Wednesday, 7 February 2018

सर्कस, नृत्‍य और नाट्य मंचन पर जीएसटी में राहत

    नई दिल्ली। देश में इस तरह के सांस्‍कृतिक एवं खेल आयोजनों में प्रवेश के लिए जीएसटी के तहत छूट सीमा प्रति व्‍यक्ति 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये की गई।

     जीएसटी परिषद ने 18 जनवरी, 2018 को आयोजित अपनी बैठक में जीएसटी छूट के उद्देश्‍य से यह सिफारिश की है कि नाटक अथवा नृत्‍य, पुरस्‍कार समारोहों, पेजेंट, संगीत कार्यक्रमों, संगीत समारोह और मान्यता प्राप्त खेल आयोजनों के लिए प्रवेश टिकट पर छूट मूल्‍य सीमा प्रति व्‍यक्ति 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये की जा सकती है।
    परिषद ने यह भी सिफारिश की है कि तारामंडल में प्रवेश को भी प्रति व्‍यक्ति 500 रुपये तक की इस छूट सीमा का लाभ दिया जा सकता है। 
     परिषद की इन सिफारिशों को प्रभावी बनाने वाली अधिसूचनाएं 25 जनवरी, 2018 को जारी की गई हैं। तदनुसार, 25 जनवरी, 2018 से नाटक अथवा नृत्‍य, पुरस्‍कार समारोहों, पेजेंट, संगीत कार्यक्रमों, संगीत समारोह, मान्यता प्राप्त खेल आयोजनों और तारामंडल में प्रवेश के लिए प्रति व्‍यक्ति 500 रुपये तक के प्रवेश टिकट को जीएसटी से छूट दे दी गई है।
   इस कदम से देश में इस तरह के सांस्‍कृतिक एवं खेल आयोजनों को काफी बढ़ावा मिलने की आशा है।

स्टॉर्ट-अप इंडिया रैंकिंग के लिये फ्रेमवर्क जारी

     नई दिल्ली। स्टॉर्ट-अप की रैंकिंग करने लिये केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नयी दिल्ली में राज्यों एवं संघीय क्षेत्रों के लिये तीन मानक जारी किये। ये मानक हैं - राज्य एवं संघीय क्षेत्र के लिये स्टॉर्ट अप रैंकिंग फ्रेमवर्क, भारत में स्टॉर्ट अप को प्रोत्साहित करने के लिये श्रेष्ठ तरीकों का संग्रह एवं स्टॉर्ट अप इंडिया किट।

