Saturday, 22 April 2017

उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाएं काफी महत्‍वपूर्ण

          केंद्रीय वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा है कि उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाएं काफी महत्‍वपूर्ण हो गई हैं। वैश्विक वृद्धि में 75 प्रतिशत से अधिक का योगदान कर रही हैं। 

         उन्‍होंने कहा कि उभरती अर्थव्‍यवस्‍थाओं में भारत वैश्विक प्रमुख प्रेरक रहा है। भारत की अनुमानित वृद्धि दर 2016-17 के 7.1 की तुलना में 2017-18 में वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत होने का अनुमान है। उन्‍होंने कहा कि भारत की वृद्धि दर सुदृढ़ बनी हुई है, मुद्रा स्‍फीति में कमी आई है, वित्‍तीय समझदारी बनी हुई है और चालू खाता घाटा नीचे है। उन्‍होंने कहा कि भारत ने मजबूत ढांचागत सुधार के उपाय किए हैं। जेटली वाशिंगटन डीसी में जी -20 के वित्‍त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को संबोधित कर रहे थे। विभिन्‍न सत्रों में सुदृढ़ अफ्रीका, वित्‍तीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन,अंतरराष्‍ट्रीय वित्‍तीय संरचना तथा वैश्विक वित्‍तीय शासन पर चर्चा हुई।

            इस अवसर पर जेटली ने कहा कि भारत जुलाई 2017 से वस्‍तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने के पथ पर है। जीएसटी करों की बहुलता को समाप्‍त करेगा और भारत को एक साझा बाजार देगा। उन्‍होंने कहा कि आईएमएफ के अनुमानों के अनुसार भारत की मध्‍यकालीक वृद्धि दर 8 प्रतिशत से ऊपर होगी। वित्‍त मंत्री ने कहा कि अभी हाल में सरकार ने सबसे बड़ा करेंसी सुधार सफलतापूर्वक लागू किया है। इससे भारत की अर्थव्‍यवस्‍था कम नकद उपयोग वाली अर्थव्‍यवस्‍था होगी, कर अनुपालन में वृद्धि आएगी और आतंक के धनस्रोत के रूप में जाली करेंसी का खतरा कम रहेगा। 

            जेटली ने कहा कि इस तरह के अनेक सुधारों से वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था के उतार-चढ़ाव की कठिनाइयों को झेलने में भारत सक्षम रहेगा। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा विश्‍व बैंक की स्‍प्रिंग बैठकों में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी की सरकारी यात्रा पर हैं। उनके साथ भारतीय रिजर्व बैक के गवर्नर डा. उर्जित पटेल, वित्‍त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव शक्तिकांत दास, मुख्‍य आर्थिक सलाहकार डा. अ‍रविंद सुब्रमण्‍यम तथा अन्‍य अधिकारी गए हैं। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा बहुपक्षवाद को समर्थन देने के लिए संसाधनों के उपयोग की जिम्‍मेदारी अभी भी धनी देशों की ताकि विश्‍व बैंक जैसे संस्‍थान विकास नी‍तियों, कार्यक्रमों और गरीब देशों के विकास में धन देने में सक्षम बनें। 

             वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि विकास के नीतियों और कार्यक्रमों तथा गरीब देशों के विकास में धन देने में सक्षम बनाने के लिए विश्‍व बैंक जैसे संस्‍थानों को अपने संसाधनों से समर्थनदेने की बड़ी जिम्‍मेदारी धनी देशों की है। जेटली वाशिंगटन डीसी में विकास समिति के प्रतिबंधित लंच सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र की थीम थी असमानता। वित्‍त मंत्री जेटली ने कहा कि भारत ने बिजली सड़क, वित्‍त्‍ीय पहुंच तथा गरीबों के लिए आवास के क्षेत्र में निवेश को काफी बढ़ाया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठाए हैं। सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार का उपयोग किया जा रहा है।

         वित्‍त मंत्री अरुण जेटली अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा विश्‍व बैंक की स्‍प्रिंग बैठकों में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी की सरकारी यात्रा पर हैं। उनके साथ भारतीय रिजर्व बैक के गवर्नर डा. उर्जित पटेल, वित्‍त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव श्री शक्तिकांत दास, मुख्‍य आर्थिक सलाहकार डा. अ‍रविंद सुब्रमण्‍यम तथा अन्‍य अधिकारी गए हैं।

अंनतनाग, राजौरी-करगिल में तेल डिपो व एलपीजी बोटलिंग प्‍लांटों की स्‍थापना

           पैट्रोलियम मंत्री ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के मुख्य़मत्री से मुलाकात की। जम्मूकश्मीर राज्य में पैट्रोलियम क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। 

         पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) धर्मेन्‍द्र प्रधान ने श्रीनगर में जम्‍मूकश्‍मीर की मुख्‍यमंत्री सुश्री महबूबा मुफ्ती से भेंट की और दोनों नेताओं ने राज्‍य में पैट्रोलियम क्षेत्र से संबंधित विभिन्‍न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) द्वारा अंनतनाग, राजौरी और करगिल में तेल डिपो और एलपीजी बोटलिंग प्‍लांटों की स्‍थापना के लिए भूमि की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएलसी को सलाह दी गई की वह तत्‍संबंधी प्रस्‍तावों को तेजी से निपटाने के लिए जम्‍मूकश्‍मीर सरकार के साथ समन्‍वय करे। जम्‍मू कश्‍मीर में नई एलपीजी डिस्ट्रिब्‍यूटरशिप्स प्रदान करने और नए पैट्रोल पंप चालू करने के लिए जम्‍मूकश्‍मीर सरकार द्वारा पहचान किए गए स्‍थानों की सूची एसएलसी द्वारा एकत्र की जायेगी और उनके बारे में प्राथमिकता के अनुसार व्‍यवहार्यता अध्‍ययन कराया जायेगा। 

           इसके अंतर्गत दुर्गम क्षेत्रों में डिस्ट्रिब्‍यूटरशिप्स प्रदान करना भी शामिल है, जो राज्‍य खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग को आवंटित की जाएंगी। जम्‍मू में ऑयल डिपो स्‍थानांतरित करने के लिए जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार तेल विपणन कंपनियों को पुनर्स्‍थापना के लिए वरीयता अनुसार उपयुक्‍त भूमि उपलब्‍ध कराएगी। पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की सभी तेल कंपनियों को सलाह दी गई कि वे जम्‍मूकश्‍मीर के सभी प्रतिष्ठित इंजीनियरी कालेजों से भर्ती करें।

           पैट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की सभी तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे श्रीनगर में ट्यूलिप गार्डन के विकास के लिए अपने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्‍व कोष से 1 करोड़ रुपया खर्च करें।

इंडोनेशिया से 3.5 अरब डालर का कोयला आयात

          केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला, नई और नवीकरणीय ऊर्जा तथा खान राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पियूष गोयल और इंडोनेशिया गणराज्‍य के ऊर्जा और खनिज संसांधन मंत्री इग्‍नासियस जोनान ने जकार्ता में प्रथम ‘भारत इंडोनेशिया ऊर्जा फोरम’ में भाग लिया। 

         ऊर्जा फोरम से पहले तेल और गैस संबंधी दूसरे संयुक्‍त कार्यदल, कोयला संबंधी चौथे संयुक्‍त कार्यदल और नई और नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी प्रथम संयुक्‍त कार्यदल की बैठकें आयोजित की गईं। ऊर्जा फोरम के दौरान तीनों संयुक्‍त कार्यदलों की रिपोर्ट दोनों मंत्रियों के समक्ष प्रस्‍तुत की गईं। तेल और गैस संबंधी दूसरे संयुक्‍त कार्यदल की बैठक में भारत और इंडोनेशिया के नीति फ्रेमवर्क और दोनों देशों में तेल और गैस क्षेत्र में क्षमता निर्माण और व्‍यापार के अवसर बढ़ाने के बारे में विचार विमर्श किया गया। तेल और गैस क्षेत्र की प्रमुख भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्‍सा लिया।

                कोयला संबंधी चौथे संयुक्‍त कार्यदल की बैठक के चार सत्र आयोजित किए गए। प्रमुख भारतीय कोयला कंपनियों के प्रतिनिधि भी इन बैठकों में मौजूद थे। इनमें नीति गत फ्रेमवर्क और क्षमता निर्माण के बारे में विचार-विमर्श किया गया। नई और नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी प्रथम संयुक्‍त कार्यदल की प्रथम बैठक का आयोजन वीडियो-कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से किया गया। दोनों देशों ने एक-दूसरे के यहां निवेश के अवसरों पर विचार किया। 

              इस अवसर पर पियूष गोयल ने कहा कि इंडोनेशिया के मत्री इग्‍नासियस जोनान के साथ उनकी वार्ता अत्‍यंत सार्थक रही। इस अवसर पर जोनान ने कहा कि ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश की दृष्टि से इंडोनेशिया एक महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍य है। इस अवसर पर भारत सरकार के पैट्रोलयम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और इंडोनेशिया के ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय के बीच तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्‍ताक्षर किए गए। इसके अंतर्गत आपसी लाभ के लिए एक सहकारी संस्‍थागत फ्रेमवर्क कायम करने का प्रावधान है। 

             भारत इंडोनेशिया से कोयला आयात करने वाला तीसरा सबसे बड़ा आयातक है। 2016 में भारत ने इंडोनेशिया से 3.5 अरब अमरीकी डालर मूल्‍य का कोयला आयात किया। कई भारतीय कंपनियों ने इंडोनेशिया में कोयला खदानों में निवेश किया है। 2015-16 के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्‍यापार 15.90 अरब अमरीकी डालर मूल्‍य का था, जिसमें इंडोनेशिया का निर्यात 13.06 अरब अमरीकी डालर मूल्‍य का था जबकि भारत का निर्यात 2.84 अरब अमरीकी डालर मूल्‍य का था। दोनों देशों के बीच सहमति बनी है कि व्‍यापार संतुलन कायम करने के लिए भारत से इंडोनेशिया का निर्यात बढ़ाया जायेगा।