Friday, 1 September 2017

लेह के छात्रों के लिए राष्ट्रीय एकता यात्रा

      संपूर्ण देश को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में बांधने की भावना को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना के चल रहे आउटरीच कार्यक्रम के तहत 25 अगस्त से 05 सितंबर 2017 तक जम्मू-कश्मीर के लेह जिले में बियामा के 20 स्कूल के छात्रों की यात्रा आयोजित की जा रही है।

    प्रतिभागियों ने सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सरत चंद से बातचीत की। उन्होंने इन क्षेत्रों के अपने अनुभव छात्रों से साझा किये और उन्हें कड़ी मेहनत करने तथा राष्ट्र निर्माण की प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रेरित किया। 
     सरत चन्द ने उन्हें भारतीय सैन्य बलों में शामिल हो कर राष्ट्र की सेवा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। 25 अगस्त को लेह से यात्रा शुरू की गई थी और अपनी यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने चंडीगढ़ तथा दिल्ली के विभिन्न सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा कर लिया है।
      ये राष्ट्रीय एकता यात्राएं जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के युवाओं के लिए शैक्षिक और प्रेरक हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को देश की समृद्ध विरासत दिखाने के साथ ही चल रहे विभिन्न विकास और औद्योगिक पहलों के बारे में जानकारी देना है। इस पहल से उन्हें विभिन्न कैरियर विकल्प के बारे में जानकारी मिलेगी और वे प्रसिद्ध व्यक्तित्व से बातचीत कर सकेंगे।

नये भारत के निर्माण का संकल्प

        लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने यहां नये भारत के निर्माण का संकल्प नाम की प्रदर्शनी-सह-संगोष्ठी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी उपस्थित थे। इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्रालय में सचिव राजीव यादव भी मौजूद थे।

      इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह एक संकल्प की तरह है। अपने संकल्प की वजह से ही भारत छोड़ो आंदोलन के शुरू होने के बाद मात्र 5 वर्ष में ही देश ने स्वतंत्रता हासिल कर ली थी। प्रत्येक स्वतंत्रता सेनानी ने स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई अलग-अलग तरीके से लड़ी थी। 
      लोकसभा में सभी दलों ने अगले 5 वर्ष में नये भारत का निर्माण करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी बच्चों के लिए है, जो देश का भविष्य हैं। इसका उदे्श्‍य है कि बच्‍चे हमारे देश की समृद्ध परंपराओं के बारे में जाने और नये भारत को बेहतर तरीके निर्माण कर सकें।
       संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अगस्त क्रांति आंदोलन में शामिल बहुत कम लोग आज जीवित हैं। इस संदर्भ में, हमारे बच्चों के लिये यह जानना बेहद जरूरी है कि हमें किस तरह स्वतंत्रता मिली है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्‍चों को स्वतंत्रता संग्राम के बारे में जानकारी मिलेगी। सरकार देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, गंदगी, सांप्रदायिकता आतंकवाद और जातिवाद से मुक्त करने के लिए हर किसी को संकल्प से सिद्धि से जोड़ने का प्रयास कर रही है। हमने 2022 तक नया भारत बनाने का संकल्‍प लिया है।
      भारत छोड़ो आंदोलन के 75 वर्ष और 2022 में स्‍वतंत्रता के 75 वर्ष का स्‍मरणोत्‍सव मनाने के लिये संसदीय कार्य मंत्रालय केंद्रीय सार्वजिनक क्षेत्र की इकाईयों (सीपीएसयू) के साथ सहयोग कर देश भर में 39 स्थानों पर 'नया भारत- करके रहेंगे' या 'नये भारत के निर्माण का संकल्‍प' विषय पर प्रदर्शनी-सह-संगोष्ठी के आयोजन कर रहा है। 
      ये प्रदर्शनियां 1857 से 1947 तक के देश के स्वतंत्रता आंदोलनों पर केंद्रित होंगी, जिनमें ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल करने के लिए किए गए विभिन्न आंदोलन "1857 का पहला स्वतंत्रता संग्राम", "चंपारण सत्याग्रह", "असहयोग आंदोलन", "दांडी यात्रा" और "भारत छोड़ो आंदोलन" दर्शाए जायेंगे। इसके अलावा प्रदर्शनी में 1942 से 1947 तक की पांच वर्ष की अवधि के बारे में बताया जाएगा कि कैसे अंग्रेजी शासन से स्वतंत्रता हासिल करने की लड़ाई में पूरे देश में परिवर्तन आ गया था। 
      अंत में 2017 से 2022 तक के नये भारत के विचार को प्रदर्शित किया जायेगा, जब देश की स्‍वतंत्रता के 75 वर्ष की वर्षगांठ मनाई जाएगी। 2017 से 2022 तक की पांच वर्ष की अवधि में संकल्प से सिद्धि नए भारत के निर्माण के लिए असाधारण अवसर उपलब्ध कराएगा। 
     यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए देश को भ्रष्टाचार, गरीबी, गंदगी, साम्प्रदायिकता, आतंकवाद और जातिवाद से मुक्त कराने का संकल्प लेने के जन आंदोलन के अनुरूप है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के नए भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए हैं।

