Tuesday, 27 February 2018

राजस्‍थान में स्‍वजल योजना की दूसरी परियोजना

   राजस्‍थान। केन्‍द्रीय पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने आज राजस्‍थान में करौली जिले के भीकमपुरा गांव में स्‍वजल पायलट परियोजना का शुभारंभ किया। 

  इस परियोजना से पूरे वर्ष स्‍वच्‍छ पेयजल की उपलब्‍धता सुनिश्चित होने के अलावा रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सुश्री उमा भारती ने लोगों से आग्रह किया कि वे जल्‍द ही शुरू होने वाली परियोजना को पूरे मन से अपनायें।
   उन्‍होंने याद दिलाया कि चन्‍द्रशेखर आजाद की पुण्‍यतिथि है और सरकार उनके स्‍वराज के सपने को पूरा करने की कोशिश कर रही है। उन्‍होंने भीकमपुरा में 54.17 लाख रूपये से अधिक के बजट की स्‍वजल परियोजना का उद्घाटन किया। स्‍वजल परियोजना सतत पेयजल आपूर्ति के लिए समुदाय के स्‍वामित्‍व वाला पेयजल कार्यक्रम है।
   इस योजना के अंतर्गत परियोजना की लागत का 90 प्रतिशत खर्च सरकार उठाएगी और समुदाय के योगदान से शेष 10 प्रतिशत व्‍यय किया जाएगा। परियोजना के परिचालन और प्रबंधन की जिम्‍मेदारी स्‍थानीय ग्रामीणों की होगी। योजना के अनुसार गांवों में चार जलाशयों का निर्माण किया जाएगा और लगभग 300 आवासों में नल के कनैक्‍शन उपलब्‍ध कराये जाएंगे।
   भीकमपुरा गांव में पेयजल की अत्‍यधिक कमी है और ग्रामीणों को पेयजल के लिए कम से कम तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। गर्मी के दौरान टैंकरों से जलापूर्ति की जाती है। नई परियोजना से लोगों की कठिनाई कम होगी और पूरे साल प्रत्‍येक व्‍यक्ति के लिए पेयजल की उपलब्‍धता सुनिश्चित होगी।
      मंत्री ने जिले की विभिन्‍न परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। करौली 115 आकांक्षी जिलों में से एक है। इसका उद्देश्‍य केन्‍द्र और राज्‍य सरकार की योजनाओं का उचित कार्यान्‍वयन तथा अभिसरण के जरिये जिले का सम्‍पूर्ण विकास सुनिश्चित करना है।
    उन्‍होंने स्‍वास्‍थ्‍य, पोषण, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, वित्‍तीय समावेशन और मूलभूत बुनियादी ढांचे सहित छह महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की तथा अधिकारियों को कार्यक्रम के त्‍वरित कार्यान्‍वयन के लिए आवश्‍यक कार्रवाई करने का सुझाव भी दिया।
  पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखेगा। बैठक में हिंडन की विधायक राजकुमारी जाटव, पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय में सचिव परमेश्‍वरन अय्यर और अन्‍य गणमान्‍य भी उपस्थि‍त थे।

दुनिया को बदलने के लिए शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार

   नई दिल्ली। उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका इस्‍तेमाल दुनिया को बदलने के लिए किया जा सकता है।

  उपराष्‍ट्रपति आज यहां दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज के स्‍वर्ण जयंती समारोहों के उद्घाटन के अवसर पर छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। 
  उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि स्‍कूल और कॉलेज युवा मस्तिष्‍क को आकार प्रदान करने, चरित्र को ढालने और मूल्‍य आधारित सही शिक्षा देने में बदलाव की भूमिका निभाते हैं। 
  उन्‍होंने कहा कि देश का भविष्‍य साक्षरता और शिक्षा की मजबूत नींव पर निर्भर करता है। छात्रों को मजबूत नैतिक और मूल्‍य आधारित शिक्षा देने के अलावा शिक्षा व्‍यापक संकल्‍पना, बुद्धि को तेज करने, विश्‍लेषण संबंधी कौशल को मस्तिष्‍क में बैठाने, सृजनात्‍मकता सुधारने, नये-नये अविष्‍कारों के बारे में सोचने और एक समग्र दृष्टिकोण विकसित करने में मदद कर सकती है। 
   उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि देश की कुल आबादी की लगभग आधी आबादी महिलाओं की है। देश के विकास में तेजी लाने के लिए उन्‍हें अधिकार संपन्‍न बनाना महत्‍वपूर्ण है। जैसा कि अक्‍सर कहा जाता है, यदि आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं, तो आप एक व्‍यक्ति को शिक्षित करते हैं, लेकिन यदि आप एक महिला को शिक्षित करते हैं, तो आप पूरे परिवार को शिक्षित करते हैं।’ 
    उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी देश निरक्षरता, लिंग असमानता, भ्रष्‍टाचार, जातिवाद और शहरी-ग्रामीण विभाजन जैसी अनेक समस्‍याओं का सामना कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि समय की मांग है कि इन चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए। 
     उपराष्‍ट्रपति ने कहा कि जब-जब भारतीय महिलाओं को अवसर प्रदान किए गए हैं, उन्‍होंने अनेक क्षेत्रों में उच्‍च मानक कायम किए हैं और साबित कर दिया है कि वह अपने पुरुष सहयोगियों से कम नहीं है। सबसे नवीनतम उदाहरण अवनी चतुर्वेदी का है, जो लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है।
      उपराष्‍ट्रपति ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपने माता-पिता, अपनी मातृभाषा, मातृभूमि, जन्‍म के पैतृक स्‍थान और गुरु को नहीं भूलें, जो आपके चरित्र और करियर के निर्माण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। याद रखें कि गूगल आपको सूचना प्रदान कर सकता है लेकिन आपके गुरु का स्‍थान नहीं ले सकता, जो आपको शिक्षा प्रदान करता है।