Thursday, 29 June 2017

2022 तक भारतीय पावर ग्रिड में 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा

केंद्रीय विद्युत, कोयला, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने यहां आयोजित एक समारोह में भारत के इलेक्ट्रिक ग्रिड में 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा एकीकृत करने के बारे में एक अध्ययन रिपोर्ट का पहला भाग जारी किया। रिपोर्ट का दूसरा खंड जुलाई में जारी किया जाएगा जिसमें दक्षिणी तथा पश्चिमी क्षेत्रों में प्रणाली संचालन के बारे में विस्तृत व्याख्या है। 

        अमेरीका-भारतीय द्विपक्षीय कार्यक्रम ग्रिनिंग द ग्रिड कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित यह अध्ययन 2022 तक भारतीय पावर ग्रिड में 175 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा एकीकृत करने के तकनीकी तथा आर्थिक संभावनाओं की पुष्टि करता है। अध्ययन में ऐसे एकीकरण के लिए आगे की कार्यवाई चिन्हित की गई हैं। 
       भारत सरकार ने 2015 में ग्रिड में 100 गीगावाट सौर ऊर्जा तथा 60 गीगावाट पवन ऊर्जा का महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था। अध्ययन में इस चिंता के समाधान रूप में यह बताया गया है कि भारत के इलेक्ट्रिक ग्रिड द्वारा काफी अधिक नवीकरणीय ऊर्जा एकीकृत करने के काम में भिन्नता तथा अनिश्चितता का प्रबंधन कैसे किया जाएगा।
        अध्ययन के परिणाम के अनुसार 100 गीगावाट सौर ऊर्जा तथा 60 गीगावाट पवन ऊर्जा में संतुलन 15 मिनट के समय में नवीकरणीय ऊर्जा आउटपुट में न्यूनतम कमी के साथ बनाया जा सकता है। भारत की वर्तमान कोयला विद्युत प्रणाली में लक्षित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ मेल की भिन्नता को समाहित करने का लचीलापन है। 
       बड़े स्तर पर ईधन की बचत तथा बढ़ाए गए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के कारण प्रदूषण में कमी, वर्तमान अवसंचरना ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सक्षम, 175 गीगावाट के बाद के स्वच्छ ऊर्जा के परिदृश्य में कोयला संयंत्रों को लचीलापन के लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता। 
          भारत का पावर सिस्टम कॉरपोरेशन (पोस्को) तथा अमेरीकी ऊर्जा विभाग की राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा प्रयोगशाला (एनआरईएल) तथा लारेंस बर्फले नेशनल लेब्रोलेटरी (एलबीएनएल) ने यह रिपोर्ट तैयार किया। विद्युत मंत्रालय तथा अंतरराष्ट्रीय विकास के लिए अमेरीकी एजेंसी (यूएसएड) के नेतृत्व में इसमें अग्रिम मौसम तथा विद्युत प्रणाली मॉडलिंग का उपयोग किया गया। 
          अध्ययन के महत्व और स्वच्छ ऊर्जा में अमेरीका-भारत सहयोग की चर्चा करते हुए यूएसएड-भारत के निदेशक माइकल सैटिंग ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में भारत सरकार के साथ यूएसएड काफी समय से सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा विकास का एक प्रमुख तत्व है और भारत को 7-8 प्रतिशत की दर से वार्षिक वृद्धि करने के लिए सतत ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता है।
        उन्होंने कहा कि स्थापित ऊर्जा प्रणाली में नवीकरणीय ऊर्जा समाधान को शामिल करने में स्थापित नीति, संस्थान तथा बाजार ढांचे में परिवर्तन की आवश्यकता होती है। यह अध्ययन भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। 
       इस अवसर पर विद्युत मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समय भारत के लोगों द्वारा न्यू ग्रिड, न्यू इंडिया की नई सोच के साथ परिवर्तन को अपनाने का समय है।प्रधानमंत्री की अमरीका के राष्ट्रपति से मुलाकात से भारत-अमेरीका ऊर्जा साझेदारी को बल मिला है। 
       इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य अतिथियों में विद्युत सचिव पी. के. पुजारी, सीईए के अध्ययन आर. के. वर्मा, पोस्को के सीईओ के. वी. एस. बाबा, पीजीसीआईएल के सीएमडी आई. एस. झा तथा एमएनआरई तथा विद्युत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

