Wednesday, 21 June 2017

भारत बनेगा विश्व का वेलनेस पर्यटन उद्योग, लक्ष्य 678 बिलियन डॉलर

        पर्यटन मंत्रालय ने नई दिल्ली में आयुष सुविधाओं के लिए दिशा-निर्देशों पर सार-संग्रह जारी किया। पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय मेडिकल और वेलनैस पर्यटन बोर्ड चिकित्सा और स्वास्थ्य पर्यटन के विभिन्न सेवा प्रदात्ताओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का मानक वैश्विक रूप से स्वीकार मानकों के आधार पर करने की आवश्यकता पर बल देता आ रहा है। 

        पर्यटन मंत्रालय का निरंतर प्रयास सेवा गुणवत्ता में उत्कृष्टता के लिए मानकों को हासिल करने वाले संस्थानों और प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने पर रहा है। उद्योग तथा पर्यटन मंत्रालय सहित हितधारकों की मांग पर अस्पतालों तथा सेवा प्रदात्ताओं के लिए बना राष्ट्रीय एक्रेडिटेएशन बोर्ड (एनएबीएच) देश में आयुष सुविधाओं के लिए मान्यता मानक और दिशा-निर्देश तय किय हैं।
           इसमें पर्यटकों द्वारा इस्तेमाल में लाए जाने वाले वेलनेस सेंटर और पंचकर्म क्लीनिक शामिल है। सार-संग्रह में सुविधाओं के लिए मान्यता शामिल है। आर्युवेद अस्पताल, योग तथा नेचुरोपैथी, यूनानी अस्पताल, सिद्ध अस्पताल, होम्योपैथी अस्पताल, पंचकर्म क्लीनिक, वेलनेस सेंटर। पर्यटन मंत्री ने कहा कि वैश्विक मानकों के अनुरूप मान्यता से उद्योग को समान सेवा गुणवत्ता प्रदान करने में मदद मिलेगी। 
         पर्यटन मंत्रालय राष्ट्रीय अस्पताल एक्रेडिटेएशन बोर्ड (एनएबीएच) द्वारा मान्य अस्पतालों जैसे वेलनैस पर्यटन सेवा प्रदाताओं तथा मेडिकल पर्यटन सुविधा प्रदाताओं (ट्रैवल एजेंट/मेडिकल पर्यटन में शामिल और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत टूर ऑपरेटर) को बाजार विकास सहायता (एमडीए) उपलब्ध कराता है। 
           मान्यता प्राप्त सेवा प्रदाताओं की सूची पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट और अतुल्य भारत अभियान में है। इससे संभावित आगुंतकों को मान्यता प्राप्त संस्थानों के बारे में जानकारी मिलेगी। पूरी दुनिया में जीवन शैली संबंधी बीमारियों के कारण समग्र और वैकल्पिक स्वास्थ्य प्रणालियों की लोकप्रियता बढ़ रही है। भारत की आर्युवेद और सिद्ध प्रणाली की समृद्ध परंपरा रही है और योग अभ्यास से शरीर, मन और आत्मा को शांति मिलती है। 
         यूनानी और होम्योपैथी को भी भारत में लोकप्रियता मिली है। भारत परंपरागत रूप से शरीर, मन और आत्मा की कायाकल्प के लिए आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। भारत यूनानी, सिद्ध तथा होम्योपैथी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा प्रणालियों के लिए भी पर्यटकों को आकर्षित करता है। आज यात्रा में सुलभता के कारण बेहतर जीवन और वैकल्पिक स्वास्थ्य सुविधाओं की खोज में लोग यात्रा करते है। 2017 तक विश्व का वेलनेस पर्यटन उद्योग 678 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।

राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को प्रधानमंत्री योग पुरस्कार

          योग को बढ़ावा देने और उसके विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए पहले प्रधानमंत्री पुरस्‍कार के लिए राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान का चयन किया गया है। 

