Sunday, 8 October 2017

मिशन इंद्रधनुष के जरिए 90 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य

     गुजरात। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि यदि टीके से किसी रोग का इलाज संभव है तो किसी भी बच्चे को टीके का अभाव नहीं होना चाहिए। 

  प्रधानमंत्री गुजरात के वडनगर में सघन मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए भारत सरकार ने दो वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे और उन गर्भवती माताओं तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है जो टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत यह सुविधा नहीं पा सके हैं।
    विशेष अभियान के तहत टीकाकरण पहुंच में सुधार के लिए चुने हुए जिलों और राज्यों में दिसंबर 2018 तक पूर्ण टीकाकरण से 90 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य रखा गया है। मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत 2020 तक पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 90 प्रतिशत क्षेत्रों को शामिल किया जाना है। 
    गुजरात के मुख्यमंत्री विजय भाई रूपानी, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा, गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, गुजरात के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा, पर्यावरण एवं शहरी विकास मंत्री शंकर भाई चौधरी सहित अन्य विशिष्ट व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
     खचाखच भरे परिसर में जनसमुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरकार ने टीकाकरण को लोगों को जन एवं सामाजिक आंदोलन बनाया है। प्रधानमंत्री ने लोगों से जोरदार अपील की कि वे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम को अपनाए और इस दिशा में सरकार को सहयोग दें। प्रधानमंत्री ने सरकार की अन्य उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी दी।
     उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 15 वर्षों के बाद नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 लाई है जो जनकेंद्रित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्टंट की कीमतों का विनियमन किया है जिससे बड़ी संख्या में देश के लोगों का भला हुआ है। इससे मध्यम आय वर्ग और गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च में कटौती हुई है। प्रधानमंत्री मात्तृत्व सुरक्षा अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त किया।
     उन्होंने कहा कि निजी डॉक्टरों ने सरकारी डॉक्टरों के साथ हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सेवाएं देने की पहल की है। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी.नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री का अपार समर्थन उनके लिए प्रेरणास्रोत रहा है। 
      उन्होंने यह भी कहा कि देश के बच्चों में स्वास्थ्य सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नड्डा ने सूचित किया कि मिशन इंद्रधनुष के चार चरणों के तहत 2.53 करोड़ बच्चे और 68 लाख गर्भवती महिलाओँ को जीवनरक्षक टीकें उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 5.21 लाख बच्चे और 1.27 लाख गर्भवती महिलाएं गुजरात से हैं। 
  उन्होंने बताया कि मिशन इंद्रधनुष के जरिए हम 90 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। इससे पहले पूर्ण टीकाकरण, कवरेज में वृद्धि का लक्ष्य हर वर्ष 1 प्रतिशत था। मिशन इंद्रधनुष पहले दो चरणों में टीकाकरण में 6.7 प्रतिशत प्रतिवर्ष की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। 
      अक्तूबर 2017 और जनवरी 2018 के बीच हर महीने सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के तहत सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जिलों और शहरी क्षेत्रों में 173 जिलों, 16 राज्यों के 121 जिलों और 17 शहरों और 8 पूर्वोत्तर राज्यों के 52 जिलों में निरंतर टीकाकरण का दौर जारी रहेगा। सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चुनिंदा में ऐसे जिलों और शहरी क्षेत्रों में वाले क्षेत्रों में चलाया जाएगा जहां टीकाकरण कम हुआ है।
    यह क्षेत्र राष्ट्रीय सर्वेक्षण, स्वास्थ्य प्रबंध सूचना प्रणाली डेटा एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर तय किए जाएंगे। एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रवास करने वाले शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और उप-केंद्रों में ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां टीकाकरण या तो नहीं हुआ या उसका प्रतिशत बहुत कम है। 
     राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत शहरी बस्तियों और शहरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण कवरेज में सुधार के लिए अंतरमंत्रालय और अंतर विभागीय समन्वय, कार्रवाई आधारित समीक्षा प्रबंध एवं सघन निगरानी और जवाबदेही प्रणाली अपनाई जाएगी ताकि लक्षित क्षेत्रों में प्रभावी टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके। 
    इस कार्यक्रम में 11 अन्य मंत्रालय और विभाग भी अपना समर्थन प्रदान कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, पंचायती राज, शहरी विकास, युवा कार्य एवं अन्य मंत्रालयों ने सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम में अपना सहयोग दिया है। जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले विभिन्न लोगों के जरिए इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित किया जाएगा। 
    आशा, आंगनबाड़ी वर्कर, राष्ट्रीय शहरी जीविका मिशन के अंतर्गत जिला प्रेरक और स्वयंसेवी संगठनों के बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन के जरिए यह कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिला, राज्य और केंद्रीय स्तर पर नियमित अंतराल के दौरान सघन मिशन इंद्रधनुष की कड़ी निगरानी की जाएगी। बाद में राष्ट्रीय स्तर पर मंत्रिमंडलीय सचिव इसकी समीक्षा करेंगे। 
    प्रगति कार्यक्रम के तहत सर्वोच्च स्तर पर इसकी निगरानी होगी। सघन मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम में सरकार द्वारा निरीक्षण, सहायकों की निगरानी और सर्वेक्षण के जरिए चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। 
    राज्य और जिला स्तर पर आत्मावलोकन के अंतराल पर आधारित सुधार योजना तैयार की गई है। ये योजनाएं राज्य से केंद्रीय स्तर तक चलाई जाएंगी ताकि दिसंबर 2018 तक 90 प्रतिशत तक टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सके। 90 प्रतिशत से अधिक का लक्ष्य हासिल करने वाले जिलों के लिए मूल्यांकन और पुरस्कार पद्धति अपनाई जाएगी।
       लक्ष्य के मार्ग में अवरोधों की स्थिति में बेहतरी के लिए पद्धति अपनाई जाएगी और मीडिया प्रबंधन के द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। साझीदारों नागिरक सोसाइटी संगठनों और अन्यों के सहयोग से प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। 
    समारोह में प्रधानमंत्री ने जीएमईआरएस चिकित्सा कॉलेज वडनगर को देश को समर्पित किया। उन्होंने समुदाय स्वास्थ्य अभियान के लिए नवप्रवर्तनशील मोबाइल फोन टेक्नोलॉजी का शुभारंभ भी किया। इससे समुदाय आधारित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का कवरेज संभव होगा और गुजरात में मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने में सहायता मिलेगी।
      जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 400 से 500 बाहरी मरीज और 80 से 100 स्थानीय मरीजों का इलाज होता है। उन्नतिशील मोबाइल फोन एप्लीकेशन के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