   भारत में करीब 20,000 स्टार्ट अप हैं और करीब 1,400 नये स्टॉर्ट अप हर साल शुरू होते हैं। ये न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं बल्कि प्रत्येक राज्य में तकनीक नवोन्मेष एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देते हैं।
     उद्यमी प्रतिदिन नये समाधान मुहैया करा रहे हैं या मौजूदा समाधानों में सुधार कर रहे हैं। स्टॉर्ट अप की मदद करने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिये भारत सरकार ने नीतियां बनाने एवं ढांचा तैयार करने में बढ़त ली है। 8 राज्यों एवं संघीय क्षेत्रों ने स्टॉर्ट अप और उनके व्यापार करने को अनुकूल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
   राज्यों एवं संघ क्षेत्रों के लिये स्टॉर्ट अप रैंकिंग फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिये राज्यों एवं संघ क्षेत्रों को प्रोत्साहित करना है। ये फ्रेमवर्क स्थानीय स्तर पर स्टॉर्ट अप के लिये एक प्रभावी वातावरण बनाने के लिये उठाये प्रत्येक कदम के असर को मापेगा। रैंकिंग फ्रेमवर्क श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के सतत प्रसार के जरिये लगातार सीखने को संभव बनायेगा।
     मंत्री ने कहा कि युवा उद्यमी मस्तिष्कों की अनंत संभावनाओं का प्रयोग करने के लिये सरकार लगातार अपनी नीतियो में परिवर्तन कर रही है। विचार से व्यापार, एवं व्यापार से सफलता की यात्रा में सरकार उनकी मदद करना चाहती है। ये नीतियां राज्यों को स्थानीय स्तर पर स्टॉर्ट अप्स के लिये अनुकूल वातावरण तैयार करने में मदद करेंगी।
    इस रैंकिंग फ्रेमवर्क को स्टॉर्ट अप तंत्र के हितधारकों से मिली जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है जिसमें स्टॉर्ट अप्स, मार्गदर्शक, निवेशक, मदद करने वाले, शुरुआती मदद करने वाले एवं सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। जिन क्षेत्रों को ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिये जैसे सीड फंडिंग सपोर्ट, महिला उद्यमी ऐसे क्षेत्रों को इसमें ज्यादा अंक दिये गये हैं। ये मानक मार्च 2018 से पहले राज्यों द्वारा उठाये गये सभी कदमों और उनके द्वारा की गयी सभी पहलो से मिली जानकारी पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
     इसमें एक स्टॉर्ट अप इकाई या हेल्पलाइन और सवालों का उत्तर देने के लिये मोबाइल या वेब पोर्टल और राज्यों द्वारा तैयार स्टॉर्ट अप मेंटर नेटवर्क और स्टॉर्ट अप्स के लिये इन्क्यूबेशन केंद्रों की संख्या शामिल है। स्टॉर्ट अप इंडिया हब पोर्टल इस रैंकिंग फ्रेमवर्क को जारी करने के लिये मंच मुहैया करायेगी। स्टॉर्ट अप इंडिया की आदर्श कार्यप्रणाली के संग्रह को आधिकारिक तौर पर जारी करने का ध्येय स्टॉर्ट अप को नैतिक आचरण के लिये प्रोत्साहित करना है और अभी 18 राज्य और संघ क्षेत्र इसका पालन कर रहे हैं।
      इसमें 7 हस्तक्षेप करने लायक क्षेत्रों की 95 आदर्श प्रणालियां शामिल हैं। इन्हें 38 पालन किये जाने वाले बिंदुओं में संग्रहीत किया गया है जिसमें इन्क्यूबेशन सपोर्ट, सीड फंडिंग, एंजेल एवं वेंचर फंडिंग, स्टॉर्ट अप नीति, सरल नियम, सरकार में सरल खरीद, जागरूकता एवं संबंधित पक्षों तक पहुंच बनाना शामिल हैं।
    मुख्य रूप से स्टॉर्ट अप इंडिया किट स्टॉर्ट अप के बारे में सारी जानकारी एक ही जगह मुहैया कराती है। इसमें महत्वपूर्ण सूचनायें, वेबसाइट लिंक के जरिये सलाह एवं सहायता, आंकड़े, सहायता, टेम्पलेट, आयोजन, प्रतियोगिता और स्टॉर्ट अप्स की शब्दावली शामिल हैं। स्टॉर्ट अप को मिलने वाले सभी लाभों की जानकारी इस स्टॉर्ट अप इंडिया किट में मौजूद है।

रेलवे अस्पतालों में आयुष सेवाओं को बढ़ावा

   नई दिल्ली। रेल मंत्रालय और आयुष मंत्रालय ने बी.आर. सिंह अस्पताल, पूर्वी रेलवे, पेरंबूर रेलवे अस्पताल, दक्षिण रेलवे, उत्तर रेलवे के केंद्रीय अस्पताल, पश्चिम रेलवे के जे. आर. अस्पताल एवं उत्तर-पूर्वी सीमांत रेलवे के केंद्रीय अस्पताल में आयुष सुविधाओं को बढ़ावा देने का निर्णय किया है।

