Wednesday, 23 August 2017

नई दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय खेल संग्रहालय की स्‍थापना की जाएगी

         युवा मामले और खेल मंत्रालय नई दिल्‍ली स्थित जवाहर लाल नेहरू स्‍टेडियम में अपने किस्‍म के पहले राष्‍ट्रीय खेल संग्रहालय की स्‍थापना करने जा रहा है। यह फैसला तीन महीने पहले कई सिलसिलेवार बैठकों और खेल मंत्री विजय गोयल द्वारा राजधानी में कई स्‍थलों का व्‍यक्तिगत तौर पर दौरा करने के बाद लिया गया। 

        उन्‍होंने ही संग्रहालय के लिए वर्तमान स्‍थल निर्धारित किया है। विजय गोयल ने कहा कि यह संग्रहालय खेलों में भारत की उप‍लब्धियों को दर्शाएगा। साथ ही देश में मौजूद परम्‍परागत खेलों पर भी ध्‍यान केंद्रित करेगा। उन्‍होंने कहा कि इस संग्रहालय का लक्ष्‍य देश में खेलों को जीवन शैली के रूप में लोकप्रिय बनाना है। इसके अनुसार, प्रस्‍तावित संग्रहालय स्‍मृति चिन्‍हों को संग्रह करने के पारम्‍परिक दृष्टिकोण से भी बढ़कर सभी आयु वर्गों की दिलचस्‍पी का केंद्र बनेगा।
     गोयल ने कहा कि इसके अलावा, यह संग्रहालय खेलों में महान भारतीय हस्तियों की उप‍लब्धियों का प्रदर्शन करेगा। साथ ही एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। युवाओं को किसी न किसी खेल-कूद की गतिविधि में तल्‍लीन होने का अवसर प्रदान करेगा। विजय गोयल ने सभी पुराने और वर्तमान खिलाडि़यों तथा आम जनता से अपील की है कि वे अपने पास रखे स्‍मृति चिन्‍हों को राष्ट्रीय खेल संग्रहालय में स्‍थायी प्रदर्शन के लिए देकर इस कार्य में अपना योगदान दें।
       गोयल ने कहा कि उभरते खिलाडि़यों को शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्‍य से संग्रहालय में विभिन्‍न खेलों के नियमों और महत्‍वपूर्ण खेल आयोजन से संबंधित श्रव्‍य-दृश्‍य प्रदर्शन, खेलों और फिजिकल फिटनेस की सभी सुविधाओं से युक्‍त पुस्‍तकालय, पेंटिंग गैलरी और पुराने महत्‍वपूर्ण मैचों/मुकाबलों/खेलों को दिखाने के लिए एम्‍फीथिएटर बनाए जाने की योजना है।
          उन्‍होंने कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, एक एक्टिविटी जोन, यादगार वस्‍तुएं, प्रो शॉप और प्‍ले एरिया भी होगा। विभिन्‍न खंडों में जिन गतिविधियों की योजना बनाई गई है। उनमें खेल-कूद की गतिविधियां, खेल से संबंधित कंप्‍यूटर गेम और खेल स्‍मृति चिन्‍ह और खेल उपकरण बेचने वाली दुकाने शामिल होंगी। विजय गोयल ने कहा कि संग्रहालय खोलने का विचार अब विशेषज्ञों द्वारा संग्रहालय के मॉडल की अवस्‍था में तब्‍दील हो चुका है। इसलिए संग्रहालय की स्‍थापना का प्रथम चरण जल्‍दी शुरू हो जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में कृषि क्षेत्र को बहुत बड़ा नुकसान

       प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रवासी भारतीय केंद्र में नीति आयोग द्वारा आयोजित चैंपियन्स ऑफ चेन्ज - ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया थ्रू जी2बी पार्टनरशिप पहल में युवा सीईओ के समूह को संबोधित किया। पिछले सप्ताह युवा उद्यमियों के साथ संवाद के पश्चात, इस श्रृंखला में आज प्रधानमंत्री का यह दूसरा संबोधन था।

