Monday, 21 August 2017

लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी एमके-4 के दूसरे जहाज की पोर्ट ब्लेयर में शुरूआत

        अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के लेफ्टिनेंट गवर्नर डॉ. जगदीश मुखी ने पोर्ट ब्लेयर में भारतीय नौसेना में आईएन एलसीयू एल52 को शामिल किया। भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली आईएन एलएसयू एल52 दूसरी लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (एलसीयू) एमके-4 के श्रेणी की है।

     इस जहाज को गार्डेन रीच शिप बिल्डोर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता द्वारा स्वे्दशी डिजाइन से निर्मित किया गया है। एल52 को नौसेना में शामिल किया जाना देश की स्वदेशी डिजाइन और जहाज निर्माण क्षमता को दर्शाता है। एलसीयू एमके-4 जहाज एक ऐसा जहाज है, जो मुख्य लड़ाकू टैंकों, बख़्तरबंद वाहनों, सैनिकों और उपकरणों को जहाज से किनारे तक लाने में प्राथमिक भूमिका निभाता है। 
      इन जहाजों को अंडमान और निकोबार कमान में रखा जाएगा। इन्हें समुद्र तट पर संचालन, तलाशी व बचाव, आपदा राहत संचालन, आपूर्ति और पुनःपूर्ति एवं निकासी जैसे कामों को पूरा करने के लिए तैनात किया जा सकता है। 
       कमांडर कौशिक चटर्जी की कमान वाले इस जहाज में 05 अधिकारी और 46 नाविक होंगे। इसके अलावा 160 सैनिक भी होंगे। यह जहाज मुख्या युद्धक टैंकों अर्जुन, टी72 और अन्यर वाहनों जैसे विभिन्नज प्रकार के युद्ध उपकरणों के परिवहन में सक्षम हैं। यह जहाज अत्यायधुनिक उपकरणों और एकीकृत ब्रिज सिस्टीम (आईबीएस) एवं समेकित प्लेरटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टयम (आईपीएमएस) जैसे उन्नीत सिस्टम से सुसज्जित है। 
      इसी श्रेणी के बाकी 6 जहाजों का निर्माण जीआरएसई, कोलकाता में अंतिम चरणों में है। इन्हें अगले दो वर्षों में नौसेना में शामिल किया जाना है। इनके शामिल किए जाने से देश की समुद्री सुरक्षा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी और यह प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' अभियान के अनुरूप है।

जलवायु परिवर्तन विश्व के लिए एक गंभीर मसला

         केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा और खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने यहां तीन दिन तक चलने वाली 8वीं विश्व नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी कांग्रेस में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को संबोधित किया। 