   इसके लिए नई दिल्ली में रेल मंत्रालय एवं आयुष मंत्रालय के बीच एक सहमति पत्र पर दस्तखत किये गये जिसके तहत रेलवे के नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नै एवं गुवाहाटी क्षेत्रीय अस्पतालों में आयुष सेवाओं को बढ़ावा दिया जायेगा।
     रेल मंत्रालय की ओर से प्रमुख कार्यकारी निदेशक, स्वास्थ्य - डॉ. गजेंद्र कुमार और आयुष मंत्रालय की तरफ से सलाहकार डॉ. मनोज नेसारी ने हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री एवं संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) यशोपद नाइक, रेल राज्य मंत्री राजन गोहेन, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी, रेलवे बोर्ड के अन्य सदस्य एवं दोनों मंत्रालयों के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 
    इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि रेलवे कर्मियों का स्वास्थ्य सुनिश्चित करना सबसे मुख्य चिंता है। आयुष प्रणाली का परंपरागत ज्ञान उन रेल कर्मियों के लिये मददगार साबित हो सकता है जो बड़ी संख्या में कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण ड्यूटी करते हैं। रेल राज्यमंत्री राजन गोहेन ने कहा कि रेल मंत्रालय एवं आयुष मंत्रालय के बीच सहयोग औषधि विज्ञान की प्राचीन परंपरा के लाभ फैलाने में काम आयेगा। श्री गोहेन ने कहा कि उन्हें गुवाहाटी स्थित रेल अस्पताल में आयुष प्रणाली से हुये फायदों की विशेष जानकारी है।
     आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) यशोपद नाइक ने कहा कि आयुष प्रणाली से तैयार औषधियां कई रोगों के लिये एक सुरक्षित, प्रभावी एवं समग्र उपचार उपलब्ध करवाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सहयोग रेलवे क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में केंद्रीय भूमिका निभायेगा। सहमति पत्र की शर्तों के अनुसार रेल मंत्रालय सहमति पत्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार बुनियादी ढांचे एवं परिवहन की सुविधायें उपलब्ध करवायेगा जिसमें भूमि एवं भवन, उपकरण, फर्नीचर, आयुष प्रणाली की दवाइयां और कर्मी उपलब्ध करवाना शामिल है। 
    साथ ही मंत्रालय नये भर्ती होने वाले आयुष प्रणाली के चिकित्सकों एवं सह-कर्मियों को प्रशिक्षण उपलब्ध करायेगा। आयुष मंत्रालय अपनी ओर से पांच चिन्हित रेलवे अस्पतालों में आयुष प्रणाली के प्रयोग के लिये आवश्यक तकनीकी जानकारी मुहैया करायेगा।
     आयुष मंत्रालय औषधि विज्ञान, दवाइयों के भण्डारण, अस्पतालों के लिये योजना बनाने से संबंधित तकनीकी जानकारी उपलब्ध करायेगा। कर्मियों की नियुक्ति से संबंधित दिशा-निर्देश और भर्ती से संबंधित नियम, पांच रेलवे अस्पतालों में आयुष प्रणाली को लागू करने के लिये आयुष चिकित्सकों एवं सह-कर्मियों को प्रक्रिया संबंधी जानकारी मुहैया कराना साथ ही अनुबंध के आधार पर आयुष चिकित्सकों एवं सहकर्मियों की नियुक्ति के लिये दिशा-निर्देश आयुष मंत्रालय उपलब्ध करायेगा।
    वर्तमान में भारतीय रेलवे स्थापना निदेशालय के कर्मी कल्याण कोष के जरिये 126 होम्योपैथिक और 40 आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्रों का संचालन कर रही है।

प्‍लास्टिक या पीवीसी आधार स्‍मार्ट कार्ड उपयोग के लायक नहीं

    नई दिल्ली। भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक वक्‍तव्‍य में कहा है कि प्‍लास्टिक या पीवीसी स्‍मार्ट कार्ड लगातार उपयोग करने लायक नहीं है, क्‍योंकि दुकानों और विक्रय केन्‍द्रों पर क्‍यूआर कोड की अनाधिकृत छपाई से यह बेकार हो जाता है। 

  इसके अतिरिक्‍त आधार कार्ड में दिए गए ब्‍यौरे (व्‍यक्तिगत संवेदनशील जन सांख्यिकीय सूचनाएं) के दुरुपयोग की संभावना रहती है।
   यूआईडीएआई ने कहा है कि आधार पत्र या आधार पत्र का कटा हिस्‍सा या आधार की डाउनलोड की गई प्रतिलिपि या एम-आधार पूरी तरह से वैध है। लोगों को आधार स्‍मार्ट कार्ड प्राप्‍त करने का इच्‍छुक नहीं होना चाहिए, क्‍योंकि कुछ अवांछित तत्‍व प्‍लास्टिक/पीवीसी आधार कार्ड दे रहे हैं और इसके बदले 50 से 300 रुपये तक वसूल रहे हैं।
    यूआईडीएआई ने लोगों को इन अवांछित तत्‍वों/दुकानों/विक्रय केन्‍द्रों से दूर रहने की सलाह दी है। यूआईडीएआई के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अजय भूषण पांडे ने कहा, ‘तथाकथित आधार स्‍मार्ट कार्ड पूरी तरह अनावश्‍यक और बेकार है, क्‍योंकि इस तरह की छपाई में इसका क्‍यूआर कोर्ड उपयोग के लायक नहीं रह जाता है। आधार पत्र या साधारण कागज पर आधार की डाउनलोड की गई प्रतिलिपि या एम-आधार सभी प्रकार के उपयोग के लिए पूरी तरह वैध हैं।’
   डॉ. पांडे ने कहा कि यदि किसी व्‍यक्ति के पास कागज का आधार कार्ड है तो उसे पैसे खर्च करके आधार कार्ड को लेमिनेट करने या प्‍लास्टिक आधार कार्ड प्राप्‍त करने या स्‍मार्ट आधार कार्ड प्राप्‍त करने की कोई आवश्‍यकता नहीं है। यदि कोई व्‍यक्ति अपना आधार कार्ड खो देता है, तो वह वेबसाइट से आधार कार्ड नि:शुल्‍क डाउनलोड कर सकता है।
    डाउनलोड किया गया आधार कार्ड (श्‍वेत-श्‍याम रूप में भी) भी उतना ही वैध है, जितना यूआईडीएआई द्वारा भेजा गया मूल आधार पत्र। इसे प्‍लास्टिक/पीवीसी पर छापने की कोई आवश्‍यकता नहीं है। यूआईडीएआई के सीईओ ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि उन्‍हें अपनी व्‍यक्तिगत जानकारियों के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए और अपना आधार नम्‍बर तथा व्‍यक्तिगत सूचनाएं प्‍लास्टिक कार्ड पर आधार की छपाई के लिए अनाधिकृत एजेंसियों को नहीं देनी चाहिए। 
     यूआईडीएआई ने अनाधिकृत एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे आधार कार्ड बनाने के लिए आम लोगों से आधार की जानकारियां इकट्ठा न करें, क्‍योंकि इस तरह की जानकारियां इकट्ठा करना तथा अनाधिकृत रूप से आधार कार्ड की छपाई करना भारतीय दंड संहिता और आधार अधिनियम 2016 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

