Sunday, 9 April 2017

प्रौद्योगिकी पर भविष्य के सहयोग की संभावना

              पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अनिल माधव दवे ने पूर्व-2020 कार्यों को पूरा किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया और सतत खपत और जीवनशैली पर जोर देने समेत जलवायु परिवर्तन के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। 

           यूके के कारोबार, ऊर्जा, औद्योगिक रणनीति एवं विदेश मंत्री श्री ग्रेग क्लार्क के साथ आज यहां बैठक के दौरान पर्यावरण मंत्री ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच जलवायु लचीलेपन पर उप-राज्य स्तर पर सहयोग के लिए जोर दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर यूनाइटेड किंगडम की भूमिका की प्रशंसा की। दोनों देशों ने जलवायु परिवर्तन समेत पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर प्रगति की समीक्षा की। यूके के विदेश मंत्री ने ज्वारीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी मुद्दों पर भविष्य के सहयोग की संभावना पर बल दिया। उन्होंने माराकेच में सीओपी-22 के दौरान लिए गए फैसलों समेत पेरिस समझौते के अनुमोदन और इसके बाद के विकास गतिविधियों में भारत की भूमिका की सराहना की। 

       दोनों देशों ने आशा व्यक्त की कि उनके बीच परस्पर सहयोग और अनुभवों, ज्ञान और प्रौद्योगिकियों का आदान-प्रदान भविष्य में भी जारी रहेगा। यूके के कारोबार, ऊर्जा, औद्योगिक रणनीति एवं विदेश मंत्री ग्रेग क्लार्क ने इंदिरा पर्यावरण भवन में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से भेंट की।

डिजिटल भुगतान की संस्कृति को बढ़ावा

              राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सभी नागरिकों से एक कम नकदी भारत के मिशन को प्रचुर समर्थन देने का आग्रह किया है।

            उन्होंने कहा कि सरकार के सभी प्रयास अपने लक्ष्यों में तभी सफल हो सकते हैं जब लोग उनका अनुपालन सक्रियता पूर्वक करें। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन में लक्की ग्राहक योजना एवं डिजी धन व्यापार योजना के लिए 100वें मेगा ड्रॉ के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत आज डिजिटल क्रांति के शीर्ष पर है। एक बिलियन से अधिक भारतीयों के पास बायोमीट्रिक पहचानकर्ता के साथ एक विशिष्ट पहचान संख्या है जोकि अपने आप में एक अद्वितीय उपलब्धि है। 

            राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे देशों में भी, जहां जनसंख्या तो कम है लेकिन जो प्रौद्योगिकी के मामले में भारत से अधिक विकसित हैं, में ऐसी प्रणाली का अभाव है। राष्ट्रपति ने कहा कि आधार कार्ड की पहल भारत की सफलता गाथा में एक ऐतिहासिक घटना है। 

            राष्ट्रपति ने सरकार की देश में डिजिटल भुगतान की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उसके निर्भीक पहलों के लिए सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी निडर पहलों के अनुरूप ही, संसद ने 31 मार्च, 2017 तक वार्षिक बजट को पारित करने के द्वारा वित्तीय प्रबंधन में एक नई शुरुआत की है।

2100 करोड़ की सीवेज परियोजनाओं को मंजूरी

            नमामी गंगे कार्यक्रम को एक बड़े प्रोत्‍साहन के रूप में, राष्‍ट्रीय स्‍वच्‍छ गंगा मिशन ने 2154.28 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ 26 परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

      यह राशि उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, झारखंड एवं दिल्‍ली राज्‍यों में प्रति दिन 188 मिलियन लीटर (एमएलडी)  (लगभग) की नई सीवेज उपचार क्षमता के सृजन, वर्तमान एसटीपी क्षमता के 596 एमएलडी का पुनर्वास, वर्तमान एसटीपी क्षमता के 30 एमएलडी का उन्‍नयन, अवरोधन एवं डायवर्जन कार्यों तथा 145.05 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क पर खर्च की जाएगी। नमामी गंगे कार्यक्रम के तहत नई परियोजनाओं के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय वित्‍त पोषण किया जाता है। 

           इन परियोजनाओं के संपन्‍न होने से गंगा नदी पर प्रदूषण बोझ में कमी लाने में मदद मिलेगी, क्‍योंकि अनुपचारित उत्‍प्रवाही का निस्‍सरण गंगा नदी में प्रदूषण के बड़े स्रोतों में एक है।