Monday, 28 February 2022

औषधीय गुणों का खजाना है लहसुन का दूध

औषधीय गुणों का खजाना है लहसुन का दूध

   लहसुन रसोई की शान के साथ-साथ, औषधीय गुणों का भी खजाना है। लहसुन का दूध पौष्टिकता के साथ अनेकों बीमारियों के निदान में उपयोगी है। लहसुन के दूध के संदर्भ में श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट कानपुर की मुख्य चिकित्सक डॉ रजनी पोरवाल ने बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी दी है।


   पोषक तत्वों का खजाना है लहसुन का दूध : लहसुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व पाये जाते है। जिसमें प्रोटीन 6.3 प्रतिशत, वसा 0.1 प्रतिशत, कार्बोज 21 प्रतिशत, कैल्शियम 0.3 प्रतिशत आयरन 1.3 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम होता है। इसके अतिरिक्त विटामिन ए, बी, सी एवं सल्फ्यूरिक एसिड विशेष मात्रा में पाई जाती है। लहसुन में एलिकिन नामक तत्व पाया जाता है। जिसमे एंटीऑक्सिडेंट, एंटीफंगल और एंटीवायरल अद्भुत स्वास्थ्यवर्धक लाभ हैं। लहसुन में सेलेनियम, मैगनीज कैल्शियम जैसे जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण तत्व भी पाए जाते हैं।

   दूध और लहसुन का मिश्रण ज्यादा असरकारक : दूध और लहसुन, दोनों ही शरीर को पौष्टिकता देने के साथ-साथ अनेक बीमारियों की निवारण में भी मददगार हैं। लेकिन इन दोनों का मिश्रण हो जाए और विधि विधान पूर्वक उसका सेवन किया जाए तो यह लहसुन दूध सेहत के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद होता है।

   लहसुन का दूध जवानी का शक्तिदाता : आज के समय में खान-पान में लापरवाही के कारण युवा अवस्था में ही बूढ़ों जैसी कमजोरी के साथ-साथ स्वास्थ्य सम्बन्धी कई समस्याएँ किशोरावस्था या भरी जवानी में ही आने लगती हैं। लहसुन का यह दूध किशोरों और युवाओं में सप्त धातु को पुष्ट करके उन्हें बल और शक्ति प्रदान करता है।

   हृदय को बल देने वाला : खराब माना जाने वाला एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, धमनियों की अकड़न और थोड़ा सा भी काम करने पर हदय की कमजोरी के कारण सांस फूलने लगना जैसी समस्याएं लहसुन के दूध के सेवन करने से निर्मूल हो जाते हैं। साथ ही बढ़ा हुआ ट्राइग्लिसराइड और टोटल कोलेस्ट्रॉल भी सामान्य स्थिति में आ जाता है। ह्रदय की बढ़ी हुई धड़कन और घबराहट को दूर करने के लिए भी यह कल्याणकारी है।

   ओस्टियोआर्थराइटिस को काबू करता है लहसुन का दूध : घुटनों जोड़ो गर्दन कंधों और कमर दर्द से हताश निराश बेहाल रोगी, अर्थराइटिस और ओस्टियोपोरोसिस जैसी असाध्य समझी जाने वाली हड्डियों की बीमारियों को बढ़ने से रोक कर दर्द और सूजन को घटाता है। जोड़ों और मांसपेशियों की शक्ति को बढ़ाकर यह उन्हें लचीला फुर्तीला और ताकतवर बनाता है।

   इम्यूनिटी को बढ़ाएं लहसुन का दूध : कैंसर की प्रारंभिक अवस्था और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना अनेकों अनेक शारीरिक कष्टों का अशुभ संकेत है। वास्तव में इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए यह है अत्यंत प्रभावशाली उपाय है। यदि लहसुन के दूध के सेवन करने के साथ-साथ प्रातः काल योग की षटकर्म की क्रियाएं और यौगिक आसनों का भी अभ्यास किया जाए तो सोने में सुहागा की तरह लाभकारी है।

   पाचन तंत्र को संवारे : फैटी लीवर, पैंक्रियाज की कार्य क्षमता में कमी और सही ढंग से भोजन का पाचन ना होना, खाया हुआ अन्न शरीर में ना लगना, भूख ना लगना पेट में गैस बनना और वायु के प्रकोप के कारण पेट नगाड़े जैसा फूल जाना जैसी समस्याओं से स्थाई छुटकारा पाने के लिए प्रातः खाली पेट और रात्रि सोने से पूर्व 50 से 100 मिलीलीटर लहसुन के दूध का देसी गुड़ के साथ घुट घुट सेवन करना चाहिए। कब्जियत को दूर करके आईबीएस के मरीज के लिए यह अत्यंत लाभकारी है।

   तनाव और चिंता करे दूर : किसी काम में मन न लगना गुस्सा चिड़चिड़ापन और याददाश्त में कमी, सिर में कील ठोकने वाला दर्द माइग्रेन आदि अनेक बीमारियां लहसुन का दूध पीने से नियंत्रण में आ जाती है। रात्रि सोते समय बुरे बुरे ख्याल आना और डरावने सपने देखने की समस्या का निवारण लहसुन का दूध पीने से हो जाता है।

   लहसुन का दूध कैसे बनाएं : लहसुन का दूध बनाने के लिए 2 से चार लहसुन की कलियों को अच्छी तरह कूटकर 100 ग्राम पानी में थोड़ा सा गुड़ डालकर खूब उबालें। जब पानी 50 ग्राम बचे तो उसमें 100 ग्राम दूध मिलाकर खूब उबालिए। अच्छी तरह खौल जाने के बाद इसे छानकर घूट घूट करके चाय की तरह गरम गरम पिए। प्रातः खाली पेट शौच आदि से निवृत्त होकर यह लहसुन दूध गुनगुना गुनगुना पीना है। इसके साथ बिस्किट दालमोठ नमकीन इत्यादि का सेवन ना करें। आधा घंटे पश्चात ही कोई अन्य खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए। यह अमृत प्रयोग है। बहुत हितकारी बहुत लाभकारी और सर्व रोग नाशक है।

Thursday, 24 February 2022

डाइटिंग करें पर सेहत को लेकर सावधान भी रहें

डाइटिंग करें पर सेहत को लेकर सावधान भी रहें

   इकहरी स्लिम शरीर और सुंदर आकर्षक त्वचा के लिए डाइटिंग और यह खाना है यह नहीं खाना जैसा सोच आज हर युवा के मन मस्तिष्क में रच बस गया है। डॉक्टर रजनी पोरवाल देश की जानी मानी चिकित्सक है और श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट सिविल लाइंस कानपुर की मुख्य चिकित्सक है। उन्होंने इस विषय पर बहुत ही ज्ञानवर्धक जानकारी दी है।

 

 शक ना पाले : कुछ चिकित्सकों का सामान्य बजन वाले रोगियों के लिए भी निर्देश रहता है कि वजन कम करें। वही कुछ उच्च शिक्षित और संभ्रांत वर्ग के परिवार की लड़के लड़कियों का थोड़ा सा भी पेट निकला या अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के आदर्शों से थोड़ा बहुत भी शरीर का वजन बढ़ता है तो उनके माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगती हैं। थोड़ा बहुत बजन में परिवर्तन मौसम आहार और दिनचर्या पर निर्भर करता है। इसलिए इसी चिंता का विषय नहीं बनाएं।

