Wednesday, 24 January 2018

कर अदा करना कर्तव्‍य समझना चाहिए

    हैदराबाद। उपराष्‍ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने कहा है कि प्रत्‍येक नागरिक को कर अदायगी को अपना पावन कर्तव्‍य समझाना चाहिए।

  उन्‍होंने कहा कि अगर सरकार को पर्याप्‍त राजस्‍व प्राप्‍त नहीं होगा,तो विकास तथा कल्‍याणकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचेगा। वे आज वित्‍त, विपणन और कराधान के क्षेत्र में मौजूदा चुनौतियां विषय पर हैदराबाद में केशव मेमोरियल कॉलेज में एक राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी को संबोधित कर रहे थे।
   इस अवसर पर तेलंगाना के उपमुख्‍यमंत्री मोहम्‍मद महमूद और अन्‍य गणमान्‍य नागरिक भी उपस्थित थे। 
     उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि कर चोरी के मामलों में कड़ाई बरतनी चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी कर्मचारी करदाताओं का अनावश्‍यक शोषण ना करें। उन्‍होंने कहा कि शासन में पारदर्शिता से जिम्‍मेदारी तय होगी और सरकार के राजस्‍व में वृद्धि होगी।
    उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि वस्‍तु एवं सेवा कर का लागू होना स्‍वतंत्रता के बाद सबसे बड़ा कर सुधार है और अब भारत ‘एक देश एक बाजार’ है। उन्‍होंने कहा कि जीएसटी ने देश में अप्रत्‍यक्ष कर प्रणाली के स्‍वरूप को बदला है और अब राज्‍य सरकारों तथा केन्‍द्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले कई करों की जगह एकल कर ने ले ली है। इससे व्‍यापार सुगमता को बढ़ावा मिला है और ये देश में आपसी साझेदारी की विजय है।
      भारत में सकल घरेलू उत्‍पाद तथा कर का अनुपात वित्‍त वर्ष 2017 में 16.6 प्रतिशत था, जबकि इसी अवधि में अमरीका में 26 प्रतिशत, चीन में 20.1 प्रतिशत और ओईसीडी देशों में 34.3 प्रतिशत था। भारत को सकल घरेलू उत्‍पाद की तुलना में कर संग्रहण को बढ़ावा देने की आवश्‍यकता है, ताकि 21वीं शताब्‍दी की सरकार को पर्याप्‍त निधि उपलब्‍ध हो सके और सरकार नागरिकों को बुनियादी सार्वजनिक सेवाएं तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर सके।
      वित्‍त वर्ष 2018 में प्रत्‍यक्ष कर संग्रहण बढ़कर 18.2 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़ोतरी प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष करदाताओं की संख्‍या बढ़ने के कारण हुई है। 5.9 मिलियन करदाताओं ने वस्‍तु एवं सेवा कर के तहत पंजीकरण करवाया है और वित्‍त वर्ष 2017 में 28.2 मिलियन लोगों ने आयकर रिटर्न दाखिल किया। विमुद्रीकरण, काले धन पर विशेष जांच दल का गठन और बेनामी लेनदेन अधिनियम 1988 की अधिसूचना जैसे कई कदमों के कारण बड़ी संख्‍या में आर्थिक गतिविधियां कर के दायरे में आई हैं।
     उन्‍होंने कहा कि काले धन के खिलाफ यह लड़ाई जारी रहनी चाहिए। उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि भविष्‍य में मौजूदा बढ़ता हुआ मध्‍यवर्ग भारत के आर्थिक विकास के लिए महत्‍वपूर्ण साबित होगा। अ‍ब समय आ गया है कि हमें जनसांख्यिकीय लाभ लेने के लिए युवाओं के लिए अधिक से अ‍धिक रोजगार सृजन करना चाहिए। 
     उन्‍होंने कहा कि लाखों की संख्‍या में छात्रों का डिग्री हासिल करना पर्याप्‍त नहीं है। हमें उनको सिर्फ जीविकोपार्जन के लिए ही कौशल नहीं देना बल्कि उन्‍हें इस योग्‍य बनाना है कि वे दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपट सकें। उन्‍होंने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली में युवाओं को नैतिकता और मूल्‍यों के प्रति प्रतिबद्ध बनाने की क्षमता होनी चाहिए।
   छात्रों की शिक्षा का विषय कुछ भी हो, लेकिन उन्‍हें देश की प्राचीन संस्‍कृति और मूल्‍यों के प्रति सजग रहना चाहिए तथा वसुधैव कुटुम्बकम्में विश्‍वास रखना चाहिए।

भारत की वैश्विक रोडमैप की खोज

   दावोस। केंद्रीय पूर्वोत्तर विकास(स्वतंत्र प्रभार),प्रधानमंत्री कार्यालय,कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अतंरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि विश्व आज विभिन्नता और विविधता की जगह एक-रूप मानकों के साथ नए वैश्विक रोडमैप को खोज रहा है।