   युवा सीईओ के समूह ने मेक इन इंडिया, किसानों की आय दोगुना करना, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, भविष्य के शहर, वित्तीय क्षेत्र में सुधार और 2022 तक न्यू इंडिया जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन दी। सीईओ के समूह द्वारा प्रजेंटेशन में परिकल्पित नए विचारों और नवाचारों की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री ने उनको देश के फायदे के लिए महत्वपूर्ण सूचनाएं देने तथा उन पर विचार करने हेतु अपना समय देने के लिए उनको धन्यवाद अर्पित किया। 
      उन्होंने कहा कि सरकार की मुख्य निर्णय निर्धारण टीम ने इन प्रजेंटेशन को ध्यानपूर्वक सुना है और यहां प्रस्तुत किए गए विषयों का नीति निर्माण में निश्चित रूप से 360 डिग्री से लाभकारी होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि जनभागीदारी शासन का एक महत्वपूर्ण घटक होता है। इसी के साथ-साथ, उन्होंने कहा कि सरकार के साथ सीईओ के समूह की इस भागीदारी का लक्ष्य लोगों तथा देश के कल्याण की दिशा में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। 
       भारत के स्वतंत्रता संग्राम का स्मरण करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता के लिए सभी भारतीयों को सैनिक बना दिया था और वह स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देते हुए अपना काम भी कर रहे थे। इस प्रकार उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को जन आंदोलन बनाने में सहायता की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विकास को भी एक जन आंदोलन बनाया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसी भावना का निर्माण किया जाना चाहिए जिसके द्वारा हमें 2022 तक भारत में अपने योगदान के लक्ष्यों को निर्धारित करना चाहिए। 
          प्रधानमंत्री ने सीईओ के समूह को कहा कि आप सभी मेरी टीम हैं और हमें भारत को आगे ले जाने के लिए मिलकर काम करना होगा। कृषि में मूल्य संवर्धन का उदाहरण देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि से होने वाली आय को दोगुना करने जैसे वांछित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण आवश्यक है। खाद्य प्रसंस्करण के महत्व पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में कृषि क्षेत्र को बहुत बड़ा नुकसान होता है। 
      प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसे अनेक निर्णय लिए हैं जिन्होंने आधारभूत रूप परिवर्तन किए हैं। उन्होंने यूरिया की उपलब्धता और उत्पादन, गैस कीमतों का समूहीकरण, अतिरिक्त उत्पादन के लिए पारिश्रमिक आदि के संबंध में लिए गए निर्णय का उदाहरण भी दिया। इससे यूरिया का 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि यूरिया की नीम कोटिंग द्वारा इसका बड़े स्तर पर होने वाले दुरुपयोग को रोका गया है। उन्होंने कहा कि सरकार भारत को कम-नकद आधारित समाज बनाना चाहती है। 
        प्रधानमंत्री ने इस संबंध में तेज गति से कार्य करने के लिए सीईओ के समूह को सरकार के साथ भागीदारी करने के लिए कहा। इसके साथ-साथ, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि त्योहारों के अवसरों पर खादी को उपहार आदि के रूप में देकर बढ़ावा दिया जा सकता है और यह गरीबों की बहुत बड़ी सहायता होगी। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में गरीबों को साथ लेकर चलने का माहौल बनाया जाना जरूरी है। 
      प्रधानमंत्री ने सरकार के ई-बाजार अर्थात जैम का उदाहरण देकर यह बताया कि किस प्रकार छोटे-छोटे व्यापारी भी सरकार को वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति करने में सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक जीईएम के माध्यम से 1000 करोड़ रुपए का लेनदेन किया जा चुका है और इस मंच पर 28,000 आपूर्तिकर्ताओं में अपना योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीयों को अपने देश पर गर्व करना चाहिए। 
    उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अपने संपर्क और जानने वाले लोगों के बीच निरंतर रूप से भारत के भीतर पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने का स्वभाव विकसित करना चाहिए। वेस्ट टू वेल्थ उद्यमियों का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्वच्छ भारत और स्वच्छ पर्यावरण के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायक होगा। 
     उन्होंने कहा कि उद्यमियों और व्यापार का लक्ष्य ऐसे उत्पाद प्रदान करना होना चाहिए, जो देश में लोगों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं का साधारण समाधान प्रस्तुत करें। इस अवसर पर कई केंद्रीय मंत्री और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

सीएससी नये भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा

      केन्‍द्रीय इलेक्‍ट्रोनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा विधि और न्‍याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार 2022 तक भूख और अभाव से मुक्‍त नया भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। परिवर्तन के दूत ग्रामीण स्‍तर के उद्यमी (वीएलई) ग्रामीण भारत में क्रांतिकारी बदलाव लाने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे।

