Thursday, 17 August 2017

शिक्षा व दक्षता विकास, 2022 तक न्यू इंडिया

       प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीति आयोग द्वारा प्रवासी भारतीय केन्द्र में चैंपियंस ऑफ़ चेंज पहल पर युवा उद्यमियों को संबोधित किया।

      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि युवा उद्दमियों के 6 समूहों ने साफ्ट पावर, अतुल्य भारत 2.0, शिक्षा और दक्षता विकास, स्वास्थय और पोषाहार, सतत कल को ऊर्जावान बनाना, 2022 तक न्यू इंडिया जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री के समक्ष प्रजेन्टेशन दी। उधमियों द्वारा दिये गये प्रजेन्टेशन में प्रस्तुत नये विचारों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले जमाने में बडे पैमाने पर लोगो की जरूरत सामाजिक पहल से पूरी हो जाती थी और समाज के प्रसिद्ध लोगों द्वारा इन आन्दोलनों का नेतृत्व किया जाता था। 
         प्रधानमंत्री ने कहा चैम्पियन्स ऑफ़ चेंज पहल को राष्ट्र और समाज के लाभ के लिए भिन्न ताकतों को साथ लाने के प्रयास की एक पहल बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पहल को हर सम्भव ढंग से आगे बढाया और संस्थागत बनाया जाएगा।
      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा यह भी कोशिश हो सकती है कि आज प्रेजेन्टेशन देने वाले समूहों को केन्द्र सरकार के संबंधित विभागों और मंत्रालयों के साथ संबध किया जाए। उन्होंने पद्म पुरस्कार का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह अब तक समाज मे अनजान बने रहे हीरो को पहचान प्रदान करने के लिए प्रक्रियाओं को किस प्रकार दुरूस्त किया गया है। 
        प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों की टीम लोगों की बेहतरी के लिए नये उपाय और तौर तरीके खोजने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित समूहों में अपने विचारों को जारी रखने के लिए उद्मियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यदि वे ऐसा करते है तो इससे सुशासन के उद्देश्य को आगे बढाने में काफी मदद मिल सकती है। 
         प्रधानमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा अनेक छोटी पहलें की गयी है जिनके उल्लेखनीय परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के स्वंय सत्यापन करने के माध्यम से आम आदमी पर विश्वास करना ऐसी ही एक पहल है। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हरेक कमी को दूर करने के लिए एक एप उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार को सुशासन का माध्यम बनाने के लिए उपयोग किया जाना चाहिए। 
       उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में संपोषण के लिए विकेन्द्रिकृत ढांचा महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में उन्होंने बदलाव लाने की प्रक्रिया में स्टार्ट-अप की भूमिका का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने समाज में अच्छे अध्यापकों के महत्व पर जोर डाला।
      उन्होंने कहा शिक्षा की गुणवत्ता में प्रौद्योगिकी बडी तेजी से सुधार ला सकती है। प्रधानमंत्री ने उद्मियों को अपने कर्मचारियों के बीच सरकार की समाज कल्याण कारी योजनाओं को बढावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर डाला कि करोड़ो सामान्य नागरिकों के प्रयासों के माध्यम से ही न्यू इंडिया का निर्माण हो सकता है। 
         इस अवसर पर अनेक केन्द्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढिया और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत द्वारा इस कार्यक्रम का समन्वय किया गया।

जम्मू हवाई अड्डे के उन्नयित यात्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन

         केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री पी अशोक गजपति राजू तथा सुश्री महबूबा मुफ्ती, मुख्यमंत्री, जम्मू कश्मीर ने जम्मू हवाई अड्डे के उन्नयित यात्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। 

