Thursday, 5 October 2017

इथियोपिया के साथ भारत की द्विपक्षीय साझेदारी गहरी और व्‍यापक

     अदीस अबाबा। भारतीय बिजनेस फोरम की 12वीं वर्षगांठ पर भारत इथियोपिया बिजनेस डाइलॉग में राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि भारत-इथियोपिया बिजनेस डायलॉग तथा व्‍यावसायि‍क समुदाय को संबोधित करने के अवसर से मुझे बहुत प्रसन्‍नता हो रही है।

   राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि इथियोपिया और भारत युवा आबादी के साथ पुरानी सभ्‍यताएं हैं। इथियोपिया मानवता का पालना है। आज मुझे शहर में राष्‍ट्रीय संग्रहालय जाने का अवसर मिला और मातामही लुसी के अवशेषों को देखने का भी अवसर मिला। एक तरह से यह हमारी समान माता हैं। 
      निरंतर मित्रता और प्राचीन सभ्‍यता के कारण भारत के राष्‍ट्रपति का पदभार संभालने के बाद मेरी विदेश यात्रा का फोकस इथियोपिया रहा। हमारे दोनों देश सदियों से एक-दूसरे के साथ व्‍यापार करते रहे हैं। पहली शताब्‍दी से प्राचीन एक्‍सुमाइट साम्राज्‍य के दौरान इथियोपिया और भारत के कारोबारी संबंध फूले-फले। हमारे वाणिज्यिक संबंध का पुराना दर्ज साक्ष्‍य आदूलिस के प्राचीन रेड-सी-पोर्ट पर भारत के व्‍यापारियों का सोना और हाथी दांत के लिए सिल्‍क और मसालों का कारोबार करने के लिए आना रहा है। 
       राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि 19वीं शताब्‍दी में हमारे पश्चिमी राज्‍य गुजरात के व्‍यापारी इस समृद्ध और उपजाऊ भूमि पर बसने आ गए। हाल के वर्षों में इथियोपिया के आर्थिक विकास और प्रगति की पूरे विश्‍व में सराहना हुई है। मुझे यह कहते प्रसन्‍नता है कि व्‍यापार वाणिज्‍य, निवेश तथा विशेषज्ञता आदान-प्रदान के माध्‍यम से भारत सहयोगी रहा है। साथ ही साथ इथियोपिया में सक्रिय भारतीय व्‍यावसायिक समुदाय की उपस्थिति से भी यह साझेदारी झलकती है।
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि मैं कारोबारी समुदाय का प्रतिनिधित्‍व करने वाले भारतीय बिजनेस फोरम (आईबीएफ) को बधाई देना चाहूंगा। फोरम भारतीय निवेश प्रोत्‍साहित करने तथा भारत इथियोपिया के बीच व्‍यापार प्रोत्‍साहित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुझे ज्ञात हुआ कि आईबीएफ की स्‍थापना 2005 में हुई और यह 12वीं सालगिरह है। मुझे यह जानकर भी खुशी हुई कि यह फोरम इथिपोपिया में अपनी तरह का पहला पार्टनर कंट्री फोरम है और 100 से अधिक भारतीय कंपनियों का प्रतिनिधित्‍व करता है।
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि भारत अभी इथियोपिया के शीर्ष तीन विदेशी निवेशकों में शामिल हो गया है। भारत द्वारा कपड़ा और परिधान, इंजीनियरिंग, प्‍लास्टिक, जलप्रबंधन, कंसल्‍टेंसी तथा आईसीटी शिक्षा, फर्मास्‍यूटिकल्‍स तथा स्‍वास्‍थ्‍य में सराहनीय निवेश किया गया है। इथियोपिया में भारतीय निवेश की मैन्‍यूफैक्‍चरिंग तथा स्‍थानीय संसाधनों के मूल्‍यवर्द्धन में अच्‍छी उपस्थिति है। भारतीय निवेश से इस देश में रोजगार सृजन हुआ है और निवेश ने इथियोपियाई परिवारों की समृद्धि में योगदान किया है।
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि इथियोपिया अफ्रीका में भारत से रियायती दर पर सबसे अधिक ऋण पाने वाला देश है। बिजली ट्रांसमिशन तथा गन्‍ना क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए एक बिलियन डॉलर दिया गया है। मुझे यह जानकार प्रसन्‍नता हुई कि पिन्‍छा गन्‍ना परियोजना पूरी हो गई है और इथियोपिया को सौंप दी गई है। गन्‍ना क्षेत्र की दो अन्‍य परियोजना में भी उत्‍पादन होने लगा है और शीघ्र ही उन्‍हें सौंप दिया जाएगा। 