   खतरनाक है अनावश्यक डाइटिंग : युवावस्था में शरीर को अपनी जैव रासायनिक क्रियाओं को चलाने के लिए बड़ी मात्रा में मिनरल्स विटामिंस और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। ऐसे समय अगर वजन को कम करने के लिए क्रैश डाइटिंग या जबरदस्त उपवास किया जाता है तो इसका शरीर के आंतरिक अंगों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है और शरीर के जैव रासायनिक क्रियाओं को सुव्यवस्थित रुप से संचालित करने के लिए आवश्यक खनिज लवण और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। जिससे शरीर की रक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है और इम्यूनिटी कम होने से विभिन्न प्रकार की रोग और समस्याएं घेर लेते हैं। वही चेहरे का लावण्य और आकर्षण कम हो जाता है जो युवाओं के लिए अच्छा नहीं है। ढलती उम्र जैसी त्वचा ढीली हो जाती है... मांसपेशियां लटक जाते हैं... इसलिए चिकित्सक के परामर्श के बगैर स्वयं डाइटिंग उपवास इत्यादि ना करें। किसी उच्च शिक्षित योगाचार्य या नेचुरोपैथ के मार्गदर्शन में उपवास करने से हित होगा।

   घातक है अत्यधिक परहेज : युवाओं में दूध की मलाई को छानकर पीना ताजी फल सूखे मेवे हरी सब्जियां से अरुचि तो अच्छी सेहत के लिए बहुत खराब है ही लेकिन आज के युग में एक नया सोच पैदा हो गया है कि हम ना तो मीठा खाएंगे ना ही नमकीन लेंगे चाय भी बिना गुड़ या चीनी की बिना दूध की पीना युवा वर्ग का शौक बन गया है। यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। अगर हमें कोई बीमारी नहीं है तो हमें अत्यधिक केवल सावधानी बस अत्यधिक परहेज नहीं करना चाहिए। साथ ही उच्च सोसाइटी के नाम पर जंक फूड फास्ट फूड कोल्ड ड्रिंक साफ्ट ड्रिंक विभिन्न प्रकार के नशा इत्यादि से बचना बुद्धिमानी की बात है।

   ध्यान रखना है यह भी : दिन में भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए। बोतलबंद पानी के स्थान पर स्वच्छ और ताजा जल अच्छी सेहत के लिए किसी महा औषधि से कम नहीं है। हमें अनावश्यक रूप से शौकियां औषधि का सेवन नहीं करना चाहिए और चिकित्सक से परामर्श के बाद ही किसी भी औषधि का सेवन हितकारी होता है लेकिन अनेकों लोग विटामिन की गोलियां कैल्शियम की गोलियां स्वास्थवर्धक विभिन्न प्रकार के पाउडर, दर्द की दवाइयां, नींद की दवाइयां अनेकों अनेक दवाइयों का सेवन अपनी मनमर्जी से करते हैं जो उचित नहीं है। हमें पौष्टिकता को ध्यान में रखते हुए हरी सब्जियों सूप ताजे फलों ड्राइफ्रूट्स अंकुरित अनाज दूध दही मट्ठा जैसे प्राकृतिक तत्वों की प्राकृतिक आहार पर ध्यान देकर अपने शरीर की पौष्टिक तत्वों की पूर्ति करने का उपाय करना चाहिए।

   खतरनाक है यह भी : जब हमें खुलकर भूख लगी हो तब हम अनावश्यक रूप से डाइटिंग का बहाना लेकर भूखे रहे। यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। यदि हम वजन कम करने के लिए परहेज कर रहे हैं उपवास कर रहे हैं। तब भी तेज भूख लगने पर हमें कम कैलोरी का आहार जैसे खीरा ककड़ी पपीता खरबूजा तरबूज मूली गाजर टमाटर सलाद जैसी कच्चे आहार को भरपूर मात्रा में सेवन करना चाहिए। क्योंकि भूख लगने पर ना खाना प्राकृतिक चिकित्सा की दृष्टि से सेहत के लिए खराब है। वही जब भूख ना लगा हो तो अनावश्यक रूप से ठोस ठोस कर खाना भी गलत है।

   बचें यह जहर है : अपने आहार में मैदा चीनी और नमक का यथासंभव कम उपयोग करना चाहिए। रिफाइंड ऑयल सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। साथ ही साथ विभिन्न प्रकार के केमिकल्स कलर्स और परफ्यूम डालकर बनाई गई जंग फूड फास्ट फूड सेहत के लिए विशेषकर पाचन तंत्र लिवर पेनक्रियाज गॉलब्लेडर आतो के लिए अच्छे नहीं होते। डिब्बाबंद आहार जिसमें भारी मात्रा में पेस्टिसाइड्स पड़े होते हैं इन से भी बचें।

Monday, 21 February 2022

मुख्यमंत्री बोले, देश का दुश्मन सपा का दोस्त

मुख्यमंत्री बोले, देश का दुश्मन सपा का दोस्त

   हरदोई/लखनऊ। भक्त प्रहलाद की नगरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आतंकवाद और विकास के मुददे पर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा अखिलेश सरकार में आतंकवादियों के मुकदमे वापस लिए जाते थे। यहीं नहीं पहले की सरकार में बिजली का भी धर्म होता था। मोहर्रम में बिजली आती थी और दिवाली में नहीं आती थी।

 


 यह दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भी अखिलेश यादव की की संवेदना आतंकवादियों के परिवार से है। गुजरात में हुए ब्लास्ट में सजा पाया एक आतंकी का अब्बा सपा का प्रचारक है। यानी जो देश की सुरक्षा के दुश्मन है, वह इनके (सपा) दोस्त हैं। इसका बाद भी अखिलेश यादव ने इस मामले में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है, उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

   आतंकवाद के मुददे पर सपा को घेरा : भक्त प्रहलाद की नगरी में मुख्यमंत्री ने आतंकवाद के मसले पर सपा को निशाने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के एक न्यायालय ने 38 आतंकवादियों को फांसी की सजा सुनाई है। उसमें आठ आतंकियों का संबंध आजमगढ़ से है। एक आतंकी का बाप समाजवादी पार्टी का प्रचारक है। अखिलेश यादव ने इस मामले में अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। इस आतंकवादी के प्रति अखिलेश की सहानुभूति और चुप्पी क्यों है? जबकि उन्हें सजा सुनाई गई है वह देश के दुश्मन थे। ऐसे लोगों के खिलाफ चुप्पी साधने का मतलब है कि आतंकियों को सुनाई गई सजा से सपा को तकलीफ हुई है। अखिलेश बताए कि वह इस मामले में चुप क्यों है? सपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए। सपा उत्तर प्रदेश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। मैं पूछना चाहता हूं क्या राजनीति इतनी बड़ी हो गई है कि देश की सुरक्षा के लिए कोई जगह नहीं है। सपा को इस पर विचार करना चाहिए।

   मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके, कहा कि देश के दुश्मन भी इनके दोस्त हैं। इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा कि क्या अखिलेश प्रदेश की जनता को बताएंगे कि उन्होंने राम मंदिर और सीआरपीएफ कैंप पर हमला करने वाले आतंकवादियों के मुकदमे क्यों वापस लिए थे।

