Friday, 25 August 2017

अफसर खुद को फाइल तक सीमित न करें

       प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत सरकार में कार्यरत 80 से अधिक अतिरिक्त सचिवों एवं संयुक्त सचिवों के एक समूह से मुलाकात एवं बातचीत की। इस तरह की पांच बैठकों की श्रृंखला में यह दूसरी बैठक थी।

     बातचीत के दौरान अधिकारियों ने अपने अनुभवों को कार्य निष्‍पादन पर आधारित प्रशासन, शासन में नवाचार, अपशिष्ट प्रबंधन, नदी और पर्यावरण प्रदूषण, वन, स्वच्छता, जलवायु परिवर्तन, कृषि, शिक्षा और कौशल विकास में मूल्य वृद्धि जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। 
      अधिकारियों द्वारा किए गए अवलोकनों का जवाब देते हुए, प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अधिकारियों को खुद को सिर्फ फाइल तक सीमित नहीं करना चाहिए, बल्कि निर्णय लेने के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए क्षेत्र में जाना चाहिए। इस संदर्भ में, उन्होंने 2001 में हुए गुजरात भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के अनुभवों को अधिकारियों के साथ साझा किया। 
      प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अपने काम को सिर्फ एक कर्तव्य के रूप में नहीं देखना चाहिए बल्कि इसे देश में शासन के लिए एक सकारात्मक परिवर्तन के अवसर के रुप में देखना चाहिए। प्रधानमंत्री ने उनसे शासन प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने का आग्रह किया।
      उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भारत के 100 सबसे पिछड़े जिलों पर ध्यान केंद्रित करें जिससे की उन जिलों को विकास के विभिन्न मानकों पर राष्ट्रीय औसत स्तर पर लाया जा सके।

अश्विनी लोहानी को रेल मंत्रालय में रेलवे बोर्ड का नया अध्यक्ष नियुक्त किया

       अश्विनी लोहानी, आईआरएसएमई को ए. के. मित्तल के स्थान पर रेलवे बोर्ड (रेल मंत्रालय) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

     पदानुसार ये भारत सरकार के प्रधान सचिव के समतुल्य है। उन्होंने अपनी नई नियुक्ति का पदभार ग्रहण किया। इससे पहले अश्विनी लोहानी एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक थे। पदभार ग्रहण करने के बाद लोहानी ने रेलवे बोर्ड के सदस्यों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बाद में, उन्होंने रेलवे बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित भी किया।
        लोहानी ने रेल मंत्रालय, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। रेलवे में उन्होंने दक्षिण मध्य, पूर्वी और उत्तरी रेलवे के साथ-साथ वाराणसी स्थित डीजल लोकोमोटिव वर्क्स और चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में भी काम किया है। 
    उन्होंने वैकल्पिक ईंधन के भारतीय रेलवे संगठन (आईआरओएएफ) में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उत्तर रेलवे में मुख्य मैकेनिकल इंजीनियर, दिल्ली प्रभाग में प्रभागीय रेलवे प्रबंधक, नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में निदेशक, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय में निदेशक, भारत पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक (सीएमडी), मध्य प्रदेश पर्यटन में एमडी और रेलवे में कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।