Wednesday, 28 June 2017

देश को मादक पदार्थों व अवैध तस्करी से मुक्त करायें

           सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने मादक पदार्थों के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के विरूद्ध अंतराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर यहां एक समारोह आयोजित किया। 

          सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और विजय सांपला के अलावा भारत में यूएनओडीसी के प्रतिनिधि सरगी कैपीनोस, मंत्रालय में सचिव श्रीमती जी.लता कृष्ण राव और अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
       इस अवसर पर थावर चन्द गहलोत ने युवाओं और जनता का आह्वान किया कि वे देश को मादक पदार्थों और अवैध तस्करी से मुक्त करायें। उन्होंने कहा कि केवल सरकार के प्रयासों से इस उद्देश्य को पूरा नहीं किया जा सकता। इस बुराई को समाप्त करने के लिए लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है। 
        उन्होंने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए अनेक व्यक्तियों और इस क्षेत्र में काम कर रहे एनजीओ के प्रयासों की सराहना की और जानकारी दी की उनका मंत्रालय नशा करने वालों की पहचान करने, उनके इलाज और पुनर्वास के लिए स्वयं सेवी संगठनों के जरिए समुदाय आधारित सेवायें प्रदान करता है। कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए सरकार ने अनेक पहल की हैं और परिवार के सदस्य तथा समाज बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
           विजय सांपला ने कहा कि लोगों को मादक पदार्थों की बुराइयों के प्रति जागरूक करना चाहिए और अनेक संगठन इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी देखी। भारत में यूएनओडीसी के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव का संदेश पढ़ा।
         इस अवसर पर एक नृत्य नाटिका दिखाई गयी। मंत्रालय मादक पदार्थों के दुरूपयोग की निगरानी करता है जिसमें नशा करने वालों की समस्या का आकलन, एहतियाती उपाय, इलाज और पुनर्वास, सूचना का प्रसार और जनजागरण शामिल है।
          मंत्रालय नशा मुक्ति केन्द्र चलाने के लिए देश भर के करीब 400 एनजीओ को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। मंत्रालय ने नशा मुक्ति के लिए 24 घंटे की एक टोल फ्री सेवा भी स्थापित की है। इससे पहले सुबह नई दिल्ली स्थित इंडिया गेट पर ‘मादक पदार्थ के दुरूपयोग के विरूद्ध दौड़’ आयोजित की गयी जिसमें 4000 लोगों ने भाग लिया। 
          थावर चंद गहलोत ने इस दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर गुर्जर, सांपला, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्रालय की सचिव जी. लता के अलावा अनेक अन्य लोग उपस्थित थे।

पेट्रोलियम व्यवसाय 3,000 करोड़ से 30,000 करोड़ करने का लक्ष्य

          केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और तेल और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान ने सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में संयुक्त रूप से स्वस्थ सारथी अभियान (एसएसए) का उद्घाटन किया।

      स्वस्थ सारथी अभियान (एसएसए) दो महीने का मेगा अभियान है और इसका फोकस क्षेत्र के ऑटो, टैक्सी तथा बस चालकों को रोग बचाव स्वास्थ्य सुविधा देने पर है। इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) की पहल स्वस्थ सारथी अभियान का उद्घाटन संसद सदस्यों, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अनेक अतिथियों की उपस्थिति में हुआ। एसएसए का आयोजन क्षेत्र के सार्वजनिक परिवहन चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए किया गया। अधिकतर चालक सीएनजी वाहन चलाते है।
           धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि राजधानी क्षेत्र के चालक गैस वृद्धि में सहयोगी है। सीएनजी का इस्तेमाल परिवहन, घरेलू उपयोग, ऑटो आदि में किया जाता है। उन्होंने बताया कि 4.5 लाख वाहन सीएनजी ईंधन से चलती हैं और उससे आईजीएल का कारोबार 3,000 करोड़ रुपये का होता है। उन्होंने कहा कि नया लक्ष्य कारोबार 3,000 करोड़ से बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये होना चाहिए।
           प्रधान ने कहा की स्वस्थ सारथी अभियान सभी चालकों को बुनियादी जांच स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की पहल है। उन्होंने बताया कि राजधानी के विभिन्न आईजीएल स्टेशनों पर दो महीने के चिकित्सा शिविर में निशुल्क स्वस्थ जांच होगी। इसमें खून की जांच, शूगर जांच, आंख जांच शामिल हैं। सेंट स्टीफन अस्पताल के डॉक्टरों का दल इस कार्य में सहायता देगा।
        उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि आईजीएल स्वास्थ्य बीमा देने पर विचार कर रहा है। इसमें राजधानी के वाहन चालकों के लिए मृत्यु लाभ शामिल होगा। पेट्रोलियम मंत्री ने स्वस्थ सारथी वेब एप्लीकेशन लांच किया। इससे अभियान के दौरान स्वास्थ्य जांच कराने वाले वाहन चालकों का स्वास्थ्य रिकोर्ड कहीं से भी ऑन-लाइन प्राप्त किए जा सकेंगे।
            ईंधन संरक्षण कार्यशाला के बारे में प्रधान ने चालकों से ईंधन बचाने की अपील की और कहा कि कार्यशाला में ईंधन बचाने के तरीकों से चालक लाभान्वित होंगे। डॉ. हर्षवर्धन ने पेट्रोलियम मंत्री तथा एसएसए की पहल करने वाले हितधारकों को धन्यवाद दिया। 
         उन्होंने प्रधानमंत्री के विजन ‘सबका साथ सबका विकास’ का स्मरण दिलाते हुए कहा कि सभी नागरिकों के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता। चालकों के लिए ईंधन संरक्षण कार्यशाला का आयोजन सक्षम-2017 के हिस्से के रूप में पेट्रोल संरक्षण अनुसंधान एसोसिएशन (पीसीआरए) द्वारा किया गया। 
           इस अभियान को दिल्ली पुलिस भी समर्थन दे रही है ताकि सड़क सुरक्षा और चालकों के जिम्मेदार व्यवहार का संदेश दिया जा सके। इस अवसर पर एक मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजन किया गया। इसमें ऊंचाई-भार मापन, बीएमआई, ब्लड-प्रेशर, विजन और आंख जांच, ब्लड ग्रुप जांच, काउंसिलिंग, स्वास्थ्य शिक्षा तथा प्रथम स्वास्थ्य सहायता के तरीकों को बताया गया।
            यह अभियान 31 अगस्त, 2017 तक आईजीएल के विभिन्न सीएनजी स्टेशनों पर स्वास्थ्य शिविर के रूप में जारी रहेगा। ईंधन संरक्षण कार्यशाला में ईंधन बचाने और अच्छा वाहन चालन के बारे में उपस्थित वाहन चालकों को जानकारी दी गई। सक्षम-2017 के हिस्से के रूप में इस तरह की कार्यशाला पीसीआरए द्वारा विभिन्न शहरों में आयोजित की गई है। दिल्ली में तीसरी कार्यशाला हो रही है। इससे पहले कार्यशाला मुंबई तथा विशाखापत्त्न में हुई थी।

