राष्ट्रीय फोटोग्राफ़ी पुरस्कार : रघु राय को लाइफ टाइम अचीवमेंट
सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि फोटोग्राफी जागरूकता फैलाने और सुशासन सुनिश्चित करने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में एक संचार उपकरण थी। आज की डिजीटल दुनिया में सामाजिक मीडिया के साथ फोटोग्राफ एक शक्तिशाली संयोजन बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘सेल्फी विद डॉटर्स’ अभियान सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली साधन बन गया है। इस तरह से फोटो पोस्ट करने के तरीके ने सामाजिक व्यवहार और गहरी सांस्कृतिक परंपराओं पर सशक्त प्रभाव पैदा किया है। नायडू ने ऐसा छठे राष्ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्कार समारोह के उद्घाटन के अवसर पर कहा। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर और सूचना एवं प्रसारण सचिव अजय मित्तल भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
नायडू ने संचार के सशक्त माध्यम के रूप में फोटोग्राफ की भूमिका के बारे में कहा कि "एक तस्वीर एक हजार शब्दों के बराबर होती है"। फोटोग्राफ कलात्मक बयान के माध्यम का सृजन करते है, जो संचारक के विचार और मानसिक स्थिति के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। उन्हें लिखी या बोली जाने वाली भाषा के भाषा विज्ञान की परिधि और सीमाओं को पार करने में सक्षम बनाती है। नायडू ने कहा कि फोटोग्राफ एक सशक्त भाषा रहे हैं, जो हमारी भावनाओं को व्यक्त करके हमारी विरासत का हिस्सा बन गए हैं। सीरिया के एक तीन वर्षीय मृत बच्चे के समुद्र तट पर तैरते शव ने शरणार्थी संकट के बारे में पूरी दुनिया की राय को बदल दिया था तथा मानवता के प्रति सामूहिक चेतना को हिला दिया था।
फोटोग्राफी के बुनियादी सार के बारे में नायडू ने कहा कि अच्छा फोटो लेने के कोई निर्दिष्ट नियम नहीं थे। कोई फोटोग्राफर किसी तकनीक या सिद्धांत से बंधा हुआ नहीं था। वे अपनी इच्छानुसार अपने विषय को समझने और उसी के अनुसार फोटो लेने के लिए स्वतंत्र थे। फोटो खींचने और उसकी प्रोसेस के लिए कला, कोण और एपर्चर का सही संयोजन बहुत जरूरी था, जो अनेक वर्षों के अभ्यास के बाद ही आता है। संचार के क्षेत्र में तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी की भूमिका के बारे में नायडू ने कहा कि हमारे दैनिक संचार में इंटरनेट ने दृश्य प्रतिरूप का पुर्नरूथान किया है। डिजीटल कैमरा और एकीकृत कैमरों वाले सेलफोन सभी लोगों के जीवन में फोटो की भरमार ला दी है।
सामाजिक मीडिया ने फोटोग्राफ के माध्यम से लोगों को अपनी बात साझा करने, संवाद करने और जानकारी देने के लिए एक नया मंच उपलब्ध कराया है। नायडू ने रघु राय को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा , जबकि के के मुस्तफा को इस वर्ष के लिए पेशेवर फोटोग्राफर तथा रविन्द्र कुमार को एमेच्योर फोटोग्राफर पुरस्कार प्रदान किया गया। वेंकैया नायडू और कर्नल राठौर ने छठे राष्ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्कार के ब्रोशर को भी जारी किया। डी ए वी पी तथा फोटो डिवीजन द्वारा आयोजित फोटो प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। पेशेवर श्रेणी में इस वर्ष के पुरस्कार का विषय कौशल भारत था जबकि एमेच्योर श्रेणी में विषय स्वच्छ भारत था।
ज्यूरी समिति के अध्यक्ष, हिन्दुस्तान टाइम्स के पूर्व फोटो संपादक एस एन सिन्हा थे, जबकि डी मुखर्जी पेशेवर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर, के एन संथ कुमार फोटो जर्नलिस्ट, कन्नड़ दैनिक प्रजवानी समिति के सदस्य थे। फोटो डिवीजन के फोटोग्राफिक ऑफिसर संजीव मिश्रा इस समिति के सदस्य सचिव थे। रघुराय ने अपने फोटोग्राफर के रूप में अपने करियर की शुरूआत 1965 में 23 वर्ष की उम्र में की थी। वह स्टेटसमैन के मुख्य फोटोग्राफर और संडे पत्रिका के फोटो संपादक रहे। इसके अलावा वे इंडिया टुडे के विजुअलाइजर फोटोग्राफर भी रहे। उन्हें 1992 में संयुक्त राष्ट्र में वर्ष के फोटोग्राफर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उन्होंने कई विषयों पर लगभग 55 पुस्तकें लिखी हैं। पुरस्कार विजेताओं में रघु राय, नई दिल्ली- लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार, के.के. मुस्तफा, त्रिशूर, केरल- वर्ष का पेशेवर फोटोग्राफर, रविंदर कुमार, शकरपुर, दिल्ली- वर्ष का एमेच्योर फोटोग्राफर, अतुल चौबे, ठाणे महाराष्ट्र- वर्ष का विशेष उल्लेख पुरस्कार, पेशेवर श्रेणी में, सी नारायण राव, विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश- दिपायन भर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल, जी नागाश्रीनिवासु, तिरुवनंतपुरम, केरल, ओ.पी. सोनी, इंदौर, मध्य प्रदेश, दीपक भाउ कुंभार, कोल्हापुर, विशेष उल्लेख पुरस्कार, एमेच्योर श्रेणी में सुश्री प्रभा जयेश पटेल, अहमदाबाद, गुजरात, रवींद्र मवी, इंदौर, मध्य प्रदेश, सुदीपता मौलिक, साल्ट लेक सिटी, कोलकाता, पश्चिम बंगाल, सुमित गुलाटी, पीतम पुरा, दिल्ली है।
राष्ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्कार एक वार्षिक आयोजन है। जिसका सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक मीडिया इकाई फोटो डिवीजन द्वारा आयोजन किया जाता है। यह आयोजन फोटोग्राफी की कला तकनीक को बढ़ावा देने और पूरे देश के पेशेवर और एमेच्योर फोटोग्राफरों को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाता है। कुल 13 फोटो पुरस्कारों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इन पुरस्कारों में लाइफ टाइम पुरस्कार अचीवमेंट पुरस्कार, पेशेवर और एमेच्योर श्रेणी में वर्ष का फोटोग्राफर पुरस्कार तथा दोनों श्रेणियों में ही 5 – 5 विशेष उल्लेख पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।