Tuesday, 6 February 2018

राजमार्गों पर 5,35,000 करोड़ निवेश

   नई दिल्ली। केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2017-18 से लेकर वर्ष 2021-22 तक के पांच वर्षों की अवधि के दौरान 5,35,000 करोड़ रुपये के परिव्‍यय के साथ 34,800 किलोमीटर लम्‍बे राष्‍ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास/उन्‍नयन के लिए 24 अक्‍टूबर, 2017 को प्रमुख राजमार्ग क्षेत्र कार्यक्रम ‘भारतमाला परियोजना (बीएमपी)’ के प्रथम चरण के लिए निवेश प्रस्‍ताव को मंजूरी दी है।

  इसके अलावा अन्‍य मौजूदा योजनाओं जैसे कि एनएच (ओ), पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में विशेष त्‍वरित सड़क विकास कार्यक्रम, बाह्य मदद प्राप्‍त परियोजनाओं एवं वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सड़क परियोजनाओं के तहत 48,877 किलोमीटर लम्‍बे राजमार्गों वाली परियोजनाएं भी इसी अवधि के दौरान क्रियान्वित की जाएंगी।
    कैबिनेट ने 1,57,324 करोड़ रुपये के अतिरिक्‍त परिव्‍यय को मंजूरी दी है। अत: पांच वर्षों की उपर्युक्‍त अवधि के दौरान कुल मिलाकर 6,92,324 करोड़ रुपये की लागत वाली 83,677 किलोमीटर लम्‍बी राजमार्ग परियोजनाओं को क्रियान्वित करने का प्रस्‍ताव है, जिसमें भारतमाला परियोजना का प्रथम चरण भी शामिल है। 
    इस आशय की जानकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, शिपिंग और रसायन एवं उर्वरक राज्‍य मंत्री मनसुख एल. मंडाविया ने राज्‍यसभा में एक लिखित प्रश्‍न के उत्‍तर में दी।

वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में सड़कों का निर्माण

    नई दिल्ली। वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के विकास के लिए मंजूर योजना के अंतर्गत सड़कों की कुल लंबाई 34 जिलों में 5422 किलोमीटर है।

  अब तक तय सड़कों की कुल लंबाई और उनका निर्माण क्रमश: 5419 किलोमीटर और 4486 किलोमीटर हुआ है। योजना के अस्‍तित्‍व में आने के बाद से 31 मार्च, 2017 तक कुल व्‍यय 6210 करोड़ रुपये किया गया। 
  वर्तमान वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान 700 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। सड़क परिवहन और राजमार्ग, नौवहन और रसायन तथा उर्वरक राज्‍य मंत्री मनसुख लाल मंडाविया ने राज्‍यसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में यह जानकारी दी।

शिक्षा प्रणाली अनुसंधान एवं नवोन्‍मेषण संस्‍कृति का मूल आधार

  नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन ने नोबेल फाउन्डेशन के सहयोग से भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय नोबेल पुरस्कार विजेताओं की संगोष्ठी की मेजबानी की।

   नोबेल फाउन्डेशन और भारतीय वैज्ञानिक एवं नीति समुदाय के बीच एक नियमित और ऐतिहासिक संबंध नोबल प्राइज सीरिज का एक हिस्सा है। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पिछले 70 वर्षों में जब से भारत स्वतंत्र हुआ, विज्ञान में हमारे विश्वास ने हमारे समाज और विकास की प्रक्रिया को आकार दिया है।
  कृषि से लेकर परमाणु ऊर्जा का दोहन, टीका अन्वेषण से लेकर अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की उन्नति तक विज्ञान ने हमारे राष्ट्र निर्माण में हमारी सहायता की है। 
    राष्ट्रपति ने कहा कि विज्ञान में इस निवेश के साथ तालमेल बनाते हुए हमने उच्चतर शिक्षा के हमारे संस्थानों के माध्यम से लोगों में भी निवेश किया है। हमने हाल में कई केन्द्रीय विश्वविद्यालयों, भारतीय प्रौद्योगिक संस्थानों, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों और भारतीय विज्ञानिक शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों की स्थापना की। ये निवेश बड़ी संख्या में बदलते भारत के लिए वैज्ञानिकों, क्लिनिक से जुड़े शोध कर्ताओं और तकनीकविदों का सृजन करेंगे। 
    इस अवसर पर संगोष्ठी को जिन नोबल पुरस्कार विजेताओं ने संबोधित किया, उनमें क्रिश्चियन नस्लिन-वोलार्ड, सर रिचर्ड जॉन रोबर्ट्स, सर्ज हेरोश एवं डॉ. थामस रोबर्ट लिंडहाल शामिल हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि रचनात्मक स्कू‍ली शिक्षा प्रणाली अनुसंधान एवं नवोन्मेषण संस्कृति का मूल आधार है।

दिव्यांग कलाकार के चित्रों की प्रदर्शनी

     नई दिल्ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने यहां दिव्यांग कलाकार उत्तम भारद्वाज द्वारा बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। 

   दिव्यांग कलाकार श्री भारद्वाज अपने पैरों से चित्र उकेरते हैं। जम्मू-कश्मीर निवासी श्री भारद्वाज 10 साल की उम्र से चित्रकारी कर रहे हैं। पिछले 8 वर्षों के दौरान उन्होंने 200 से अधिक तस्वीरें बनाईं हैं। 
    प्रदर्शनी के उद्घाटन के पश्चात डॉ. जितेन्द्र सिंह ने श्री भारद्वाज को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी कला और रचनात्मकता के माध्यम से विभिन्न विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए हैं। इस प्रदर्शनी के माध्यम से उनके चित्र पूरे भारत में पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि श्री भारद्वाज संपूर्ण भारत में अपनी तरह के पहले कलाकार हैं।
    उन्होंने सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित विषयों पर चित्र बनाए हैं। इनमें आम लोगों, गरीबों और महिलाओं के कल्याण की योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चित्र, संवाद का एक अच्छा माध्यम है। 
     मंत्री ने श्री भारद्वाज के दृढ़ संकल्प और समर्पण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियों को अवसर के रूप में परिवर्तित किया है। लोगों को इस प्रदर्शनी में आना चाहिए ताकि अन्य कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिल सके। प्रदर्शनी का आयोजन द्वितीय तल, सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट (सीएसओआई), चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में किया गया है। 
     इस प्रदर्शनी में कुल 47 चित्र लगाए गए हैं। यह प्रदर्शनी 12 फरवरी, 2018 तक आम लोगों के लिए 11 बजे सुबह से 6 बजे शाम तक खुली है।