प्रशासनिक अधिकारी को सहानुभूति रखने वाला, कुशल, निष्पक्ष व ईमानदार होना चाहिए
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि प्रशासनिक अधिकारी को सहानुभूति रखने वाला, कुशल, निष्पक्ष और ईमानदार चाहिए। यह सब वो निर्देशित सिद्धांत हैं जो उच्च सिविल सर्विसेज का सुदृढ़ आधार बनाते हैं।
उपराष्टपति हैदराबाद में डॉ. मरी चेन्ना रेड्डी मानव संसाधन विकास संस्थान, तेलंगाना में एआईएस और सीसीएस अधिकारियों के लिए 92वें फाउंडेशन कोर्स का उद्घाटन करने के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मोहम्मद महमूद अली, एमसीआरएचआरडीआईटी के निदेशक बी पी आचार्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा की स्थापना का श्रेय पहले गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार पटेल को जाता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी जोड़ने वाली ताकत हैं जो कई तरह से बंटे देश को एकजुट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक खासकर वंचितों के जीवन में सुधार के लिए सभी संभव अवसरों का इस्तेमाल करने की जरूरत है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रीय एकता और समेकित विकास का बड़ा दृष्टिकोण रखते हुए निष्पक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्त्योदय का दृष्टिकोण रखते हुए बिना किसी भेदभाव के सभी की सेवा करनी चाहिए जैसा कि गांधीजी, डॉ अंबेडकर और दीन दयाल उपाध्याय ने किया था।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश प्रशासनकि अधिकारियों से प्रदर्शन और एकता के उच्च स्तर की उम्मीद करता है। देश के युवा प्रशासनिक अधिकारियों को रोल मॉडल के रुप में देखता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी भ्रष्टाचार मिटाएं और नये भारत का लक्ष्य हासिल करने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाएं।






