Wednesday, 11 January 2017

20 लाख से अधिक आबादी वाले 31 शहरों में रेल परियोजनाएं

        शहरी विकास, आवास, शहरी गरीबी उपशमन, सूचना और प्रसारण मंत्री वेकैंया नायडू ने कहा कि भारत में शहरी पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। 20 लाख से अधिक आबादी वाले 31 शहरों में रेल परियोजनाएं लागू की जा रही हैं ।

           नायडु गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात समिट में स्मार्ट और रहने योग्य शहरों में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस शहरी विकास पर है क्योंकि सकल घरेलू उत्पाद का 65 प्रतिशत शहरों से प्राप्त होता है। शहर विकास के इंजन हैं। शुरूआती चरण में सरकार ने 100 शहरों को चिन्हित किया है। इनमें से 60 शहरों में तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। इन 60 शहरों में अहमदाबाद और सूरत शामिल हैं। अहमदाबाद को एए रेटिंग मिली है। सूरत भी ऊंची रेंकिंग के साथ स्पेशल पर्पस व्हेकिल के माध्यम से विकास कार्य कर रहा है। गांधीनगर और बडोदरा सहित गुजरात के चार शहरों में शीघ्र ही कार्य शुरू होगा। अहमदाबाद में 32 किलोमीटर की मेट्रों रेल परियोजना का काम तेजी से चल रहा है जिसमें 11000 करोड़ रूपये का निवेश हुआ है। परियोजना के 2018 तक पूरी हो जाने की आशा है। 

         नायडू ने कहा कि 20 लाख से अधिक आबादी वाले 31 शहरों में रेल परियोजनाएं लागू की जा रही हैं। बाद में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में परियोजना शुरू की जाएगी। नायडू ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखी गई अमृत योजना और विरासत शहरों का भी जिक्र किया। नायडु ने कहा कि प्रधानमंत्री कोई लोकलुभावन कार्य नहीं करना चाहते। प्रधानमंत्री लोगों के बेहतर जीवन के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल को अनूठा बताते हुए कहा कि बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश तथा तेलंगाना इस विकास मॉडल को अपना रहे हैं। 

      नायडु ने कहा कि प्रधानमंत्री व्यापक बदलाव के लिए जनसाधारण को तैयार कर रहे हैं। आवासीय ऋणों पर ब्याज दरों में रियायत की प्रधानमंत्री की घोषणा और बैंकों द्वारा हाल में घटाई गई ब्याज दरों से आशा है कि 2022 तक सबका अपना घर होगा। 



 

सड़क सुरक्षा में शामिल स्वयंसेवी संगठनों को 2 लाख


          सड़क परिवहन, राजमार्ग और शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मंत्रालय सड़क सुरक्षा गतिविधि में शामिल होने वाले स्वयंसेवी संगठनों को 2 लाख रूपये तक अनुदान देगा। 

        गडकरी नई दिल्ली में सड़क सुरक्षा पर काम करने वाले स्वयंसेवी संगठनों की राष्ट्रीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। गडकरी ने कहा कि सड़कों को सुरक्षित बनाने में सबसे अधिक जरूरत नागरिकों की भागीदारी की है। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों से कहा कि वे यातायात के नियमों तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य विषयों के प्रति जनसाधारण को जागरूक बनाए। वे स्थानीय सांसद को दुर्घटना वाले क्षेत्रों की पहचान करने और निदान के उपाय करने में सहायता दें। इस राष्ट्रीय बैठक में लगभग 170 स्वयंसेवी संगठनों ने सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। देश में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को दिखाने के लिए प्रजेंटेशन दिया गया। सड़क सुरक्षा के इंजीनियरिंग समाधान के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई और इस संबंध में उठाए जा रहे कदमों पर विचार किया गया।

दिव्‍यांगजन (विकलांग) सशक्तिकरण के लिए ‘सुगम्‍य भारत अभियान’


          सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत की अध्‍यक्षता में ‘‘सुगम्‍य भारत अभियान’’ की योजना पर दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति बैठक का आयोजन किया गया। 

            गहलोत ने कहा कि दिव्‍यांगजन सशक्तिकरण विभाग की स्‍थापना 12 मई, 2012 को की गई थी। विकलांग व्‍यक्तियों को अब दिव्‍यांगजन के रूप में संबोधित किया जाता है। यह विभाग दिव्‍यांगजन प्रशासन (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 95 के लिए उत्तरदायी है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में कुल 2.68 करोड़ दिव्‍यांगजन हैं जो कुल जनसंख्‍या का 2.21 प्रतिशत हैं। 