   नए यूपी का हो रहा निर्माण : हरदोई की आठ विधानसभा सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होना है। यहां की इन विधानसभा सीटों का चुनाव प्रचार करने के लिए मुख्यमंत्री शाहाबाद और मल्लावां विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित किया। इन दोनों चुनावी जनसभाओं में मुख्यमंत्री ने अपने बीते पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों के जरिए सपा को निशाने पर रखा। शाहाबाद की चुनावी जनसभा में इसकी शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों ही प्रदेश में शासन कर चुके हैं। सपा, बसपा सरकार में दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू लगता था। बीते पांच वर्षों के दौरान हमारी सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ। बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ लोगों को दिया गया। जबकि सपा सरकार ने बिजली का भी जाति और धर्म होता था। ईद और मुहर्रम होता था तो बिजली आती थी और होली-दिवाली पर नहीं आती थी। आज ऐसा भेदभाव नहीं है। आज चाहे होली-दिवाली हो या ईद-मुहर्रम या क्रिसमस या शिवरात्री। सबको बिजली देना का कार्य डबल इंजन की सरकार ने किया है।

   मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार में बुलडोजर सड़क भी बनाता है और सपा के इत्र वाले मित्र तथा भ्रष्ट पेशेवर लोगों की अवैध संपत्तियों को नेस्तानाबूत भी करता है। आगे भी बुलडोजर विकास का कार्य करते हुए पेशेवर अपराधियों के खिलाफ एक्शन में रहेगा।

   मुख्यमंत्री ने यह भी कहा अब यूपी दंगामुक्त और भयमुक्त है। अब यूपी में कर्फ्यू नहीं लगता। बम बाजी नहीं होती। अब कांवड़ यात्रा निकली है। अब नए भारत के नए यूपी में अराजकता का माहौल नहीं है। अब इस नए यूपी में गुंडागर्दी पर चर्चा नहीं होती, अब यहां विकास कार्यों पर चर्चा होती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पांच वर्षों वर्षों में हरदोई के एक लाख 45 हजार किसानों का कर्ज माफ़ किया गया है। हमने जो कहा वह किया। मुख्यमंत्री ने कहा हम नारा लगाते थे, राम लला हम आएंगे, मंदिर भव्य बनाएंगे, अब अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन रहा है। पांच वर्ष में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में तमाम विकास के काम किए। अपनी सरकार के विकास कार्यों का विस्तार से जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे सपा के बहकावे में ना आएं। सपा को समर्थन देना आतंकवादियों और पेशेवर अपराधियों के लिए कालीन बिछाना है। इस लिए जिन साइकिलों पर बैठकर धमाके कराए जाते हैं उन्हें पंचर करे। यहां के आठों सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों को जिताएं ताकि हम 325 सीटों पर विजय पताका फहराते हुए सरकार बनाए।

Sunday, 20 February 2022

आतंकियों को केस वापसी का रिटर्न गिफ्ट दे रही थी सपा

आतंकियों को केस वापसी का रिटर्न गिफ्ट दे रही थी सपा

   लखनऊ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी के हरदोई और उन्नाव में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। इससे पहले पीएम मोदी ने हरदोई की भाषा में वहां आए लोगों का स्वागत किया। वहीं, उन्नाव में मंच पर पीएम मोदी का अभिनन्दन करने पहुंचे भाजपा के जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार ने उनके पैर छूए तो पीएम मोदी ने उनको रोका और खुद झुककर उनके पैर छुए।


   पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन के दौरान हरदोई की जनता को बताया कि यूपी में एक दो नहीं। समाजवादी पार्टी ने अपनी सरकार में आतंकी हमलों के 14 मुकदमों को वापस लेने का फरमान सुना दिया था। उन्होंने जनता से पूछा कि आतंकवादियों को बचाना ठीक है क्या? और आज ये लोग लीपा-पोती करने निकले हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आतंकी बम विस्फोट कर रहे थे और समाजवादी पार्टी इन आरोपियों पर मुकदमे नहीं चलने दे रही थी। आतंकवादियों को केस वापसी का रिटर्न गिफ्ट दिया जा रहा था।

   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं का रवैया और भी खतरनाक रहा है। यह लोग ओसामा जैसे आतंकवादी को ‘जी’ कहकर बुलाते हैं। बाटला हाउस आतंकवादियों के सफाए पर आंसू बहाते हैं। किसी दिन भारतीय सेना का अपमान करते हैं और किसी दिन पुलिस की बेइज्जती करते हैं। पीएम मोदी ने कहा जबकि हमारी सरकार ने नेशनल वार मेमोरियल और नेशनल पुलिस मेमोरियल बनाया है। हम हर शहीद का सम्मान करते हैं।

   उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक मैं इसलिए चुप रहा क्योंकि अहमदाबाद ब्लास्ट केस की सुनवाई चल रही थी। आज जब अदालत ने आतंकियों को सजा सुना दी है। आज मैं इस विषय को देश के सामने उठा रहा हूं। उन्होंने आह्वान किया कि जो लोग अपने को बुद्धिजीवी कहते हैं जिनसे हम आशा कर सकते हैं। ऐसे मीडिया हाउस, अखबार वालों से आग्रह करूंगा देश के सामने इन तथ्यों को उजागर किया जाए। न्यायालय ने जब निर्णय दे दिया है तो देश के लोगों तक सच पहुंचाना। जी खोलकर सच्चाई देश की जनता के सामने लाइये। हमें ऐसे लोगों ऐसे राजनैतिक दलों से हमेशा सतर्क रहना है। ये अपने स्वार्थ के लिए देश को दांव पर लगा देते हैं।

   पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात में बम धमाके हुए। ये बम धमाके दो प्रकार से किये गये। पहले शहर में एक साथ 50-60 जगह पर धमाके। फिर अस्पताल में एक गाड़ी रखी थी उसमें बड़ा धमाका। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी का जो चुनाव सिम्बल है ना। पहले जो बम धमाके हुए वो साइकिल पर रखे बमों से हुए थे। उन्होंने कहा मैं हैरान हुआ कि उन्होंने साइकिल पर क्यों बम रखे। पीएम ने कहा जब 2013 में समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में आई तब उन्होंने शमीम अहमद नाम के आरोपी पर मुकदमें को वापस लेने का काम किया।

   उन्होंने जनता से पूछा कि आप इनको मौका देंगे तो ये वारदाते करेंगे या नहीं? इससे पहले पीएम मोदी ने जनता से कहा कि दिल्ली की सत्ता के जिन गलियारों में ज्यादातर समय अमीरों और घोर परिवारवादियों का कब्जा रहा वहां आप सब ने एक गरीब मां के बेटे को आपकी सेवा के लिए बैठाया है। इसपर जनता ने मोदी मोदी के नारों से उनकी इस बात का स्वागत किया।

    सीएम योगी ने जमीनों पर अवैध कब्जे के धंधे का शटर गिरा दिया: पीएम नरेन्द्र मोदी ने योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि ये घोर परिवारवादी आपको बिजली नहीं, बिजली का झटका देने के लिए तैयार बैठे हैं। जिनके काले कारनामे ही अंधेरे मे फलते फूलते हों वो परिवारवादी प्रदेश को कभी उजाला नहीं दे सकते। माफियावादियों की सरकार में एक बड़ा गोरखधंधा जमीनों पर अवैध कब्जों का चलता था। इनके नेताओं के गुर्गे किसी भी जमीन पर अपना कब्जा समझने लगते थे लेकिन डबल इंजन की सरकार ने इनके धंधे का शटर गिरा दिया। दबंगई और कब्जे का खेल खत्म। यूपी में हमारी सरकार 23 लाख से ज्यादा प्रोपर्टी कार्ड का वितरण कर चुकी है।

