Tuesday, 24 October 2017

50 नए बीओपी स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव

    ग्रेटर नोएडा। केन्‍द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 56वीं स्‍थापना दिवस परेड में आज आईटीबीपी की 39वीं बटालियन, सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा में शामिल हुए। 

  इस अवसर पर संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) और पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री डॉ. महेश शर्मा, आईटीबीपी के महानिदेशक आर के पचनंदा और वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्थित थे। राजनाथ सिंह ने सलामी ली और स्‍थापना दिवस परेड का निरीक्षण किया। परेड में महिला दल के नेतृत्‍व में कमांडो, स्‍कि‍ईंग, पर्वतारोहण, नक्‍सलियों के खिलाफ अभियानों और विभिन्‍न सीमावर्ती टुकडि़यों ने बल के सभी पहलुओं को प्रदर्शित किया।
      परेड में पहली बार हाल ही में आईटीबीपी में शामिल किए गए हिम स्‍कूटर, सभी क्षेत्रों के अनुकूल विभिन्‍न प्रकार के वाहनों और आधुनिक एसयूवी, पोल नेट भी थे। 
    इस अवसर पर केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने 9000 फुट से लेकर 18000 फुट तक की ऊंचाई पर कठिन परिस्थितियों में सीमा की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों के बलिदान दिए हैं। उन्‍होंने कहा कि आईटीबीपी न केवल भारत-चीन सीमा की रक्षा करती है बल्कि इसकी देश की आंतरिक सुरक्षा में भी जिम्‍मेदार भूमिका है। 
    उन्‍होंने कहा कि आईटीबीपी के जवान पूर्वोत्तर तथा वामपंथी नक्‍सल प्रभावित क्षेत्रों में भी तैनात किए जाते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्‍होंने स्‍वयं भारत-चीन सीमा चौकियों (बीओपी) का दौरा किया और देखा है कि आईटीबीपी के जवान -40 डिग्री सेल्सियस से भी कम तापमान तथा ऑक्‍सीजन की कमी वाली कठिन परिस्थितियों में कैसे अपना कर्तव्‍य निभाते हैं।
      उन्‍होंने कहा कि गृह मंत्रालय को 50 नए बीओपी स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव प्राप्‍त हुआ है, जिस पर विचार किया जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि लद्दाख में ‘मॉडल बीओपी’ निर्मित किए जा रहे हैं। जिसका उद्देश्‍य बीओपी के अंदर 20 डिग्री सेल्सियस तापमान बनाए रखना है। उन्‍होंने कहा कि बाद में अन्‍य इलाकों में भी इसके समान बीओपी स्‍थापित किए जाएंगे। 
   आईटीबीपी कर्मियों की तकलीफों के बारे में बताते हुए उन्‍होंने कहा कि इन क्षेत्रों में निगरानी के लिए जवानों को हिम स्‍कूटर दिए गए हैं। इस प्रकार के अन्‍य क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि 35 बीओपी में उन्‍नयन कार्य भी शुरू किया गया है। इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और खर्च के बारे में उन्‍होंने कहा कि दिवाली के अवसर पर सैनिकों को तोहफा दिया गया था जिसमें कॉल दरें 6.50 रुपये प्रति मिनट से घटाकर 1 रुपये प्रति मिनट कर दी गई थी। 
   उन्‍होंने कहा कि 11000 फुट की ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को कम वजन वाले विशेष वस्‍त्र प्रदान किए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि जल्‍द ही ऐसे वस्‍त्र और पर्वतारोहण के उपकरण 9000 फुट की ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को भी दिए जाएंगे। उन्‍होंने आईटीबीपी में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आईटीबीपी के महानिदेशक की भी सराहना की।
     गृह मंत्री ने कहा कि चीन की सीमा पर तैनात सैनिकों को उनके प्रशिक्षण के दौरान चीनी भाषा भी सिखाई जाएगी। राजनाथ सिंह ने अधिकारियों से एक शहीद के परिवार की जिम्‍मेदारी उठाने का भी आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि शहीदों के परिजनों की मदद के लिए ‘भारत के वीर’ नाम से पोर्टल का शुरू किया गया है। शहीद के परिवार को कम-से-कम एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। 
   उन्‍होंने कहा कि अपना कर्तव्‍य निभाते हुए अपंग होने वाले सैनिकों की भी इस कोष से मदद की जाएगी। इस अवसर पर विशिष्‍ट सेवा के लिए 6 कर्मियों को राष्‍ट्रपति के पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए 26 कर्मियों को पुलिस पदक से सम्‍मानित किया गया। 
     गृह मंत्री द्वारा बल के पशुओं की सेवा के लिए विशेष पदक श्रेणी में छत्तीसगढ़ के नक्‍सल रोधी अभियानों में तैनात 29वीं बटालियन के बुनियादी प्रशिक्षण केन्‍द्र, भानु के अश्‍व ‘ब्‍लैक ब्‍यूटी’ और श्‍वान ‘मछली’ को सर्वेश्रेष्‍ठ अश्‍व तथा सर्वेश्रेष्‍ठ श्‍वान पदक से सम्‍मानित किया गया। 
  38वीं बटालियन को वर्ष-2017 की ‘सर्वेश्रेष्‍ठ गैर-सीमा बटालियन’ जबकि पहली बटालियन को ‘सर्वेश्रेष्‍ठ बटालियन’ की ट्रॉफी से नवाजा गया।

