Thursday, 30 March 2017

राष्ट्रपति नमामि ब्रह्मपुत्र महोत्सव का उद्घाटन करेंगे



राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 31 मार्च, 2017 असम गुवाहाटी के दौरे पर जायेंगे। जहां वे ‘नमामि ब्रह्मपुत्र’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। 5 दिनों तक चलने वाले इस ‘नमामि ब्रह्मपुत्र’ महोत्सव का आयोजन असम के विभिन्न समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से असम सरकार द्वारा किया जाता है। 

हाई-स्पीड निःशुल्क वाईफाई की सुविधा

           केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने “इंडियन रेलवे- द वैविंग ऑफ ए नेशनल टैपेस्ट्री” नाम पुस्तक का विमोचन किया।

          इस पुस्तक को संयुक्त रूप से बिबेक देबरॉय (सदस्य, नीति आयोग), संजय चड्ढा (संयुक्त सचिव, वाणिज्य मंत्रालय) और सुश्री विद्याकृष्णमूर्ति ने लिखा है। इसके अतिरिक्त, रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आने वाले आगंतुकों के लिए हाई-स्पीड निःशुल्क वाईफाई की सुविधा का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए.के. मित्तल, पुस्तक के तीनों लेखक, एयर इंडिया के मुख्य प्रबंध निदेशक अश्वनी लोहानी और रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्यों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर रेल मंत्री ने कहा कि बिबेक देबरॉय एवं उनके साथियों द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन करना मेरे लिए वास्तव में एक सम्मान है। बिबेक देबरॉय द्वारा लिखित यह पुस्तक भारतीय रेलवे के लिए बड़ा योगदान है। 

              रेल मंत्री ने कहा कि  हम इस पुस्तक के जरिए इतिहास को जोड़कर भारतीय रेलवे के बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। किसी भी संगठन की रुचि को अनदेखा नहीं किया जा सकता। हम संगठन को फिर से पुनर्जीवित करने और उसमें ऊर्जा का संचार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। हम रेलवे को एक दक्ष, अत्याधुनिक एवं तकनीक आधारित संगठन बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। ऐसे में हमें, एक ही समय पर कई कदम एकसाथ उठाने की ज़रूरत है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान, मानव संसाधन, पर्यावरण, वित्त, तकनीक उन्नयन आदि तमाम मुद्दों पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।

            रेल मंत्री ने कहा कि  इतिहास से सीखना और भविष्य का निर्माण करना ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह पुस्तक महत्वपूर्ण दिशा में भारतीय रेलवे की तमाम यादों को जोड़ने का काम करेगी। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में उपलब्ध कराई गई तीव्र गति आधारित निःशुल्क वाईफाई सुविधा की चर्चा करते हुए सुरेश प्रभु ने कहा कि यह सुविधा इस रेल संग्रहालय में आगंतुकों की संख्या को बढ़ाने में मदद करेगी। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय ने कहा कि इस पुस्तक में वर्ष 1830 से 1947 तक की तमाम बाते हैं। यह पुस्तक कहानी शैली में लिखी गई है। यह पुस्तक भारतीय रेलवे के इतिहास की छोटी-छोटी घटनाओं का विस्तार से वर्णन करती है। 

          रेल मंत्री ने कहा कि  इस पुस्तक के आवरण पृष्ठ पर भाप वाला लोको इंजन है, जिसे राजपुताना मालवा क्षेत्र में मीटर गेज के लिए इस्तेमाल किया गया था। पाठक इस पुस्तक को पढ़ने से खुशी की अनुभूति कर सकते हैं। इस पुस्तक में भारतीय रेलवे के कुछ छिपे हुए पहलुओं को भी क्रमानुसार बताया गया है। ये वे पहलु हैं जिनके बारे में अब तक आम जनता को जानकारी नहीं थी। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ए.के. मित्तल ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय रेलवे के इतिहास पर आधारित यह पुस्तक भारतीय रेलवे के बारे में अब तक अज्ञात रहे तथ्यों पर विस्तार से प्रकाश डालने में मदद करेगी। इस पुस्तक की मुख्य विषयवस्तु भारत में रेलवे का ऐतिहासिक विकास है।