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारतीय निवेश की प्रशंसा की जाती है और अनुकरणीय मॉडल माना जाता है। इस संबंध में मैं आईबीएफ तथा इसके सदस्‍यों के प्रयासों को स्‍वीकार करना चाहूंगा। आप लोगों तथा इथियोपिया के कारोबारी हितधारकों के लिए निष्‍पक्ष और बफादार भागीदार है और अपने देश के शानदान अम्‍बेसडर हैं। भारत में हमें आप पर गर्व है। 
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि इथियोपिया के साथ भारत की द्विपक्षीय साझेदारी गहरी और व्‍यापक है। पिछले 7 दशकों में हमारे राजनयिक संबंध से मानवीय गतिविधि के सभी पक्षों में सहयोग में मदद मिली है। हमारी दोनों देशों की सरकारों ने भविष्‍य के लिए व्‍यापार और आर्थिक संबंध को प्राथमिक रूप से चिन्हित किया है। आर्थिक संबंधों में व्‍यापार, निजी निवेश, आधारभूत संरचनाओं के लिए रियायती ऋण तथा व्‍यापक रूप से क्षमता सृजन के लिए विकास सहायता शामिल है।
        राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अपनी उत्‍सा‍ही यात्रा के प्रारंभिक चरणों में है। भारत में कारोबारी सहजता लाने के लिए वस्‍तु और सेवा कर (जीएसटी) जैसी महत्‍वाकांक्षी नीति लागू की गई। जीएसटी ने भारतीय बाजार को एकीकृत कर दिया है। अब तक विभिन्‍न राज्‍यों और कर क्षेत्राधिकारों में बंटे हुए थे। मेक इन इंडिया तथा स्‍टार्टअप इंडिया जैसे अपने अग्रणी कार्यक्रमों के अंतर्गत हमने विश्‍व से टेक्‍नोलॉ‍जी, निवेश तथा श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों को आकर्षित करने का प्रयास किया है।
        राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि सामाजिक क्षेत्रों में हमारे कार्यक्रम जैसे, हमारे युवाओं का कौशल विकास और सभी को मकान उपलब्ध कराने तथा बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के कार्यक्रम नए अवसर जुटा रहे हैं और त्वरित विकास की गति का सृजन कर रहे हैं। 
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि हम स्वेच्छा से प्रौद्योगिकी और डिजिटल समाधानों को अपना रहे हैं और हम इनका अपने सबसे वंचित नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयोग कर रहे हैं। इन सुधारों और पहलों का उद्देश्य देश में बदलाव लाने और नए भारत की नींव रखना है। फिर भी, हम बहुत कुछ सीख सकते हैं और विश्व के साथ विशेष रूप से इथियोपिया जैसे विकासशील सहयोगी देशों के साथ साझा कर सकते हैं। मैं अपने वैश्विक मित्रों से यह कहना चाहूंगा कि भारत के साथ जुड़ने का इससे बेहतर कोई समय नहीं है। 
        राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि भारत और इथियोपिया दोनों ही देशों की जनसंख्या युवा है। हमारे युवा हमारे सबसे बड़े संसाधन हैं लेकिन उनकी क्षमता का लाभ उठाने के लिए, हमें उन्हें शिक्षित करने और निरंतर जटिल हो रहे विश्व में उत्पादक बनने के लिए आवश्यक कौशल से युक्त बनाने की जरूरत है। आखिरकार, 21 वीं सदी की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए मानव पूंजी के निर्माण तथा उसे 21 वीं सदी की आर्थिक वास्तविकताओं से सुसज्जित करने की जरूरत है। 
        राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि एक ही समान जनसांख्यिकीय रूपरेखा होने के कारण भारत और इथियोपिया दोनों के ही सामने अपनी आबादी के स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित एक ही तरह की चुनौतियां मौजूद हैं। भारत इथियोपिया सहित अफ्रीकी लोगों के लिए सस्ती दवाइयों, जनऔषधियों और विशेष स्वास्थ्य सेवा का स्रोत रहा है। इथियोपिया के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल हमारे मुख्य क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। 