       इस अवसर राजू ने कहा कि सम्पर्क बढ़ाने के लिए अपने हवाई अड्डों की अवसंरचना विस्तार में हमारा विश्वास है। जम्मू हवाई अड्डे के उन्नयन से हम हवाई यात्रियों को इस मंदिरों के शहर आने के लिए बेहतर सेवाएं दे पायेंगे। जम्मू हवाई अड्डे के उन्नयित टर्मिनल भवन की प्रशंसा करते हुए सुश्री महबूबा मुफ्ती ने कहा ‘हमने जम्मू आने जाने वाले यात्रियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है।
     जम्मू हवाई अड्डे का उन्नयित टर्मिनल क्षमता वृद्धि की और अग्रसर है तथा यह जम्मू के आर्थिक विकास में योगदान देगा-राज्य के विकास का द्वार।’ डॉ जितेन्द्र सिंह, राज्यमंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा जयन्त सिंहा, राज्यमंत्री, नागर विमानन, संसद सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे। जम्मू हवाई अड्डा भारतीय वायु सेना से संबधित है तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, नागरिक हवाई जहाज परिचालन के लिए सिविल एन्कलेव का रख-रखाव करता है। 
      वर्ष 2016-17 के दौरान जम्मू हवाई अड्डे पर यात्री यातायात संचलन 1.16 मिलियन पहुँच गया है तथा 2017-18 की पहली तिमाही में यात्री वृद्धि दर 29 प्रतिशत पर पहुँच गई है। यात्री बढोतरी तथा मांग को पूरा करने के लिए जम्मू हवाई अड्डे के मौजूदा टर्मिनल भवन का विस्तार तथा उन्नयन किया गया है। टर्मिनल भवन का क्षेत्र 6700 वर्ग मीटर से बढ़ा कर 14500 वर्ग मीटर कर दिया गया है और उन्नयित व्यस्त समय यात्री संभालन क्षमता एक बार में 720 यात्री हो गई है जो पहले 360 व्यस्त समय यात्री थी। 
         जम्मू हवाई अड्डे के उन्नयित यात्री टर्मिनल भवन की संरचना ग्लास और इस्पात की है और इसमे सीयूटीई-कम्पलाईड चेक इन काउण्टर्स, कॉमन यूज सेल्फ सर्विस (सीयूएसएस), चेक इन के लिए क्योस्क केन्द्रीय वातनुकूलन, दो आगमन कन्वेयर बेल्ट, स्व चालित सीढियां तथा ग्लास एलिवेटर्स, जहाज सूचना प्रदर्शन प्रणाली, सुविधाजनक बैठने की क्षमता सहित पीए सिस्टम जैसी यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है। 
      टर्मिनल भवन में अग्नि शमन तथा अग्नि चेतावनी प्रणाली, सीसीटीवी तथा बैगेज स्केनर्स आदि लगे हैं। टर्मिनल के लिए उन्नत दृश्य डॉकिंग मार्गदर्शक प्रणाली (एवीडीजीएस) के साथ तीन यात्री बोर्डिंग ब्रिजिज लगाने की व्यवस्था है जिससे यात्रियों को सुविधा के साथ परिचालनिक कुशलता भी बढेगी।
            उपर्युक्त के अलावा उन्नयित यात्री भवन हरित सुविधाओं यथा डबल इन्सयूलेटेड रूफिंग सिस्टम, वर्षा जल संरक्षण, 200 केएलडी, जलमल परिशोधन यंत्र (मृदा आधारित प्रौद्योगिकी) परिशोधित जल का बागवानी तथा वातानुकूलन परियोजनार्थ पुन: उपयोग, राख की ईटें, कम उष्मा ग्रहण करने वाली ग्लेजिंग न्यून वीओसी (वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कम्पाउण्ड) पेन्ट्स एलईडी लाईटिंग, ऊर्जा किफायत चिलर्स, उच्च क्षमता की मोटरों के लिए वीएफडी (वेरियेबल फरिक्वेंसी ड्राइव) से सुसज्जित है।

भारत खनिज संसाधनों से संपन्न देश, दस लाख रोज़गार

     भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष 2013 एवं 2014 के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार (खनन) प्रदान किए।

      इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत खनिज संसाधनों से संपन्न देश है। वर्तमान समय में खनन क्षेत्र हमारे देश की कुल जीडीपी में करीब 2.6 फीसदी का योगदान देता है। इतना ही नहीं, यह क्षेत्र दस लाख से अधिक लोगों को दैनिक आधार पर प्रत्यक्ष रूप से रोज़गार मुहैया कराता है और उनके परिवार के जीवन-यापन में मदद करता है। 
       राष्ट्रपति ने कहा कि, हाल के दशक में खनन उद्योग ने गहन तंत्र और नई प्रौद्योगिकी को अपनाकर उत्पादन और उत्पादकता के क्षेत्र में सराहनीय प्रगति की है। इतिहास में इससे पहले कभी भी भारतीय खनन उद्योग ने इस तरह से क्रांतिकारी बदलावों का अनुभव नहीं किया। 
       अधिक उत्पादकता और मुनाफे का अंतर एवं कर्मचारियों की सुरक्षा के बीच संतुलन काफी महत्वपूर्ण है। मानव सुरक्षा और जीवन हमाने प्राथमिकता में होने चाहिए। इसे प्राथमिकता देना हर एक व्यक्ति एवं संगठन का दायित्व है।
        उन्होंने कहा, खनन क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार हमारे देश के खनन उद्योग में सुरक्षा और कल्याण मानकों को कायम रखने के लिए उत्कृष्ट प्रेरक के तौर जारी रहेंगे। आज के इस कार्यक्रम में खनिज क्षेत्र के पुरस्कार विजेताओं द्वारा अपनाई गई व्यवस्था एवं प्रणाली खनन इंजीनियरिंग और प्रबंधन के छात्रों के लिए एक उदाहरण (केस स्टडी) बनना चाहिए।
       छात्रों को भी अपने परिचय एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत इन खनन क्षेत्रों का दौरा करना चाहिए। पुरस्कार विजेता खनन उद्योगों द्वारा शुरू की गई विशेष सुरक्षा सुविधाओं को संबंधित प्राधिकरणों और सार्वभौमिक रूप से स्वीकार्य संस्थाओं, जो भी लागू हो, द्वारा विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए।
      राष्ट्रपति ने खनन कंपनियों से आग्रह किया कि वे कर्मचारियों, उनके परिजनों, स्थानीय समुदायों और व्यापक जन समूह को कारगर सहायता प्रदान करने के लिए प्रबुद्ध नीतियों का निर्माण करें।