     गोयल ने इस सम्‍मेलन के उदघाटन सत्र के दौरान एनर्जी एंड एनवायरमेंट फाउंडेशन ग्‍लोबल एक्‍सीलेंस अवार्डस 2017 भी प्रदान किये। इस वार्षिक सम्‍मेलन की परिकल्‍पना और योजना ‘2022 तक सब के लिए ऊर्जा स्‍वतंत्रता और बिजली’ प्राप्‍त करने के भारत के विजन की पृष्‍ठभूमि में तैयार की गई है। 
     यह सम्‍मेलन स्‍वच्‍छ, विश्‍वसनीय और किफायती ऊर्जा आपूर्तियां सुनिश्चित करने के लिए नवीन हरित प्रौद्योगिकियों पर ध्‍यान केन्द्रित करता है। यह विशेषज्ञों, निवेशकों और अन्‍य हितधारकों यथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र, सलाहकार समूहों, सरकारों, गैर सरकारी संगठनों, गैर लाभकारी संगठनों, पर्यावरणविदों और शिक्षाविदों को एक मंच पर लाते हुए सूचना का आदान-प्रदान करने, अनुभव और बेहतरीन पद्धतियों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।
      इस अवसर पर गोयल ने कहा कि पिछले 10 से 15 वर्षों में दुनियाभर में ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन में वृद्धि होने के कारण वातावरण की गुणवत्‍ता में तेजी से गिरावट देखी गई है। यह संभवत: आज मानवता के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। गोयल ने कहा कि सौभाग्‍य से, पेरिस समझौते के बाद समूचे विश्‍व ने स्‍वीकार किया है कि जलवायु परिवर्तन एक गंभीर मसला है। 
         इसको दुनियाभर में मिशन मोड में हल किये जाने की आवश्‍यकता है। गोयल ने सूचित किया कि भारत इस चुनौती से निपटने के लिए वैश्विक मंच पर अनेक अनुबंधों की अगुवाई कर रहा है, जिनमें अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), मिशन इनोवेशन, ऊर्जा क्षेत्र के त्‍वरित डी-कार्बनिज़ेशन के संबंध में वैश्विक अनुबंध, अफ्रीकी नवीकरणीय ऊर्जा पहल शामिल हैं। जी-20 देशों के ऊर्जा मंत्री अन्‍य बातों के अलावा, इस बात का पता लगाने के लिए एकजुट हो रहे हैं कि विश्‍व के बेहतर भविष्‍य के लिए क्‍या किया जा सकता है। 
       गोयल ने 3-डी के बारे में भी चर्चा की, जिस पर विश्‍व को अपनी ऊर्जा केन्द्रित करने की जरूरत है। ये 3-डी हैं, ऊर्जा क्षेत्र के डी-कार्बनिज़ेशन का साझा लक्ष्‍य, ऊर्जा क्षेत्र का और अधिक विकेन्‍द्रीकरण करने की संभावनाओं पर विचार करना तथा ऊर्जा क्षेत्र का अधिक से अधिक डिजिटीकरण। उन्‍होंने कहा, ‘हर गुजरते दिन के साथ समय घटता जा रहा है और हमें स्‍वच्‍छ ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा ग्रीन हाउस गैसों के उत्‍सर्जन में कमी लाने के लिए आपस में तालमेल बैठाते हुए प्रयासों में तेजी लाने की आवश्‍यकता है।
       अगर हमने इन 3-डी का मामला नहीं सुलझाया, तो मुझे चिंता है कि विश्‍व को वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था में मंदी का सामना करना पड़ सकता है।’ नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकीय प्रगति के बारे में चर्चा करते हुए गोयल ने कहा, ‘मुझे पक्‍का यकीन है कि प्रौद्योगिकी का यह प्रारंभ विशेषकर भारत जैसी उभरती और बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍थाओं के लिए, नवीकरणीय ऊर्जा को ज्‍यादा आकर्षक बनाएगा, विशेषकर उस समय जब ऊर्जा के पारम्‍परिक स्रोतों के अन्‍य स्‍वरूपों की तुलना में नवीकरणीय ऊर्जा की लागत कम है।’
        इस अवसर पर उपस्थित अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्तियों में के एस पोपली, सीएमडी भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण लिमिटेड (आईआरईडीए), उपेन्‍द्र त्रिपाठी, डीजी, आईएसए तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अनेक राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय हस्तियां मौजूद थीं।

लैंगिक भेदभाव जड़ से समाप्त करना आवश्यक

         केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने देश में लैंगिक भेदभाव के जड़ पर प्रहार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि समाज में व्यवहार परिवर्तन लाना आवश्यक है।

