Thursday, 20 July 2017

रामनाथ कोविंद देश के नए राष्ट्रपति

          राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के 14वें और उत्तर प्रदेश से पहले राष्ट्रपति होंगे। दलित बनाम दलित राष्ट्रपति पद के चुनाव में उन्होंने विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को करारी शिकस्त दी है।

 कोविंद को 65.65 फीसदी तो मीरा कुमार को 34.35 फीसदी मत मिले हैं। इस चुनाव में कोविंद को क्रॉस वोटिंग का भी जबर्दस्त लाभ मिला है।
    कोविंद के पक्ष में 522 तो मीरा के पक्ष में 225 सांसदों ने वोट डाले। कोविंद ने इसे भारतीय परंपरा की महानता का प्रतीक बताते हुए सर्वे भवंतु सुखिन: के भाव से काम करते रहने की घोषणा की है। 
       चुनाव अधिकारी अनूप मिश्र ने कोविंद की जीत की घोषणा करने के बाद खुद इसकी जानकारी देने उनके अस्थाई निवास पर पहुंचे।
          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित सभी राजनीतिक हस्तियों ने कोविंद को जीत की बधाई दी है। कोविंद 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। 
      संसद भवन में 8 राउंड में हुई गिनती में कोंविंद मीरा पर शुरू से ही बढ़त बनाए हुए थे। 5वें राउंड की गिनती में ही उन्हें इस पद के लिए जरूरी वोट हासिल हो गए थे। 
    अंतिम राउंड की गिनती पूरी होते ही चुनाव अधिकारी मिश्र ने कोविंद की जीत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कोविंद के पक्ष में 702044 तो मीरा के पक्ष में 367314 मत पड़े।

अब आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना

       ग्रामीण विकास मंत्रालय, दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत एक नई उप-योजना की शुरूआत करेगा, जिसका नाम आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (एजीवाई) होगा।

     लोकसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि इस योजना के मुख्य उद्देश्य डीएवाई-एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों को आजीविका के वैकल्पिक स्रोत उपलब्‍ध कराना है। इसके तहत उन्‍हें पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं परिचालित करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
       इससे ई-रिक्शा, 3 और 4 व्हीलर मोटर परिवहन वाहनों जैसी सुरक्षित और सस्‍ती सामुदायिक निगरानी वाली ग्रामीण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिनसे क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास के लिए दूरदराज के गांवों को बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मुख्‍य सेवाओं और सुविधाओं से जोड़ा जा सकेगा। 
        मंत्री ने कहा कि यह उप-योजना 2017-18 से 2019-20 तक 3 वर्षों की अवधि के लिए एक पायलट आधार पर देश के 250 ब्लॉकों में लागू की जाएगी। राज्यों को पायलट चरणों में इस उप-योजना को लागू करने के लिए उन्‍हें आवंटित ब्लॉकों की संख्या के बारे में सूचित किया गया है। इस उप-योजना के तहत दिए जाने वाले प्रस्‍तावित विकल्पों में से एक सामुदायिक आधार संगठन (सीबीओ) है जो अपनी निधि से वाहन खरीदने के लिए स्‍वयं सहायता समूह के सदस्यों को ब्याज मुक्त ऋण प्रदान करेगा।
          सरकार देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों (दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर) में डीएवाई, एनआरएलएम लागू कर रही है। डीएवाई, एनआरएलएम के तहत अब तक 34.4 लाख महिला स्‍वयं सहायता समूह इस कार्यक्रम के तहत प्रोत्‍साहित किए गए हैं। इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय सहायता मुख्य रूप से रिवाल्विंग निधि और सामुदायिक निवेश निधियों के रूप में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और उनके महासंघों को अनुदान के रूप में दी जाती है।
          अभी तक 3.96 लाख स्‍वयं सहायता समूहों को लगभग 1815 करोड़ रूपये की कुल राशि जारी की जा चुकी है। 1088 करोड़ रूपए की राशि 7.28 लाख स्‍वयं सहायता समूहों को रिवॉलविंग निधि के रूप में वितरित की गई है। इस योजना में संस्‍थानों के बैंक जुड़ाव पर ध्‍यान केंद्रित किया गया है ताकि उनकी आय का पता चल सके। प्रारंभ से ही महिला स्‍वयं सहायता समूह और उनके महासंघों के लिए जुटाया गया संचयी बैंक क्रेडिट 1.19 लाख करोड़ रुपये है।
          इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में महिला किसानों के लिए कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए समर्पित घटक सहित महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 34 लाख महिला किसान लाभान्वित हुई हैं।
        इसके अलावा ग्राम स्तरों पर स्टार्ट-अप उद्यमों ने इन क्षेत्रों में उद्यमी गतिविधियां को बढ़ावा देने में मदद की है। देश के 17 राज्यों के 5209 गांवों में 79,814 उद्यम स्थापित करने की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई हैं।

दीनदयाल उपाध्याय कौशल्य योजना में 85,000 युवाओं को नौकरी

       दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा ग्रामीण युवाओं के लिए नौकरी से जुड़ा कौशल विकास कार्यक्रम है। 

लोकसभा में एक प्रश्‍न का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि इस योजना के तहत दिए जा रहे प्रशिक्षण से युवा नौकरी तलाश करने में सक्षम हो जाता है। 
        उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान कुल 1,62,586 उम्मीदवारों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया और 84,900 उम्‍मीदवार नियोजित हुए। एक अन्य घटक कौशल विकास है जो ग्रामीण स्वयंरोजगार और प्रशिक्षण संस्थानों (आरएसईटीआई) के माध्यम से किसी प्रशिक्षु को बैंक से ऋण के साथ अपना स्वयं का रोजगार शुरू करने में समर्थ बनाता है।
      वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 4,45,106 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया है और 3,63,111 उम्‍मीदवारों ने अपने रोजगार स्‍थापित किए।