   पीएम मोदी ने कहा कि जब सच्चे मन से पवित्र संकल्प के साथ सिर्फ और सिर्फ सेवा भाव से काम करते हैं न तो गरीब के दिलों में जगह बन जाती है। उन्होंने कहा कि वंशवादी, परिवारवादी, भ्रष्टाचार में लिप्त लोग, तुष्टिकरण पर चलने वाले लोग कभी भी गरीब का भला नहीं कर सकते।

   उहि हरदोई को हमारो प्रणाम होई। भक्त प्रहलाद की धरती के सब लोगन के हम पांव छुअत है‘ : पीएम मोदी ने हरदोई की भाषा में वहां के लोगों का स्वागत किया और कहा कि ‘जिस धरती पर भगवान ने द्वि द्वि अवतार लेय, उहि हरदोई को हमारो प्रणाम होई। भक्त प्रहलाद की धरती के सब लोगन के हम पांव छुअत है।‘ उन्होंने कहा कि आपका यह उत्साह यह जोश हम सभी के लिए बहुत बड़ा आर्शीवाद है। ये धरती शाण्डिल्य ऋषि की तपोस्थली है। हरदोई की पुण्य भूमि से होली जैसी पवित्र त्योहार का जुड़ाव हम सभी जानते हैं। हरदोई के लोगों ने यूपी के लोगों ने दो बार रंगों की होली खेलने की तैयारी कर ली है। पहली होली 10 मार्च को भाजपा की बम्बर जीत के साथ मनाई जाएगी। लेकिन अगर होली 10 मार्च को धूमधाम से मनानी है तो अभी तैयारी पोलिंग बूथ पर करनी होगी। पीएम मोदी ने कहा कि हरदोई वालों ने वो दिन देखे हैं कैसे इन लोगों ने कट्टा और सट्टा वालों को खुली छूट दे रखी थी। अपराधियों को इन घोर परिवारवादियों की सरकार का पूरा संरक्षण होता था लेकिन हरदोई की जनता देख रही है कैसे सबका हिसाब हो रहा हे। माफिया, अपराधी खुद जमानत रद करवाकर जेल के भीतर पहुंचे हुए हैं। पूरी तरह से चुनाव हार रहे इन घोर परिवारवादी अब जात-पात के नाम पर जहर फैलाएंगे आपको एक ही बात याद रखनी है एक ही मंत्र यूपी का विकास, विकास, विकास। देश का विकास, विकास, विकास।

   पीएम मोदी ने उन्नाव की जनसभा में कहा कि यपी में आज तीसरे चरण का चुनाव हो रहा है। ऐसा लग रहा है पहले दो चरण में भारतीय जनता पार्टी को अभूतपूर्व आर्शीवाद मिले हें तीसरे चरण में उस रिकार्ड को भी तोड़ने का मन बना लिया है। लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में बीजेपी को वोट देने के लिए घरों से निकल रहे हैं। यूपी में आज हर तरफ एक ही गूंज है। 17 में हराया था, 22 में फिर से हराएंगे। यूपी के लोग योगी जी को ही लाएंगे। पीएम मोदी ने मैं अपनी बात की शुरुअता एक कहावत से करना चाहता हूं। यह कहावत घोर परिवारवादियों पर बिलकुल फिट बैठती है ‘थोथा चना बाजे घना’। आजकल मैं देख रहा हूं कि हमारे ये घोर परिवारवादी भी खूब डींगे हांक रहे हैं। पहले दो चरण में चारो खानों चित होने के बाद भी ये लोग अभी भी जब जब सोते हैं तो सपने देखते रहते हैं। तीसरे चरण, चौथे चरण को लेकर अब बड़े-बड़े दावे करने को उतरे हैं। अब ये लोग करें भी भी तो क्या करें। उन्होंने कहा कि खाली बर्तन ज्यादा आवाज करता है या नहीं करता है। जबकि सच्चाई क्या है यह मैं आपको बताना चाहता हूं। जिस सीट को यह लोग सबसे सुरक्षित मानकर बैठे थे वो भी हाथ से निकल रही है। आपको याद होगा जिस पिता को मंच से धक्के देकर हटाया था (जिसे अपमानित करके पार्टी पर कब्जा जमाया था। उसी से गुहार लगानी पड़ी कि मेरी सीट बचाइये। जब मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार अपनी ही सीट पर असुरक्षित हो तो हवा के रुख का पता आसानी से लगाया जा सकता है।

   पीएम मोदी ने कहा कि साथियों ये परिवारवादी लोग कुछ क्षेत्र को अपना साम्राज्य समझते हैं। ये सोचते हैं जो कहेंगे जनता वो ही करेगी। इन लोगों को आज तीसरे चरण में उत्साह के साथ मतदान कर रही उत्तर प्रदेश की जनता कह रही है “आएगी तो भाजपा ही। आएंगे तो योगी ही”। इन घोर परिवादियों की सरकार में संगीन आरोपों के अपराधी, माफिया मंत्रीमंडल का हिस्सा था। न खाता न बही (जो माफिया या गुंडे या माफिया कहेंगे वही सही। ऐसी स्थिति में गरीब की, दलित की, वंचित, पिछड़े की सुनवाई कैसे होती। रास्ते में तो छोड़िये घरों के भीतर भी ये मनचले बहन-बेटियों को परेशान करते थे। दंगा कर्फ्य, फिरौती, इनसे व्यापारियों, कारोबारियों का जीवन चौबीसों घंटे संकट में रहता था।

    पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार इस अंधेरगर्दी से यूपी का बाहर निकालकर लाई है। यूपी में योगी जी की सरकार ने कानून व्यवस्था को सुधार करके दिखाया है। इसलिए यूपी पूरी ताकत से कह रहा है “जो सुरक्षा लाए हैं हम उनको लाएंगे। जो सम्मान लाए हैं हम उनको लाएंगे।“ पीएम मोदी ने कहा योगी जी ने इन लोगों के डर और खौफ के किलों को ध्वस्त कर दिया है। इसलिए बहुत परेशान हैं। ये परेशानी कुछ दिन पहले भी सबने देखी है। खुले मंच से एक पार्टी का दृश्य। यूपी के पुलिस को, हमारे इन सिपाहियों को किस भाषा में अपमानित कर रहा है। उसका वीडियों घर घर में देखा जा रहा है। मंच से दी गई वो गालियां, वो धमकी सिर्फ यूपी की पुलिस के लिए नहीं थी। वो अपने उन दंबग, माफियाओं का उत्साह बढ़ाने का प्रयास था। आप मेरे शब्द लिखकर रखिये ये रत्ति भर भी बदले नहीं है। ये तो आपसे बदला लेने के लिए बेताब हैं। पीएम मोदी ने जनता से पूछा कि क्या आप उनको बदला लेने का मौका देंगे?

