एक करोड़ मूल्य की विदेशी मुद्राएं जब्त
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की दिल्ली जोनल यूनिट ने नई दिल्ली स्थित आईजीआई हवाई अड्डे पर हवाला रैकेट का पर्दाफाश किया। लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्राएं जब्त कीं।इस रैकेट के तहत विदेशी मुद्रा की तस्करी के लिए विशेष शातिर तरीका अपनाया जाता था। डीआरआई की दिल्ली यूनिट के अधिकारियों ने कड़ी निगरानी रखते हुए नई दिल्ली स्थित आईजीआई हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर एक घरेलू यात्री और दुबई जाने की तैयारी कर रहे एक विदेशी यात्री को उस समय जा पकड़ा, जब वे आईजीआई हवाई अड्डे के विशेष सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित एक शौचालय में अपने-अपने बैगों की अदला-बदली कर रहे थे। डीआरआई के अधिकारियों ने इन दोनों यात्रियों से 1,00,88,237 रुपये मूल्य की विभिन्न राशियों वाले सऊदी रियाल, यूएई दिरहम और अमेरिकी डॉलर जब्त किए हैं।
घरेलू यात्री ने एयर इंडिया की भुवनेश्वर जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ान एआई 075 का एक टिकट बुक किया था, जिसका परिचालन ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर किया जा रहा था। वह केवल उस विदेशी यात्री को विदेशी मुद्राएं सौंपने के उद्देश्य से ही सफर कर रहा था, जो कस्टम क्लीयरेंस के साथ-साथ एक घरेलू यात्री के रूप में आव्रजन और सुरक्षा जांच के बाद जेट एयरवेज की उड़ान से दुबई जाने की तैयारी में था। कस्टम द्वारा विदेशी यात्रियों की कड़ी जांच से बचने के लिए ही इस विदेशी यात्री ने यह तरीका अपनाया था। आमतौर पर, तस्कर विदेशी मुद्राएं दुबई ले जाते हैं। वहां से सोना लाते हैं, जिसकी मांग नोटबंदी के बाद बढ़ गई थी। 06.01.2017
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बालिकाओं को समझदार होने दें
रोमानिया की रिफ्का स्टानेसू तेइस वर्ष की आयु में नानी बन चुकी थी... बारह वर्ष की आयु में वह मां बन चुकी थी... लेकिन कुछ समय बाद उसे अपनी गलतियों का एहसास हुआ कि हल्की आयु में दाम्पत्य जीवन को अपना कर उससे भारी भूल हो गयी लेकिन अब इसका पाश्चाताप नहीं हो सकता था।
रोमानिया की इस युवती ने ग्यारह साल के बालपन में अपनी उम्र से दो साल बड़े तेरह वर्ष के आयोनेल स्टानेसू से शादी कर ली थी। आभूषण विक्रेता आयोनेल स्टानेसू के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर रिफ्का ने ग्यारह वर्ष की आयु में घर से भाग कर शादी कर ली थी। सुश्री रिफ्का स्टानेसू ने बारह वर्ष की आयु में मारिया (बेटी) को जन्म दिया। समझदार होने पर रिफ्का को अपनी गलतियों का एहसास हुआ लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। रिफ्का स्टानेसू नहीं चाहती थी कि जो गलतियां उसने जीवन का फैसला लेने में की हैं, उसे उसकी बेटी मारिया भी दोहराये लेकिन बेटी मारिया अपनी मां से भी एक कदम आगे निकल गयी। मारिया ने ग्यारह वर्ष के बालपन में एक बच्चे (आयन) को जन्म दिया। मारिया स्कूल के दौरान अपने ब्वायफ्रैंड के इश्क में गिरफ्तार हो गयी।
अमेरिका में सोलह वर्ष से पहले सेक्स को कानूनन वैध नहीं माना जाता है। हिन्दुस्तान में विशेषज्ञों की सलाह है कि लड़की की आयु अठारह व लड़के की आयु इक्कीस वर्ष होेने के उपरांत ही शादी की जानी चाहिए। बाल विवाह तो पूरी तरह से गैर कानूनी माना जाता है। स्पेन में भले ही तेरह वर्ष के बच्चों को सहमति के आधार पर सेक्स की इजाजत हो लेकिन दुनिया के अधिसंख्य देशों में बालपन में सेक्स की अनुमति नहीं है, लेकिन अखबारी सुर्खियों की एक खबर ने हिन्दुस्तानियों में हलचल मचा दी। भारत सरकार ने बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा दिलाने की बाबत एक मसौदा तैयार किया है। खबरों की मानें तो भारत सरकार ने बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा का यह मसौदा देश की राज्य सरकारों को भेज भी दिया है। इस मसौदे से बारह वर्ष की आयु वाले बच्चों को आपसी सहमति से सेक्स की इजाजत देने का खाका तैयार किया गया है।
