Thursday, 26 October 2017

श्रोता मापन प्रणाली लोकतांत्रिक होनी चाहिए

   नई दिल्ली। सूचना और प्रसारण तथा कपड़ा मंत्री श्रीमती जुबिन स्मृति इरानी ने कहा है कि प्रसारण के आदर्श ढांचे को लोकतांत्रिक दर्शक पर फोकस करना चाहिए।

 सूचना और प्रसारण तथा कपड़ा मंत्री श्रीमती जुबिन स्मृति इरानी ने कहा इसका आधार सटीक मापन प्रणाली होनी चाहिए जो क्षेत्रीय भाषाओं की शक्ति, दर्शकों उपभोक्ताओं की विभिन्न रूचियों को दर्शाती हो। एजेंडा निर्धारण, सृजनात्मक विषय वस्तु तथा मुख्यधारा और क्षेत्रीय मंचों से संबंधित विषयों की खाई को पाट सके। 
    श्रीमती इरानी यहां लोकतंत्र के लिए आदर्श प्रसारण विषय पर 2017 का सरदार पटेल स्मारक व्याखान दे रही थीं।
   सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि प्रसारण क्षेत्र कारोबारी प्रस्तावों और प्रौद्योगिकी उन्नयन पर आधारित है। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम इस बात का आदर्श उदाहरण है कि कैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म प्रधानमंत्री के संदेश को नागरिकों की समझदारी से जोड़ता है। प्रधानमंत्री के द्वारा प्रत्येक प्रसारण में उठाए गए विषयों पर जागरूकता होती है।
     प्रसारण क्षेत्र के समाचार भाग में वर्तमान प्रवृत्तियों की चर्चा करते हुए श्रीमती इरानी कहा कि आज समाचार एक ‘दर्शक का खेल’ हो गया है, क्योंकि टेक्नोलॉजी ने विषय-वस्तु और प्रसारण के बीच की रेखा को धुंधली बना दिया है। इसके परिणामस्वरूप मीडिया का एक वर्ग तो संहिता, आचार और मर्यादा नियमों का पालन करता है, जबकि दूसरा वर्ग टीआरपी की दौड़ में लगा रहता है। 
   परिणामस्वरूप शीर्षक हैश टैग के साथ स्पर्धा करते हैं। यह देश में सोशल मीडिया विस्फोट की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि सोशल मीडिया सूचना प्रसार का नया मार्ग प्रदान कर रहा है। सार्वजनिक प्रसारणकर्ता के बारे में श्रीमती स्मृति इरानी ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारणकर्ता ने निजी चैनलों के कारोबार और मुनाफा हित से ऊपर जनहित को रखा है। यह प्रसार भारती के अनिवार्य है कि देश की प्रगति के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष बात कहे।
    सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने सार्वजनिक प्रसारणकर्ता से साधारण व्यक्ति के इर्द-गिर्द कहानियां गढ़ने का आह्वान किया ताकि इसका प्रभाव भारत के अंदर और बाहर पड़े। सूचना और प्रसारण मंत्रालय इंटरनेट, मोबाइल, कंटेंट, एनीमेशन और गेमिंग के क्षेत्र में युवा पीढ़ी के द्वारा टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए डिजीटल क्षेत्र में विशेष सृजन के लिए ‘डिजाइन थिंकर्स’ की अवधारणा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास करेगा।
   इसमें प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए 2022 तक के नए भारत के विजन के तत्वों को शामिल किया जाएगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की शक्तियों का उल्लेख करते हुए श्रीमती इरानी ने कहा कि सूचना सेवा अधिकारियों के प्रोफाइल को भविष्य में कौशल और एकीकृत प्रशासनिक अनुभव प्रदान कर मजबूत बनाया जाएगा ताकि सूचना के माध्यम से अधिकारी लोगों की नीति और कार्यक्रमों को प्रस्तुत कर सकें।
    यह सूचना प्रसार चैनल के माध्यम से लोगों की सेवा की ढांचा बनाने के सरदार पटेल के विजन के अनुरूप होगा। इस वार्षिक व्याखान का आयोजन भारत के पहले सूचना और प्रसारण मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में आकाशवाणी द्वारा किया गया था। 
  व्याखान का पहला आयोजन 1955 में किया गया था और पहला स्मृति व्याखान श्री सी. राजगोपालाचारी ने दिया था। पहले के वर्षों के वक्ताओं में डॉ. जाकिर हुसैन, श्री मोरारजी देसाई, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और अन्य प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं।

