Sunday, 16 July 2017

नई दिल्‍ली : एक हजार आठ सौ करोड़ की स्‍मार्ट सिटी योजना आरंभ

     आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद से कहा है कि वह स्‍मार्ट सिटी परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करें ताकि देशभर में स्‍मार्ट सिटी निर्माण का उद्हारण प्रस्‍तुत किया जा सके। 

       आवास एवं शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने एनडीएमसी स्‍मार्ट सिटी प्‍लान के कार्यान्‍वयन की समीक्षा के दौरान यह समय-सीमा निश्‍चित की। इस अवसर पर एनडीएमसी के अध्‍यक्ष नरेश कुमार एवं मंत्रालय और परिषद के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे।
           एनडीएमसी ने एक हजार आठ सौ करोड़ रूपये की स्‍मार्ट सिटी योजना आरंभ की है। इस वर्ष अक्‍तूबर से प्रमुख महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं पर विभिन्‍न चरणों पर कार्य आरंभ हो जाएगा। निविदा कार्य जारी है। इसमें एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, स्‍मार्ट जल एवं बिजली ग्रिड, खान मार्केट में बहुस्‍तरीय पार्किंग, सेंसर आधारित स्‍मार्टपार्किंग, पब्‍लिक मोटर साइकिल शेयरिंग, तीन सौ 33 अतिरिक्‍त कक्षाओं में बेहतर सुविधाएं सीवर प्रबंधन संयंत्र, स्‍मार्ट जन-स्‍वच्‍छता केंद्र इत्‍यादि शामिल हैं। 13 सड़कों को फिर से डिजाइन किया जाएगा। 
        इनमें 31 किलोमीटर का दायरा शामिल होगा। सात सड़के कनाट प्‍लेस से जुड़ेगी। इन पर जल्‍द काम शुरू हो जाएगा। पांच सौ करोड़ रू. की लागत से विभिन्‍न् परियोजनाओं पर अगले साल मार्च तक कार्य आरंभ हो जाएगा। इनमें यशंवत पैलेस में भारत निवेश केंद्र, शिवाजी टर्मिनल ट्रांसपोर्ट हब और मोती बाग में विश्‍वस्‍तरीय कौशल केंद्र, पर्यटन भवन इत्‍यादि शामिल हैं। 
           परियोजना का ब्‍यौरा प्रस्‍तुत करते हुए एनडीएमसी के अध्‍यक्ष् नरेश कुमार ने बताया कि नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद ने स्‍मार्ट समाधान के साथ योजना की स्‍मार्ट शुरूआत कर दी है जिसके सकारात्‍मक परिणाम भी आने आरंभ हो गए हैं। विद्यार्थियों में नामांकन संख्‍या और ओपीडी पंजीकरण में काफी सुधार हुआ है। 444 कक्षाओं को स्‍मार्ट कक्षाओं के रूप में बदला जा चुका है। परिषद द्वारा चला जा रहे अस्‍पतालों में ऑनलाइन पंजीकरण जारी है। 
        मोबाइल एप्‍प स्‍मार्ट सिटी 311 के जरिए नागरिक जुड़े हुए हैं। विभिन्‍न ऑनलाइन सेवाओं का प्रयोग बढ़ रहा है। आवास एवं शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने एनडीएमसी से कहा कि 311 ऐप पर और अधिक सेवाओं जैसे बस समय-सारणी, बस स्‍टॉप, पार्किंग से संबंधित जानकारी भी उपलब्‍ध कराएं। उन्‍होंने यह निर्देश भी दिया की एनडीएमसी एरिया में रहने वाले लोगों को इस प्‍लेटफॉर्म के अंतर्गत लाया जाना चाहिए और इस ऐप्‍प के इस्‍तेमाल के लिए और प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए। 
          एनडीएमसी अध्‍यक्ष नरेश कुमार ने आश्‍वासन दिया कि अधिकतर परियोजनाओं पर इस साल अक्‍तूबर तक कार्य आरंभ हो जाएगा और शेष परियोजनाएं अगले साल मार्च में शुरू हो जाएगी। इस प्रकार 2020 की समय-सीमा से पहले ही सभी स्‍मार्ट सिटी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी। नरेश कुमार ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय से अनुरोध किया कि वे स्‍मार्ट पुर्न डिजाइन एवं प्रबंधन के लिए ‘सेंट्रल विस्‍टा’ स्‍थानांतरित करें। मंत्रालय ने इस मांग पर विचार का आश्‍वासन दिया है।
           सरोजिनी नगर क्षेत्र में बहुस्‍तरीय कार्य पार्किंग के कम प्रयोग पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि परिषद को इस पार्किंग के पूर्ण उपयोग के लिए कार्य योजना लाएं एवं कनॉट प्‍लेस एवं खान मार्केट में पैदल यात्रियों के पार-पथ बनाए जाने के लिए उचित कार्य योजना पर जल्‍द काम करें। परिषद की स्‍मार्ट सिटी परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए मिश्रा ने कहा कि लोगों को इन पहलों से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी मुहैया कराएं इसके लिए विशेष संचार आउटरीच कार्यक्रम बनाए जाने चाहिए। 
           उन्‍होंने यह भी कहा कि एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, स्‍मार्ट जल एवं बिजली ग्रिड इत्‍यादि से प्रभावी संसाधन प्रबंधन का मार्ग प्रशस्‍त होगा इस विषय में लोगों को और अधिक जानकारी दी जानी चाहिए और जनभागीदारी को प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए। 
         अध्‍यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि एनडीएमसी ने विभिन्‍न भवनों की छतों पर 3.30 मेगावाट सौर ऊर्जा के सौर पैनल लगाए हैं।
          नरेश कुमार ने यह सुझाव भी दिया कि विभिन्‍न केंद्रीय कार्यालयों की भवनों की छतों पर नि:शुल्‍क अथवा न्‍यूनतम लागत पर सौर पैनल लगाने के लिए एनडीएमसी को अनुमति दी जानी चाहिए।
       डी.एस. मिश्रा ने यह भी कहा कि एनडीएमसी को विभिन्‍न बड़े पार्कों को भी स्‍मार्ट रूप में परिवर्तित करना चाहिए। यह कार्य बहुत ही कम लागत से पूरा हो सकता है लेकिन इससे लोगों को पार्क में बेहतर महसूस कर सकेंगे और अच्‍छा अनुभव प्राप्‍त कर पाएंगे।