एक्‍सप्रेस-वे पर वायु सेना का सुपर हरक्‍यूलि‍स विमान उतारा

    लखनऊ। भारतीय स्‍टील प्राधिकरण (सेल) द्वारा 33,500 मीट्रिक टन इस्‍पात की आपूर्ति से निर्मित आगरा-लखनऊ एक्‍सप्रेस-वे पर भारतीय वायु सेना के विमानों को टच एंड गो लैंडिंग की सुविधा प्रदान की गई। 

   सेल ने इस परियोजना के लिए मुख्‍य रूप से भूकंप रोधी टीएमटी सरियों से बने कई उत्‍पादों की आपूर्ति की थी। सेल की बेहतरीन गुणवत्ता के भूकंप रोधी ईक्‍यूआर टीएमटी स‍रियें विभिन्‍न प्रकार के होते हैं। भारतीय वायु सेना ने 35000 किलोग्राम भार से शुरू होने वाले सी-130जे सुपर हरक्‍यूलिस विमान का आज एक्‍सप्रेस-वे पर टच एंड गो लैंडिंग का अभ्‍यास किया। 
    एक्‍स्प्रेस-वे पर भारतीय वायु सेना के विमान उतारने के विशेष अभियान में पहली बार सी-130जे परिवहन विमान को शामिल किया गया। इससे पहले वायु सेना ने अपने मिराज-2000 और सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों को यमुना एक्‍सप्रेस-वे और लखनऊ-आगरा एक्‍सप्रेस-वे पर उतारा था।
    ‘सबके जीवन में थोड़ा-सा सेल है’ इस टैग लाइन की भावना को ध्‍यान में रखते हुए कंपनी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की विशेष आवश्‍यकताओं और रक्षा जैसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों तथा बाजार की जरूरतों के अनुरूप विश्‍व स्‍तरीय स्‍टील उत्‍पादों का निर्माण करने पर ध्‍यान केन्द्रित कर रही है। 
  सेल सरदार सरोवर बांध, ढोला-सादिया पुल, चेनानी-नाशरी सुरंग से लेकर विभिन्‍न मेट्रो परियोजनाओं, बिजली संयंत्रों और गुजरात में लगने वाली एकता की प्रतिमा जैसे राष्‍ट्रीय महत्‍व की परियोजनाओं का अभिन्‍न अंग है।

अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति ने राष्‍ट्रपति कोविंद से मुलाकात की