निर्वाचन आयोग का मतदाता पंजीकरण अभियान अब फेसबुक पर

        भारत का निर्वाचन आयोग एक जुलाई 2017 से एक विशेष अभियान शुरू कर रहा है जिसके अंतर्गत छूटे हुए मतदाताओं का पंजीकरण किया जाएगा। 

      अभियान के दौरान पहली बार मतदान करने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि आयोग के आदर्श वाक्य कोई मतदाता नहीं छूटे की दिशा में आगे बढ़ा जा सके। 
       अधिकतम पात्र मतदाताओं तक पहुंचने के लिए, आयोग फेसबुक के साथ सहयोग कर रहा है ताकि जुलाई 2017 को पहला राष्ट्रव्यापी मतदाता पंजीकरण स्मरण अभियान शुरू किया जा सके।
      भारत में 18 करोड़ से ज्यादा लोग फेसबुक पर हैं। अभी पंजीकरण करें बटन भारतीय नागरिकों को निर्वाचन आयोग के साथ पंजीकृत करने के लिए तैयार किया गया है। 1 जुलाई को मतदाता पंजीकरण स्मरण की एक अधिसूचना उन लोगों को भारत में फेसबुक पर भेजी जाएगी जो मतदान करने के योग्य हैं। 
          याद दिलाने का कार्य 13 भारतीय भाषाओं- अंग्रेजी, हिन्दी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड, पंजाबी, बांग्ला, उर्दू, असमी, मराठी और उड़िया में किया जाएगा। यह पहला मौका है जब फेसबुक के मतदाता पंजीकरण स्मरण को भारत में शुरू किया जाएगा। 2016-2017 में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने सम्बद्ध राज्य के चुनावों के दौरान राज्य स्तर पर इस तरह के प्रयास किये थे।
         फेसबुक पर अभी पंजीकरण करें बटन पर क्लिक करके लोग नेशनल वोटर्स सर्विसेस पोर्टल पर पहुंचेगे जो उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया के जरिए निर्देश देगा। मतदाता पंजीकरण स्मरण की राष्ट्रव्यापी शुरूआत के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ नसीम जैदी ने कहा मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत का निर्वाचन आयोग छूटे हुए मतदाताओं को पंजीकृत करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है, इसमें पहली बार मतदान करने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
       यह आयोग के आदर्श वाक्य कोई मतदाता नहीं छूटे को पूरा करने कि दिशा में एक कदम है। इस अभियान के अंतर्गत 1 जुलाई 2017 को फेसबुक भारत में फेसबुक का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों को अनेक भारतीय भाषाओं में मतदाता पंजीकरण की याद दिलायेगा। मैं सभी पात्र नागरिकों से आग्रह करता हूं कि वे पंजीकरण कराएं और मतदान करें। यानि अपने अधिकार पहचानें और कर्तव्य का पालन करें।

र्स्‍टाटअप से रोजगार सृजन में मदद, सांसद करें पहल

      वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने सभी सांसदों को एक पत्र लिखकर आग्रह किया कि वे अपनी स्‍थानीय क्षेत्रीय विकास निधि (एमपीएलएडीएस) से क्षेत्र में स्‍टार्टअप के लिए सह-कार्यस्‍थल- इन्‍क्‍यूबेटर स्‍थापित करने पर विचार करें। 