फिलहाल महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से उनकी राय जाननी चाही है, लेकिन यदि राज्यों ने इस पर अपनी सहमति दे दी तो कल्पना कर सकते हैं कि घर-परिवार, समाज व देश में क्या हालात पैदा हो सकते हैं। देश के मौजूदा कानून के तहत आपसी सहमति से सेक्स के लिए युवक व युवती दोनों का ही व्यस्क होना आवश्यक है। हिन्दुस्तान में व्यस्क होने की आयु अठारह वर्ष है। मसौदे में कथन है कि सेक्स के लिए जोड़ीदार के बीच दो वर्ष का अंतर अवश्य होना चाहिए। विशेषज्ञों की मानें तो बारह वर्ष की आयु में सेक्स की इजाजत दिये जाने वाला प्रस्ताव अमल में आया तो समाज में गंदगी फैलेगी, यौन शोषण की घटनाओं में इजाफा होगा, सेक्सुअल अपराध बढ़ेगा।
इसके अलावा स्वास्थ्य संबधी दिक्कतें भी बढ़ेंगी क्योंकि व्यस्क होने तक बालक बालिकाओं के शरीर का विकास क्रम चलता रहता है। अल्प आयु में कहीं न कहीं शहरी के विकास का क्रम बाधित होगा। महिला मंच उत्तर प्रदेश की अध्यक्षा सुश्री नीलम चतुर्वेदी कहती हैं कि बच्चों को सेक्स की इजाजत देना कतई गलत होगा क्योंकि इससे बच्चों को सुरक्षा तो नहीं मिलेगी लेकिन बच्चों का बेजा इस्तेमाल बेहद बढ़ जायेगा। खास तौर से बालिकायें पूंजीपतियों के लिए यूज एण्ड थ्रो का साधन बन जायेंगी। मेडिकल सांइस भी कहता है कि शरीर का पूर्ण विकास होने के उपरांत ही सेक्स को अपनाया जाना चाहिए क्योंकि बालपन में सेक्स करने से बच्चों में इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। इसके अलावा तमाम तरह की बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है। लिहाजा इस तरह का कानून अमल में नहीं आना चाहिए। 29.12.2016
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ब्रिटेन के तकनीकि सहयोग से विकलांगों के लिए बनेंगी व्हील चेयर्स
ब्रिटेन के तकनीकि सहयोग से विकलांगों के लिए बनेंगी व्हील चेयर्स। इस आशय के समझौता भारत एवं ब्रिटेन के बीच हुआ। एलिम्को ने इंग्लैंड के मोटिवेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ भारत में व्हीलचेयर निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) ने ब्रिटेन आधारित मोटिवेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ भारत में एक्टिव व्हीलचेयर के निर्माण के क्षेत्र में अपना भागीदार बनाने के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) और परामर्श सेवा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, दिव्यजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव एन एस कांग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में सचिव श्रीमती लता कृष्णा राव की उपस्थिति रही। इस समझौता ज्ञापन पर एलिम्को के सीएमडी डी आर सरीन और मैसर्स मोटिवेशन ट्रस्ट, ब्रिटेन के कार्यकारी मुख्य अधिकारी रिचर्ड फ्रॉस्ट ने हस्ताक्षर किए।
इस अनुबंध की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं। यह समझौता एलिम्को और मोटिवेशन ट्रस्ट को डब्ल्यूएचओ के दिशा निर्देशों के अनुपालन में सस्ती लेकिन उन्नत किस्म की व्हीलचेयरों के निर्माण में मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करता है। इसके तहत मोटिवेशन रफ टैरेन व्हीलचेयर और मोटिवेशन एक्टिव फोल्डिंग व्हीलचेयर के लिए प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा एलिम्को ने उपयोगकर्ता परीक्षण के लिए मोटिवेशन से 140 उत्पाद खरीदे हैं। इसके अलावा मोटिवेशन एलिम्को से कम से कम 20 प्रतिशत प्रमात्रा खरीदेगा। समझौते के अनुसार मोटिवेशन एलिम्को के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेगा, जो बाद में एलिम्को के अन्य व्यक्तियों को प्रशिक्षण देंगे। मोटिवेशन पूरे देश में आयोजित विभिन्न कैंपों में दी जा रही सेवाओं के लिए एलिम्को द्वारा निर्धारित विभिन्न स्थलों पर 5 सुपरवाइजर तैनात करेगा।
21.12.2016
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तुगलकाबाद में 85.58 लाख की विदेशी सिगरेट जब्त
जब्तशुदा सिगरेटों की बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है। राजस्व आसूचना निदेशालय के अधिकारियों ने 85.58 लाख विदेशी (इंडोनेशिया की बनी) सिगरेट जब्त की हैं।
