कालेधन भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाए, 800 मिलियन युवाओं की ऊर्जा का भी सदुपयोग
चीन के शियामेन में आयोजित नौवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पूर्ण अधिवेशन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, मैं राष्ट्रपति शी का जोरदार मेजबानी और इस शिखर सम्मेलन के शानदार आयोजन के लिए शुक्रिया अदा कहना चाहता हूं। हमारी पिछले सत्रों में बातचीत सार्थक रही थी, जिसने हमारी परस्पर समझ और दृष्टिकोण को मजबूत किया है। अपने अस्तित्व में आने के एक दशक बाद ब्रिक्स ने सहयोग के लिए एक मजबूत ढांचा विकसित किया है। हम अनिश्चितता की दिशा में इस बहती दुनिया में स्थिरता और विकास को लेकर योगदान करते आए हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, व्यापार और अर्थव्यवस्था हमारे सहयोग की नींव रही है, हालांकि आज हमारे प्रयासों के चलते प्रौद्योगिकी, परंपरा, संस्कृति, कृषि, पर्यावरण, ऊर्जा, खेल और आईसीटी जैसे विविध क्षेत्र भी अछूते नहीं रहे हैं। न्यू डेवेलपमेंट बैंक ने ब्रिक्स देशों में अवसंरचना और टिकाऊ विकास के लिए संसाधनों को जुटाने की खातिर ऋण मुहैया कराना शुरू कर दिया है। इसी दरम्यान हमारे केंद्रीय बैंकों ने पूरी तरह से परिचालन के लिए आकस्मिक रिजर्व व्यवस्था को लेकर कुछ कदम उठाए हैं। ये प्रगति के लिए मील के पत्थर हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, हमें आगे की तरफ देखना और बढ़ना होगा, इसके लिए यह महत्वपूर्ण है कि हमारे लोग हमारी यात्रा के केंद्र में बने रहें। मुझे बेहद खुशी हो रही है कि चीन ने आदान-प्रदान के जरिये लोगों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए पिछले साल से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस तरह का अंतर-दृष्टिकोण हमारे संबंधों को मजबूत करेगा तथा हमारी समझ को और बढ़ाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, परिवर्तन की भारत की अपनी दूरगामी यात्रा हमारे लोगों को गौरव का अनुभव कराती है। हम गरीबी मिटाने, स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने, कौशल विकास, खाद्य सुरक्षा, लैंगिक समानता, ऊर्जा, शिक्षा और नवोन्मेष की दिशा में मिशन मोड में काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, हम स्वच्छ गंगा, अक्षय ऊर्जा, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सीटी, सभी के लिए आवास और कौशल भारत के राष्ट्रीय कार्यक्रम और स्वच्छता जैसे कार्यक्रमों के जरिये समावेशी विकास को लेकर आधार तैयार कर रहे हैं।
हम अपने 800 मिलियन युवाओं की ऊर्जा का भी सदुपयोग कर रहे हैं। हमारा महिला सशक्तिकरण का कार्यक्रम बहु-उत्पादकता है जिससे राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा में महिलाएं भी आ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, हमने कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ भी कदम उठाए हैं। हमारे इन अनुभवों का ब्रिक्स के सदस्य देश आगे बढ़ते हुए साझेदारी के साथ लाभ उठा सकते हैं जिसके परिणाम उत्साहजनक होंगे। परस्पर सहयोग के लिए दिमाग में कुछ विचार आए हैं, जिसे मैं यहां साझा कर रहा हूं। पहला, पिछले साल हमने एक ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाने की अपनी कोशिशों पर चर्चा की थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, मेरा आग्रह है कि इसे तैयार करने के लिए इसकी रूपरेख को जल्दी से जल्दी अंतिम रूप दिया जाना चाहिए। दूसरा, हमारे केंद्रीय बैंकों को अपनी क्षमताओं को और मजबूत करना चाहिए और प्रत्यावर्तनीय रिजर्व व्यवस्था और आईएमएफ के बीच सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए। तीसरा, हमारे राष्ट्रों के विकास के लिए ऊर्जा की खातिर किफायती, विश्वसनीय और स्थायी पहुंच महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, जलवायु का विकास हमें सभी उपलब्ध संसाधन धाराओं का उपयोग करने के लिए कहता है। नवीकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से कई मामलों में अहम साबित होगी। इस बात को स्वीकार करते हुए भारत ने फ्रांस के साथ नवंबर 2015 में एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पहल - अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) का शुभारंभ किया है। यह बढ़ते सौर ऊर्जा उपयोग के माध्यम से आपसी लाभ के लिए 121 देशों के गठबंधन को तैयार करेगा। हमारे पांच देशों में अक्षय और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पूरक कौशल और शक्तियां हैं। इस सहयोग के समर्थन के लिए एनडीबी, आईएसए के साथ प्रभावी संबंध भी स्थापित कर सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, चौथा, हम बड़े युवा आबादी वाले देश हैं, जहां तक संभव हो हमें अपने युवा प्रयासों को मुख्यधारा में लाने की जरूरत