  नई दिल्‍ली। अफगानिस्‍तान इस्‍लामिक गणराज्‍य के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी ने राष्‍ट्रपति भवन में राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।

 राष्‍ट्रपति कोविंद ने अफगनिस्‍तान के राष्‍ट्रपति का स्‍वागत किया और उनकी सराहना करते हुए कहा कि श्री गनी ने कठिन समय में अफगानिस्‍तान का कुशल नेतृत्‍व किया।
    उन्‍होंने भारत और अफगानिस्‍तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए भी गनी की प्रशंसा की। राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत के लिए अफगानिस्‍तान न केवल एक रणनीतिक साझेदार है बल्कि स्‍नेह का प्रतीक भी है। 
   उन्‍होंने 2016 में अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया शिखर सम्‍मेलन में राष्‍ट्रपति गनी के भाषण और स्‍वर्ण मंदिर की उनकी यात्रा का स्‍मरण किया। उन्‍होंने कहा कि सामाजिक संबंध और लोगों के आपसी संपर्क से हमारी मित्रता को मजबूत आधार मिला है। 
    राष्‍ट्रपति ने कहा कि हाल ही में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ी है। नई दिल्‍ली में आयोजित भारत-अफगानिस्‍तान व्‍यापार और निवेश प्रदर्शनी से हमारे कारोबारी एकजुट हुए और 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक का कारोबार किया।
    राष्‍ट्रपति ने कंधार और काबुल तथा दिल्‍ली के बीच एयर फ्रेट कॉरिडोर शुरू होने पर प्रसन्नता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने यह भी कहा कि अफगानिस्‍तान के मजार-ए-शरीफ और हैरात शहर सीधे हवाई मार्ग के जरिए दिल्‍ली से जुड़े हुए हैं। राष्‍ट्रपति ने कहा कि अफगानिस्‍तान को आर्थिक सुधार और विकास के मार्ग पर रखने के लिए निरंतर शान्ति और सुरक्षा बनाए रखना महत्‍वपूर्ण सिद्धांत है। दुर्भाग्‍य से अफगानिस्‍तान के लोगों पर सोचविहीन और निरर्थक हिंसा थोपी जा रही है। 
   राष्‍ट्रपति कोविंद ने काबुल, कंधार, गजनी और पख्तिया प्रांत सहित अफगानिस्‍तान में हुए हाल ही के आतंकी हमलों की निंदा की जिनमें 200 से अधिक निर्दोष मारे गए। राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत भी दशकों से देश प्रायोजित और सीमा पार से होने वाले आतंकवाद से पीडि़त है।
   उन्‍होंने कहा कि अफगानिस्‍तान के नागरिकों द्वारा उनके देश में शान्ति बनाये रखने के प्रयासों के प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है। भारत का मानना है कि अफगानिस्‍तान में शान्ति लाने के लिए जो भी कदम उठाये जाए वे अफगानिस्‍तान के नेतृत्‍व और अफगानिस्‍तान के नियंत्रण में होने चाहिए।

नविका सागर परिक्रमा तरिणी फ्रीमैंटल ऑस्‍ट्रेलिया पहुंची

   ऑस्‍ट्रेलिया। आईएनएसवी तरिणी अपनी विश्‍व भ्रमण की पहली यात्रा के दौरान आज फ्रीमेंटल ऑस्‍ट्रेलिया बंदरगाह पहुंची। 