20 करोड़ से दिल्ली के अलीपुर में यूथ स्पोर्ट्स क्लब

       युवा एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विजय गोयल ने दिल्ली के अलीपुर में एक नये यूथ स्पोर्ट्स क्लब बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि ग्रामीण दिल्ली के युवाओं की इच्छा थी कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक यूथ स्पोर्ट्स सेन्टर का निर्माण इस क्षेत्र में किया जाए।

      अधिक से अधिक युवाओं द्वारा इस सुविधा का लाभ उठाना और राजधानी के ग्रामीण इलाकों में खेलों को प्रोत्साहन देना इस परियोजना के उद्देश्य हैं। गोयल ने कहा कि प्रस्तावित यूथ स्पोर्ट्स क्लब स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के पास एनवाईकेएस की जमीन पर निर्मित किया जाएगा। 
    एनवाईकेएस की भूमि का क्षेत्रफल 11 एकड़ है जिसमे से 8 एकड़ में यूथ स्पोर्ट्स क्लब बनाया जाएगा। परिसर में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक ट्रैक, बॉलीवाल, कब्ड्डी, खो-खो सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा मुक्केबाजी और कुश्ती के लिए एक इंडोर स्टेडियम भी होगा। एक आधुनिक जिम भी विकसित किया जाएगा। 
     अगले 3 वर्षों में एसएआई एक एसएआई प्रशिक्षण केन्द्र भी स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि इस कॉम्पलेक्स में 200 बिस्तरों वाला एक यूथ हॉस्टल भी होगा। इसके अलावे यहां युवा नेतृत्व, कौशल विकास, जीवन कौशल, राष्ट्रीय अखण्डता तथा संस्कृति व लोक कला गतिविधियों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। 
     एक सूचना केन्द्र भी स्थापित किया जाएगा जो युवाओं को भारत सरकार के महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देगा। एक नई व्यवस्था के तहत नेहरू युवा केन्द्र संगठन (एनवाईकेएस) और भारतीय खेल प्राधिकरण संयुक्त रूप से इस स्पोर्ट्स क्लब का परिचालन करेंगे। 
       यह केन्द्र युवाओं को स्वस्थ रहने और व्यक्तिव विकास के लिए सुविधाएं प्रदान करेगा। युवाओं को उनके भविष्य के लिए सलाह दी जाएगी और खेल प्रतिभाओं की पहचान भी की जाएगी। एनवाईकेएस और एसएआई विभिन्न उद्देश्यों के लिए इस सुविधा केन्द्र का उपयोग करेंगे। स्थानीय सामुदायिक विकास के लिए भी इस केन्द्र का इस्तेमाल किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