रक्षामंत्री ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में परिचालन संबंधी तैयारियों का जायजा लिया

   तेजपुर। रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण तेजपुर पहुंची। उन्होंने रक्षामंत्री के रूप में पहली बार पूर्वी कमान का दौरान किया।

  श्रीमती सीतारमण के साथ उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद एवं पूर्वी कमान के जीओसी – इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा की तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर गजराज कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल ए.एस.बेदी और सेना तथा वायुसेना के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने इनकी अगवानी की।
    रक्षामंत्री भारतीय सेना एवं भारतीय वायुसेना के ठिकानों की यात्रा का उद्देश्य विभिन्न रक्षा प्रतिष्ठानों में कार्य कर रहे अधिकारियों और सेनाकर्मियों से परिचय और आपसी संपर्क है। उनकी पूर्वी कमान की हाल की यात्रा से लोगों में और अधिक विश्वास कायम हुआ है। 
    उन्होंने इस संदर्भ में सिक्किम की भी यात्रा की थी। रक्षा मंत्री ने 85वें वायुसेना दिवस पर वायुसेना के जाबांजों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तेजपुर पूर्वी एयरबेस का दौरा किया। उन्होंने एयरबेस की परिचालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की और सुखोई लड़ाकू विमान और वायुसेना की अन्य परिसंपत्तियों को भी देखा। 
    श्रीमती सीतारमण ने गजराज कोर मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान गजराज कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल ए.एस.बेदी ने अरूणाचल प्रदेश के कामिंग सेक्टर और असम में सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कोर की तैयारियों के बारे में भी मंत्री को बताया।
     श्रीमती सीतारमण ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सुविधाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षामंत्री ने तेजपुर के सोलमारा सैन्य स्टेशन का भी दौरा किया और चाय के साथ अधिकारियों और जवानों से बातचीत भी की। 
    उन्होंने सैन्य अनुशासन के उच्च मानदंडों के लिए अधिकारियों और जवानों की प्रशंसा की और कठिन क्षेत्र तथा चुनौतीपूर्ण माहौल में जवानों की तैयारियों की प्रशंसा की। उन्होंने सेना की टुकड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मानवाधिकारों के प्रति सम्मान रखते हुए वे अभिमान और सम्मान की यही भावना हमेशा बनाए रखें। 
    श्रीमती सीतारमण ने सेनाओं की परिचालन संबंधी तैयारियों के स्तर पर संतोष व्यक्त किया और दिल्ली रवाना होने से पहले जवानों व अधिकारियों की दीपावली की शुभकामनाएं दीं।

नार्थ एवं साउथ ब्लाक की नई प्रकाश व्यवस्था, 16 मिलियन रंग शैलियां

   नई दिल्‍ली। आने वाले बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी का केन्द्रीय दृश्यावलोकन पहले जैसा नही रहेगा। वर्तमान में वर्षों से चली आ रही वर्ष के निर्धारित 8 दिनों और प्रत्येक रात्रि कुछ घण्टों के लिए नार्थ एवं साऊथ ब्लाक के भवनों की विशेष प्रकाश व्यवस्था अब नए गतिशील मुखरित प्रकाश व्यवस्था में बदल जाएगी। जो एक नया जो इसके सौन्दर्य के अवलोकन का नया अनुभव होगा। 