2019 तक देश की सभी घरों में एलपीजी कनेक्‍शन

      राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पश्‍चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगुंज में श्रीमती गौरी सरकार को प्रधानमंत्री उज्‍ज्वला योजना के तहत ढाई करोड़ वां गैस कनेक्‍शन वितरित किया। इस अवसर पर जांगीपुर में आयोजित एक समारोह में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान, सांसद अभिजीत मुखर्जी भी उपस्‍थित थे। 

         प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के तहत गरीबी की रेखा से नीचे जीवन बसर करने वाली महिला लाभार्थियों को दिया जाने वाला यह ढाई करोड़ वां एलपीजी कनेक्‍शन था। प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के अंतर्गत राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 11 महिलाओं को यह कनेक्‍शन वितरित किया। 
      इस अवसर पर प्रसन्नता व्‍यक्‍त करते हुए उन्‍होंने कहा कि 14 महीनों के अंतराल में यह आंकड़ा ढाई करोड़ को पार कर गया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने उत्‍तर प्रदेश के बलिया में 1 मई, 2016 को प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना से देशभर में विशेषकर उन महिलाओं के जीवन में परिवर्तन आया है जो साधन विहिन थीं और गरीबी की रेखा से नीचे जीवन बसर कर रही थीं। 
        इस अवसर पर धमेन्‍द्र प्रधान ने राष्‍ट्रपति का धन्‍यवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के तहत ढाई करोड़ वें एलपीजी कनेक्‍शन वितरण के लिए उन्‍होंने अपना अमूल्‍य समय प्रदान किया है। प्रधानमंत्री द्वारा 1 मई, 2016 को उत्‍तर प्रदेश के बलिया में शुरू हुई। इस योजना के तहत अब तक 2 करोड़ 49 लाख एलपीजी कनेक्‍शन वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से सर्वाधिक (55 लाख) कनेक्‍शन उत्‍तर प्रदेश में जारी किए गए हैं। 
         उन्‍होंने बताया कि पश्‍चिम बंगाल में एलपीजी कनेक्‍शन वितरण की संख्‍या उत्‍तर प्रदेश के बाद सर्वाधिक है। उन्‍होंने बताया कि पश्‍चिम बंगाल में एलपीजी कनेक्‍शन मुहैया कराने के लिए 600 से अधिक वितरकों को शामिल किया गया है। इनमें से मुर्शिदाबाद जिले में 50 वितरक शामिल हैं। इस योजना के तहत 2019 तक गरीबी की रेखा के नीचे जीवन बसर करने वाली 5 करोड़ महिलाओं को एलपीजी कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराया जाएगा।
       योजना के तहत 2019 तक देश की सभी घरों में एलपीजी कनेक्‍शन मुहैया कराए जाने के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए 10 करोड़ नए एलपीजी कनेक्‍शन उपलब्ध कराए जाएंगे। देश के इतिहास में पहली बार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करोड़ों गरीब महिलाओं के लिए कल्‍याण योजना को लागू कर रही है। गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों की पहचान 2011 की सामाजिक, आर्थिक जाति योजना (एसईसीसी) के आंकड़ों के तहत की जा रही है। 
      इस योजना के अंतर्गत महिला लाभार्थी को 1600 रूपये की सहायता भी दी जा रही है। इसमें 14.2 किलोग्राम सिलिंडर की सिक्‍योरिटी जमा, प्रेशर रेग्‍युलेटर, सुरक्षा हॉज, गैस उपभोक्‍ता कार्ड और गैस लगाने का चार्ज शामिल है। 2016-17 के वित्‍त वर्ष में तेल विपणन कंपनियां देशभर में तीन करोड़ 25 लाख नए कनेक्‍शन उपलब्‍ध कराएगी।
      किसी भी वर्ष की तुलना में एलपीजी कनेक्‍शन वितरण की यह संख्‍या सर्वाधिक है। पिछले तीन वर्षों के दौरान देश में एलपीजी कनेक्‍शन की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है। तीन वर्षों के दौरान पांच हजार से अधिक नए वितरक शामिल किए गए हैं। प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना के तहत एलपीजी की मांग को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में वितरकों को प्राथमिकता दी गई है।