            रेलवे के ऐतिहासिक विकास को विभिन्न अध्यायों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें विकास के विभिन्न कालों को क्रमानुसार बताया गया है। 1853 से पूर्व में शुरू हुई पहली वाणिज्यिक यात्री रेल का जिक्र भी इस पुस्तक में है और यही इस पुस्तक की नींव भी है। कहानी शैली में लिखी गई इस पुस्तक में सबसे पहले 1830 में भारतीय उप-महाद्वीप में रेलवे के निर्माण को लेकर बनाई गई शुरुआती योजना के बारे में बताया गया है। इसके बाद वर्ष 1940 एवं उसके आसपास इस विषय पर व्यापक स्तर पर हुई विभिन्न चर्चाओं के साथ-साथ 1850 एवं 1860 में भारत में रेलवे के आगमन तक की पूरी कहानी को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

             पुस्तक के अंतिम अध्याय में 20वीं सदी के शुभारंभ से लेकर स्वतंत्रता मिलने तक के कालक्रम को शामिल किया गया है। इस पुस्तक में भारतीय रेलवे इतिहास को बेहतर तरीके से चित्रित किया गया है। यह पुस्तक वास्तव में रेलवे के इतिहास पर लिखी गई अत्यंत प्रासंगिक पुस्तक है। राष्ट्रीय रेल संग्रहालय 30 मार्च 2017 को पूरी तरह से तीव्र गति आधारित निःशुल्क वाईफाई क्षेत्र में तब्दील हो गया। केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने निःशुल्क वाईफाई की सुविधा आज राष्ट्रीय रेल संग्रहालय मे आने वाले आगंतुकों को समर्पित की। 

             यह सुविधा रेल संग्रहालय में आने वाले हज़ारों आगंतुकों को तीव्र गति आधारित वाईफाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलटेल द्वारा गूगल के सहयोग से शुरू की गई है। रेलटेल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पांच अन्य पर्यटक स्थलों (लाल किला, हुमायुं का मकबरा, सफदरजंग मकबरा, कुतुब मीनार और राजपथ लॉन) पर निशुल्क वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। इन सभी पर्यटक स्थलों की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा की जाती है। रेलटेल निगम भारतीय रेलवे के अंतर्गत कार्यरत स्वायत्त संस्था है, जिसे मिनी रत्न संस्थान का दर्जा प्राप्त है।

अस्पतालों में आपदा निवारण

              राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएम) ने आपदा के दौरान एवं उसके बाद लोगों की जान के जोखिम को कम करने और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए अस्पतालों की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में आज एक बैठक का आयोजन किया।

        इस बैठक में विभिन्न हितधारक संगठनों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। एशियन डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस सेंटर (ओडीपीसी) के सहयोग से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) पहल की समग्र योजना में अस्पताल की सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता के तौर पर प्रासंगिक बनाने और हितधारकों को इस बारे में जागरूक करना है। अस्पतालों के संरचनात्मक और कार्यात्मक सुरक्षा के महत्व को बताने के लिए नेपाल में आए भूकंप के अनुभव को याद करते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य आर.के. जैन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे के जोखिम को कम करने के लिए सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। 

                 अस्पताल आपदा प्रबंधन योजना तैयार करने के लिए एनडीएमए के अस्पताल सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का उपयोग करने की बारीकियों पर विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्ष फरवरी माह में जारी किए गए दिशा-निर्देशों में देशभर के सभी अस्पतालों में आपदा निवारण, शमन, तैयारियां एवं प्रतिक्रिया गतिविधियों आदि के द्वारा संरचनात्मक एवं कार्यात्मक सुरक्षा की कल्पना की गई है।