   यह नई गतिशील मुखरित प्रकाश व्यवस्था 21,450 प्रति वर्ग मीटर के क्षेत्र में की जाएगी, जो 16 मिलियन अद्भुत रंगों के मेल से भरी होगी। यह रात्रि में प्रत्येक कुछ सेकण्ड में रंगो के बदलाव के साथ-साथ विस्तृत रंग शैली और विषय वस्तु को प्रदर्शित करेगी।
      आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय के सम्बद्ध संगठन, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा इन दो प्रतिष्ठित भवनों के लिए शुरू की गई इस नई नवीन मुखरित प्रकाश व्यवस्था का शुभारम्भ आगामी बुधवार प्रातः 6 बजकर 30 मिनट पर नार्थ ब्लाक में कार्यरत गृह मंत्रालय के बहुकार्य कर्मचारी (एमटीएस) महिपाल सिंह द्वारा बटन दबाकर किया जाएगा। 
    यह नई प्रकाश व्यवस्था का आयोजन मीडिया और आम जनता के लिए दिखाई जाएगी। इस नई प्रकाश व्यवस्था का आयोजन पूरे वर्ष शाम 7 बजे से प्रातः 5 बजे तक और पूर्ण क्षमता के साथ प्रकाश व्यवस्था का मुख्य समय रात्रि 8 से 9 तक होगा। मद्धिम रोशनी सुविधा के निहित शाम 7 से 7 बजकर 30 मिनट और रात्रि 10 बजे से प्रात 5 के दौरान बिजली भार 25 प्रतिशत और बाकी रात्रि समय यह बिजली भार 50 प्रतिशत रहेगा। 
        इस नई प्रकाश व्यवस्था का आयोजन आरजीबी एलईडी प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए 40 किलोमीटर के प्रकाशमय ऊर्जा और डाटा केबलिंग के साथ जिसका केन्द्रीय कम्पूयटरीकृत नियन्त्रण, इंटरनेट आधारित नियन्त्रक के माध्यम से स्वचलित चयनित रंगीन संयोजनों, समयानुसार, मद्धिम और स्विचिंग ऑन एवं ऑफ सुविधा इत्यादि के साथ किया जाएगा। 
      यह नई प्रकाश व्यवस्था इन ऐतिहासिक भवनों की वास्तुशिल्प विशेषताओं, को विस्तारपूर्व दिखाने में पूर्ण रूप से सक्षम है। जो भारतीय एवं ब्रिटिश वास्तुशिल्प का बढ़िया संयोजन है। इसके अलावा यह इसकी भव्यता में बढ़ोतरी, आगंतुको के लिए नई रंगों की दावत प्रस्तुत करेगा।
      भवनों के अग्रभाग, प्रांगण, केन्द्रीय गुंबद, झण्डा लगाने का स्थान इत्यादि को दिखाने के लिए इस नई प्रकाश व्यवस्था में संकीर्ण, मध्यम एवं विस्तृत डिग्री के त्रिकोणीय बीम कोणों का प्रयोग वांछनीय है। इन बिजली के उपकरणों में बाह्य लैंस लगे है जो स्थानानुसार बीम कोणों में बदलाव करने में सक्षम है। 
    इसमें विशेष अवसरों पर विभिन्न रंग विषयों और योजनाओं को चुनने के लिए एक अंतर्निहित क्षमता और बहुमुखी प्रतिभा है। इस नई व्यवस्था का लाभ कुछ विशेष अवसरों जैसे स्वतन्त्रता दिवस, गणतन्त्र दिवस और कुछ राष्ट्रीय त्यौहारों पर विशेष रूप से मिलेगा।