प्रधानमंत्री ने नाविक सागर परिक्रमा के क्रू-सदस्‍यों से मुलाकात की

       प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से आईएनएसवी तारिणी पर सवार होकर विश्‍व जल यात्रा पर जाने वाली भारतीय नौसेना की छह महिला अधिकारियों ने मुलाकात की।

      विश्‍व का यह पहला भारतीय विश्‍व जल यात्रा पोत है, जिसकी सभी क्रू-सदस्‍य महिलाएं हैं। वे इस महीने के उत्‍तरार्द्ध में गोवा से अपनी यात्रा शुरू करेंगी और वैश्‍विक नाविक यात्रा पूरी होने के उपरान्‍त इनके मार्च, 2018 में वापस लौटने की संभावना है। इस अभियान को नाविका सागर परिक्रमा का नाम दिया गया है। यह परिक्रमा पांच चरणों में होगी, जिसमें 4 बन्‍दरगाह फ्रेमन्‍टल (आस्‍ट्रेलिया), लिटलेटन (न्‍यूजीलैंड), पोर्ट स्‍टेनले (फॉकलैण्‍डस) और केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका)। आईएनएसवी तारिणी 55 फुट आकार का जलपोत है, जिसका निर्माण भारत में हुआ है और इसे इस वर्ष भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। 
       प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान क्रू-सदस्‍यों ने अपनी आगामी समुद्री यात्रा का ब्‍यौरा दिया। प्रधानमंत्री ने महिला क्रू-सदस्‍यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे दुनिया की यात्रा के बारे में उनकी प्रगति की जानकारी लेते रहेंगे। उन्‍होंने क्रू-दल को उत्‍साहित करते हुए कहा कि वे भारत की क्षमताओं और ताकत से दुनिया भर को अवगत कराएं। 
       उन्‍होंने इस यात्रा के सफलतापूर्वक पूरा हो जाने के पश्‍चात उन्‍हें लिखने और अपने-अपने अनुभवों को साझा करने के लिए प्रोत्‍साहित किया। जलपोत का संचालन ले. कमाण्‍डर वर्तिका जोशी करेंगी और क्रू के सदस्‍यों में ले. कमाण्‍डर प्रतिभा जामवाल, पी. स्‍वाति और ले. एस. विजया देवी, बी. एश्‍वर्या और पायल गुप्‍ता शामिल हैं।

संकल्प पर्व में नृत्य, संगीत व पेंटिंग के माध्यम से नये भारत की छवि

      संस्कृति मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली के आईजीएनसीए, जनपथ में एक बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसका नाम था संकल्प पर्व-संकल्प से सिद्धि। 

     कार्यक्रम की शुरूआत पंडित मधुप मुद्गल द्वारा गांधी और निर्गुण भजनों के गायन से हुई। इसकी जुगलबंदी मानव गुप्ता ने भारत छोड़ो विषय को एक कैनवस पर रंगीन तस्वीरों से उतार कर की। संस्कृति मंत्रालय के जोनल केन्द्रों के लोक और शास्त्रीय नृत्कों ने आजादी के थीम पर आधारित प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम के अंत में सूफी संगीतकार इंदिरा नायक ने संकल्प की शपथ के साथ अपनी प्रस्तुति दी। 
       संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा संकल्प पर्व के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने युवाओं तथा अन्य लोगों से 2022 तक नये भारत के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। नये भारत (2017-2022) की परिकल्पना ऐसे भारत की है जो गरीबी, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, संप्रदायवाद, जातिवाद और अस्वच्छता से मुक्त होगा।
       प्रतिभागियों ने, आइये, हम लोग 2022 तक नये भारत के निर्माण का संकल्प लें, जो एक स्वच्छ भारत, गरीबी मुक्त भारत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, आतंकवाद मुक्त भारत, संप्रदायवाद मुक्त भारत और जातिवाद मुक्त भारत हो।