Monday, 18 September 2017

देश में 65 मिलियन टन ठोस अपशिष्‍ट प्रबंध एक वास्‍तविक चुनौती

      नई दिल्ली। आगामी दो वर्षों में शहरी भारत की स्‍वच्‍छता सुनिश्‍चित करने के लिए ठोस अपशिष्‍ट प्रबंध के महत्‍व को आधारभूत बताते हुए आवास व शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वे राष्‍ट्रीय राजधानी की सभी आवासीय कल्‍याण समितियों से मिलेंगे। उनसे नगरपालिका अपशिष्‍ट के पृथककरण को सुनिश्‍चित करने का आग्रह करेंगे।

    पुरी ने स्‍वच्‍छता ही सेवा अभियान में भाग लेते हुए एनडीएमसी के क्षेत्र सरोजिनी नगर मार्किट में झाडू लगाई। बाद में उन्‍होंने अपने मंत्रालय व एनडीएमसी के वरिष्‍ठ अधिकारियों, मार्किट समिति के प्रतिनिधियों, आम जनता एवं सफाई कर्मचारियों से बात करते हुए, दिल्‍ली में कचरा संकट पर गंभीर चिंता जताई। पुरी ने कहा शौचालय निर्माण बहुत आसान है किंतु 2019 तक शहरी भारत की स्‍वच्‍छता सुनिश्‍चित करने के लिए ठोस अपशिष्‍ट प्रबंध एक वास्‍तविक चुनौती है।
       शहरी क्षेत्र में 66 लाख निजी घरेलू शौचालय निर्माण के लक्ष्‍य के तहत लगभग 37 लाख इकाईयों का निर्माण किया जा चुका है। लक्ष्य का 56 प्रतिशत मिशन पहले ही प्राप्‍त कर लिया गया है। यह प्रक्रिया जारी है। प्रत्‍येक वर्ष देश के शहरों, नगरों में लगभग 65 मिलियन टन ठोस अपशिष्‍ट होता है। इसकी प्रोसेसिंग यह एक वास्‍तविक चुनौती है। 
     अभी तक ठोस अपशिष्‍ट का लगभग एक चौथाई ही प्रोसेसिंग हो पाया है। कुल ठोस अपशिष्‍ट के प्रक्रमण को सुनिश्‍चित करने के लिए किए जा रहे प्रयास तभी सफल होंगे यदि अपशिष्‍ट के पृथककरण को सुनिश्‍चित किया जाए। अपशिष्‍ट से खाद व ऊर्जा की कड़ी के निर्माण की सफलता के लिए आवश्‍यक है। इस कार्य के लिए मैं दिल्‍ली में सभी आरडब्‍ल्‍यूए से सम्पर्क करूँगा। व सभी 11 जिलों को लिखित में कहूंगा कि पृथककरण के लिए आवश्‍यकतानुसार कार्य करें। 
       फिलहाल, दिल्‍ली में उत्‍पन्‍न हो रहे अपशिष्‍ट का केवल आधे का ही प्रकमण हो रहा है जो चिंता का विषय है। पुरी ने कहा कि ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन पर ठोस कार्य करने के लिए इस सप्ताह के आरम्भ में आधुनिक उपकरण व नए तरीकों को मुहैया कराने के लिए उनके मंत्रालय ने 300 करोड़ रूपये की कार्य योजना को मंजूरी दी है। जिससे इस वर्ष दिसंबर के अंत तक प्रतिदिन 670 टन अपशिष्‍ट की प्रोसेसिंग हो सकेगी।
       पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सरकार द्वारा शुरू किया गया स्‍वच्‍छ भारत मिशन परिवर्तनकारी पहल में से सबसे महत्‍वपूर्ण है तथा यह मिशन मुख्‍यत: आदतों में बदलाव के बारे में है। उन्‍होंने कहा विगत़ 1916 में महात्‍मा गांधी ने राजनीतिक स्‍वतंत्रता से अधिक स्‍वच्‍छता को प्राथमिकता दी। पुरी ने ध्‍यान दिलाया कि स्‍वच्‍छ भारत को सुनिश्‍चित बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने साहसिक प्रयास किए हैं।
       मंत्री सरोजिनी नगर मार्किट क्षेत्र में गए और उन्‍होंने देखा कि यह बाजार राष्‍ट्रीय राजधानी के केंद्र में स्‍थित है जिसे आसपास के क्षेत्र में सरकारी कालोनियों के पुर्नविकास जारी है। उन्होने कहा कि इस संदर्भ में आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए इस बजार तक बेहतर पहुँच व आधुनिक सेवाओं की आवश्‍यकता है। 
      मंत्री के अतिरिक्त मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद के चेयरमैन नरेश कुमार एनडीएमसी व मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी, मार्किट एसोसिऐशन के प्रतिनिधि व आम जनता ने श्रमदान में भाग लिया।

वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह एक जीवित किंवदंती

      नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने मार्शल अर्जन सिंह के पुत्र अरविंद सिंह को भेजे संदेश में मार्शल अर्जन सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

       अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा है मैं अपने महान व दुलारे वायु योद्धा और वायु सेना मार्शल अर्जन सिंह डीएफसी के निधन की खबर सुनकर मर्माहत हूं। भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह द्वितीय विश्व युद्ध के एक नायक थे और 1965 के युद्ध में अपने सैन्य नेतृत्व के लिए हमारा राष्‍ट्र उनका आभारी है। 
     उन्होंने राष्ट्र को अपनी श्रेष्ठ सेवा दी और वह भारतीय वायु सेना के पहले एवं एकमात्र ऐसे अधिकारी थे जिन्‍हें वायु सेना के मार्शल के रूप में पांच सितारा रैंक से सम्मानित किया गया था। पीढ़ी-दर-पीढ़ी देशवासियों के लिए वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह एक जीवित किंवदंती (लिविंग लीजेंड) रहे हैं। राष्ट्र के लिए उनकी सेवाएं वर्दी के बगैर भी जारी रहीं।
     वह दिल्ली के उप राज्यपाल, स्विट्जरलैंड व वैटिकन में भारत के राजदूत व केन्या में उच्चायुक्त व राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रहे। उनकी उत्‍कृष्‍ट सेवाओं एवं उपलब्धियों के लिए उन्हें पद्म विभूषण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 
      कृपया मेरी संवेदनाएं स्वीकार करें और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ भारतीय वायु सेना के समुदाय को भी इसे सम्‍पेषित करें। मैं सर्वशक्तिमान से प्रार्थना करता हूं कि आपको एवं आपके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने के लिए ताकत और साहस दें। आपके साथ पूरा देश शोक संतप्‍त है।

सेवा दिवस : स्वच्छता के लिए देश भर में श्रमदान

   नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा स्वच्छता के आह्वान पर विभिन्न राज्यों के लाखों लोगों ने स्वच्छता के लिए श्रमदान किया है। आज का दिवस सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। 15 सितंबर, 2017 से स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया गया है।

      इस अभियान के तहत सभी वर्गों के लोग स्थानों पर शौचालय निर्माण करवा रहे हैं। देशभर में बस स्टैंड, मंदिर, रेलवे स्टेशनों, प्रतिमाओं, सड़क और गलियारों की सफाई की जा रही है। 
   केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने उत्तर प्रदेश में इस अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने श्रमदान किया और लोगों का आह्वान किया कि वे तरल व ठोस अपशिष्ट पदार्थों के सुरक्षित प्रबंधन में अपना योगदान करें।
     उन्होंने लोगों की भागीदारी को अभूतपूर्व बताया और देश के सभी गावों को इस अभियान में भाग लेने का आह्वान किया। सूचना प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने रायपुर के केंद्री गांव में स्वच्छता अभियान में लोगों के साथ भागीदारी की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे। श्रीमती ईरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ जल्द ही ओडीएफ घोषित किया जाएगा। इसका श्रेय यहाँ के जन समुदाय को जाता है।
     रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने दिल्ली छावनी क्षेत्र का दौरा किया और लोगों से कहा कि वे पर्यावरण को स्वच्छ बनाए और खुले में शौच से मुक्ति में अपना योगदान दें। पेयजल स्वच्छता राज्य मंत्री एस.एस.आहुवालिया ने त्रिपुरा में भारत बांग्लादेश सीमा के पास भागलपुर गांव में शौचालय के लिए गढ्ढा खोदने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अन्य केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य लोगों ने श्रमदान में भाग लिया।
        पेयजल स्वच्छता एवं भारतीय रेलवे के अधिकारियों एवं स्टॉफ ने तड़के नई दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की सफाई की। दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों ने कामगारों से भी कहा कि वे रेलवे प्लेटफॉर्म की स्वच्छता को बनाए रखें। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की एक पहल के रूप में टॉयलेट एक प्रेमकथा फिल्म ग्राम प्रधानों ने लोगों को दिखाई।
       इस फिल्म को लोगों को दिखाने के लिए ग्राम प्रधानों ने विशेष प्रबंध किए। यह फिल्म ग्रामीण भारत में स्वच्छता की आवश्यकता का एक सशक्त संदेश देती है। ग्रामसभाओं में जागरूकता अभियानों और आपसी बातचीत के अलावा कई पहल की जा रही है ताकि लोग स्वच्छता के लाभ के महत्व को समझ सके।
     इसके लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। राज्य विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्वच्छता रथ के जरिए लोगों को इस संबंध में शिक्षित और जागरूक कर रहे हैं।