      यह वर्तमान प्रकाश व्यवस्था 16,750 प्रति वर्ग मीटर में फैली हुई है। 21,450 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली इस नई प्रकाश व्यवस्था के प्रतिस्थापन, रख-रखाव और संचालन की लागत पर वार्षिक बचत 86.40 लाख रुपये होगी। नई एलईडी लाइट फिटिंग की जीवन अवधि एक लाख से अधिक घण्टों की है, जो 25 वर्ष होती है। जबकि इस समय इस्तेमाल की जा रही लाइट्स की जीवन अवधि 10 हजार घण्टों की है।
     वर्तमान में एलईडी मेटल हेलाइड और सोडियम वेपर लाइट फिटिंग के प्रयोग के साथ सीमित पारंपरिक प्रकाश व्यवस्था द्वारा ऊर्जा खपत 17 लाख रू. प्रतिवर्ष है, कि नई प्रकाश व्यवस्था के साथ ऊर्जा खपत 8.40 लाख रू. प्रति वर्ष है। यह सभी नए प्रकाश उपकरण धूल, कीड़े-मकोड़े और नमी प्रतिरोधक एवं बाहरी मौसम से बचाव के लिए उच्चतम आर्डर (आईपी-66) की उन्नत आकृति के साथ बनाए गए हैं।
      यह सभी पर्यावरण और तकनीकी मानकों (आरओएचएस, यूएल और सीई) के अंतर्राष्ट्रीय नियामक ढांचे से मेल खाते हैं। इनके द्वारा दी जा रही प्रकाश व्यवस्था से नॉर्थ और साउथ ब्लॉक के भवनों की रेत पत्थर की संरचना पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा। इन प्रतिष्ठित भवनों के विरासतमयी चरित्र को बचाने का विशेष ध्यान रखा गया है। 
       सभी प्रकाश उपकरण, बाहर खुले में अथवा सामने लॉन की जमीन पर या छत पर लगाए गए हैं। सीपीडब्ल्यूडी द्वारा संकल्पना, डिजाइन और निष्पादन की दिशा में किए गए प्रयासों के बारे में मंत्रालय को सूचित करते हुए बताया कि इस नई प्रकाश व्यवस्था के लिए 15.40 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश सिर्फ 6 से 7 वर्षों में प्राप्त किया जाएगा।
     इसके बाद सिस्टम पूरी तरह से नि:शुल्क हो जाएगा। वर्तमान प्रकाश व्यवस्था के अंतर्गत, प्रतिष्ठित इमारतों की दीवारों पर लगी हुई पट्टियों में पचास हज़ार तीन वाट एलईडी बल्बों को एक वर्ष में आठ अवसरों पर विशेष रोशनी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 
    इस प्रकाश व्यवस्था के लिए 400 मेगावाट/250 मेगावाट मेटल हेलाइड और सोडियम वेपर भाप रोशनी के 170 लैम्प और सुरक्षा प्रकाश व्यवस्था के लिए 72 एलईडी रोशनी का प्रयोग किया गया है। यह नई गतिशील प्रकाश व्यवस्था 800 फिटिंग से सुसज्जित है।

