Friday, 16 December 2016

पशुओं का दु:ख-दर्द समझेंगे, बनेगा संरक्षण कानून
केंद्र ने पशु क्रूरता निवारण (पालतू पशु की दुकान) नियम, 2016 की अधिसूचना की घोषणा की है। सरकार ने पशु क्रूरता निवारण (पालतू पशु की दुकान) नियम, 2016 की अधिसूचना की घोषणा कर दी है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री अनिल माधव दवे ने कहा कि यह पालतू पशुओं की दुकान (पैट शॉप्स) को विनियमित करने के लिए है। यह एक ऐसा क्षेत्र था जो कि अनियंत्रित था। मंत्री ने यह भी कहा कि सभी हितधारकों और राज्यों से सुझाव भी मांगे जाएंगे।

मंत्रालय सार्वजनिक सूचना के लिए भारतीय राजपत्र में प्रस्तावित मसौदा नियम अधिसूचित करेगी। कोई भी व्यक्ति इन नियमों के प्रकाशित होने के बाद 30 तीनों के भीतर संबंधित समौदे पर लिखित रूप से विचार के लिए उप सचिव, पशु कल्याण प्रभाग, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, इंदिरा पर्यावरण भवन, नई दिल्ली को अपने सुझाव भेजे सकता है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पास जानवरों का अनावश्यक दर्द या पीड़ा रोकने के लिए और पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम के लिए पशु क्रूरता निवारण (पीसीए) अधिनियम, 1960 लागू करने का अधिकार है।

उद्देश्य: इन नियमों का उद्देश्य पालतू पशुओं की दुकानों को जवाबदेह बनाना और इन दुकानों में पशुओं के प्रति क्रूरता को रोकना है। प्रस्तावित नियम इस प्रकार है: प्रत्येक पालतू पशु दुकान के मालिक को अपने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के पशु कल्याण बोर्ड में खुद को पंजीकृत कराना होगा। 

राज्य बोर्ड, एक वेटरिनेरी प्रैक्टिशनर और पशु क्रूरता निवारण सोसायटी के एक प्रतिनिधि द्वारा निरीक्षण के बाद ही दुकान पंजीकृत हो पाएगी। इस नियम में दुकान में पक्षियों, बिल्लियों, कुत्तों, खरगोश, गिनी पिग, हम्सटर, चूहों के लिए स्थान को परिभाषित किया गया है। इसके अलावा इसमें बुनियादी सुविधाओं, बिजली बैक-अप, सामान्य देखभाल, पशु चिकित्सा देखभाल और पशुओं के रखरखाव के लिए अन्य आवश्यकताओं को भी परिभाषित किया गया है।

पशुओं की दुकान में उनकी बिक्री, उनकी मृत्य, उनके बीमार होने का पूरा रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य बनाया गया है। प्रत्येक पालतू पशु की दुकान के मालिक को पिछले वर्ष के दौरान पशुओं की खरीद, बिक्री व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का ब्योरा और राज्य बोर्ड द्वारा पूछी गई अहम जानकारी को पूरी सालाना रिपोर्ट के रूप में जमा कराना होगा।

नियमों का उल्लंघन: प्रस्तावित नियमों के पूरा न होने पर दुकान का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही पशुओं की जब्त कर पशु कल्याण संगठन या फिर बोर्ड से मान्यता प्राप्त रेस्क्यू सेंटर को सौंप दिया जाएगा। प्रकाशन तिथि 16.12.2016+


ओडिशा में 2400 मेगावाट बिजली परियोजना

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान और बिजली, कोयला, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने एनटीपीसी और नाल्‍को के बीच होने वाले समझौते पर आयोजित एक कार्यक्रम की अध्‍यक्षता की।

इस समझौते के तहत गजमारा, धनकनाल, ओडिशा में 2400 मेगावाट ताप बिजली परियोजना लगाई जाएगी। गोयल ने कहा कि उत्‍पादित बिजली का उपयोग नाल्‍को करेगा। इन सभी परियोजनाओं में लगभग 36000 करोड़ रूपए की लागत आएगी। गोयल ने कहा कि यह संयुक्‍त उपक्रम दोनों कंपनियों के लिए बहुत फायदेमंद है। परियोजना शुरू हो जाने पर एनटीपीसी, नाल्‍को को बिजली आपूर्ति करने में सफल होगा। दूसरी तरफ एल्‍युमिनियम में उत्‍पादन के लिए नाल्‍को को सुविधा हो जाएगी। इस अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान ने बिजली मंत्रालय को बधाई दी और कहा कि इस बिजली संयंत्र के शुरू हो जाने पर ओडिशा के कम विकसित क्षेत्रों को वहां उपलब्‍ध खनिज संपदा का इस्‍तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। समझौते पर हस्‍ताक्षर के अवसर पर ओडिशा के धनकनाल निर्वाचन क्षेत्र के लोकसभा सदस्‍य तथागत सतपथी, ओडिशा के श्रम एवं रोजगार, बीमा, इस्‍पात एवं खान मंत्री प्रफुल्‍ल कुमार मलिक, एनटीपीसी के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह, नाल्को के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. टी.के. चांद तथा बिजली और खान मंत्रालयों के वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्‍थित थे।