जिनकी बाजार कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन सिगरेटों को 40 फुट के कंटेनर में छुपा कर रखा गया था। पैकेजिंग माल के रूप में इन्हें ले जाया जा रहा था। सामान को सिंगापुर से आयात करके आईसीडी तुगलकाबाद, दिल्ली लाया गया था।
जब्तशुदा सिगरेटों में विभिन्न लोकप्रिय ब्रांडों की सिगरेटें शामिल हैं, जैसे गुडांग गरम इंटरनेशनल, डीजारूम ब्लैक एवं रेड तथा ब्लैक क्लोव सिगरेट। इन सिगरेट के पैकेटों पर किसी प्रकार की स्वास्थ्य चेतावनी नहीं दी गई थी, जबकि सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम, 2008 के अनुसार सिगरेट पैकेट के 85 प्रतिशत हिस्से पर चेतावनी दर्ज होना अनिवार्य है। मामले की जांच चल रही है।
20.12.2016
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विश्व के सामने आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन का स्वागत कर कहा कि विश्व के सामने आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत में ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि भारत की उनकी यात्रा भारत-ताजिकिस्तान राजनयिक संबंधों की 25वीं साल गिरह की पूर्व संध्या पर है। यह दोनों देशों के बीच जारी मित्रता और उन मूल्यों का प्रमाण है, जो हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को देते हैं।
भारत पूर्व सोवियत संघ के विघटन के बाद ताजिकिस्तान के उद्भव को मान्यता देने वाले पहले देशों में एक था। पिछले 24 वर्षों के दौरान हमारा एक सार्थक सहयोग रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ताजिकिस्तान में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने में, जिसका क्षेत्र में समान हितकारी परिणाम है, राष्ट्रपति रहमोन की भूमिका को स्वीकार करता है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत उस घनिष्ठ सहयोग की सराहना करता है, जो हमारे बीच संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में है। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता प्राप्त करने तथा शंघाई सहयोग संगठन में अपनी सदस्यता के न्यायोचित दावे में ताजिकिस्तान के समर्थन के लिए कृतज्ञ है।
राष्ट्रपति ने कहा कि एक पड़ोसी के रूप में हमारी अपने क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की एक साझा दृष्टि है, हम दोनों अपनी चिंताओं पर कारगर तरीके से ध्यान देने के लिए अपनी प्रतिरक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने की इच्छा रखते हैं। विश्व और विशेष रूप से हमारे क्षेत्र के सामने आतंकवाद का खतरा बढ़ रहा है। भारत और ताजिकिस्तान दोनों ही सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में इस खतरे के खिलाफ हैं। एक धर्म निरपेक्ष और बहुलवादी समाजों के रूप में हमारे नागरिकों की इच्छा शांतिपूर्ण तरीके से रहने की है। हमारे लिए हमारे राष्ट्रों का विकास एवं प्रगति सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। हम अपने आपसी मित्र एवं पड़ोसी अफगानिस्तान के समर्थन के प्रति भी वचनबद्ध हैं, जिससे कि वह अफगान केंद्रित एवं अफगान से जुड़ी शांति प्रक्रिया में अपने लोगों के लक्ष्यों एवं आकांक्षाओं को प्राप्त कर सके। प्रकाशन तिथि 18.12.2016
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भारत का छह देशों के साथ खुला आकाश समझौता
भारत का छह देशों के साथ खुला आकाश समझौता
भारत के नागरिक उड्डयन सचिव आर.एन. चौबे ने कहा कि आईसीएओ के 191 देशों में से 106 देशों ने इसमें भाग लिया। भारत ने 17 देशों के साथ बातचीत की और 12 देशों के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये। राष्ट्रीय नागर विमानन नीति (एनसीएपी 2016) में दिये गये निर्देशों के मुताबिक अनेक प्रमुख मुद्दे सुलझाये गये।