‘क्यूब स्काउट्स’ पर डाक टिकट जारी

            केन्द्रीय संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने भारत एवं विदेश में क्यूब स्काउट्स के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘क्यूब स्काउट्स’ पर एक डाक टिकट जारी की। 

       इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि स्काउटिंग का उद्देश्य शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास में युवाओं की मदद करना है ताकि समाज के विकास में युवाओं द्वारा रचनात्मक भूमिका निभाई जा सके। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास में भारत स्काउट्स एवं गाइड ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। ये संगठन और इससे जुड़े लोग सड़क एवं रेल सुरक्षा, स्वच्छ भारत मिशन तथा प्राकृतिक आपदाओं सहित विकास की विभिन्न गतिविधियों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

             सिन्हा ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि स्काउट्स भविष्य में समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कार्य को जारी रखेगा। क्यूब स्काउटिंग 08 से 11 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए है। क्यूबिंग में खेल, गेम, कहानियां, नाटक, अभिनय, हस्तशिल्प और स्टार परीक्षण एवं बैज के माध्यम से कार्य करना शामिल है। वहीं दूसरी ओर, स्काउटिंग 11 से 17 आयु वर्ग के युवाओं को सार्वजनिक पार्कों, खुले मैदानों आदि कार्यों में उन्हें संलिप्त करने के लिए विकसित किया गया था। 

        मनोज सिन्हा ने कहा कि स्काउटिंग मिशन का उद्देश्य बेहतर समाज का निर्माण करने के लिए स्काउट वादे एवं कानूनों पर आधारित मूल्य प्रणाली के जरिए युवा लोगों की शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देना है। इस प्रक्रिया में एक ऐसे समाज के निर्माण की कल्पना है, जहां व्यक्तिगत रूप से लोग खुद को स्वयंसेवक समझें और समाज में एक रचनात्मक भूमिका अदा करें।

एनएसएस के पुनर्गठन पर सम्मेलन

              केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय 31 मार्च 2017 को नई दिल्ली में ‘एनएसएस का पुनर्गठन’ विषय पर एक सम्मेलन का आयोजन कर रहा है।

           केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल सम्मेलन में उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य वक्ता के तौर लोगों को सम्बोधित करेंगे। पिछले कई वर्षों के दौरान एनएसएस के ढांचे में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि इसी कालक्रम के दौरान समाज की ज़रूरतें और युवा छात्रों की अपेक्षाओं सहित विभिन्न परिस्थितियां काफी तेज़ी से बदल रही हैं। 

           इस एकदिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य एनएसएस को अधिक मज़बूत और प्रभावी बनाने के क्रम में एनएसएस के पुनर्गठन के लिए नवीन विचारों का सृजन करना है। इस योजना से जुड़े सभी हितधारकों को सम्मेलन में आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जा सके। कार्यशाला में भागीदारों की कुल संख्या करीब 100 होगी। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की शुरुआत वर्ष 1969 में हुई थी।

             इसका प्राथमिक उद्देश्य स्वैच्छिक रूप से समाज सेवा के जरिए युवा छात्रों के व्यक्तित्व एवं चरित्र का निर्माण विकास करना था। प्रारंभिक रूप से एनएसएस को 4000 स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं के साथ देशभर के 37 विश्वविद्यालयों में शुरू किया गया था। मार्च 2016 तक देशभर के 391 विश्वविद्यालयों एवं 2 परिषदों, 16,278 महाविद्यालयों/तकनीकी संस्थानों और 12,483 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में स्थापित 39,695 एनएसएस इकाइयों में करीब 36.58 लाख स्वैच्छिक कार्यकर्ता थे।

स्मार्ट इंडिया हैकथॉन का ग्रैंड फिनाले गुवाहाटी में

            पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के साथ मिलकर स्मार्ट इंडिया हैकथॉन -2017 के ग्रैंड फिनाले की 1 से 2 अप्रैल, 2017 को गुवाहाटी के गिरिजानंद चौधरी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (जीआईएमटी) में मेजबानी करेगा।

            पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 के बारे में अपने संदेश में कहा कि उपयुक्‍त प्रौद्योगिकियों के साथ डिजिटल समाधान में पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में विकास समाधानों को उत्प्रेरित करने की क्षमता है। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस पहल में एक भागीदार है। इसने 11 समस्याओं की पहचान की है। जिन पर मंत्रालय द्वारा 31 टीमों का (प्रति टीम 6 छात्र और 2 सलाहकार) चयन किया है, जो जीआईएमटी गुवाहाटी में नवाचारी डिजिटल समाधान तैयार करेंगी। 

              जीआईएमटी गुवाहाटी को देश के 26 अन्य नोडल केंद्रों में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का एक मात्र नोडल केंद्र बनाया गया है। दो दिवसीय आयोजन में 10,000 से अधिक प्रतिभागी पूरे देश में स्‍थित 26 स्‍थानों पर विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों द्वारा पहचान की गई समस्‍याओं के बारे में उत्‍पाद/समाधान के निर्माण के लिए 36 घंटे तक लागातर काम करेंगे। विभिन्‍न श्रेणियों में विजेता को 1,00,000 रुपये, प्रथम रनर-अप को  75,000 रुपये और दूसरे रनर-अप को 50,000 रुपये के पुरस्‍कार दिए जाएंगे।

                  दूसरे रनर-अप को नैस्‍कॉम के 10,000 स्टार्टअप्स कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका भी मिलेगा। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन -2017 का 9 नवंबर, 2016 को नई दिल्ली में शुभारंभ किया जाएगा। जिसका उद्देश्‍य छात्रों की रचनात्‍मकता और विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के साथ-साथ 'स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया' अभियान के लिए तैयार करना, सुशासन में सुधार लाना और जीवन की गुणवत्‍ता के लिए भीड़ स्रोतों के समाधान जुटाना है। 

             यह भारत की चुनौतीपूर्ण समस्‍याओं के नवाचारी समाधानों को भी उपलब्‍ध कराता है। 29 मंत्रालय / विभागों द्वारा पहचान की गई 598 समस्‍याओं के लिए प्राप्‍त 7531 विचारों में से 1266 विचारों का ग्रांड फिनाले के लिए चयन किया गया है। इस प्रकार स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 भारत में पहली व्‍यापक स्‍तर की हैकथॉन पहल होगी।  

गरीबों के लिए मकानों के निर्माण में गुजरात आगे

          प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी गरीबों के लिए किफायती मकानों के निर्माण के मामले में गुजरात अन्‍य राज्‍यों से काफी आगे है। 

           गुजरात में शहरी गरीबों के हित में अब तक 25873 मकानों का निर्माण किया गया है, जो पीएमएवाई (शहरी) के तहत 30 राज्‍यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में अब तक निर्मित किए गए इस तरह के कुल 82048 मकानों का 32 फीसदी है। आवास एवं शहरी गरीबी उन्‍मूलन मंत्री वेंकैया नायडू द्वारा सदन में दी गई जानकारी के मुताबिक पीएमएवाई (शहरी) के तहत शहरी गरीबों के लिए निर्मित मकानों के मामले में गुजरात के बाद राजस्‍थान का नंबर आता है। 

           राजस्‍थान में अब तक इस तरह के 10805 मकान निर्मित किये गये हैं, जो कुल मकानों का 13.17 फीसदी है। इसी तरह कर्नाटक में 10447, तमिलनाडु में 6940, महाराष्‍ट्र में 5506, उत्‍तर प्रदेश में 3822, मध्‍य प्रदेश में 2666, बिहार में 2409, जम्‍मू-कश्‍मीर में 1986 और आंध्र प्रदेश में 1650 मकानों का निर्माण किया गया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान शहरी गरीबों के लिए 3.55 लाख किफायती मकानों का निर्माण किया गया है, जिनमें मार्च 2014 से पहले जेएनएनयूआरएम के तहत मंजूर किये गये मकान भी शामिल हैं।