  श्री सिंह स्विटजरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के अवसर पर कमजोर शहरो से नवीनीकरण तक पर पैनल वार्ता में संबोधन रहे थे।
   उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में स्थानीय परिदृश्य को दृष्टिगोचर बनाना संभव नहीं है, उदाहरण के लिए स्विटजरलैंड की जनसंख्या केवल 8 मिलियन है जो दिल्ली की जनसंख्या से भी कम है किन्तु सरकार और नागरिकों की प्रतिभागिता के साथ प्रगतिशील विश्व में अधिकतम समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
   पैनल के अन्य सदस्यों में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति बेरसेट शामिल थे। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि अन्य कारणों के अलावा विश्व में 239 से अधिक शहरों को,प्रदूषण, टकराव, आतंकवाद, बेरोजगारी और बिजली की कमी की वजह से कमजोर श्रेँणी में वर्गीकृत किया गया था। उन्होंने कहा शहरी क्षेत्रो में सुधार और जनसंख्या को बेहतर सुविधाएं देने की आवश्यकता है।
      भारत के पूर्वोत्तर राज्यो में कमजोर शहरों के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होने बताया कि मोदी सरकार के गत साढे तीन साल के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में स्थायित्व आया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा आतंकवाद और कमजोरवाद का विकास में कमी और असक्षम राजनीतिक नेतृत्व से पारस्परिक संबंध है। 
      उन्होंने कहा भ्रष्टाचार न सिर्फ राज्य के नेतृत्व नुकसान पहुंचाता है बल्कि राजकोष में भी सेंध लगाता है। इसका बेहतर वातावरण के निर्माण में प्रयोग किया जा सकता है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आगे कहा कि युवाओं में आकांक्षा की वृद्धि एक स्वागत योग्य विकास है। सर्वाधिक आदर्श स्थितियों में भी बेहतर करने की आशा हमेशा बनी रहती है। कोई भी स्थिति स्थायी नहीं होती।

लाल किले पर 26 से 31 जनवरी, 2018 तक भारत पर्व

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस-2018 समारोह के एक भाग के रूप में दिल्ली स्थित लाल किले पर 26 से 31 जनवरी, 2018 तक भारत पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। 

   कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में देश भक्ति की भावना जागृत करना, देश के विविधता पूर्ण सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना और जनभागीदारी को बढ़ाना सुनिश्चित करना है। भारत पर्व कार्यक्रम के लिए पर्यटन मंत्रालय नोडल मंत्रालय के रूप में कार्य करेगा।
   कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणो में गणतंत्र दिवस परेड की झांकियां और सशस्त्र बलो के बैंड का प्रदर्शन, कई राज्यों का खाना, हस्तशिल्प मेला, देश के विभिन्न भागो से सांस्कृतिक प्रदर्शन और विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय(डीएवीपी) द्वारा फोटो प्रदर्शनी का आयोजन सम्मिलित है। 
   कार्यक्रम में दौरान सांस्कृतिक प्रदर्शन में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा परंपरागत और आदिवासी नृत्य और संगीत के प्रदर्शन के साथ-साथ देशभर से विभिन्न सांस्कृतिक मंडलियों का प्रदर्शन सम्मिलित होगा। फूड कोर्ट में राज्यों और संघ शासित प्रदेशों,नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वैंडर्स ऑफ इंडिया द्वारा भारत के विभिन्न क्षेत्रों के परंपरागत खाने के साथ-साथ होटल प्रबंधन संस्थान और आईटीडीसी द्वारा भी स्टॉल लगाए जाएगे।
      हस्तशिल्प मेले में 50 स्टॉल द्वारा देश की विविध हस्तशिल्प उत्पादों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस प्रबंधन राज्य सरकारों और वस्त्र मंत्रालय द्वारा हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय के द्वारा किया जायेगा। इसके साथ ही थीम स्टेट मंडप में प्रत्येक राज्य द्वारा अपनी-अपनी क्षमताओं के प्रदर्शन के साथ-साथ पर्यटन उत्पादों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। कार्यक्रम में डीएवीपी नया भारत हम करेके रहेंगे पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी करेगा।
    भारत के विभिन्न राज्यो के खान-पान को प्रोत्साहित करने के लिए सजीव कुकरी प्रदर्शन क्षेत्र भी लगाया जायेगा। भारत पर्व कार्यक्रम का उद्घाटन 26 जनवरी 2018 को शाम 5 बजे किया जायेगा और यह जनता के लिए रात 10 बजे तक खुला रहेगा। 27 से 31 जनवरी 2018 तक कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक होगा। कार्यक्रम में प्रवेश निशुल्क है,हांलाकि कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पहचान का प्रमाण प्रदर्शित करना होगा।