Thursday, 25 January 2018

प्रधानमंत्री श्रम पुरस्‍कार घोषित, 50 श्रमिकों को श्रम पुरस्‍कार

    नई दिल्ली। सरकार ने आज वर्ष 2016 के लिए प्रधानमंत्री श्रम पुरस्‍कारों की घोषणा की है। ये पुरस्‍कार विभागीय उपक्रमों, केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा निजी क्षेत्र की इकाइयों में कार्यरत 50 श्रमिकों को प्रदान किए जाएंगे।

   इन पुरस्‍कारों हेतु चयन उन्‍हीं उपक्रमों से किया जाता है जिनमें 500 या उससे ज्‍यादा श्रमिक कार्यरत हों। हालांकि इस वर्ष प्रदान किये जाने वाले श्रम पुरस्‍कारों की कुल संख्‍या 32 है, लेकिन 3 महिलाओं सहित 50 श्रमिक ये पुरस्‍कार प्राप्‍त करेंगे। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के 34 श्रमिक और निजी क्षेत्र के 16 श्रमिक शामिल हैं।
     श्रम पुरस्‍कार चार श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं। इनमें ‘श्रम रत्‍न पुरस्‍कार’, ‘श्रम भूषण पुरस्‍कार’, ‘श्रम वीर/श्रम वीरांगना’ और ‘श्रम श्री/श्रमदेवी पुरस्‍कार’ शामिल हैं। इस वर्ष प्रतिष्ठित श्रम रत्‍न पुरस्‍कार के लिए किसी भी नामांकन को उपयुक्‍त नहीं पाया गया। सेल/भेल और टाटा स्‍टील लिमिटेड के 12 श्रमिकों को श्रम भूषण पुरस्‍कार देने की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत 1,00,000 रुपये का नकद पुरस्‍कार और एक सनद दिया जाता है। 
     नेवल डाकयार्ड, आयुध फैक्‍ट्री, राष्‍ट्रीय इस्‍पात निगम, टाटा स्‍टील, हिन्‍डालको इंडस्‍ट्रीज, पारादीप फॉस्‍फेट लिमिटेड, ब्रह्मोसएयर स्‍पेस के 18 श्रमिक श्रम वीर/श्रम वीरांगना पुरस्‍कार के रूप में 60 हजार रुपये नकद और एक सनद प्राप्‍त करेंगे। 
    सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, नेवल शिप रिपेयर यार्ड, टाटा मोटर, सूरत लिग्‍नाइट पॉवर प्‍लांट, लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड आदि के 20 श्रमिकों को श्रम श्री/श्रम देवी पुरस्‍कार के रूप में 40,000 रुपये नकद और एक सनद प्रदान किया जाएगा। 
     श्रम और रोजगार मंत्रालय हर वर्ष प्रधानमंत्री श्रम पुरस्‍कारों की घोषणा करता है।ये पुरस्‍कार 500 या ज्‍यादा संख्‍या वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, केन्‍द्र और राज्‍य सरकार के विभागीय उपक्रमों तथा निजी क्षेत्र की इकाइयों से श्रमिकों का चयन करके उनके असाधारण कार्यों, नवोन्‍मेष क्षमता, उत्‍पादकता के क्षेत्र में उनके उल्‍लेखनीय योगदान और अत्‍यधिक साहस दिखाने तथा चौकस रहने के लिए दिए जाते हैं।

अंतरिक्ष, सूचना एवं प्रसारण के क्षेत्र में आसियान-भारत सहयोग

    नई दिल्ली। भारत-आसियान सहयोग की 25वीं वर्षगांठ के उत्सव के अवसर पर आयोजित आसियान-भारत स्मारक शिखर सम्मेलन (एआईसीएस) की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यामार की स्टेट कॉउंसलर डॉ ऑंग सान सू ची, वियतनाम के प्रधानमंत्री न्यूयेन शुआन फुक और फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो रोआ डुटरेट के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें की।

    आसियान-भारत स्मारक शिखर सम्मेलन में भाग लेने और इस वर्ष 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनना स्वीकार करने के लिये भारत आगमन पर प्रधानमंत्री ने तीनों नेताओं का स्वागत किया। 
   म्यामार की स्टेट कॉउंसलर ऑंग सान सूची के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में परस्पर हित के विभिन्न विषयों, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के साथ प्रधानमंत्री मोदी की सितंबर 2017 में म्यामार यात्रा के दौरान लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों को आगे बढ़ाने के विषय पर बातचीत हुई।
    प्रधानमंत्री फुक के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक सहयोग के तहत द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के साथ भारत-प्रशान्त क्षेत्र में सामुद्रिक सहयोग, रक्षा,तेल एवं गैस, व्यापार एवं निवेश जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि इस यात्रा के दौरान मंजूर किये गये दो समझौते - सूचना एवं प्रसारण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने एवं आसियान-भारत अंतरिक्ष सहयोग के तहत वियतनाम में डेटा रिसेप्शन एवं ट्रैकिंग सेंटर और डेटा प्रोसेसिंग केंद्र की स्थापना भारत-वियतनाम संबंधों को और मजबूती प्रदान करेंगे। 
     उन्होंने 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के कर्ज की व्यवस्था के काम करना शुरू करने पर भी संतोष जताया जिसके अन्तर्गत ख्र्ःच्र् को अपतटीय गश्त नौकाओं (ओपीवी) के उत्पादन का ठेका दिया गया है। उन्होंने फैसला लिया कि 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की एक और लॉइन ऑफ क्रेडिट भी जल्द ही चालू कर दी जायेगी। राष्ट्रपति डुटरेट के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा के साथ दोनों नेताओं की मनीला में नवंबर 2017 में हुई बैठक के बाद वैश्विक एवं क्षेत्रीय परिस्थितियों में आये बदलावों की भी समीक्षा की।
    इस बात पर भी सहमति बनी की दोनों देशों के संबंधों में आयी गतिशीलता को और बढ़ाया जायेगा विशेषकर के आधारभूत सुविधाओं के विकास के क्षेत्र में। दोनों नेता इस बात पर भी सहमत हुये कि भारत की एक्ट-ईस्ट पॉलिसी और फिलीपींस के बिल्ड-बिल्ड-बिल्ड कार्यक्रम के तहत दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने के अनेकों अवसर हैं। 
     दोनों नेताओं की उपस्थिति में भारत-निवेश और फिलीपींस के निवेश बोर्ड के बीच एक सहमति पत्र का भी आदान-प्रदान किया गया। इन तीनों ही बैठकों में मेहमान नेताओं ने भारत-प्रशान्त क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिये आसियान-भारत संबंधों के महत्व पर जोर दिया और एआईसीएस में होने वाली चर्चा के प्रति आशान्वित दिखे।