विद्यार्थियों की डिजिटल इंडिया में विशेष दिलचस्‍पी

     नई दिल्ली। सिक्किम और लद्दाख के 53 विद्यार्थियों, जो भारत के विभिन्‍न हिस्‍सों का दौरा कर रहे आईटीबीपी के दो भ्रमण समूहों का हिस्‍सा हैं, ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से भेंट की। 

  प्रधानमंत्री के साथ अनौपचारिक बातचीत में इन विद्यार्थियों ने एक समृद्ध और भ्रष्‍टाचार-मुक्‍त भारत के अपने विजन को साझा किया। प्रधानमंत्री ने इन विद्यार्थियों से अपने विजन को साकार करने के लिए इस दिशा में ठोस कार्य करने का आह्वान किया। 
   उन्‍होंने विद्यार्थियों से चुस्‍त–दुरुस्‍त रहने का आग्रह किया, ताकि वे ज्‍यादा उत्‍पादक साबित हो सकें। इस संदर्भ में योग की समान अहमियत पर भी विचार-विमर्श हुआ।
     प्रधानमंत्री ने शिक्षा अथवा ज्ञान प्राप्ति के महत्‍व पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक शिक्षार्थी बनने के लिए सदैव ही स्‍वाभाविक झुकाव होना चाहिए। विद्यार्थियों ने डिजिटल इंडिया में विशेष दिलचस्‍पी दिखाई। इस दौरान नकद रहित लेन-देन पर भी चर्चा हुई।
    प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह जानकारी दी कि प्रत्‍यक्ष लाभ हस्‍तांतरण से आम आदमी किस तरह लाभान्वित हो रहे हैं। इन विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री द्वारा लिखित पुस्‍तक ‘एक्‍जाम वारियर्स’ का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें अनुचित तनाव और दबाव के बिना अपनी जिंदगी जीने के लिए प्रोत्साहित किया।

चिली के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

    नई दिल्ली। चिली गणराज्य के चेम्बर ऑफ डिप्टीज के अध्यक्ष फिदेल एस्पिनोजा के नेतृत्व में आए एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोंविद से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की।

   राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और चिली दोनों जीवंत लोकतंत्र है। हमारे सांसदों के बीच निरंतर बातचीत होती रहती है जिससे हमारे व्दि-पक्षीय संबंध मजबूत होते हैं। राष्ट्रपति ने चिली के अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के समझौते पर हस्ताक्षर करने पर खुशी जताई।
    उन्होंने कहा कि पिछले दशक में चिली ने वैश्विक स्थिरता एजेंडे पर जोर दिया। चिली के गठबंधन में शामिल होने से जलवायु परिवर्तन के लिए हमारे सामूहिक प्रयास मजबूत होंगे।
    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चिली के बीच आर्थिक संबंध बेहतर हो रहे हैं और हम मिलकर और बेहतर कार्य कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि भारत-चिली अधिमान्य व्यापार समझौता हमारे व्दिपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगा। भारत की विकास गाथा और चिली की विशेषज्ञता से दोनों को लाभ होगा। हम खनन, अक्षय ऊर्जा और सेवा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं। विज्ञान व प्रौद्योगिकी, अतंरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग की काफी संभावना है। 
    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चिली विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करते हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में चिली के समर्थन और एकता की सराहना करता है। भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य बनने में चिली के समर्थन की भी सराहना की।