      सदानंद गौड़ा नई दिल्ली में सतत विकास लक्ष्यों के लैंगिक संकेतकों के लिए डाटा एकत्रीकरण के बारे में दो दिन के राष्ट्रीय परामर्श सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। 
     उन्होंने कहा कि यद्पि देश को अनेक सामाजिक बुराइयों से लड़ने में सफलता मिली है। कई क्षेत्रों मे महत्वपूर्ण प्रगति हुई हैं लेकिन देश के सभी कोने तक विकास का लाभ सुनिश्चित करने के लिए बहुत कुछ किया जाना शेष है। 
     उन्होने कहा कि सरकार विकास के लाभ सभी वर्गों के लोगों, विशेष कर समाज से वंचित वर्गों की महिलाओं, तक सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत का जनसांख्यिकी लाभ अनूठा है क्योंकि कुल आबादी की तुलना में कामकाजी आबादी की वृद्धि दर अधिक है। जनसांख्यिकी लाभ का यह सिलसिला 2040 तक बने रहने की संभावना है।
        गौड़ा ने कहा कि गरीबी कम करने में आर्थिक विकास के लाभों को पहुंचाने में उत्पादक रोजगार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने रोजगार क्षेत्र में महिला श्रम शक्ति की भागीदारी में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त की और कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए नीति बनाने की आवश्यकता है। लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री ने बेटी बचाव, बेटी पढ़ाओ, स्टैंड अप इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान तथा स्वच्छ ईंधन प्रदान कर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा करने वाली प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र किया। 
      उन्होंने शिक्षा के अधिकार अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का भी जिक्र किया। समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 में समान कार्य के लिए पुरुषों और महिलाओं को समान पारिश्रमिक देने का प्रावधान है। गौड़ा ने कहा कि हाल में बनाया गया मॉडल शॉप और प्रतिष्ठान अधिनियम महिलाओं को रात में काम करने की अनुमति देता है। इस अधिनियम में रात्रि पाली में काम करने वाली महिलाओं की पर्याप्त सुरक्षा और कार्य संबंधी अन्य प्रावधान हैं। 
    संसद द्वारा पारित मातृत्व लाभ संशोधन विधेयक, 2016 की चर्चा करते हुए गौड़ा ने कहा कि भुगतान वाला मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है। दो दिन के परामर्श सम्मेलन से सतत विकास लक्ष्यों के लिए लैंगिक संकेतकों के लिए पाई जाने वाली खाई को पाटने के लिए विचार करने पर सभी हितधारकों को एक मंच प्राप्त होगा।
      विशेषज्ञों के साथ परामर्श करने से नई नीतियां बनेंगी और डाटा प्रणाली मजबूत होगी ताकि लैंगिक दृष्टिकोण से विकास के कदम उठाए जा सकें। भारत के मुख्य सांख्यिकी अधिकारी और सांख्यिकी तथा क्रियान्वयन मंत्री डॉ.टी सीए अनंत ने कहा कि एसडीजी बहुत बड़ा लक्ष्य है।
    इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार के नीति निर्माताओं, सांख्यिकी विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी के बीच निरंतर मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नीति के संदर्भ में तथा प्रासांगिक डाटा के संबंध में निरंतर मूल्यांकन आवश्यक है।
        परामर्श सत्र को महिला और बाल विकास मंत्रालय के सचिव राकेश श्रीवास्तव तथा महानिदेशक (सामाजिक सांख्यिकी), केंद्रीय सांख्यिकी अधिकारी, सहायक सचिव संयुक्त राष्ट्र महासभा डॉ. देवेन्द्र वर्मा तथा संयुक्त राष्ट्र की उप कार्यकारी निदेशक सुश्री लक्ष्मीपुरी ने भी संबोधित किया।

डोकलाम गतिरोध का जल्‍द समाधान होने की आशा

      केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आशा व्‍यक्‍त की कि भारत और चीन के बीच डोकलाम गतिरोध का समाधान जल्‍द ही हो जाएगा।

     उन्‍होंने दावा किया कि हमारे सुरक्षा बल देश की सरहदों की हिफाजत करने में पूरी तरह सक्षम हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का ना तो कभी कोई विस्‍तारवादी मंसूबा रहा है और ना ही उसने किसी देश पर हमला किया है। उन्‍होंने कहा कि हम टकराव नहीं, शांति चाहते हैं। 
   यहां आईटीबीपी की भव्‍य पाइपिंग सेरेमनी के दौरान अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हम अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि इसी मंशा के साथ प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने अपनी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए सभी पड़ोसी देशों के नेताओं को आमंत्रित किया था।
     पूर्व प्रधानमंत्री अटल बि‍हारी वाजपेयी का उल्‍लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि हम मित्र बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं। उन्‍होंने कहा कि आईटीबीपी में पदोन्‍नतियां प्रदान करने में हुए लंबे विलंब की ओर इशारा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि अनुशासित आईटीबीपी कर्मियों ने इस विलंब को बहुत ही संयम के साथ बर्दाश्‍त किया। ये पदोन्‍नतियां 2011 से लंबित रही।
       उन्‍होंने भरोसा दिलाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय सीएपीएफ के आवास और कल्‍याण संबंधी मामलों के अलावा उनके करियर की संभावनाओं को बेहतर बनाएगा। केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री किरेन रिजिजु ने कहा कि आज का कार्यक्रम आईटीबीपी कर्मियों के नैतिक बल को बढ़ावा देने में योगदान देगा। उन्‍होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय में बुनियादी तौर पर नीति निर्माताओं और उनका कार्यान्‍वयन करने वालों के बीच तालमेल बैठाया गया है। 
        आईटीबीपी के महानिदेशक आर के पचनंदा ने कहा कि छह वर्ष से ज्‍यादा अरसे से लंबित 1654 आईटीबीपी कर्मियों की बड़े पैमाने पर पदोन्‍नति गृह मंत्रालय के निरंतर प्रयासों से संभव हो सकी है। इस कार्यक्रम के दौरान गुप्‍तचर ब्‍यूरो के निदेशक राजीव जैन और सीएपीएफ के महानिदेशक भी उपस्थित थे।