         प्रधानमंत्री ने 3 दिसम्‍बर, 2015 को पर्यावरण, परिवहन प्रणाली और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) पारिस्थितिकी में दिव्‍यांगजनों के लिए सार्वभौमिक पहुंच बनाने हेतु ‘सुगम्‍य भारत अभियान’ का शुभारंभ किया था। इस अभियान के पीछे का दर्शन दिव्‍यांगजनों का एक सामाजिक मॉडल है। लक्ष्‍यों को अभियान की रणनीति के दस्‍तावेज तैयार कर लिये गये हैं। अभियान में देश के 50 शहरों में 25 से 50 सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण सरकारी भवनों की सुगम्‍यता जांच को पूर्ण करना, राष्‍ट्रीय राजधानी और राज्‍य की सभी राजधानियों के सभी सरकारी भवनों के 50 प्रतिशत को पूर्ण सुगम्‍य बनाना, सरकारी भवनों के 50 प्रतिशत सुगम्‍यता परीक्षण को पूर्ण करना।:अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डों के सुगम्‍यता परीक्षण को पूर्ण करना और उन्‍हें पूरी तरह सुगम्‍य बनाना। सभी घरेलू हवाई अड्डों के सुगम्‍यता परीक्षणों को पूर्ण करना और उन्‍हें पूरी तरह सुगम्‍य बनाना।

           रेलवे स्‍टेशनों की ए और बी श्रेणियों को पूर्ण सुगम्‍य बनाया जायेगा और सभी रेलवे स्‍टेशनों के 50 प्रतिशत को मार्च, 2018 तक पूर्ण सुगम्‍य बनाया जायेगा। केंद्र और राज्‍य सरकार की कम से कम 50 प्रतिशत वेबसाइटों को सुगम्‍यता मानक पूरे करने होंगे। सार्वजनिक दस्‍तावेजों के कम से कम 50 प्रतिशत को सुगम्‍यता मानक पूरे करने होंगे।

भारत की धरती पर 1,62,250 विदेशी पर्यटकों की मौज-मस्ती 


            ई-पर्यटक वीजा पर देश में कुल मिलाकर 1,62,250 विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि दिसंबर 2015 में 1,03,617 विदेशी पर्यटक आए थे। इस तरह दिसंबर, 2016 में ई-पर्यटक वीजा पर आए विदेशी पर्यटकों की संख्‍या में दिसंबर, 2015 की तुलना में 56.6 प्रतिशत वृद्धि है। दिसंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले देशों में ब्रिटेन (22.4 प्रतिशत) लगातार शीर्ष स्‍थान पर डटा रहा।

         इसके बाद क्रमश: अमेरिका (16.4 प्रतिशत) और रूसी संघ (7.7 प्रतिशत) रहे। भारत सरकार देश में 16 अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डों पर 150 देशों के नागरिकों को ई-पर्यटक वीजा सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। दिसंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधा का लाभ उठाने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्‍या में दिसंबर, 2015 की अवधि की तुलना में वृद्धि हुई। दिसंबर, 2016 के दौरान और दिसंबर 2016 तक की अवधि के दौरान ई-पर्यटक वीजा की मुख्य बातें रहीं। ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 1,62,250 विदेशी पर्यटक आए, जबकि दिसंबर 2015 में 1,03,617 विदेशी पर्यटक आए थे। जनवरी-दिसंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा पर कुल मिलाकर 10,79,696 विदेशी पर्यटक आये, ज‍बकि जनवरी-दिसंबर, 2015 में यह संख्‍या 4,45,300 थी। यह 142.5 प्रतिशत वृद्धि है।  

           यह बढ़ोतरी 161 देशों के लिए ई-पर्यटक वीजा सुविधा की पेशकश करने से हो पाई , जबकि पहले यह संख्या केवल 113 ही थी। दिसंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा सुविधाओं का लाभ उठाने वाले शीर्ष 10 स्रोत देशों की हिस्सेदारी रही। इनमें  ब्रिटेन 22.4 प्रतिशत, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका 16.4 प्रतिशत, रूसी संघ 7.7 प्रतिशत, चीन 5.3 प्रतिशत, ऑस्‍ट्रेलिया 4.6 प्रतिशत, फ्रांस 4.1 प्रतिशत, जर्मनी 4.0 प्रतिशत, दक्षिण अफ्रीका 3.7 प्रतिशत, कनाडा 3.7 प्रतिशत, कोरिया गणराज्‍य 2.0 प्रतिशत रही। दिसंबर, 2016 के दौरान ई-पर्यटक वीजा पर आए विदेशी पर्यटकों के मामले में शीर्ष 10 हवाई अड्डों की हिस्सेदारी रही।

           इनमें नई दिल्ली हवाई अड्डा 36.6 प्रतिशत, मुंबई हवाई अड्डा 23.1 प्रतिशत, डाबोलिम (गोवा) हवाई अड्डा 13.6 प्रतिशत, चेन्नई हवाई अड्डा 6.0 प्रतिशत, बेंगलुरू हवाई अड्डा 5.1 प्रतिशत, कोच्चि हवाई अड्डा 4.7 प्रतिशत, कोलकाता हवाई अड्डा 2.5 प्रतिशत, हैदराबाद हवाई अड्डा 2.4 प्रतिशत, तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डा 1.9 प्रतिशत और अहमदाबाद हवाई अड्डा 1.7 प्रतिशत रही ।