बच्‍चों के विकास में आंगनवाड़ी सहायक की भूमिका महत्‍वपूर्ण

       महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने बच्‍चों के विकास और आईसीडीएस योजना के अंतर्गत संबद्ध क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की उल्‍लेखनीय सेवाओं के लिए उन्‍हें नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान किए। वर्ष 2016-17 के लिए कुल 51 कार्यकर्ताओं को पुरस्‍कृत किया गया।

    यह पुरस्‍कार हर वर्ष प्रदान किए जाते हैं। इस अवसर पर श्रीमती मेनका गांधी ने पुरस्‍कार विजेताओं को बधाई दी और उनसे आग्रह किया कि वे बच्‍चों के विकास, समुदाय को एकजुट करने और जागरूकता पैदा करने के लिए समर्पण की भावना से कार्य करते रहें। 
    उन्‍होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायक बच्‍चों के विकास में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्‍योंकि आईसीडीएस के अंतर्गत देश भर में इन अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को छोटे बच्‍चों की देखभाल की जिम्‍मेदारी दी गई है।
    श्रीमती मेनका गांधी ने कहा कि अब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बच्‍चों और स्‍तनपान कराने वाली माताओं को भोजन के वितरण के आसपास घूमती थी। लेकिन सरकार अब आंगनवाडि़यों के प्री-स्‍कूल शिक्षा केन्‍द्रों में रूप में कार्य करने पर जोर दे रही है। इसके परिणामस्‍वरूप आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री-स्‍कूल अध्‍यापक बनाने का प्रशिक्षण देने के लिए बड़े पैमाने पर कवायद शुरू की गई है। 
        इस समय देश भर के 14 लाख आंगनवाड़ी केन्‍द्रों में करीब 27 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायक हैं। इससे पूर्व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महिला और बाल विकास राज्‍य मंत्री श्रीमती कृष्‍णा राज ने कहा कि आंगनवाडि़यां स्‍वच्‍छ भारत मिशन में बड़े पैमाने पर योगदान दे सकती हैं। ऐसा पोषण को स्‍वच्‍छता से जोड़कर यानी बच्‍चों और स्‍तनपान कराने वाली माताओं को स्‍वच्‍छ वातावरण में पोषण प्रदान करके किया जा सकता है।
      उन्‍होंने पुरस्‍कार विजेताओं से आग्रह किया कि वे अन्‍य कार्यकर्ताओं के लिए उदाहरण बनें और उन्‍हें बेहतर गुणवत्‍ता की आईसीडीएस सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित करें। महिला और बाल विकास सचिव राकेश श्रीवास्‍तव ने अपने स्‍वागत भाषण में कहा कि मंत्रालय आंगनवाड़ी सेवाओं में सुधार लाने के लिए चौतरफा प्रयास कर रहा है। 
        इस सम्‍बन्‍ध में हाल में की गई पहलों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का पैन इंडिया विस्‍तार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का इलेक्‍ट्रॉनिक हस्‍तांतरण, ईसीसीई के लिए दिशा-निर्देश, खाद्यान्‍न सुदृ‍ढ़ीकरण, महिला और बाल विकास मंत्रालय का ई लर्निंग पोर्टल शामिल हैं। राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कार के रूप में 25,000 रूपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है, जबकि राज्‍य स्‍तर के पुरस्‍कार के रूप में 5,000 रूपये नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। 
        दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कार के लिए उन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्‍य/संघ शासित प्रदेश स्‍तर के विजेताओं में से मनोनीत किया जाता है। राष्‍ट्रीय स्‍तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मनोनयन की संख्‍या राज्‍य/संघ शासित प्रदेशों के आकार और चल रही आईसीडीएस परियोजनाओं पर निर्भर करती है। राष्‍ट्रीय और राज्‍य स्‍तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्‍कृत करने की योजना वर्ष 2000-01 में शुरू की गई थी।