  भारतीय महिलाओं के इस दल की विश्‍व भ्रमण की यह पहली यात्रा है। पोत की कैप्‍टन लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी है। इसके चालक दल में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवल, पी. स्‍वाति और लेफ्टिनेंट एस विजया देवी, वी.एश्‍वर्या तथा पायल गुप्‍ता शामिल हैं।
    रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 10 सितंबर, 2017 को गोवा से आईएनएसवी तरिणी को रवाना किया था। पोत ने गोवा से 4800 नॉटिकल मील का रास्‍ता तय कर 25 सितम्‍बर, 2017 को भूमध्‍य रेखा और 6 अक्‍टूबर, 2017 को मकर रेखा को पार कर लिया था। 
     स्‍वदेश में निर्मित आईएनएसवी तरिणी 55 फीट का नौकायन पोत है, जिसे इस वर्ष की शुरूआत में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। इससे अंतर्राष्‍ट्रीय मंच पर ‘मेक इन इंडिया’ पहल को दर्शाया जा रहा है। ‘नविका सागर परिक्रमा’ नाम का यह अभियान महिलाओं की अंतर्निहित ताकत के जरिए उनके सशक्तिकरण की राष्‍ट्रीय नीति के अनुरूप है।
    इसका उद्देश्‍य विश्‍व मंच पर ‘नारी शक्ति’ को प्रदर्शित करना और चुनौतीपूर्ण वातावरण में उनकी सहभागिता बढ़ाकर देश में महिलाओं के प्रति सामाजिक व्‍यवहार तथा मानसिकता में क्रांतिकारी बदलाव लाना है। यह पोत अपनी यात्रा समाप्‍त कर अप्रैल, 2018 में गोवा लौटेगा। यह अभियान पांच चरणों में पूरा होगा। 
    इस दौरान यह चार बंदरगाहों- फ्रीमैन्‍टल (आस्‍ट्रेलिया), लिटिलटन (न्‍यूजीलैंड), पोर्ट स्‍टेंली (फॉकलैंड) और कैपटाउन (दक्षिण अफ्रीका) पर रूकेगा। यह साहसिक दल मौसम विज्ञान, समुद्र और लहरों के बारे में नियमित रूप से आंकड़े एकत्रित करेगा और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को नई जानकारी भी उपलब्‍ध कराएगा, ताकि वि‍भाग मौसम के पूर्वानुमान की सही जानकारी प्रदान कर सके।
    यह समुद्री प्रदूषण की भी जांच करेगा। समुद्री यात्रा और साहसिक भावना को बढ़ावा देने के लिए अपने प्रवास के दौरान यह दल स्‍थानीय लोगों विशेष रूप से बच्‍चों के साथ व्‍यापक बातचीत करेगा। यह पोत 5 नवम्‍बर, 2017 को फ्रीमैंटल से रवाना हो सकता है।

पर्यटन पर्व : भारत विविधता में एकता वाला देश

   नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्‍ली में राजपथ लॉन में पर्यटन पर्व के समापन समारोह का उद्घाटन किया। केंद्रीय पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) के. जे. अल्‍फोन्‍स ने उद्धघाटन समारोह की अध्‍यक्षता की। 