  केन्‍द्रीय इलेक्‍ट्रोनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा विधि और न्‍याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एनडीए सरकार को परिवर्तन के इन दूतों पर पूर्ण विश्‍वास है। उन्‍होंने कहा कि पतंजलि और इफको अपने उत्‍पादों को सामान्‍य सेवा केन्‍द्रों (सीएससी) पर उपलब्‍ध कराने पर सहमत हैं। इससे सीएससी की व्‍यवहार्यता को काफी बढ़ावा मिलेगा।
       2500 से अधिक वीएलई को संबोधित करते हुए मंत्री ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं प्रदान करने में सीएसई, वीएलई के उल्‍लेखनीय प्रयासों का स्‍वागत किया। उन्‍होंने दूर-दराज के क्षेत्रों में अपने सीएससी के जरिए सरकारी सेवाएं उपलब्‍ध कराने के लिए महिला वीएलई की सराहना की। 
      उन्‍होंने विशेष रूप से श्रीमती जानकी कश्‍यप का उल्‍लेख किया, जिन्‍होंने छत्‍तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र में डिजिटल सुविधायें प्रदान कीं। मंत्री ने घोषणा की कि उनका मंत्रालय सर्वश्रेष्‍ठ पांच महिला वीएलई को अमरीका भेजेगा। वीएलई सोसाएटीज के उत्‍कृष्‍ट जिले को एक लाख रुपये का पुरस्‍कार प्रदान करेगा।
       उन्‍होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी वीएलई और अधिकारियों को ‘संकल्‍प से सिद्धि’ की शपथ भी दिलाई। उन्‍होंने कहा कि 800 आयुर्वेदिक चिकित्‍सकों के माध्‍यम से मेडिकल टेली कंसल्‍टेशन के लिए पतंजलि के साथ 40,000 सीएससी पंजीकृत हैं।
      इस अवसर पर आचार्य बालकृष्‍णजी ने देश को बीमारी मुक्‍त करने के सपने को साकार करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में योग सिखाने के वास्‍ते पतंजलि योग पीठ में सीएससी, वीएलई को नि:शुल्‍क योग प्रशिक्षण देने की घोषणा की। इस अवसर पर यूआईडीएआई के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. अजय भूषण पांडे ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधार सेवाएं देने में सीएससी, वीएलई की उपलब्धियों की सराहना की। भूषण ने कहा कि वीएलई ने ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे बच्‍चों, वृद्ध लोगों, मरीजों और ऐसे व्‍यक्ति जो आधार केन्‍द्रों तक नहीं जा सकते, उनके घरों में जाकर उनका नामांकन कर यूआईडीएआई की मदद की है।
          सीएससी के माध्‍यम से पतंजलि उत्‍पादों की बिक्री का शुभारंभ, सामान्‍य सेवा केंद्रों के विशाल नेटवर्क के जरिए अंतिम व्‍यक्ति तक पतंजलि उत्‍पादों की बिक्री के लिए सीएससी, एसपीवी ने पतंजलि आयुर्वेद के साथ समझौता किया है। 
        सीएससी के माध्‍यम से भारत बिल भुगतान सेवा का शुभारंभ, भारतीय राष्‍ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के तत्‍वाधान में भारत बिल भुगतान सेवा (बीबीपीएस) एकीकृत बिल भुगतान प्रणाली है। सीएससी, एसपीवी के भारत बिल भुगतान परिचालन इकाई बनने से सीएससी, बीबीपीएस सेवाएं प्रदान कर ग्रामीणों को उनके बिजली, पानी, गैस, डीटीएच और मोबाइल बिलों का भुगतान करने में मदद कर सकती है। 
     आधार आधारित भुगतान प्रणाली में जमा सेवा, डीजी भुगतान का शुभारंभ, एनपीसीआई के सहयोग से सीएससी, एसपीवी ने ग्रामीण लोगों की वित्‍तीय सेवाओं की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए आधार आधारित भुगतान सेवा ‘डिजि भुगतान’ का शुभारंभ किया। 22 अगस्‍त, 2017 को डिजि भुगतान के अंतर्गत इसकी नकद जमा सेवा भी शुरू की जाएगी, जिसके तहत नागरिक अपने आधार से जुड़े किसी भी बैंक खाते में नकद राशि जमा कर सकते हैं।
       सीएससी के जरिए उर्वरक, बीज जैसे इफको उत्‍पादों की ब्रिकी के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान, सीएससी ने डिजिटल सेवा पोर्टल के जरिए इफको और समूह कंपनियों के सभी उत्‍पादों के विपणन और उनकी सेवाएं प्रदान करने के लिए इफको के साथ साझेदारी की है। इस सेवा के अंतर्गत वीएलई किसानों से कृषि उत्‍पादों और अन्‍य सेवाओं के लिए बड़ी संख्‍या में आर्डर प्राप्‍त कर इसे सीएससी पोर्टल पर आर्डर कर भुगतान प्राप्‍त कर सकते हैं। 
      सीएससी और इग्‍नू के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान, सीएससी, एसपीवी ने देशभर के सीएससी नेटवर्क के जरिए अपनी ऑनलाइन सेवाओं का विस्‍तार करने के लिए इग्‍नू के साथ साझेदारी की है। इन सेवाओं में इग्‍नू के संभावित और पंजीकृत छात्रों के लिए डिजिटल सेवा पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रवेश फार्म और परीक्षा फार्म जमा करने, ऑनलाइन पुन, पंजीकरण करने और ऑनलाइन भुगतान सुविधाएं शामिल हैं। 
     एनईजीडी और इग्‍नू के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान, एनईजीडी ने अपने डिजिटल भारत क्षमता निर्माण के एजेंडा के लिए समन्‍वय स्‍थापित करने के वास्‍ते इग्‍नू के साथ साझेदारी की है। साझेदारी के तहत इग्‍नू एनईजीडी के क्षमता निर्माण और जागरूकता फैलाने की सामग्री तैयार करने तथा संवाद गतिविधियों के लिए अपनी आधुनिक सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगा।
         सीएससी के जरिए टेली रेडियोलॉजी सेवा के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान, अस्‍पतालों और जांच केंद्रों के एक्‍सरे, सीटी और एमआरआई को रेडियोलॉजिस्‍ट से जोड़ने वाले देश के पहले जांच नेटवर्क, ‘5सी नेटवर्क’ ने जमीनी स्‍तर पर रेडियो जांच सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए सीएससी, एसपीवी के साथ साझेदारी की है।
          टेली जीएसटी सेवा के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान, सीएससी, एसपीवी ने देश के ग्रामीण और उप नगरीय इलाकों में कम्‍प्‍यूटरीकृत हिसाब-किताब बढ़ाने और जीएसटी के अनुपालन के लिए टेली समाधान की सहायक टेली शिक्षा के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत छोटे कारोबारों और व्‍यापारियों के लिए जीएसटी अनुपालन के लिए वीएलई को टेली से जीएसटी बिलिंग के नवीनतम संस्‍करण का मानार्थ लाइसेंस और सॉफ्टवेयर प्राप्‍त होगा।