         इस पुरस्कार की शुरूआत करने की घोषणा प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष चंडीगढ़ में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून, 2016 को की थी। पुरस्कार की सिफारिश मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में गठित एक मूल्यांकन समिति (जूरी) ने की। इसमें प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, विदेश सचिव, सचिव (आयुष) और डॉ. विरेन्द्र हेगड़े सदस्य के रूप में शामिल थे। 
           समिति ने अनुवीक्षण समिति की सिफारिशों की जांच की और संस्थानों और अलग-अलग व्यक्तियों के योगदानों का स्वयं विश्लेषण किया तथा प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए पुणे स्थित राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान की सिफारिश की। सरकार ने योग को बढावा देने और उसके विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित करने की समिति की सिफारिश को स्वीकार कर लिया। 
          आयुष मंत्रालय ने विज्ञापन के जरिए पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित किए थे। मंत्रालय ने पुरस्कार के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए थे। दो समितियां–अनुवीक्षण समिति (प्रारंभिक मूल्यांकन के लिए) और मूल्यांकन समिति (जूरी) गठित की गयी ताकि पुरस्कारों के बारे में अंतिम फैसला लेने में पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी जा सके। पुरस्कार का चयन इसके लिए प्राप्त 85 नामांकनों में से किया गया और 15 की अनुवीक्षण समिति द्वारा सिफारिश की गयी। 
            अनुवीक्षण समिति ने अलग-अलग व्यक्तियों और संस्थानों के योगदान के बारे में विस्तृत चर्चा और विश्लेषण करने के बाद प्राप्त आवेदनों में से 16 नाम छांटे। साथ ही समिति ने योग सिखाने वाले जाने-माने ऐसे 15 व्यक्तियों/संगठनों के नामों पर भी विचार करने की सिफारिश की जिन्होंने योग को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काफी लंबे समय विश्वनीयता हासिल की लेकिन प्राप्त आवेदनों में जिनका नाम नहीं था। 
           सभी तथ्यों और जानकारियों पर विचार करने के बाद जूरी ने सिफारिश की इस वर्ष का पुरस्कार पुणे स्थित राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को दिया जाए। राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान योग के प्रसार के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 4 दशक से भी अधिक समय से कार्य कर रहा है। संस्थान ने योग के बारे में पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं और इनका अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। दुनियाभर में आयंगार योग के हजारों अध्यापक योग को लोकप्रिय बना रहे हैं।

योग एक विज्ञान, उद्देश्य शरीर, मन व आत्मा का सामांजस्य पूर्ण विकास

        राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में सामूहिक योग प्रदर्शन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। 

        इस वर्ष तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग एक प्राचीन भारतीय पद्धति है जो कि कई बीमारियो के इलाज और स्वास्थ्य विकारो के समाधान में बेहद उपयोगी है। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ सेहत के लिए भी सर्वांगीण पद्धति है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2017 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लखनऊ में सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने लखनऊ से देश भर में योग दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों को अपनी शुभकामनाएं दीं। 
              उन्होंने कहा, आज योग कई लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है। भारत के बाहर भी योग की लोकप्रियता काफी बढ़ी है और योग विश्व को भारत से जोड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यह देखकर काफी खुश हैं कि पिछले तीन वर्ष में कई योग संस्थान अस्तित्व में आए हैं और योग शिक्षकों की मांग बढ़ती जा रही है। फिटनेस, तंदुरस्ती को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, योग तंदुरस्ती को प्राप्त करने का एक माध्यम है। 
            सभी से योग को उनके जीवन का हिस्सा बनाने का अनुरोध करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग अच्छे स्वास्थ्य का आश्वासन देते है और इसका अभ्यास महंगा भी नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हजारों लोगों ने योग आसन किया। कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क और आस-पास की सड़कों पर दस हजार से अधिक लोग एकत्रित हुए। यह शहर का सबसे बड़ा योग कार्यक्रम रहा। 
          इसमें स्कूली विद्यार्थी, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, राजनीतिक नेता, पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के अधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने योग मुद्रा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने योग को अंतर्राष्ट्रीय कला बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में की गई पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया। 
          उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारी प्राचीन परंपरा को अंतर्राष्ट्रीय स्वीकृति मिली। योग न तो राजनीतिक है और न ही धार्मिक, बल्कि सदियों से व्यवहार में लाए जाने वाला पारंपरिक भारतीय कला अभ्यास है। इससे शांति मिलती है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और एकात्मकता आती है। योग एक विज्ञान है इसका उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा का सामांजस्य पूर्ण विकास है। 
          नायडू ने निर्माण भवन में योग कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए इस अभियान में सभी से शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग समाज के लिए महत्वपूर्ण है। पूरी दुनिया में योग दिवस मनाने और योग आसन करने से लोगों को योग के लाभ के बारे में जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि योग सार्वभौमिक परंपरागत अभ्यास है जिसे हमारे पूर्वजों ने अपनाया। यह लोगों में एकता लाता है। 
            कनॉट प्लेस में समारोह का आयोजन आयुष मंत्रालय तथा नई दिल्ली पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने किया। विद्यार्थियों के प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम सवेरे 6:15 बजे शुरू हुआ। 45 मिनट तक यानी 7:45 बजे पर विभिन्न योग आसन किए गए। 
          हजारों लोगों के साथ एम. वेंकैया नायडू, दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, बिहार के भूतपूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद तथा युवा मामले व खेल राज्य मंत्री विजय गोयल तथा संसद सदस्य श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने योग आसन किए।