जेल बंदियों को कानूनी सेवाएं देने के लिए वेब एप्लीकेशन

      राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) को जेल में कैद बंदियों को कानूनी सहायता प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई है। 

       भारतीय विधि संस्थान में आयोजित सम्मेलन में एनएएलएसए ने जेल बंदियों को निशुल्क कानूनी सेवाएं देने के लिए वेब एप्लीकेशन लांच और एनआईसी के माध्यम से विकसित कानूनी सेवा प्रबंधन प्रणाली लांच किया। वेब एप्लीकेशन के माध्यम से राज्य कानूनी सेवा प्राधिकार तथा जिला कानूनी सेवा प्राधिकार अपने–अपने क्षेत्राधिकार के जेलों में प्रत्येक बंदी के लिए डाटा भरेंगे ताकि अदालत में वकील के जरिये उनका प्रतिनिधित्व किया जा सके।
        यह साफ्टवेयर अपनी रिपोर्ट में कैदियों की कुल संख्या, बिना वकील वाले कैदियों की कुल संख्या, कानूनी सेवा अधिवक्ताओं द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए बंदियों की संख्या और अपने निजी वकीलों द्वारा प्रतिनिधित्व कैदियों की संख्या का पता लग जायेगा। 
        सभी सूचनाएं राज्यवार, जिलेवार, और प्रत्येक जेल के संबंध में उपलब्ध होंगी। रिपोर्ट में कैदी के बंद रहने की अवधि की जानकारी मिलेगी और इससे यह सूचना प्राप्त होगी कि अपराध प्रक्रिया संहिता के सेक्शन 436 (ए) के तहत बंदी जमानत का पात्र है या नहीं। 
     यह वेब एप्लीकेशन कानूनी सेवा प्रणाली को और पारदर्शी बनाएगा और कहीं से भी सभी सक्षम पदाधिकारी कैदियों को दी जाने वाली कानूनी सहायता की अनुमति पर नजर रख सकेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अदालत में पेशी के पहले दिन से सभी बंदियों का प्रतिनिधित्व प्राप्त है।
          वेब एप्लीकेशन उच्चतम न्यायलय के न्यायाधीश और एनएएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा ने लांच किया। इस अवसर पर 18 राज्यों के कानूनी सेवा प्राधिकार के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सदस्य सचिव शामिल हुए।

देश में वक्फ संपत्तियों की संख्या 512556, डिजिटल रिकॉर्ड शीघ्र

      अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहाँ कहा कि वक्फ सम्पत्तियों पर वक्फ माफियाओं के कब्जे एवं वक्फ बोर्डों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्यवाही के तहत तीन वर्षों में दो हजार से अधिक आपराधिक मुकदमे एवं कई वक्फ बोर्ड के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। 