Friday, 18 February 2022

प्याज के औषधीय गुण जानकर आप चौंक जाएंगे

प्याज के औषधीय गुण जानकर आप चौंक जाएंगे

   प्याज किचन की शान है। इसके औषधि गुण अद्भुत है, बहुत लाभदाई हैं। प्याज के गुणों और उसके उपयोग के बारे में श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट सिविल लाइंस कानपुर की मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ रजनी पोरवाल ने बहुत ही सरल शब्दों में जानकारी दी है।

 


 आयुर्वेदिक दृष्टि से प्याज :
आयुर्वेद के विद्वानों के अनुसार प्याज आंशिक रूप से गर्म और कफ निष्कासक होता है। यह जनन तंत्र को उत्तेजित करने वाला मूत्र मार्ग को बल देने वाला और पाचक ग्रंथियों लिवर पेनक्रियाज के पुरानी से पुरानी विकारों को समूल नष्ट करता है। यह हृदय को शक्तिशाली बनाने में भी अद्वितीय हितकारी है। प्याज इम्यूनिटी को बढ़ाकर शरीर की रक्षा प्रणाली को सशक्त और मजबूत बनाने में भी मददगार है।

   वैज्ञानिक दृष्टि से प्याज : प्याज मैं लगभग 85% प्रोटीन 12% कार्बोहाइड्रेट विटामिन ए बी सी कैलशियम फास्फोरस आयरन और अन्य खनिज तत्व पाए जाते हैं। इसमें एलील सल्फाइड नाम का एक तत्व भी रहता है, जो सेहत के लिए बहुत हितकारी है। प्याज की खुशबू भी इसी रासायनिक तत्व की देन है।

   विभिन्न बीमारियों का दुश्मन है प्याज : हृदय को बल देता है। कच्चा प्याज जब भोजन के साथ सेवन किया जाता है तो यह हृदय की कोशिकाओं को शक्ति प्रदान करता है। इसलिए भोजन के साथ कच्चा प्याज का सलाद के रूप में सेवन हितकारी होता है लेकिन यदि हरा प्याज जिसे सागा भी बोलते हैं को सलाद के रूप में कच्चा खाया जाता है तो यह सामान्य प्याज की तुलना में हृदय की सेहत के लिए ज्यादा लाभकारी होता है और बड़े हुए कोलेस्ट्रोल पर काबू करके हृदय को सशक्त बनाता है।

   नस नाड़ियों को बलशाली बनाता है : प्याज शरीर की तंत्रिका तंत्र को सशक्त और मजबूत बनाता है। उसके कार्य क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही साथ यह मांसपेशियों को भी बल प्रदान करने वाला है। जब किसी अंग में चोट या मोच आ जाती है तो घर में दादी मां प्याज और हल्दी को पीसकर गर्म गर्म चोट पर बांध देते हैं और कहते हैं कि यह चोट को खींच लेगा। वास्तव में जब प्याज और हल्दी को पीसकर चोट और मोच वाले स्थान पर लगाया जाता है तो यह क्षतिग्रस्त तंत्रिका कोशिकाओं की रिपेयरिंग करता है और घायल अवस्था की मांसपेशियों की टूट-फूट को तेजी के साथ ठीक कर देता है।

   बलवीर्य और शक्तिवर्धक है प्याज : शास्त्रों में प्याज को रसायन माना जाता है और ढलती उम्र में शरीर की वीर्य शक्ति बढ़ाता है। यह छोटी उम्र में स्वप्नदोष जैसी युवाओं की बहुत बड़ी समस्या के पूर्ण रूप से निदान में भी बहुत मददगार है।प्याज का रस 10 मिली असली शहद 10 मिली और चार से पांच बूंद गाय का देसी घी मिलाकर प्रातः खाली पेट सेवन करने से पुरुषत्व में वृद्धि होती है और युवाओं में होने वाली स्वप्नदोष की समस्या जड़ मूल से समाप्त हो जाती है।

   मसूड़ों की सेहत बढ़ाएं : मसूड़ों में प्याज का रस कडुआ तेल नमक और हल्दी मिलाकर मसूड़ों की मालिश करने से मसूड़े शक्तिशाली होते हैं। जिनके दांत कमजोर हैं कीड़े लगे हैं या मसूड़ों की कमजोरी के कारण दांत हिल रहे हैं। सुबह शाम इस प्रयोग को करने से बहुत लाभ होता है। जिन लोगों के मुंह के अंदर की म्यूकस मेंब्रेन में विभिन्न प्रकार की तकलीफ हैं। वह भी इस प्रयोग को करके लाभ उठा सकते हैं। पायरिया की यह अद्वितीय औषधीय है। निरंतर 4 महीने सुबह शाम यह प्रयोग करें। यह जड़ से ठीक हो जाए इसे पूरे जीवन भी करने से कोई नुकसान नहीं है।

   बवासीर पेट रोग और पेचिश : कच्चा बारीक कटा हुआ प्याज दही के साथ मिलाकर खाने से रायते की तरह खाने से बवासीर और अपच जैसी तकलीफें ठीक होते हैं। जिन्हें गर्मी के कारण या लू लगने के कारण पेचिश हो गई हो। वह 50 ग्राम प्याज के रस में मिश्री दो चम्मच मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें एक ही दिन में फायदा हो जाएगा। ध्यान रखिएगा प्याज का रायता जब भी सेवन करें तो पूरी पराठे तली मसालेदार चीजें अचार पापड़ इसके साथ ना खाएं और कम से कम 6 सप्ताह तक कड़ाई के साथ परहेज रखें।

   यह चेतावनी भी पढ़ें : प्याज को कभी भी टमाटर लहसुन अदरक के साथ फ्राई करके नहीं खाना चाहिए क्योंकि रिफाइंड ऑयल या किसी भी अन्य तेल में फ्राई करने से प्याज के औषधीय गुण समाप्त हो जाते हैं और फ्राइड प्याज हानिकारक रसायन में बदल जाता है जो संपूर्ण पाचन प्रणाली लिवर पेनक्रियाज गाल ब्लैडर और स्प्लीन को प्रभावित करता है। एसिडिटी कड़वी डकारे आना कोलाइटिस और आईबीएस के साथ-साथ गुस्सा चिड़चिड़ापन और याददाश्त में कमी जैसी तकलीफें सामने आती हैं। यह भी ध्यान रखें कि कभी भी काफी समय पहले से कटा हुआ प्याज भी सेवन नहीं करना चाहिए।

Friday, 11 February 2022

तो ऐसे करें किडनी और लीवर को डिटॉक्स

तो ऐसे करें किडनी और लीवर को डिटॉक्स

   किडनी और लीवर को डिटॉक्स करके पाचन संस्थान के पुराने से पुराने और मूत्र तंत्र से जुड़े हुए विभिन्न रोगों से छुटकारा पाना सहज हो जाता है। डॉ रविंद्र पोरवाल जो देश के जाने-माने आयुर्वेदाचार्य हैं श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट रोड सिविल लाइंस कानपुर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन्होंने किडनी और लीवर को डिटॉक्स करने के लिए बहुत सहज लेकिन अत्यंत लाभकारी उपाय बताया है।


   यह तैयारी पहले से जरूरी :
10 ग्राम कच्चा जीरा 10 ग्राम मोटी सौंफ 10 ग्राम अजवाइन 10 ग्राम दालचीनी और 10 ग्राम धनिया लेकर सभी को मोटा-मोटा कूट करके रख ले। पंसारी के यहां से बड़ा गोखरू और पुनर्नवा की जड़ लाकर दोनों जड़ी बूटी को कूट पीसकर बारीक पाउडर बनाकर अलग-अलग शीशीओं में रख ले। बाजार से पाव भर कुलथी की दाल भी लेकर रख ले।