अपराध व अपराधी निगरानी प्रणाली की शुरूआत

       गृह राज्य मंत्री किरिन रिजिजू ने कहा कि मंत्रालय ने अपराध व अपराधी निगरानी प्रणाली (सीसीटीएनएस) की शुरूआत की है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगा। रिजिजू यहां साइबर और नेटवर्क सुरक्षा की दसवीं वार्षिक बैठक के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित कर रहे थे। 

      उन्होंने कहा कि हमारे देश में कानून का शासन है न कि कानून के द्वारा शासन है। अन्य अधिनायकवादी देशों में कोई भी क्रियान्वयन सरल है परन्तु यहां नागरिकों की जागरूकता बहुत महत्तवपूर्ण है। रिजिजू ने कहा कि डिजिटल युग की शरूआत हो चुकी है। साइबर सुरक्षा के लिए उन्होने निजी क्षेत्र को सरकार के साथ साझीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया। 
     उन्होने आगे कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था से हम अलग नहीं रह सकते। चाहे स्वास्थ्य हो, बैंकिंग हो, कराधान हो- आधुनिक जीवन का प्रत्येक पक्ष साइबर दुनिया पर आधारित है। नकद विहीन अर्थव्यवस्था एक वास्तविकता है। जैसे-जैसे हमारी निर्भरता साइबर दुनिया पर बढ़ती जाएगी साइबर खतरे और कम्प्यूटर वायरस का जोखिम बढ़ता जाएगा।
      साइबर आक्रमण की स्थिति में पूरी अर्थव्यवस्था को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रिजिजू ने कहा कि हमे इस साइबर दुनिया में ही रहना है। साथ ही हमें अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान को भी संरक्षित रखना है। रिजिजू ने उद्योग जगत से भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने की बात कही। 
     अध्ययन बताते है कि अंग्रेजी भाषा पर साइबर हमले का खतरा सबसे अधिक है। अंग्रेजी के मुकाबले अन्य विदेशी भाषाओं जैसे- चीनी भाषा ने साइबर खतरों का बेहतर ढंग से सामना किया है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संयोजक गुलशन राय ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर सुरक्षा अति महत्तवपूर्ण हो गई है क्योंकि मानवता साइबर युद्ध की चुनौती का सामना कर रही है। 
       भौगोलिक स्तर पर पारम्परिक या न्यूक्लियर युद्ध का प्रभाव क्षेत्र स्थानीय होता है परन्तु साइबर युद्ध कई राष्ट्रों को एक साथ अपनी चपेट में ले लेता है। साइबर हमारे जीवन के प्रत्येक आयाम से जुड़ गया है जैसे वाहन चालन की कार्य-कुशलता से लेकर विभिन्न प्रणालियों के उत्पादकता में वृद्धि करने तक। इस अवसर पर रिजिजू ने एसोचेम की नोलेज रिपोर्ट सिक्योरिंग द नेशन्स साइबर स्पेस को भी जारी किया।

पूर्वोत्‍तर उद्यम कोष युवा स्‍टार्ट अप के लिए आकर्षण

      पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा पेश किया गया पूर्वोत्‍तर उद्यम कोष अधिक से अधिक संख्‍या में युवा स्‍टार्ट-अप को आकर्षित कर रहा है। इसने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में अवसर देख रहे उद्यमियों के बीच भारी उत्‍साह पैदा किया है।

    पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह जानकारी देते हुए पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्रालय के पास रोजाना सैकड़ों लोग पूछताछ कर रहे हैं और 60 से अधिक प्रस्‍ताव विचार के लिए पाइप लाइन में है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर उद्यम कोष पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए पहली समर्पित उद्यम पूंजी और पहल है, जिसे अप्रैल में शुरू किया गया। 
      उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री का स्‍टार्ट-अप इंडिया, स्‍टैंड-अप इंडिया एक अतुल्‍य कार्यक्रम है, जिसमें अभूतपूर्व प्रावधान और प्रोत्‍साहन जैसे शुरूआती चरण में टैक्‍स हॉलीडे और तीन महीने की निकासी अवधि शामिल है। इसके अलावा मंत्रालय किसी भी ऐसे युवा को आरंभिक उद्यम पूंजी प्रदान करने का अतिरिक्‍त लाभ देने की पेशकश कर रहा है, जो पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उद्यम स्‍थापित करना चाहते हैं।
     डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर उद्यम कोष की स्‍थापना पूर्वोत्‍तर विकास वित्‍त निगम लिमिटेड द्वारा की गई है, जिसे क्षेत्र में प्रमुख रूप से उद्यम को प्रोत्‍साहित करने का अधिकार है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की पिछले वर्ष की शिलांग यात्रा की चर्चा करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि युवा स्‍टार्ट अप के लिए भारी संभावना है।
      उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि यदि स्‍टार्ट अप उद्यम समर्थित उद्यम कोष का विचार तेजी पकड़ता है जब पूर्वोत्‍तर युवा उद्यमियों और स्‍टार्ट अप के लिए न केवल पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का बल्‍कि पूरे भारत का लोकप्रिय स्‍थल बन जाएगा। बैठक के दौरान मंत्रालय में सचिव नवीन वर्मा और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे।

सौर ऊर्जा का उपयोग करेंगे नवोदय विद्यालय

        मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) को सभी नवोदय विद्यालयों में सौर ऊर्जा अपनाने के उपाय करने का निर्देश दिया।

    नवोदय विद्यालय समिति की कार्यकारी समिति की 35वीं बैठक की नई दिल्ली में अध्यक्षता करते हुए उन्होंने इस बारे में विद्युत मंत्रालय से मार्गदर्शन लेने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में नवोदय विद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन की सराहना की और विशेष रूप से आईआईटी-जेईई एडवांस और एनईईटी में नवोदय विद्यालय के छात्रों के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की। 
       उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि एनईईटी में भाग लेने वाले नवोदय विद्यालय के 14183 विद्यार्थियों में से 11875 इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए और 7000 से अधिक छात्र पहले ही विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा चुके हैं। नवोदय विद्यालय पहले ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के ब्रांड बन गए हैं। हाल की सफलताओं ने इसके ब्रांड में और बढ़ोतरी की है। 
       प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्वेच्छा से छात्रों का मार्गदर्शन करने में एनवीएस के कुछ छात्रों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए, जावड़ेकर ने एनवीएस के पूर्व छात्रों को इस कार्य में जोड़ने के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व-छात्रों की स्वैच्छिक भागीदारी का आधार व्‍यापक होगा। विद्यालयों की प्रगति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
      उन्होंने नवोदय विद्यालयों के पूर्व छात्रों से अपील की कि वे स्‍वेच्‍छा से बड़े पैमाने पर आगे आएं। जावड़ेकर ने यह इच्‍छा जाहिर की कि जिन शिक्षकों को छात्रवृति के माध्‍यम से विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है उनके प्रशिक्षण और उसका प्रणाली में उपयोग करने के बारे में अपनी रिपोर्ट साझा करने के लिए कहा जाए। 
     उन्‍होंने यह भी निर्देश दिया कि जल और सौर ऊर्जा संचयन को नए भवनों की योजनाओं के प्रस्‍ताव का एक हिस्‍सा होना चाहिए। उन्‍होंने मौजदा परिसरों में बायो गैस संयंत्रों और जल संचयन की संभावनाओं का पता लगाने के लिए भी कहा।
      नवोदय विद्यालय समिति के कामकाज की समीक्षा करते हुए उन्‍होंने समिति को छात्र-शिक्षक साथ रहने, स्‍कूल परिसर में साथ रहने वाले शिक्षकों और छात्रों के स्‍वास्‍थ्‍य सुधारक सकारात्‍मक प्रभाव का अध्‍ययन करने के लिए भी कहा। जावड़ेकर ने पूर्वात्‍तर क्षेत्र में शिक्षकों के सभी पद भरने में समिति के प्रयासों की भी सराहना की।
     मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, स्‍कूल शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार, नवोदय विद्यालय समिति आयुक्‍त, अन्य सदस्यों और समिति के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।