पर्यटन मंत्रालय केन्‍द्र सरकार के कई मंत्रालयों, राज्‍य सरकारों और कई साझेदारों के साथ मिलकर देशभर में पांच अक्‍तूबर 2017 से 25 अक्‍तूबर, 2017 के बीच पर्यटन पर्व का आयोजन कर रहा है। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने पर्यटन मंत्रालय को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भव्‍य समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि भारत विविधता में एकता वाला देश है।
     उन्‍होंने कहा कि अगर हम भारत को सुपर पावर बनाना चाहते हैं तो पर्यटन महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। सिंह ने कहा कि हमें अपने सकल घरेलू उत्‍पाद में पर्यटन की हिस्‍सेदारी बढ़ानी होगी। उन्‍होंने कहा कि भारत दुनिया के सांस्‍कृतिक रूप के एक बड़े हिस्‍से को नियंत्रित करता है। भारत में प्राचीन काल से अतिथि देवो भव: की परम्‍परा रही है। हमें अपनी प्राचीन परम्‍परागत मूल्‍यों के बारे में जागरूकता बढ़ानी चाहिए।
       उन्‍होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने पर्यटन को बढाने के लिए कई कदम उठाए हैं। 72 घंटे के अंदर ई-वीजा प्रदान किया जा रहा है। 29 लाख से अधिक पर्यटकों ने अब तक इस सुविधा का लाभ उठाया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने में निजी क्षेत्र को भी शामिल किया जाना चाहिए। 
     के. जे. अल्‍फोन्‍स ने कहा कि सबके लिए पर्यटन के सिद्धांत के तहत पर्यटन पर्व का आयोजन पर्यटन से होने वाले लाभों और देश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के लिए किया गया है। 21 दिवसीय इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन मंत्रालय ने केन्‍द्र सरकार के मंत्रालयों राज्‍य सरकारों और अन्‍य साझेदारों के साथ मिलकर किया है। 
    उन्‍होंने कहा भारत एक अद्भुत देश है, यहां के व्‍यंजन, संगीत और नृत्य कलाएं अनूठी और आश्‍चर्यजनक हैं। हमारे प्राचीन विरासत स्‍थल अनोखे हैं और इन स्‍थलों पर संगीतमय कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है। 21 दिनों वाले पर्यटन पर्व के समापन समारोह के तहत नई दिल्‍ली के राजपथ उद्यान (रफी मार्ग और जनपथ के मध्‍य) में 23 से 25 अक्‍टूबर, 2017 तक चलने वाले एक त्रि-दिवसीय कार्यक्रम का अयोजन किया गया।
        यह कार्यक्रम दोपहर 12:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला है। इसके अंतर्गत सांस्‍कृतिक कार्यक्रम, हस्‍तशिल्‍प बाजार, विभिन्‍न प्रकार की खान-पान सेवा आदि उपलब्‍ध हैं। समापन समारोह के पहले दिन देश के विभिन्‍न राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों से आए सांस्‍कृतिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
     आज गुजरात ने सिद्धि धमाल नाम का लोकनृत्‍य, हरियाणा ने बम्‍ब लहरी, बिहार ने फाग, मध्‍य प्रदेश ने मटकी नृत्‍य, झारखंड ने छऊ नृत्‍य और केरल ने ओप्‍पना व मरगम की जुगलबंदी की प्रस्‍तुतियां दीं। खान-पान सेवा के तहत विभिन्‍न राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों के 50 से ज्‍यादा फूड स्‍टॉल लगाए गए हैं। नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्‍ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (नासवी) ने विभिन्‍न क्षेत्रीय स्‍ट्रीट फूड के स्‍टॉल लगाए हैं।
   इसके अलावा, इंस्‍टीट्यूट ऑफ होटल मैंनेजमेंट और आईटीडीसी ने भी फूड स्‍टॉल लगाए हैं। हस्‍तशिल्‍प मेला में राज्‍य सरकारों और वस्‍त्र मंत्रालय ने हस्‍तशिल्‍प और हथकरघा आयोग के माध्‍यम से 50 से ज्‍यादा स्‍टॉल लगाए हैं, जिसमें देश के विभिन्‍न क्षेत्रों के हस्‍तशिल्‍प व हथकरघा उत्‍पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसके अतिरिक्‍त थीम आधारित 15 राज्‍य पवेलियन भी हैं, जिसमें राज्‍यों के पर्यटन उत्‍पादों और स्‍थलों को दिखाया जा रहा है। 
       विभिन्‍न राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों से आए सांस्‍कृतिक कलाकारों की प्रस्‍तुतियां 1:00 बजे दोपहर से 4:30 बजे शाम तक तीनों दिन आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, अन्‍य सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी तीनों दिन सायं 6:00 बजे आयोजित होंगे। 23 अक्‍टूबर, 2017 को बेगम जाकिया जहीद, सैयदा हमीद और रिनी सिंह ‘पुरानी दिल्‍ली की दास्‍तान’ की प्रस्‍तुति देंगी। 24 अक्‍टूबर, 2017 को प्रशांत और निशांत मल्‍लिक (मल्‍लिक बंधु) ध्रुपद गायन की प्रस्‍तुति देंगे।