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि इस व्यापार वार्ता ने हमारे व्यापारिक समुदायों के बीच अंतर को पाटने में हमारी मदद की है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसने उन कार्रवाइयों की पहचान की है जिससे दोनों सरकारें निवेशों और व्यापार में और सहायता करने के लिए आगे बढ़ा सकती हैं चाहे वें वीजा नीतियां, बैंकिंग प्रक्रियाएं और कानून, या सीमा शुल्क विनियम और प्रक्रियाएं ही क्यों न हों। दोनों सरकारें एक सक्रिय माहौल बनाना चाहती हैं। जिसके लिए, हम व्यापारिक समुदायों द्वारा आज की गई विशिष्ट सिफारिशों का सम्मान करते हैं। 
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि भारत का इथियोपिया के साथ संबंध अफ्रीकी महाद्वीप के साथ संबंधों का प्रतीक है, जिसमें अदीस अबाबा एक महत्वपूर्ण केंद्र है। 2015 में नई दिल्ली में तीसरे भारत अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन में हमने अफ्रीका के लिए अगले पांच वर्षों में 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक के रियायती ऋण देने की पेशकश की घोषणा की थी।
      यह राशि वर्तमान में चल रहे ऋण कार्यक्रम के अतिरिक्त थी। हम 600 मिलियन अमेरीकी डॉलर की अनुदान सहायता के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, इसमें 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारत-अफ्रीका विकास निधि और 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारत-अफ्रीका स्वास्थ्य निधि भी शामिल है। एशिया-अफ्रीका विकास कॉरिडोर क्षमता से युक्त एक अन्य पहल है। 
     राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि मैं आपको इन ढांचों में भागीदार बनाने और इनसे लाभ उठाने के लिए आमंत्रित करता हूं। यह महत्वपूर्ण है कि ऐसी बड़ी परियोजनाएं पारदर्शिता के साथ तैयार की जाती हैं और इससे स्थानीय समुदाय समृद्धि प्राप्त करते हैं। अंत में, व्यापार और निवेश सबसे अच्छा काम करते हैं और यह तभी काम करते हैं जब ये धरातल पर मेजबान समुदायों और जनता की मदद करते हों। 
       राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि इथियोपिया भारत का लंबे समय से भागीदार है। इसलिए भारत इस बारे में आपके विकास की कहानी के बारे में आशावादी रहता है और निवेश करता है। हम हल्के विनिर्माण से लेकर खाद्य प्रसंस्करण, स्वच्छ एंव नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा जैसे अनेक क्षेत्रों में अनेक सहयोग और समानताओं का निर्माण करने के लिए तत्पर हैं।
      राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि हम, दोनों देशों की जनता और संस्थानों में क्षमता निर्माण के लिए भी तत्पर हैं। आज, हमने नवाचार और प्रौद्योगिकी में भागीदारों के रूप में नई शुरुआत की है। हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम हमें प्रोत्साहित करते हैं कि सचमुच में भारत और इथियोपिया के लिए अब आकाश ही सीमा है। 
    राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि अंत में, मैं भारत और इथियोपिया को अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और मौद्रिक शासन के संस्थानों में सुधार करने और इन्हें हमारे युग के अनुकूल प्रासंगिक बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान करता हूं। 
     यह ही उचित है कि ऐसे भारत और इथियोपिया जैसे प्राचीन व्यापारिक भागीदार अधिक न्यायसंगत और समकालीन वैश्विक आर्थिक ढांचे के लिए मिलकर प्रयास करें। हम इसे सैद्धांतिक रूप से माने और साझा करें। हम इस बहुपक्षीय आदेश के आभारी हैं कि हम दोनों ही बहुमूल्य हैं। 
     राष्‍ट्रपति राम‍नाथ कोविंद ने कहा कि हम दोनों देशों की युवा जनता के आभारी हैं जो भविष्य के वारिस होगी। इन शब्दों के साथ मैं यहां उपस्थित इथियोपिया और भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलो, आईबीएफ और अन्य सभी लोगों को शुभकामनाएं देता हूं।