   3 दिन पूर्व की तैयारी : लिवर और किडनी को डिटॉक्स करने के लिए 3 दिन पूर्व की तैयारी करनी चाहिए और 3 दिनों तक भोजन को त्याग कर केवल फलाहार करना चाहिए। यदि फल से पेट ना भरे तो दूध का सेवन किया जा सकता है। दूध और फल का सेवन करने के बीच कम से कम डेढ़ घंटे का फर्क होना चाहिएं। ध्यान रखिए किसी भी स्थिति में दाल चावल सब्जी रोटी नहीं लेनी है। फलों में मौसम के सभी प्रकार के उपलब्ध फलों का अपनी स्वाद और शारीरिक जरूरत के अनुसार सेवन कर सकते हैं। ध्यान रखें कि एक बार में एक ही तरीके का फल सेवन करें। आप दिन में अनेक बार फलाहार कर सकते हैं।

   करें डिटॉक्स की शुरुआत : 3 दिन का फलाहार सेवन करके उपवास करने के बाद चौथे दिन प्रातः जीरा धनिया वाला 5 चीजों का जो पाउडर बनाया था उसे आठ गिलास पानी में उबालने के लिए रख दें और धीमी आंच पर उबलने दें। जब पानी आधा जल जाए उसे छानकर किसी बर्तन में रख ले। अब 10 ग्राम पुनर्नवा का पाउडर और 150 मिलीलीटर यह गरम गरम काढ़ा दो चम्मच शहद मिलाकर खाली पेट चाय की तरह घुट घुट करके पी ले। इसके 2 घंटे बाद तक कुछ भी ना खाएं। दो या तीन पतले गंदे बदबूदार दस्त आएंगे जिनसे घबराना नहीं है। बीच में गुनगुना पानी या गुनगुना पानी में शहद डालकर पी सकते हैं, दोपहर 11:00 बजे के लगभग कुकर के स्थान पर भगोने में पकी हुई सौ ग्राम कुलथी की दाल में नींबू निचोड़े और केवल सेंधा नमक डालकर यह दाल पतली पतली पी ले। दाल पीने के बाद 10 ग्राम बड़े गोखरू का पाउडर एक गिलास पानी से पी ले इसके बाद शाम तक कुछ भी नहीं खाना है। प्यास लगने पर नींबू दो चम्मच शहद और एक गिलास गुनगुना पानी दिन भर में कई बार भरपूर मात्रा में पी सकते हैं। दिन में कई बार पेशाब और पतला गंदा बदबूदार गैस के साथ या आव मरोड़ चिकनापन बाला दस्त लग सकता है। इससे न तो कमजोरी आएगी ना ही कोई दूसरी परेशानी होगी बल्कि शरीर हल्का लगेगा। सायकाल 4:00 बजे फिर से गर्म काढ़ा और पुनर्नवा का 10 ग्राम पाउडर लेकर दोबारा यही प्रयोग करें। और शाम को 6:00 बजे पुनः सौ ग्राम कुलथी की दाल खाकर 10 ग्राम बड़े गोखरू का पाउडर ले लीजिए। दिन में गुनगुना करके मौसम के फलों का रस या भरपेट पपीता खाया जा सकता है। बीजा निकालकर अमरूद का सेवन भी किया जा सकता है। बिना चीनी के ताजे बेल फल के गूदे का गुनगुने पानी में शरबत बनाकर भी लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ नहीं लेना है। रात्रि में भूख लगने पर पपीता का सेवन कर सकते हैं।

   दूसरे दिन यह करें : दूसरे दिन प्रातः खाली पेट और रात्रि को सोने से पूर्व आधा चम्मच पुनर्नवा के पाउडर के साथ एक गिलास गरम काढ़ा शहद दो चम्मच मिला करके पी लेना चाहिए। काढ़ा पीने के 1 घंटे बाद हल्का नाश्ता ले या तीन भाग मूंग की दाल और एक भाग चावल डालकर बिना मसाले की घी डालकर खिचड़ी खाए हरी सब्जी और चपाती का भी सेवन कर सकते हैं। दोपहर व रात्रि में खाना खाने के बाद 10 ग्राम गोखरू का काढ़ा पानी के साथ ले ले।

   जरूरी है सावधानी : डिटॉक्स का 5 दिन का यह संकल्प का कार्य पूरी निष्ठा श्रद्धा और विश्वास के साथ करना चाहिए। 5 दिनों में पानी खूब पीते रहना चाहिए। किंतु चाय कॉफी कोल्ड ड्रिंक शराब पान मसाला बीड़ी तंबाकू सिगरेट जंक फूड फास्ट फूड से पूरी तरह परहेज रखें। सामान्य रूप से यह उपाय निरापद है और इससे किसी भी प्रकार की कोई अन्य तकलीफ नहीं होती किंतु यदि आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। मिर्गी निम्न या उच्च रक्तचाप, हृदयरोग मधुमेह लिवर सिरोसिस कैंसर जैसी दुखदाई बीमारी अथवा आज के युग में फैली हुई अनेकानेक घातक बीमारियों में से किसी घातक रोग से जूझ रहे हैं या किसी बीमारी की निरंतर दवाइयां बरसों से खा रहे हैं तो अपने चिकित्सक से परामर्श करके किसी अनुभवी आयुर्वेदाचार्य के मार्गदर्शन में ही यह उपाय करें।

Wednesday, 9 February 2022

गर्भावस्था में रखें खान-पान का ख्याल, पोषक तत्वों की न होने दें कमी

गर्भावस्था में रखें खान-पान का ख्याल, पोषक तत्वों की न होने दें कमी

   लखनऊ।हर महिला की यह इच्छा होती है कि वह स्वस्थ बच्चे को जन्म दे। इस इच्छा को पूर्ण करने के लिए गर्भावस्था में पौष्टिक आहार का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना बेहद जरुरी है। गर्भस्थ शिशु का विकास माता के आहार पर निर्भर होता है। गर्भवती को ऐसा आहार लेना चाहिए जो गर्भस्थ शिशु के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।


   क्वीन मेरी अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. एसपी जैसवार के मुताबिक गर्भवती महिला को अल्प अंतराल में लगातार कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए। ऐसा करने से वह डिसपेपसिया और उल्टी आने की समस्या से बच सकती है।

   उन्होंने बताया कि गर्भवती को फास्टफूड, ज्यादा तला हुआ खाना, ज्यादा तिखा और मसालेदार खाने से परहेज करना चाहिए। अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन और आयरन की गोलियां नियमित समय पर लेना चाहिए। डॉ. जैसवार ने बताया कि अगर किसी महिला को पहले बच्चे के जन्म के समय रीढ़ की हड्डी में समस्या रही है तो दूसरा बच्चा प्लान करते ही फॉलिक एसिड का सेवन शुरू कर देना चाहिए और पहले तीन महीने इसका सेवन करना चाहिए।

   क्वीन मेरी की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता देब के अनुसार पहले तीन महीने आयरन या कैल्शियम नहीं देना चाहिए। सिर्फ फॉलिक एसिड खिलाना चाहिए। इसके बाद दूसरे और तीसरे तिमाही में कैल्शियम 500 मिलीग्राम दिन में दो बार और 60 मिलीग्राम एलिमेंटल आयरन दिया जाना चाहिए।

   उन्होंने बताया कि गर्भवती को शरीर की बढ़ती हुईं आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 3 लीटर (10 से 12 ग्लास) पानी जरूर पीना चाहिए। गर्मी के मौसम में 2 ग्लास अतिरिक्त पानी पीना चाहिए।