बौद्धिक सम्‍पदा अधिकार प्रशिक्षण मौडयूल की घोषणा

      केन्‍द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने यहां बौद्धिक सम्‍पदा अधिकारों को लागू करने के बारे में तीन दिन की कार्यशाला का उद्घाटन वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और गृह राज्‍य मंत्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में किया। 

    राजनाथ सिंह ने कहा कि जाली मुद्रा और पायरेसी संबंधी गतिविधियां गंभीर संगठित अपराधों को बढ़ावा देती हैं। ऐसी गतिविधियां जाली मुद्रा का अवैध कारोबार करने वाले अपराधियों और आतंकवादियों द्वारा चलाई जाती हैं।
        उन्‍होंने कहा कि इसीलिए पुलिस को पुरी जानकारी और प्रशि‍क्षण के साथ लैस रहना चाहिए ताकि बौद्धिक सम्‍पदा अधिकारों के उल्‍लंघनों पर नियंत्रण लग सके। केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण संस्‍थानों तथा देशभर की अकादमियों में अपने बलों को बौद्धिक सम्‍पदा अधिकारों के बारे में संवेदी बनाने के लिए बौद्धिक सम्‍पदा अधिकार प्रशिक्षण मौडयूल शुरू करने की घोषणा की। 
     श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि विश्‍व बौद्धिक सम्‍पदा संगठन (डब्‍ल्‍यूआईपीओ) प्रौद्योगिकी और नवाचार समर्थन के लिए पंजाब और तमिलनाडू में दो प्रौद्योगिकी और नवाचार समर्थन केन्‍द्र (टीआईएससी) की स्‍थापना सीआईपीएएम के सहयोग से कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित भविष्‍य के लिए अपने बौद्धिक सम्‍पदा के सृजन और संरक्षण के उपायों के बारे में समझदारी बढ़ाने की आवश्‍यकता है। 
      गृह राज्‍य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोगों से दूसरों की बौद्धि‍क सम्‍पदा का सम्‍मान करने का आगह किया और देश में बौद्धिक सम्‍पदा अधिकार लागू करने के लिए मजबूत व्‍यवस्‍था बनाने की बात कही। इस कार्यशाला से देश की प्रवर्तन एजेंसियों को बौद्धिक सम्‍पदा अधिकार लागू करने में अपने महत्‍व को समझने में मदद मिलेगी।
     यह कार्यशाला अधिकारियों को अपने अनुभव साझा करने, श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों का आदान-प्रदान करने और बौद्धिक सम्‍पदा अधिकारों को लागू करने के मामले में बेहतर अंतर-एजेंसी समन्‍वय के मंच के रूप में कार्य करेगी।
       तीन दिन की इस कार्यशाला में प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्‍त अनेक बौद्धिक सम्‍पदा क्षेत्र के पेशेवर लोगों, वकील, कानून के विद्यार्थी तथा उद्योग संघों के लोग भाग ले रहे हैं। 
    यह कार्यशाला 22 से 24 अगस्‍त, 2017 तक भारत सरकार के वाणिज्‍य और उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के अन्‍तर्गत पेशेवर संस्‍था बौद्धिक सम्‍पदा अधिकार संवर्धन और प्रबन्‍धन (सीआईपीएएम) द्वारा आयोजित की गई है।