यातायात अधिकारों में वृद्धिः भारत ने ओमान के साथ यातायात अधिकारों पर फिर से बातचीत की, जिससे हकदारी में वृद्धि सुनिश्चित हुई है। इसके तहत वर्ष 2017 के ग्रीष्म ऋतु से 6258 सीटें प्रभावी हो जाएंगी, क्योंकि मौजूदा हकदारी कमोबेश समाप्त हो गई है। भारत ने आईएटीए सीजन से क्षमता में प्रति सप्ताह 8000 सीटों की वृद्धि के लिए सऊदी अरब से सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच यातायात में बढ़ोतरी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया गया है। एनसीएपी 2016 के मुताबिक खुला आकाश समझौता इस दौरान छह देशों के साथ खुला आकाश समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये, जिनमें जमैका, गुयाना, चेक गणराज्य, फिनलैंड, स्पेन और श्रीलंका शामिल हैं।
खुला आकाश समझौते में छह महानगरों जैसे कि दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरू और चेन्नई स्थित हवाई अड्डों तक असीमित संख्या में उड़ानों की अनुमति दी गई है। नई व्यवस्था से भारत और इन देशों के बीच कनेक्टिविटी के साथ-साथ यात्रियों के सफर को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। नये हवाई सेवा समझौतों पर जमैका एवं गुयाना के साथ हस्ताक्षर किये गये। घाना, इजरायल, जापान, मलेशिया, पुर्तगाल, हांगकांग, इथियोपिया और बांग्लादेश के साथ हवाई सेवा समझौते से संबंधित अन्य मसलों को भी सुलझाया गया। प्रकाशन तिथि 15.12.2016
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भारत एवं इंडोनेशिया अतिवाद, असहिष्णुता के खिलाफ बचाव उपलब्ध करायेंगे : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो एवं मैडम इरियाना विडोडो का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने भारत में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि भारत एवं इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने द्विपक्षीय संबंध हैं।
दोनों देश औपनिवेशिक शासन से आजादी की लड़ाई में समान अनुभव साझा करते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक गतिशील लोकतंत्र के रूप में इंडोनेशिया के उद्भव का स्वागत करता है। भारत समन्वयवाद, सहिष्णुता एवं विविधता के लिए साझा मूल्यों पर आधारित एक खुले समाज के साथ एक बहुलवादी लोकतंत्र के रूप में इंडोनेशिया की सफलता को काफी महत्व देता है। राष्ट्रपति ने कहा कि हम भारत एवं इंडोनेशिया को अतिवाद एवं असहिष्णुता के खिलाफ बचाव उपलब्ध कराने वाले दो देशों के रूप में देखते है।
भारत समान सुरक्षा चिंताओं एवं अंत: राष्ट्रीय खतरों से निपटने के लिए इंडोनेशिया के साथ अपने सहयोग को महत्व देता है। एक घनिष्ठ सामुद्रिक पड़ोसी के रूप में हमारी निकटता इस बात का संकेत है कि यह एक प्रमुख क्षेत्र है जहां हमें अनिवार्य रूप से भारत-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक स्थिरता एवं सुरक्षा तथा समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा अर्जित करने के लिए साझेदारों के रूप में एकजुट होकर काम करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि इंडोनेशिया आसियान में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है । इस क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। पिछले वर्ष हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 16 अरब डॉलर का था। प्रकाशन तिथि :- 13.12.2016
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कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 51.46 डॉलर प्रति बैरल
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीनस्थ पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के अनुसार भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 2 दिसंबर, 2016 को 51.46 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। यह 1 दिसंबर, 2016 को दर्ज कीमत 50.27 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक है। रुपये के संदर्भ में भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत 2 दिसम्बर, 2016 को बढ़कर 3518.13 रुपये प्रति बैरल हो गई, जबकि 1 दिसम्बर, 2016 को यह 3436.79 रुपये प्रति बैरल थी।








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