   सावधानियां... • एनेमिया से बचने के लिए अखण्ड अनाज से बने पदार्थ, अंकुरित दलहन, हरे पत्ते वाली साग सब्जी, ग़ुड़, तिल आदि लोह तत्व से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए... • सम्पूर्ण गर्भावस्था के दौरान गर्भवती का वजन 8 से 10 किलो बढ़ना चाहिए। ज्यादा वजन वाली महिलाओं के केस में 5 से 6 किलो वजन बढ़ना पर्याप्त है... • गर्भवती महिला को उपवास नहीं करना चाहिए... • कच्चा दूध न पिएं... • मदिरापान अथवा धूम्रपान न करें... • कैफीन की मात्रा कम करें। प्रतिदिन 200 मिलीग्राम से अधिक कैफीन लेने पर गर्भपात और कम वजन वाले शिशु के जन्म लेने का खतरा बढ़ जाता है... • गर्भवती को मीठा खाने की इच्छा हो तो उन्हें अंजीर खाना चाहिए। इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम है और इससे कब्ज भी दूर होता है... • सब्जियों का सूप और जूस लेना चाहिए। भोजन के दौरान इनका सेवन करें। बाजार में मिलने वाले रेडीमेड सूप व् जूस का उपयोग न करें... • डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन और आयरन की गोलियां नियमित समय पर लेना चाहिए

   प्रोटीन... • गर्भवती को आहार में प्रतिदिन 60 से 70 ग्राम प्रोटीन मिलना चाहिए... • अंतिम 6 महीनों के दौरान करीब 1 किलोग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है... • प्रोटीनयुक्त आहार में दूध और दूध से बने व्यंजन, मूंगफली, पनीर, काजू, बादाम, दलहन, मांस, मछली, अंडे आदि का समावेश होता है

   कैल्शियम... • गर्भवती को आहार मे प्रतिदिन 1500 -1600 मिलीग्राम कैल्शियम मिलना चाहिए। यह गर्भवती और गर्भस्थ शिशु की स्वस्थ और मजबूत हड्डियों के लिये जरूरी है... • कैल्शियम युक्त आहार में दूध और दूध से बने व्यंजन, दलहन, मक्खन, चीज, मेथी, अंजीर, अंगूर, तरबूज, तिल, उड़द, बाजऱा, मांस आदि का समावेश होता है

   फॉलिक एसिड... • पहली तिमाही वाली महिलाओं को प्रतिदिन 4 मिलीग्राम फॉलिक एसिड लेने की आवश्यकता होती है। दूसरी और तीसरी तिमाही में 6 मिलीग्राम फोलिक एसिड लेने की आवश्यकता होती है
• पर्याप्त मात्रा में फॉलिक एसिड लेने से जन्मदोष और गर्भपात होने का खतरा कम हो जाता है। इस तत्व के सेवन से उलटी पर रोक लग जाती है... • फॉलिक एसिड युक्त आहार में दाल, राजमा, पालक, मटर, मक्का, हरी सरसो, भिंडी, सोयाबीन, काबली चना, स्ट्रॉबेरी, केला, अनानस, संतरा, दलिया, साबुत अनाज का आटा, आटे की ब्रेड आदि का समावेश होता है

यूपी को पहचान और सुरक्षा के संकट से उबारा

यूपी को पहचान और सुरक्षा के संकट से उबारा

   लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धार्मिक महत्व के चलते बरेली जिले का खास स्थान है। नाथ सम्प्रदाय के प्राचीन मंदिरों से आच्छादित होने के कारण बरेली को नाथ नगरी भी कहा जाता है। इस नाथ नगरी के बहेड़ी विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनावी जनसभा होनी थी। परन्तु भारी बरसात होने के कारण मुख्यमंत्री बरेली पहुचने के बाद भी जनसभा को संबोधित नहीं कर सके तो उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों को वर्चुअली संबोधित किया।


   मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि हमने पांच वर्षों में यूपी को पहचान और सुरक्षा के संकट से उबारा है। यूपी को नई पहचान दी है। यूपी और बरेली को दंगा मुक्त किया है। अब अगर आप लोग चाहते हैं कि यूपी के थानों का संचालन फिर कोई हिस्ट्रीशीटर ना करे और अपराधी बेख़ौफ़ ना घूमे तो बहेड़ी का विकास करने वाले पार्टी के विधायक और सरकार में मंत्री छत्रपाल गंगवार को यहां से जिताएं।

   बहेड़ी की जनता से यह आग्रह करने के पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया और पूर्व की सपा -बसपा सरकारों को भी आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री के अनुसार पूर्व की सरकार में यूपी के थानों का संचालन हिस्ट्रीशीटर करते थे और अपराधी बेख़ौफ़ थे। बरेली शहर में सपा सरकार की सरकार के दौरान आठ दंगे हुए थे। जबकि हमारे सरकार के पांच वर्षों के शासन में यहाँ किसी ने दंगा करने की हिम्मत नहीं की। हमने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने का जो कार्य किया है, उसके चलते अपराधी अब अपराध करने की हिम्मत नहीं करते। अब यूपी विकास की नै प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ रहा है। यूपी को पहचान और सुरक्षा का कोई संकट अब नहीं रहा गया। राज्य में लोगों को रोजगार मिल रहा है और किसानों को उनके गन्ने का भुगतान हो रहा है।

   मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी में डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान प्रदेश सरकार कर चुकी है। बरेली के गन्ना किसानों को ही सरकार ने 5709 करोड़ रुपए का भुगतान किया है। उन्होंने यह भी बताया कि बरेली के पांच लाख किसानों को किसान सम्मान निधि दी जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने विस्तार से बताया कि बरेली में राशन वितरण और पेंशन के रूप में कितने लोगों की सरकार मदद कर रही है।

   बहेड़ी तथा बरेली की जनता को सरकार द्वारा कराए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री यह भी कहा कि प्रदेश और बरेली में भाजपा का जिताना क्यों जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार अगर आप चाहते हैं कि थानों का संचालन कोई हिस्ट्रीशीटर ना करे, अपराधी बेख़ौफ़ घूमने ना पाए, युवाओं के उत्थान के लिए कार्य हो, महिलाओं के विकास के लिए योजनाएं बने और उन्हें लागू किया जा सके। राज्य में विकास की प्रक्रिया जो बढ़ी है वह चलती रहे, लोगों के फ्री इलाज, फ्री टेस्ट, फ्री वैक्सीनेशन का जो कार्य हो रहा है वह आगे भी जारी रहे तो भाजपा को जिताएं। बहेड़ी से छत्रपाल गंगवार को जिताए। छत्रपाल गंगवार ने यहाँ क्षेत्र में विकास कार्य कराए हैं। उन्हें फिर से जीतकर क्षेत्र के विकास की गति को जारी रखे। मुख्यमंत्री की बहेड़ी के लोगों से की गई यह अपील उन्हें सुन रहे लोगों पर असर करेगी, यह दावा लोग कर रहे हैं। वैसे भी बरेली भाजपा समर्थको का इलाका है। यहां भगवा रंग उस दौर में ही चढ़ना शुरू हो गया था, जब भाजपा अपना आकार बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही थी। बरेली शहर की सीट पर तो पार्टी का 1985 से लगातार कब्जा है।