बिजली भारत में आर्थिक विकास का भविष्य

   नई दिल्ली। विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर.के. सिंह ने यहां तीसरे ग्लोबल इंवेस्टर्स इंडिया फोरम को संबोधित किया।

   इस समारोह का थीम था विचार, नवाचार, और भारत में लागू और निवेश करना। इसमें विश्व उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों ने भाग लिया। समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भारत में भविष्य की बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए आशा की जाती है कि प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत अंधाधुंध गति से बढ़ेगी और अगले 5 से 7 वर्षों में तिगुनी हो जाएगी।
    विद्युत मंत्री ने उद्योग जगत के सदस्यों को आश्वासन दिया कि सरकार बिजली क्षेत्र में निवेश करने में सभी संभव सहायता देगी और सभी बाधाओं को दूर करेगी। उन्होंने कहा कि बिजली भारत में आर्थिक विकास का भविष्य है और यह विकास उद्योग जगत की भागीदारी के बिना नहीं हो सकता। 
   सिंह ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने का आमंत्रण दिया। भारत में बिजली क्षेत्र को नया स्वरूप दिए जाने के बारे में आर.के. सिंह ने कहा उनका मंत्रालय राज्य सरकार/बिजली खरीद समझौता (पीपीए) का सम्मान करने वाली बिजली वितरण कंपनियों तथा दोष के लिए दंड सहित अनेक विषयों पर कानूनों को संहिताबद्ध करने के अंतिम चरण में है। 
  लाइसेंस नवीकरण के पहले व्यस्त लोड सहित 100 प्रतिशत बिजली आवश्यकता कवर करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों को पीपीए से जोड़ना होगा। नवीकरणीय खरीद दायित्वों को वैधानिक बनाया जाएगा, स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए जाएंगे और बिजली बिल भुगतान नहीं करने के लिए दंड लगाया जाएगा। 
   सिंह ने बताया कि निकट भविष्य में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से होने वाले परिवर्तनों के साथ चलने के लिए उद्योग को हरित ऊर्जा गलियारा, बैट्री भंडारण प्रौद्योगिकी, ग्रिड सुधार व इलेक्ट्रिक वाहन कार्यक्रम में निवेश करने के लिए सरकार के साथ साझेदारी करने की आवश्यकता है। 
    उन्होंने उपरोक्त लक्ष्य को हासिल करने के लिए भविष्य की रणनीति सरकार के साथ मिलकर तय करने के लिए उद्योग जगत को आमंत्रित किया। सिंह ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा में दुनिया का नेतृत्व करने का हमारा समय आ गया है और इस कोशिश में उद्योग जगत को पीछे नहीं रहना चाहिए। 
   समारोह का आयोजन एसौचेम द्वारा किया गया जिसमें विश्व उद्योग जगत के दिग्गज उपस्थित थे, जिन्होंने विद्युत मंत्री तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श किया।

सुलभ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हब बन रहा भारत

  नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने यहाँ कहा कि भारत सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का हब बन रहा है जहाँ दुनिया के सभी देशों के नौजवान शिक्षा हेतु बड़ी संख्या में आ रहे हैं। 

  नई दिल्ली में मलेशिया में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे संगठन पिंटा के 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट के दौरान नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार के पिछले 3 वर्षों के दौरान शिक्षा प्राप्त करने हेतु भारत आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में बड़े पैमाने में बढ़ोतरी हुई है। नकवी ने कहा कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का केंद्र बिंदु है। 
  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अल्पसंख्यकों सहित सभी तबकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के प्रति मजबूती से काम कर रही है। नकवी ने पिंटा के प्रतिनिधिमंडल को केंद्र सरकार द्वारा समाज के सभी कमजोर तबकों सहित अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपरक कौशल विकास के लिए शुरू की गई योजनाओं जैसे 3टी- टीचर, टिफ़िन, टॉयलेट, ग़रीब नवाज़ कौशल विकास योजना, बेगम हजरत महल बालिका छात्रवृति आदि की जानकारी दी। 
     नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने बड़ी संख्या में मदरसों को 3टी से जोड़कर उन्हें मुख्यधारा एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने हेतु बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। पिंटा प्रतिनिधिमंडल से भेंट में अल्पसंख्यक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, मौलाना आज़ाद एजुकेशन फाउंडेशन के सचिव, फाउंडेशन के सदस्य, एवं अन्य बुद्धिजीवी भी उपस्थित रहे।
   पिंटा प्रतिनिधिमंडल ने अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा सभी अल्पसंख्यक तबकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए चल रही योजनाओं की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा मदरसों को मुख्यधारा एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने के प्रयासों की भी सराहना की।

