स्थानों की साफ सफाई की। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) और देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित इसके विभिन्न कार्यालयों ने स्वच्छता पखवाड़े का उत्साहपूर्वक आयोजन किया।

श्रीमती स्मृति इरानी ने सूचना व प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया

       केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने सूचना व प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण किया।

      इस अवसर पर सूचना व प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर, सचिव (सूचना व प्रसारण) एन.के. सिन्हा, प्रसार भारत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशि शेखर वेम्पति और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।