Sunday, 4 February 2018

आध्यात्मिकता एवं पारिवारिक प्रणाली हमारी सबसे बड़ी ताकत

  आंध्र प्रदेश। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने कहा है कि देश के प्रत्येक नागरिक को अनिवार्य रूप से राष्ट्र के कल्याण के लिए योगदान देना चाहिए।

   देश तभी समृद्ध हो सकेगा जब महिलाओं, युवाओं और किसानों को उनका समुचित अधिकार प्राप्त होगा। वह आज आंध्र प्रदेश के अतकुर में स्वर्ण भारत ट्रस्ट की दूसरी सालगिरह एवं विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एक मेगा स्वास्थ्य शिविर के उद्घाटन समारोह के दौरान एकत्रित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
   इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, आंध्र प्रदेश की विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. कोदेला शिवप्रसाद, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास, फिल्म अभिनेता वंेकटेश एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर जैसी बीमारियों के लिए बेहतर उपचार के लिए आरंभिक जांच एवं रोग का पता लगाने की आवश्यकता होती है। 
   उन्होंने यह भी कहा कि जीवन शैली में बदलाव, पर्यावरण में परिवर्तन इन स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि समय पर दवा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने के लिए हमारे पास निश्चित रूप से पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए।
      उपराष्ट्रपति ने सबसे जीवन का अर्थ और जीवन का उद्वेश्य समझने को कहा और यह भी कहा कि आध्यात्मिकता एवं पारिवारिक प्रणाली हमारी सबसे बड़ी ताकतें हैं जो पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भ्रष्टाचार समाज के लिए एक असाध्य चिंता बन चुका है और यह कैंसर की विस्तरित होकर देश के विकास को बर्बाद कर रहा है।
    उन्होंने समारोह में उपस्थित युवाओं से राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने को कहा।

गोवा के नवेलिन में साल नदी के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई परियोजना

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गोवा के नवेलिन शहर में साल नदी के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई परियोजना को मंजूरी दी। 

   इस परियोजना को मंजूरी राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दी और इसकी लागत 61.74 करोड़ रुपये होगी।
   केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार दोनों 60:40 के अनुपात के आधार पर लागत साझा करेंगे। इस परियोजना के तहत, लगभग 32 किमी लंबाई की सीवर डाली जाएगी एवं 3 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) का सीवेज उपचार संयंत्र का निर्माण किया जाएगा।
   इस परियोजना का जनवरी, 2021 तक पूरा होना निर्धारित है। इस परियोजना से नदी में प्रदूषण के बोझ को कम करने एवं इसकी जल गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, शहर के पर्यावरण एवं स्वच्छता में सुधार लाने में भी सहायता मिलेगी।