जम्‍मू-कश्‍मीर सीमा पर बंकरों का निर्माण शीघ्र

    नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री सुश्री महबूबा मुफ्ती ने यहां केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक की।

 बैठक में गृह राज्‍यमंत्री हंसराज गंगाराम अहीर, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव और गृह मंत्रालय तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क, बिजली और स्‍वास्‍थ्‍य सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ऋणभार मुक्‍त भूमि उपलब्‍ध कराकर प्रधानमंत्री विकास पैकेज (पीएमडीपी) के अंतर्गत परियोजनाओं में तेजी लाई जाए। 
  प्रधानमंत्री के विकास पैकेज के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के लिए (80,068 करोड़ रुपये) केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से संबंधित 63 प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए, 62,599 करोड़ रुपये (लगभग 78 प्रतिशत) की मंजूरी दी गई है। 22,042 करोड़ रुपये (लगभग 28 प्रतिशत) की राशि जारी की गई है।
   सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत परियोजनाओं का चयन करते हुए सीमा क्षेत्रों (0-10 किलोमीटर) के विकास पर विशेष बल दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि सीमा क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमा पर बंकरों का निर्माण शीघ्र ही किया जाएगा। 
   यह भी फैसला किया गया कि कश्मीरी प्रवासियों, पारगमन आवास, सीधे लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से नकद राहत/मानदेय के हस्तांतरण और जम्मू-कश्मीर के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए अतिरिक्त रोजगार से संबंधित विकास परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।

अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्‍स डब्‍ल्‍यू. टिलरसन ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की

     नई दिल्ली। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्‍टेट (विदेश मंत्री) रेक्‍स टिलरसन ने दोपहर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी से मुलाकात की। 

    प्रधानमंत्री ने सेक्रेटरी टिलरसन का उनके वर्तमान कार्यकाल की पहली भारत यात्रा पर स्‍वागत किया। प्रधानमंत्री ने इस साल जून में राष्‍ट्रपति ट्रंप के साथ‍ द्विपक्षीय सामरिक भागीदारी पर हुई सकारात्‍मक और दूरगामी वार्ता की गर्मजोशी की सराहना की। सेक्रेटरी टिलरसन ने प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय सहयोग की सामग्री, गति और संभावनाओं को मजबूती एवं रफ्तार देने की दिशा में आगे और कदम उठाने का संकल्‍प साझा किया। 
   उन्‍होंने जोर देकर कहा कि भारत और अमेरिका की मजबूत भागीदारी न केवल दोनों देशों के पारस्‍परिक फायदे के लिए है बल्कि यह क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्थिरता और समृद्धि की संभावनाओं पर भी उल्‍लेखनीय सकारात्‍मक प्रभाव डालती है।
  राष्‍ट्रपति ट्रंप की नई दक्षिण एशिया नीति के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने अफगानिस्‍तान में शांति एवं स्थिरता लाने के दौरान आतंकवाद, आतंकवादी ढांचे, सुरक्षित ठिकानों और समर्थन को खत्म करने के उद्देश्‍यों में समानता का उल्‍लेख किया। 
    इस संदर्भ में सेक्रेटरी टिलरसन ने इस क्षेत्र की अपनी हालिया यात्रा के बारे में प्रधानमंत्री के साथ विचार-विमर्श किया। उन्‍होंने क्षेत्रीय स्थिरता एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने और आतंकवाद का उसके सभी रूपों से मुकाबला करने के लिए प्रभावी तौर पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। 
   इससे पहले सेक्रेटरी टिलरसन ने विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज और राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी विस्‍तृत चर्चा की।