किफायती 2857321 घरों के लिए 42278 करोड़ की केन्द्रीय सहायता

     नई दिल्ली। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों में सभी लोगों और विशेष रूप से गरीबों के लिए बेहतर आवास सुविधा सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने इस बारे में विभिन्न पहल शुरू की हैं। 

     उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान शुरू किए गए प्रमुख नए शहरी मिशनों ने एक एकीकृत शहरी आवास मॉडल का गठन किया है। पुरी ने ऐसा नई दिल्ली में आवास नीतियां:सस्ते घर' विषय पर आयोजित 'विश्व पर्यावास दिवस' के अवसर पर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा। 
     उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) जैसे नए शहरी मिशन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सस्ते घर सुनिश्चित कराने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) और कायाकल्प एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन (अमृत) जैसे अन्य मिशनों का उद्देश्य बेहतर आवास के लिए अति आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। 
      पीएमएई (शहरी) के तहत, मंत्रालय ने अभी तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, निम्न और मध्य आय समूहों के लोगों के लिए 154,180 करोड़ रुपये के निवेश से 28,57,321 किफायती घरों के निर्माण को मंजूरी दी है। इन घरों के लिए 42,278 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता भी मंजूर की गई है।
      पुरी ने कहा कि सरकार ने लोगों की घरों की जरूरत को पूरा करने के लिए, विशेषकर किफायती मकानों के लिए आवास क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अनेक पहल की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के सामने विभिन्न कारणों से अनेक समस्याएं हैं, लेकिन उन्हें विश्वास है कि इस क्षेत्र में एक बार फिर से उछाल आएगा।
      उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय के बाद सरकार इस क्षेत्र के हितों के लिए इसे एक विनियामक ढांचे के तहत लायी है। पुरी ने 2030 तक अर्जित किए जाने वाले सतत विकास लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर इन लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए भारत का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा।
      उल्लेखनीय है कि 17 एसडीजी में से 15 शहरी स्थानीय निकायों के क्षेत्र में हैं और सरकार शहरी प्रशासन की क्षमता में सुधार लाने का प्रयास कर रही है।

बंगलोर मेट्रो परियोजना के लिए 300 मिलियन यूरो का समझौता

     नई दिल्ली। भारत सरकार और यूरोपीयन इंवेस्‍टमेंट बैंक (ईआईबी) ने बंगलोर मेट्रो रेल परियोजना चरण-क्ष्क्ष् लाइन आर 6 के लिए 300 मिलियन यूरो के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किया। 

   समझौते पर भारत सरकार की ओर से वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्‍त सचिव (बीसी) सेलवाकुमार और ईआईबी की ओर से ईआईबी के वाइस प्रेसिडेंट एण्‍ड्रयूस मेक्‍डेवैल ने हस्‍ताक्षर किया। 
    बंगलोर मेट्रो परियोजना चरण-क्ष्क्ष् का वित्‍त पोषण संयुक्‍त रूप से यूरोपीयन इंवेस्‍टमेंट बैंक (500 मिलियन यूरो) तथा एशियन इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर इवेस्‍टमेंट बैंक (300 मिलियन यूरो) द्वारा किया जाएगा। आज 300 मिलियन यूरो की पहली खेप के लिए हस्‍ताक्षर किए गए। 
     इस परियोजना में बंगलोर में मेट्रो रेल के लिए पूर्व-पश्चिम तथा उत्‍तर-दक्षिण लाइनों का विस्‍तार किया जाएगा। इसकी लम्‍बाई 72.095 किलो मीटर (13.79 किलोमीटर भूमिगत) है। कुल 61 स्‍टेशनों में 12 स्‍टेशन भूमिगत हैं। 
      परियोजना शुरू होने की तिथि से इसकी क्रियान्‍वयन अवधि 5 वर्ष है। इस परियोजना का उद्देश्‍य बंगलोर मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (बीएमटीसी) के साथ नगर की परिवहन व्‍यवस्‍था तथा शहरी परिवहन में सुधार करना है।
      इसका उद्देश्‍य यात्रियों के लिए आधुनिक परिवहन सुविधा सुनिश्चित करना है। इस परियोजना से रोजगार के अवसर प्राप्‍त होंगे, अर्थव्‍यवस्‍था को लाभ मिलेगा, सड़कों पर वाहनों की संख्‍या कम होगी, ईंधन की कम खपत होगी, वायु प्रदूषण कम होगा, यात्रा समय में कमी आएगी तथा शहर के सौदर्य मूल्‍य में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना : 3 लाख 96 हजार करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत

    हैदराबाद। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहाँ कहा कि केंद्र सरकार ने 8 अप्रैल 2015 को शुरू प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अभी तक 9 करोड़ 13 लाख ऋण स्वीकृत किये गए हैं।

 हैदराबाद में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के प्रोत्साहन कैंप में आम जनता, कारोबारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, सामाजिक क्षेत्र के लोगों को सम्बोधित करते हुए नकवी ने कहा कि कहा कि इस योजना के तहत लाभ पाने वालों में लगभग 76 प्रतिशत महिलाएं हैं। लाभार्थियों में लगभग 55 प्रतिशत से ज्यादा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग के लोग शामिल हैं। 
     लाभार्थियों में 3 लाख 96 हजार करोड़ रुपए के ऋण स्वीकृत किये गए हैं। नकवी ने कहा कि दुनिया का हर देश आज भारत को आर्थिक ताकत मान रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे मजबूत एवं सुरक्षित निवेश का केंद्र बन गया है।
      नकवी ने कहा कि पिछले 3 वर्षों के दौरान मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत दिशा दी है। आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर रही है। नकवी ने कहा कि नोट बदली के लाभ अब दिखाई दे रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से जरूरतमंदों के बैंक खाते में सीधे पैसा भेज कर पारदर्शिता सुनिश्चित की है। 
      प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के प्रोत्साहन कार्यक्रम में नकवी ने इस योजना के साथ-साथ स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया जैसी योजनाओं की जानकारी लोगों को दी। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में- शिशु में 50 हजार रूपये तक, किशोर– 50 हजार रूपये से 5 लाख रूपये तक, तरूण– 5 लाख रूपये से 10 लाख रूपये तक का ऋण दिया जा रहा है।

इथोपिया में भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए सरकार प्रतिबद्ध

    इथोपिया। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इथोपिया में भारत के राजदूत अनुराग श्रीवास्तव द्वारा आयोजित भारतीय समुदाय स्वागत समारोह को संबोधित किया।

  राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इथोपिया में भारतीय समुदाय भारत-इथोपिया संबंधों का केंद्र बिन्दु रहा है। इन्होंने अध्यापक एवं शिक्षाविद् के तौर पर मेजबान देश के राष्ट्रीय निर्माण में सहयोग दिया है। उद्यमी के तौर पर आर्थिक सुअवसरों को उत्पन्न किया है और स्थानीय लोगों को कौशल प्रदान किया है। तकनीकी विशेषज्ञ एवं कर्मचारी के तौर पर इथोपिया के उद्योग की महत्ता को बढ़ावा दिया है।
     भारतीय समुदाय ने इथोपिया के समाज में अपने लिए सम्मान कड़ी मेहनत और समर्पण से प्राप्त किया है। भारतीय समुदाय ने भारतीय मूल्यों, पारिवारिक परम्परा और नैतिक कार्यों को संभाल कर रखा है एवं आगे बढ़ाया है। 
        राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इथोपिया भी भारत की तरह विविधताओं से भरा देश है और विभिन्न भाषाओं और पाक कलाओं, संगीत, नृत्य एवं नाटय कलाओं की भूमि है। भारतीय समुदाय को स्थानीय ग्रहणशील संस्कृति का लाभ लेना चाहिए और अपनी संस्कृति को साझा एवं इसका प्रदर्शन करना चाहिए। 
    राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और इथोपिया दोनों के पास विशाल युवा जनसंख्या है। युवा भविष्य हैं और नये विचारों का आयुर्भाव उन्हीं पर निर्भर करता है। उन्होंने भारतीय समुदाय को इथोपिया के युवाओं से जुड़ने के लिए विशेष प्रयास करने की सलाह दी। 
     उन्होंने कहा कि बेहतर विश्व निर्माण के लिए, चाहे वह जलवायु परिवर्तन से निपटने या लोगों को कौशल प्रदान करने में, उनके विचार समाधान का काम करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार प्रवासी समुदाय के साथ दीर्घकालिक एवं सक्रिय संपर्क जारी रखना चाहती है। इस संपर्क का मुख्य उद्देश्य भारत में हो रहे परिवर्तनकारी बदलाव के साथ, समुदाय के साथ परिचित होना भी है। 
      प्रवासियों के साथ संवाद भी संभावनाओं को आकार देना और मंच प्रदान करने के उद्देश्य से है, जिससे यह भारत की प्रगति और विकास में प्रतिभागिता कर सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार विदेशी भारतीय समुदाय के हितों का ध्यान रखती है और इनके साथ खड़े रहने का दायित्व को निभाती है। 
     उन्होंने वर्ष 2015 में यमन में ऑपरेशन राहत के दौरान भारतीय नागरिकों को यमन और लीबिया से सुरक्षित निकालने और हाल ही में संयुक्त राज्य अमरीका के कुछ हिस्सों में बाढ़ के दौरान परिवारों को सहायता के प्रयासों का उल्लेख किया। 
    अदीस अबाबा में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय इथोपियन समुदाय के लगभग 500 सदस्यों ने भाग लिया। भारतीय समुदाय इस पूरे देश में फैला हुआ है और इनकी संख्या लगभग 5000 है। राष्ट्रपति कोविंद का इथोपिया दौरा आज भी जारी रहेगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का जिबूती पहुंचने पर स्वागत