      नई दिल्ली में सेंट्रल वक्फ कौंसिल की 76 वी बैठक के दौरान नकवी ने कहा कि देश भर में वक्फ सम्पत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका इस्तेमाल समाज के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए करना केंद्र सरकार का लक्ष्य है। विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर वक्फ संपत्तियों पर शैक्षिक, सामाजिक, कौशल विकास कार्यक्रमों को शुरू किया जा रहा है।
           नकवी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सभी वक्फ बोर्ड एवं वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड डिजिटल हो जाएँ। अल्पसंख्यक मंत्रालय इस सन्दर्भ में राज्य वक्फ बोर्डों को हर संभव मदद दे रहा है। कंप्यूटराईज़ेशन से वक्फ बोर्ड एवं वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड पारदर्शी हो सकेंगे। वक्फ बोर्डों को पारदर्शी एवं प्रभावशाली बनाने पर काम चल रहा है। नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों की शिकायतों-विवादों के निपटारे हेतु केंद्र स्तर पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सदस्यीय बोर्ड ऑफ़ एडजूडिकेशन का गठन किया गया है। 
         इसी तरह सभी राज्यों में 3 सदस्यीय न्यायाधिकरण की स्थापना की जा रही है। लगभग 21 राज्यों में इनका गठन किया जा चुका है। नकवी ने कहा कि अन्य राज्यों को भी इसका गठन शीघ्र करना चाहिए। पंजीकृत और गैर-पंजीकृत वक्फ संपत्तियों की संख्या लगभग 5,12,556 है। रिकॉर्डों के कंप्यूटराईजेशन के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है। 
      नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों-मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध, सिक्ख, पारसी और जैन के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ एक मिशन के रूप में काम कर रहा है। अल्पसंख्यक मंत्रालय की सभी कल्याणकारी योजनाओं का असर जमीन पर साफ दिख रहा है। नकवी ने कहा कि बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण का प्रमाण है, पिछले तीन वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास का बेहतरीन काम।
          नकवी ने कहा कि एजुकेशन (शिक्षा), एम्प्लॉयमेंट (रोजगार), एम्पावरमेंट (सशक्तिकरण) के माध्यम से अल्पसंख्यक मंत्रालय ने गरीब, पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के अल्पसंख्यकों को प्रगति की मुख्यधारा का हिस्सेदार-भागीदार बनाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
            नकवी ने कहा कि बिना तुष्टिकरण के सशक्तिकरण की नीति से अल्पसंख्यकों में विश्वास के साथ विकास का माहौल तैयार हुआ है। पिछले तीन वर्षों के दौरान अल्पसंख्यक मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों की बेहतर शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार पर केंद्रित योजनाओं-कार्यक्रमों को जरूरतमंद लोगों तक ईमानदारी के साथ पहुँचाया है।
           गरीब नवाज कौशल विकास केंद्र, उस्ताद, नई मंजिल, नई रौशनी, सीखो और कमाओ, पढ़ो परदेस, प्रोग्रेस पंचायत, हुनर हाट, बहुउद्देशीय सद्भाव मंडप, प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम, बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम, बेगम हजरत महल छात्रा छात्रवृति सहित अन्य विभिन्न योजनाओं-कार्यक्रमों से हर जरूरतमंद अल्पसंख्यक की आँखों में खुशी और जिंदगी में खुशहाली सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास किया गया है। 
          नकवी ने कहा कि टीचर, टिफिन, टॉयलेट से पिछले तीन महीनों में ही हजारों स्थानीय अल्पसंख्यक स्कूलों एवं मदरसों को जोड़ा गया है। इन अल्पसंख्यक संस्थानों में गुरुद्वारों, जैन संस्थानों, बौद्ध संस्थानों, पारसी संस्थानों एवं मुस्लिम इदारों द्वारा चलाये जा रहे संस्थान शामिल हैं।

कर्नाटक को राष्ट्रीय आपदा राहत निधि से 795.54 करोड़ की सहायता

        केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2016-17 के लिए कर्नाटक में रबी की फसल के लिए सूखे की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय सहायता के मुद्दे पर उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। 

      बैठक में केंद्रीय वित्त, कॉरपोरेट मामले और रक्षा मंत्री अरूण जेटली और केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने भाग लिया। 
      समिति ने कर्नाटक के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने वाली केंद्रीय मंत्रियों की समिति की रिपोर्ट पर आधारित प्रस्ताव का निरीक्षण किया। 
         उच्च स्तरीय समिति ने कर्नाटक को राष्ट्रीय आपदा राहत निधि से 795.54 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने की अनुमति प्रदान की।