Sunday, 29 October 2017

देश मे 163.7 मिलियन टन दूध का उत्पादन

   मोतिहारी। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि भारत, डेयरी राष्ट्रों के बीच एक नेतृत्व के रूप में उभर रहा है। देश मे 2016-17 के दौरान 163.7 मिलियन टन दूध उत्पादित किया गया है जिसकी कीमत 4 लाख करोड़ रु. से अधिक है।

  सिंह ने यह बात सेमवापुर (केसरिया), मोतिहारी मे लगे पशु आरोग्य मेले में लोगों को सम्बोधित करते हुए कही। केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार में कुल दूध उत्पादन वर्ष 2015-16 में 8.29 मिलियन मीट्रिक टन था जो पूरे देश का 5.33ऽ है। बिहार में देश के कुल पशु का 6.67ऽ है। अतः बिहार में दूध उत्पादन एवं दूध उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है। सिंह ने कहा कि बिहार में कोंफेड/सुधा दुग्ध संग्रह, प्रसंस्करण, एवं विपणन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 
   केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि भारत में गोपशु पालन एक पारम्परिक आजीविका अर्जन का विकल्प रहा है। इसका कृषि अर्थ व्यवस्था से गहरा संबंध है। देश में वर्तमान में 19 करोड़ गोपशु हैं जो विश्व के कुल गोपशु का 14ऽ हैं। इनमें से 15.1 करोड़ देशी गोपशु हैं जो कुल गोपशु का 80ऽ हैं। देश की डेयरी सहकारिताएं किसानों को औसत रूप से अपनी बिक्री का 75 से 80 प्रतिशत प्रदान करती हैं।
     बिहार मे कोंफेड या सुधा, सहकारी मंडलियों के माध्यम से किसानो को दूध का उचित मूल्य प्रदान कर रहा है। इस क्षेत्र में 15 मिलियन पुरूषों की तुलना में 75 मिलियन महिलाएं कार्यरत हैं। सिंह ने कहा कि भारत में 30 करोड़ बोवाईन हैं, जो विश्व की कुल बोवाईन आबादी का 18 प्रतिशत हैं। पारंपरिक तथा वैज्ञानिक ज्ञान के माध्यम से सैकड़ो वषों की मेहनत के बाद देश के देशी बोवाईन आनुवंशिक संसाधन विकसित हुए हैं। आज हमारे पास गोपशुओं की 40 नस्लों के साथ याक और मिथुन के अलावा भैंसों की 13 नस्लें हैं।
     केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि देश में देशी पशु विशेष रूप से अपने-अपने प्रजनन क्षेत्रों की जलवायु और पर्यावरण के लिए अधिक उपयुक्त हैं। जलवायु परिवर्तन से देशी नस्लें कम से कम प्रभावित होंती हैं। बछोर, बिहार की देशी गोपशु नस्ल है। प्रदेश मे बछोर नस्ल के गोपशुओं की संख्या 6.73 लाख है जिसमें से 2.99 लाख प्रजनन योग्य पशु हैं।
  सिंह ने कहा कि व्यावसायिक फार्म प्रबंधन और संतुलित पोषाहार के जरिये भारत में देशी नस्लों की उत्पा्दकता में वृद्धि करने की अत्यधिक संभावना है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन नामक कार्यक्रम संगठित तथा वैज्ञानिक ढंग से स्वदेशी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के उदेश्य से देश मे पहली बार शुरू किया है। योजना के अंतर्गत अब तक 27 राज्यों से आए प्रस्तावों को 1077 करोड़ रुपये की राशि के साथ स्वीकृत किया जा चुका है।
   इस योजना के अंतर्गत अब तक 499.08 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। बिहार को ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन' के तहत 67 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी गयी है। योजना के कार्यान्वायन के लिए अब तक 22.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इस योजना के कार्यान्वयन से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता मे वृद्धि होगी।
     इस के तहत कृत्रिम गर्भाधान को किसान के घर द्वार तक पहुंचाने के लिए 1250 मैत्री केन्द्रों को भी स्थापित किया जा रहा है। इससे देशी नस्लों के संरक्षण को नयी दिशा मिलेगी। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के ही अंतर्गत गोकुल ग्राम स्थापित करना अन्य घटकों के साथ शामिल है।
   एक गोकुल ग्राम बिहार के बक्सर जिले में स्थापित किया जाएगा। गोकुल ग्राम, 500 उच्च आनुवांशिक गुणों वाले पशुओं के लिए होगा इनमें से 300 प्रजनन योग्य पशु होंगे। इस गोकुल ग्राम पर बछोर के साथ साथ लाल सिंधी, साहिवाल एवं गिर नस्लों के पशुओं को भी रखा जाएगा।

चेन्‍नई बंदरगाह से मोंगला बंदरगाह के लिए ट्रकवाहक पोत को झंडी

  चेन्‍नई। जहाजरानी, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा जीर्णोद्धार मंत्री नितिन गडकरी ने चेन्‍नई बंदरगाह से बांग्‍लादेश में मोंगला बंदरगाह के लिए एक रोरो-एवं-सामान्‍य माल वाहक पोत एम वी आईडीएम डूडल को 185 ट्रकों की खेप के साथ डिजिटली झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें लादे गए। 