है। कौशल विकास में सहयोग को बढ़ावा और सर्वोत्तम अभ्यासों का आदान-प्रदान एक मूल्यवान साधन होगा। पांचवां, गोवा में शिखर सम्मेलन के दौरान पिछले साल हमने स्मार्ट सीटी, शहरीकरण और आपदा प्रबंधन पर विचार विमर्श किया था, जो हमारे शहरों के बीच सहयोग के संदर्भ में था। हमें इस रास्ते पर और तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। छठवां, प्रौद्योगिकी और नवाचार, वैश्विक विकास और परिवर्तन की अगली पीढ़ी की नींव हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, भारत ने यह भी पाया है कि गरीबी और भ्रष्टाचार से लड़ने में प्रौद्योगिकी और डिजिटल संसाधन शक्तिशाली उपकरण साबित हुए हैं। नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर एक मजबूत ब्रिक्स भागीदारी, विकास को बढ़ावा देने, पारदर्शिता को बढ़ावा देने और सतत विकास लक्ष्यों का समर्थन करने में मददगार साबित हो सकती है। मैं ब्रिक्स फ्रेमवर्क के तहत एक सहयोगी पायलट परियोजना पर विचार करने का सुझाव दूंगा, जिसमें निजी उद्यमिता भी शामिल है।
और अंत में, भारत को कौशल विकास, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं, विनिर्माण और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में ब्रिक्स और अफ्रीकी देशों के बीच अधिक केंद्रित क्षमता निर्माण की दिशा में काम करने में खुशी होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, पिछले दशक में, हमारे देशों के दो पीढ़ियों के नेताओं ने ब्रिक्स को स्थापित करने में योगदान किया है। इस दौरान हमने विश्वसनीयता हासिल की और प्रभावशाली विकास को प्रेरित किया। अब हमारे लिए अगला दशक अहम होगा। ऐसे वातावरण में जहां हम स्थिरता, सतत विकास और समृद्धि की तलाश करते हैं। इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने में ब्रिक्स नेतृत्व महत्वपूर्ण साबित होगा।
अगर हम ब्रिक्स के रूप में इन क्षेत्रों में एजेंडा सेट कर सकते हैं, दुनिया इसको स्वर्णिम दशक कहेगी। इस तरह ऊर्जा का उभरता हुआ बाजार कल हमारा होगा। मैं इस संबंध में हम अपना कुछ विचार साझा करेंगे। मुझे विश्वास है कि यह ब्रिक्स को साझेदारी की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हमारी साझा यात्रा में मदद करेगा। शुक्रिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, मैं ब्रिक्स व्यापार परिषद के साथ हुई बैठक में भाग लेने से खुश हूं। आपलोग व्यापार परिषद में जो काम करते हैं वह ब्रिक्स साझेदारी के दृष्टिकोण को व्यावहारिक रूप देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आपने जो साझेदारियां बनायी है और आपने जो नेटवर्क तैयार किया है, वह प्रत्येक ब्रिक्स देशों के आर्थिक विकास को ऊर्जा प्रदान करता है। पिछले साल गोवा में हुई इस बैठक में, एनडीबी और ब्रिक्स व्यापार परिषद के बीच घनिष्ठ सहयोग पर एक सुझाव आया था। मुझे इस बात की खुशी है कि आप एनडीबी के साथ एक समझौता ज्ञापन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, भारत आज दुनिया में तेजी से सबसे ज्यादा खुली अर्थव्यवस्थाओं के रुप में बदल रहा है। विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का प्रवाह 40 प्रतिशत बढ़ा है और वह अपने उच्चतम स्तर पर है।
आसान व्यापार करने के विश्व बैंक की सूचकांक में भारत आगे बढ़ा है। इसी प्रकार, हम पिछले दो वर्षों में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में 32 अंक आगे बढ़े हैं। जुलाई में पेश किया गया वस्तु और सेवा कर भारत में अबतक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार है। एक ही झटके में, 1.3 बिलियन लोगों के लिए एक एकीकृत बाजार को निर्माण कर लिया गया है। डिजिटल इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रम देश के आर्थिक परिदृश्य को बदल रहे हैं। वे भारत को ज्ञान आधारित, कौशल समर्थित और प्रौद्योगिकी चालित समाज के रूप में बदलने में मदद कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि ब्रिक्स व्यापार परिषद में व्यापार और निवेश की सुविधा, कौशल विकास को बढ़ावा, बुनियादी ढांचों का विकास, एसएमई विकास, ई-कॉमर्स और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की प्राथमिकताएं भी मौजूद है। आपके विचार-विमर्श से कई उत्पादक सिफारिशें बाहर आयी है।
ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी की स्थापना, ऊर्जा सहयोग, ग्रीन फाइनेंस और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए किया गया आपका कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय है। अपनी बात समाप्त करते हुए यह कहना चाहता हूं कि सरकार के रूप में, हम आपके प्रयासों को पूरा समर्थन प्रदान करेंगे। और हम आशा व्यक्त करते हैं कि ब्रिक्स व्यापार परिषद हमें व्यापार और निवेश सहयोग में सुधार लाने के हमारे सामान्य उद्देश्यों के करीब ले जाएगा।