      25 अक्‍टूबर, 2017 को श्रीमती सविता देवी ‘बनारस घराना की पूरब अंग गायकी’ की प्रस्‍तुति देंगी। नॉर्थ जोन कल्‍चर सेंटर के द्वारा तीनों दिन प्रस्‍तुतियां दी जाएंगी। 19वें दिन की विशेषता औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के तहत इंवेस्ट इंडिया द्वारा आयोजित पर्यटन क्षेत्र पर एक सीईओ गोलमेज सम्मेलन रही। 
     गोलमेज सम्मेलन बहुत सार्थक रहा और सार्वजनिक निजी साझेदारी के जरिए भारत के पर्यटन अवसंरचना के विकास, भारत को विश्व का पसंदीदा एमआईसीई गंतव्य बनाने में मदद करने, भारत की उत्कृष्ट पर्यटन क्षमता का दोहन से लेकर गेम चेंजर्स- स्टार्ट-अप्स एवं ऑनलाइन ट्रेवल एग्रेगेटर्स जैसे विभिन्न विषयों पर विस्तार में चर्चा की गयी।
      विभिन्न राज्य सरकारों, संगठनों, हितधारकों एवं निजी उद्यमियों की भागीदारी ने यह सुनिश्चित किया कि इस समारोह के वांछित परिणाम निकल सकें। दिल्ली में एनसीईआरटी द्वारा आयोजित टिकाऊ पर्यटन पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी जैसी विभिन्न गतिविधियाँ देखने में आई। आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार ने अमरावती में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया।
     डोनर मंत्रालय मणिपुर की राज्य सरकार के सहयोग से संस्कृति संध्या तथा मणिपुर में पर्यटन एवं इसकी चुनौतियां जैसे कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। तवांग में अरूणाचल प्रदेश की राज्य सरकार के सहयोग से एक सुग्राही कार्यक्रम तथा तवांग मठ के ईर्द-गिर्द गाइडेड वॉक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
    ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पर्यटन अवसंरचना तथा मनोरंजन की सुविधाओं के साथ मेसवो नदी तट के विकास के लिए शामलाजी क्लस्टर में पर्यटन परियोजनाएं आरंभ की हैं। चंडीगढ़ स्थित डॉ. अंबेडकर खान-पान प्रबंध संस्थान द्वारा पर्यटकों, सड़क खाद्य विक्रेताओं के लिए स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, रॉक गार्डन, कला संग्रहालय और हॉप ऑन, हॉप ऑफ बस यात्रा सहित प्रतिष्ठित स्थानों के लिए भ्रमण यात्राएं।
      उत्तराखंड सरकार द्वारा शिवपुरी में राफ्टिंग अभियान का प्रबंध किया गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने चित्रकूट में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। पर्यटन और पश्चिम एशिया एवं पर्यटन के कानूनी और नियामक पहलुओं पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। वहीं दूसरी ओर इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ‘भारतीय पर्यटन में बदलते प्रतिमानः विकास एवं स्थिरता के लिए चुनौतियां’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। 
   भारत पर्यटन के सहयोग से मध्य प्रदेश सरकार ने खजुराहो में गाइडों, पुलिस और टैक्सी चालकों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर में पर्यटन स्थलों, हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों पर प्रश्नोत्तरियों का आयोजन किया। 
     भारत पर्यटन कोलकता ने राज्य सरकार के सहयोग से सांस्कृतिक एवं खाद्य महोत्सव का आयोजन किया। वहीं दूसरी ओर सुंदरबन में नाविकों, ऑटो चालकों आदि के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। 
   भारत पर्यटन गुवाहाटी ने राज्य सरकार, एनईटीडीसी एवं एफआईएनईआर के साथ मिलकर गुवाहाटी के बृंदाबन में भारतीय भोजन, संस्कृति, हथकरघा आदि का प्रदर्शन करने के लिए एक मेले का आयोजन किया। केरल सरकार ने कोच्चि में कलरिपयट्टु और नृत्य सहित साइकल रैली, संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
   पुदुचेरी सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए पर्यटन एवं विरासत संरक्षण विषय पर शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।