    अफ्रीका। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का उनके अफ्रीका के दौरे के दूसरे दिन जिबूती के राष्ट्रपति पैलेस में औपचारिक स्वागत किया गया।

    उन्होंने जिबूती गणराज्य के राष्ट्रपति इस्माइल उमर गुलेह के साथ सलामी गारद का निरीक्षण किया। राष्ट्रपति की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत का आयोजन भी किया गया। 
      दोनों राष्ट्रपतियों की उपस्थिति में विदेशी कार्यालय स्तर पर भारत और जिबूती के बीच नियमित राजनीतिक सलाह स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। 
     जिबूती का दौरा करने वाले प्रथम भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बातचीत के दौरान परिस्थितियों और विषयों जैसे आतंकवाद, नवीकरणीय ऊर्जा और विशेषतः अंतर्राष्ट्रीय सौर संधि की सदस्यता के लिए जिबूती का सहयोग, भारतीय महाद्वीप क्षेत्र में समुद्री सहयोग और जिबूती के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए भारत द्वारा सहयोग निर्माण क्षमता और तकनीकी का विशेष उल्लेख किया। 
     राष्ट्रपति कोविंद ने भारत द्वारा 2015 में संघर्षरत यमन में वहां के नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ऑपरेशन राहत के दौरान जिबूती के सहयोग के लिए राष्ट्रपति गुलेह का विशेष तौर पर धन्यवाद किया। इसके बाद राष्ट्रपति कोविंद ने जिबूती गणराज्य के राष्ट्रपति की मेजबानी में दोपहर के राजभोज में हिस्सा लिया। 
      इसके बाद, दो देशों के अफ्रीका दौरे के दूसरे चरण में राष्ट्रपति कोविंद इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा के लिए रवाना हुए। अदीस अबाबा में बोले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इथोपिया संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. मुलातू तिशोम की विशेष उपस्थिति में राष्ट्रपति कोविंद का स्वागत किया गया। 
     इसके बाद राष्ट्रपति को सलामी गारद प्रदान किया गया और उन्होंने इथोपिया के सांस्कृतिक संगीत कार्यक्रम का आनंद भी लिया। राष्ट्रपति कोविंद पिछले 45 वर्षों में इथोपिया का दौरा करने वाले भारत के पहले और अब तक इथोपिया का दौरा करने वाले तीसरे भारतीय राष्ट्रपति हैं।
      इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति वी.वी. गिरी ने वर्ष 1972 और राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन ने वर्ष 1965 में इथोपिया का दौरा किया था। राष्ट्रपति अदीस अबाबा में भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का इथोपिया दौरा 5 अक्टूबर, 2017 को भी जारी रहेगा।