   बहेड़ी में कराया चहुंमुखी विकास : बरेली जिले की बहेड़ी विधानसभा सीट कभी नैनीताल लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हुआ करती थी। इस समय ये सीट पीलीभीत संसदीय सीट का हिस्सा है। इस विधानसभा क्षेत्र में एक नगरपालिका क्षेत्र को छोड़ दें अधिकांश इलाके ग्रामीण हैं। इस सीट के लिए 1957 में पहली दफे विधानसभा चुनाव हुआ था। बहेड़ी सीट से विधायक छत्रपाल गंगवार जो सूबे की सरकार में मंत्री भी हैं और इस बार भी भाजपा के यहाँ से प्रत्याशी हैं। छत्रपाल गंगवार का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है। बहेड़ी हिमालयी क्षेत्र का तराई इलाका है। ये विधानसभा क्षेत्र पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के साथ सीमा साझा करता है। दलदल वाले इलाकों में पाई जाने वाली बहेड़ा घास के नाम पर इस इलाके का नामकरण बहेड़ी हुआ था। बहेड़ी विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो राज्य विभाजन और उत्तराखंड राज्य के गठन से पहले इसे कुमाऊं मंडल का प्रवेश द्वार कहा जाता था।

Monday, 7 February 2022

सावधान ! कहीं गेहूं का आटा सेहत को खराब तो नहीं कर रहा

   पैकेट बंद गेहूं के आटे से बनी हुई रोटियां हमारा पेट तो भर सकती है। किंतु इन में मिलाए जाने वाले घातक केमिकल्स हमारी सेहत के लिए हितकारी नहीं है। इस संदर्भ में डॉ रविंद्र पोरवाल मुख्य चिकित्सक श्रीनाथ आयुर्वेद चिकित्सालय भगवत दास घाट रोड सिविल लाइंस कानपुर ने चौकाने आंख खुलने वाली जानकारी दी है।


   सादा भोजन लेकिन हमेशा पेट की समस्याएं : अनेक परिवारों में सात्विक भोजन किया जाता है। हरी सब्जी दाल रायता सलाद भरपूर मात्रा में सेवन करने के बाद भी परिवार के अनेक सदस्यों को पेट की विभिन्न बीमारियां एसिडिटी गैस अपच पेट में भारीपन पेट फूलना जैसी तकलीफ में बनी रहती हैं। इन सब समस्याओं की अनेकों अनेक कारण हो सकते हैं। किंतु पेट संबंधी समस्याओं का एक बड़ा कारण पैकेट बंद गेहूं का आटा है क्योंकि बड़ी-बड़ी कंपनियां मुलायम सफेद और लज्जतदार रोटियां बनाने के लिए गेहूं की बाहरी छिलके और फाइबर को पूरी तरह छानकर बाहर निकाल देते हैं।

   अनजाने में होते हैं लीवर और पेट रोगों का शिकार : गेहूं का आटा बिना फाइबर जब सेवन किया जाता है तो यह शरीर की संपूर्ण पाचक प्रणाली और पाचन ग्रंथियां जैसे लिवर पेनक्रियाज इत्यादि के लिए अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न करता है। फाइबर विहीन गेहूं के आटे से बनी हुई रोटियां जब इंसान के पेट में अमाशय से आंतों में पहुंचती हैं तो यह आंतों में इकट्ठा होकर आंतों की अंदर की दीवार पर चिपक जाती हैं। आंतो द्वारा उसे नीचे मलाशय तक भेजने के लिए बहुत श्रम करना पड़ता है। जिससे पेट फूलता है और गंदी बदबूदार अधोवायु बनती है। नाभि के आस पास मीठा मीठा दर्द होता है। यही नहीं शौचालय में काफी समय तक बैठने के बावजूद भी पेट साफ नहीं होता है। यह बहुत बड़ा कारण है कि सादा बिना मिर्च मसाले का भोजन करने, चाट जंक फूड, फास्ट फूड से परहेज करने के बावजूद भी हमारी पाचन ग्रंथियां लीवर गॉलब्लैडर पैंक्रियाज और आंते धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और दीर्घ काल में यह पेट व लीवर की गंभीर बीमारियों का रोगी बना देती हैं। 

   हमें स्वस्थ रहने के लिए लगभग 40 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। यह फाइबर की मात्रा हमें रोटियों हरी पत्तेदार सब्जियों सलाद फल और सूखे मेवों से मिलना चाहिए किंतु बिना फाइबर की गेहूं के आटे से बनी हुई रोटी और हरी पत्तेदार सब्जियों के अभाव में शरीर के अंदर फाइबर की कमी हो जाती है जो भूख ना लगना भोजन का समय पर ना पचना, पेट का भारीपन और पेट फूलना, बवासीर, फिशर कोलाइटिस, आईबीएस आव मरोड़ होना और पेट साफ ना होने जैसी अनेक बीमारियों का कारक बन जाता है।

   पौष्टिकता का भी खात्मा : गेहूं के छिलके को बाहर निकाल देने से रोटी तो सफेद और मलाई जैसी स्वादिष्ट और मुलायम बनती है। किंतु गेहूं के दाने के छिलके में मौजूद बड़ी संख्या में पोषक खनिज तत्व व विटामिन गेहूं के आटे का निर्माण करने वाली कंपनी द्वारा आटा निर्माण के समय ही बाहर निकल जाते हैं। साथ ही साथ गेहूं के आटे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न प्रकार के कीटनाशक का प्रयोग किया जाता है। ताकि कई सप्ताह तक रखने के बाद भी आटा ना तो बेस्वाद हो ना ही उसमें कीड़े पड़े।

   सेहत का खजाना है ताजा आटा : सामान्य रूप से ठंड के दिनों में गेहूं पीसने के दिन से लगभग 4 सप्ताह तक आटा खाने योग्य रहता है। गर्मी और बरसात के दिनों में 2 सप्ताह बाद ही आटा खराब होने लगता है और उसमें कीड़े पड़ने लगते हैं। उसका स्वाद कड़वा होने लगता है। जबकि बड़े-बड़े कंपनियां जो पैकिंग बंद आटे का निर्माण करती हैं, एक्सपायरी डेट सामान्य रूप से 3 महीने बाद की लिखती है। नेचुरोपैथी के सिद्धांतों के अनुसार और पोषण विज्ञानी अनुसंधानकर्ताओं की सलाह के अनुसार हमें ताजा आटा से बनी हुई रोटियां खाना चाहिए।

   बंद आंखें खोलिए : जबकि पैकिंग किया गया गेहूं का आटा कई महीने तक खराब नहीं होता क्योंकि रोटियों के साथ हम घातक केमिकल्स बेंजोयल पराक्साइड जिसे फ्लोर इंप्रूवर भी कहां जाता है का भी सेवन करते हैं। चिकित्सा आचार्यों के अनुसार इसकी मात्रा 4 मिलीग्राम से 50 मिलीग्राम के बीच में होनी चाहिए। इससे अधिक मात्रा सेहत के लिए नुकसानदायक होती है लेकिन सफेद और मुलायम रोटी बनाने और पार्टी को महीनों तक कीड़ों व खराब होने से बचाने के लिए गेहूं के आटे में इसकी मात्रा तय सीमा से बहुत अधिक रखी जाती है। जिससे हमारे पाचन तंत्र व शरीर की रक्षा प्रणाली के साथ-साथ शरीर के दूसरे अन्य महत्वपूर्ण आंतरिक अंगों भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं और हमें अनजाने में ही विभिन्न प्रकार की बीमारियों की सौगात मिल जाती है।