  इस अवसर पर गडकरी ने कहा कि ये ट्रक मैसर्स अशोक लेलैंड द्वारा निर्यात किए जा रहे हैं, जो अभी तक सड़क मार्ग से भेजे जा रहे थे। जिससे करीब 1500 कि.मी. का सफर तय करना पड़ता था। समुद्री मार्ग से इस सफर में करीब 15 से 20 दिन की बचत होगी। 
     समुद्री मार्ग से परिवहन के कारण भारत-बांग्‍लादेश सीमा पर पेट्रापोल-बेनापोल चेक प्‍वाइंट पर वाहनों की भीड़ से बचा जा सकेगा। तटीय परिवहन से समय की बचत के साथ ही लागत में भी कमी आती है। यह पर्यावरण के अनुकूल भी है।
    मैसर्स अशोक लेलैंड द्वारा वर्तमान में करीब 12000 ट्रक बांग्‍लादेश, श्रीलंका और अफ्रीकी देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। भारत और बांग्‍लादेश के बीच तटवर्ती शिपिंग समझौते पर हस्‍ताक्षर जून 2015 में प्रधान मंत्री नरेन्‍द्र मोदी की बांग्‍लादेश यात्रा के समय किए गए थे। 
   चेन्‍नई बंदरगाह से रो रो यात्रा का शुभारंभ 5 अगस्‍त 2016 को उस समय हुआ था जब 800 ह्यूंदी कारें स्‍थानीय वितरण के लिए रो रो पोतों पर चेन्‍नई से पिपावाव भेजी गई थीं। समुद्री मार्ग से माल ढुलाई पर प्रति टन ईंधन की लागत भी काफी कम आती है।

भाभा का परमाणु शांति मिशन सभी दोषों से मुक्‍त

  नई दिल्‍ली। केन्‍द्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), एमओएस पीएमओ, कार्मिक जन शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍यमंत्री डा जितेन्‍द्र कुमार ने कहा है कि भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक डा होमी भाभा का परमाणु शांति मिशन सभी प्रकार की बुराइयों से मुक्‍त रहा है।

   वे राष्‍ट्रीय राजधानी में 9वें परमाणु ऊर्जा सम्मेलन में उद्घाटन भाषण दे रहे थे। उन्‍होंने कहा कि 60 वर्षों के बाद हम समूचे विश्‍व के समक्ष यह दावा करने की स्थिति में हैं कि भारत का परमाणु कार्यक्रम आर्थिक वृद्धि और विकास के लिए देश की ऊर्जा आवश्‍यकताओं को पूरा करने का प्रमुख संसाधन रहा है। 
    उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत विद्युत उत्‍पादन कोयले और अन्‍य संसाधनों से होता है, परन्‍तु आने वाले वर्षों में परमाणु ऊर्जा सहित हरित संसाधनों का विद्युत उत्‍पादन में प्रमुख योगदान होगा। उन्‍होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमें देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के विस्‍तार पर विशेष ध्‍यान देने के लिए प्रेरित किया है।
    वरिष्‍ठ परमाणु वैज्ञानिकों, डा अनिल काकोदकर, डा एस के शर्मा और अन्‍य विशेषज्ञों ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्‍यक्‍त किए।

रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को धार

   नई दिल्‍ली। रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीता रमण ने रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को धार देने के लिए एक राउंड टेबल बैठक में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों से वार्तालाप किया, जिनमें भारतीय कंपनियों और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।

  वर्तमान सरकार ने रक्षा उत्‍पादन नीति-2016 लागू करने सहित अनेक महत्‍वपूर्ण नीतिगत उपाय किए हैं। इस नीति में अन्‍य बातों के अलावा रक्षा साजोसामान के डिजाइन और विर्माण में स्‍वदेशी को बढ़ावा दिया गया है।
     राउंड टेबल बैठक में रक्षा विनिर्माण में निजी भागीदारी संबंधी विभिन्‍न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसमें यह आश्वासन दिया गया कि वर्तमान सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं दूर करने के प्रति वचनबद्ध है ताकि इस क्षेत्र में अधिकाधिक विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके।

युवा डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को सफल बनाने में योगदान करें

  कोलकाता। युवा मामले और खेल राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) कर्नल राज्‍यवर्द्धन राठौड़ ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल से एनएसएस के राज्‍य स्‍तरीय पदाधिकारियों और स्‍वयं सेवकों से वार्तालाप किया।

  वार्तालाप सत्र में 1000 से अधिक अधिकारियों और एनएसएस स्‍वयंसेवकों, कार्यक्रम समन्‍वयकों, 25 विश्‍वविद्यालयों-संस्‍थानों, हायर सेकेंडरी स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और एनएसएस पदाधिकारियों ने हिस्‍सा लिया। 
 इस अवसर पर राठौड़ ने एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए युवाओं को राष्‍ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित किया। अपने सैन्‍य जीवन और खेल जगत के अनुभवों को साझा किया। उन्‍होंने प्रधानमंत्री के स्‍वच्‍छ भारत अभियान का उल्‍लेख किया। 
     कहा कि युवा और वरिष्‍ठ नागरिकों सहित सभी लोग इस दिशा में महत्‍वपूर्ण योगदान कर सकते हैं। उन्‍होंने सरकार के विभिन्‍न कार्यक्रमों का हवाला दिया। युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे डिजिटल इंडिया प्रोग्राम को सफल बनाने में योगदान करें। 
     उन्‍होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सरदार वल्‍लभभाई पटेल की जयंती मनाने के लिए 31 अक्‍टूबर को राष्‍ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर रन फॉर यूनिटी नामक दौड़ में हिस्‍सा लें। उन्‍होंने प्रतिभागियों को संकल्‍प से सिद्धि की शपथ भी दिलायी।