     उन्‍होंने कहा कि इस कदम से देश में र्स्‍टाटअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा और सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्र में र्स्‍टाटअप की मदद से तेजी से रोजगार सृजन में मदद मिलेगी। 
      श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत सरकार को र्स्‍टाटअप इंडिया की पहल से देश में नवाचर को बढ़ावा देने और डिजाइन के माध्‍यम से एक मजबूत पारिस्थितिकीय तंत्र स्‍थापित होने की उम्‍मीद है। 
        उन्‍होंने कहा कि सरकार र्स्‍टाटअप इंडिया मिशन को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मंत्री ने कहा कि हम विभिन्‍न र्स्‍टाटअपों से बातचीत कर रहे हैं, ताकि उनके व्‍यापार की जरूरतों के बारे में जानकारी मिल सके और उन्‍हें सरकार से अपेक्षित मदद दी जा सके।
          उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में सभी महत्‍वपूर्ण पहलुओं को जानना जरूरी है।श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वित्‍तीय बाधाओं के चलते र्स्‍टाटअप कार्य स्‍थलों का चुनाव खुद नहीं कर सकते, इसलिए यह सुझाव मिला है कि यदि सरकार सहकारी स्‍थलों के निर्माण में सहयोग करती है तो इससे उन्‍हें अपने विचारों को एक सफल व्‍यवसाय में तब्दील करने में मदद मिलेगी।

देश की ग्राम पंचायतों को करीब 2,00,292 करोड़ की भारी वित्तीय सहायता

      केन्द्रीय पंचायती राज, ग्रामीण विकास और पेयजल तथा स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतें अच्छा काम कर रही हैं। 

     उन्होंने पंचायतों द्वारा प्रशिक्षण की गुणवत्‍ता और टेक्‍नोलॉजी के इस्‍तेमाल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान और पंचायती राज तथा राज्य ग्रामीण विकास संस्थान को निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायतों के पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए अन्य संस्थानों के साथ समन्वय कायम करना चाहिए। 
         तोमर भोपाल में राज्य पंचायती राज मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। तोमर ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में ग्राम पंचायतों को करीब 2,00,292 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय हस्तांतरण किया गया है। चौदवें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार हाल के वर्षों में स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं आदि के क्षेत्रों में पंचायतों के जरिये सार्वजनिक खर्च में काफी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। 
           उन्होंने लोगों की भागीदारी के महत्व बताते हुए सलाह दी कि पंचायतों को गरीबी, सामाजिक मुद्दों और संवेदनशील समूहों की जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि ग्राम पंचायतों के स्थानीय नेतृत्व के जरिये अनेक गांव पानी की उपलब्धता, कनेक्टीविटी, खुले में शौच, सभी के लिए शिक्षा जैसी कठिन समस्याओं का समाधान करने में सफल रहे हैं और उन्होंने संवेदनशील समूहों के गरीब लोगों के जीवन में जबरदस्त बदलाव किया है।
          उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने के लिए राज्य के पंचायती राज मंत्रियों को धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि उनके सभी सुझावों पर विचार किया जाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश द्वारा की गयी प्रगति को उजागर किया और सम्मेलन भोपाल में आयोजित करने के लिए नरेन्द्र सिंह तोमर को धन्यवाद दिया। 
        उन्होंने कहा कि पंचायतों के जरिए किये जाने वाले फैसले हमेशा उपयोगी रहते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे स्वयं सम्बद्ध साझेदारों के साथ पंचायतें करके विभिन्न योजनाओं के संबंद्ध में फैसले लेते हैं। दस राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों ने सम्मेलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर अपने अनुभव बांटे और पंचायती राज प्रणाली के भविष्य में विकास के लिए सुझाव दिये।
         सम्मेलन में देश के विभिन्न भागों से आये पंचायतों के 40 से अधिक सरपंचों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सम्मेलन के दौरान जल संरक्षण, नये भारत के लिए स्मार्ट गांव और स्थायी विकास के लक्ष्य को हासिल करने में पंचायतों की भूमिका विषयों पर चर्चा की गयी। 
         इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय, यूनीसेफ और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की सामूहिक परियोजनाओं के अंतगर्त प्रकाशित 20 पुस्तकों के एक सेट का विमोचन भी किया गया। 
        पंचायत राज और कृषि तथा किसानों के कल्याण राज्य मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला, पंचायती राज मंत्रालय में सचिव जितेन्द्र शंकर माथुर और मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने मौजूद प्रतिनिधियों को संबोधित किया। 
          दस राज्यों के पंचायती राज मंत्री, राज्यों के पंचायती राज विभाग के प्रभारी अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण और विकास और पंचायती राज संस्थान के प्रतिनिधि, राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक और विभागीय सदस्य, सामाजिक क्षेत्र मंत्रालयों के अधिकारी. यूएनडीपी, यूनीसेफ, इस क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रमुख एनजीओ के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने सम्मेलन में भाग लिया।