प्रधानमंत्री ने राजकोट में हरित हवाई अड्डे की आधारशिला रखी

    राजकोट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुरेन्द्रनगर जिले के छोटिला में एक जनसभा को संबोधित किया।

  उन्होने राजकोट के हरित हवाई अड्डे 6 लेनवाले अहमदाबाद-राजकोट राष्ट्रीय राजमार्ग तथा 4 लेनवाले राजकोट-मोरबी राज्य उच्चपथ की आधारशिलाएं रखी।
    उन्होंने एक पूर्णस्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाई तथा सुरेन्द्र नगर के जोरावर नगर व रतन पुर में पेयजल वितरण पाइपलाइनों को भी राष्ट्र को समर्पित किया।
     प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरेन्द्र नगर जिले में एक हवाई अड्डा होने की कल्पना करना बहुत मुश्किल था। इस तरह के विकास कार्य नागरिकों को सशक्त बनाते है। उन्होंने आगे कहा कि हवाई यात्रा केवल अमीर व्यक्तियों के लिए नही है। हमनें हवाई यात्रा को सस्ता व सरल बनाया है। 
    प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास की परिभाषा बदल गई है। पहले नलकूपों को विकास का प्रतिक समझा जाता था और आज नर्मदा के पानी को लोगों के फायदे के लिए लाया गया है। सुरेन्द्र नगर जिले को नर्मदा के पानी से बहुत फायदा होगा। 
      उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे जिम्मेदारी से पानी का उपयोग करें और प्रत्येक बूँद का संरक्षण करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरसागर डेयरी से लोगों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल द्वारा सड़कों को बेहतर व सुरक्षित बनाने के लिए किए गए कार्यों को याद किया।

प्रधानमंत्री ने द्वारकाधीश मंदिर में पूजा अर्चना की

    गुजरात। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी दो दिनों की गुजरात यात्रा द्वारकाधीश मंदिर में पूजा अर्चना करने के साथ प्रारम्भ की।

प्रधानमंत्री ने ओखा और ब्येत द्वारका के बीच एक पुल की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे आज द्वारका में नई ऊर्जा और उत्साह देख रहे है। यह पुल हमें अपनी पुरानी विरासत से जोड़ेगा। यह पर्यटन बढ़ाएगा और रोजगार सृजन करेगा।
    उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र का विकास पृथक रूप से नहीं हो सकता। यदि हम पर्यटकों को गिर-भ्रमण के लिए बुलाते है तो हमें उन्हें द्वारका जैसे निकट के स्थानों का भ्रमण करने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए। अवसंरचना का विकास आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाता है। हम पत्तनों का विकास चाहते है। समुद्री अर्थव्यवस्था भारत के विकास में सहायक हो सकती है। 
       प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार मछुवारों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। काण्डला पोर्ट तेजी से विकसित हो रहा है। अलंग को नया जीवन मिला है। वहां के मजदूरों की भलाई के लिए कई कदम उठाए जा रहे है। 
     द्वारका की देव भूमि में मैरीन सुरक्षा के लिए एक संस्थान खोला जाएगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार, लोगों को अपनी इच्छाओं को पूरा करने में सहायता प्रदान करने तथा गरीबी से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।