Wednesday, 2 August 2017

तिरूवनंतपुरम-कन्‍याकुमारी के बीच रेल लाइन का विद्ययुतीकरण, लागत 1431.90 करोड़

       प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आर्थिक मामलों पर केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु में तिरूवनंतपुरम एवं केरल में कन्‍याकुमारी के बीच रेल लाइन के विद्ययुतीकरण सहित दोहरीकरण परियोजना के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

     रेल लाइन की कुल लम्‍बाई 86.56 किलोमीटर होगी। परियोजना की अनुमानित लागत 1431.90 करोड़ होगी तथा पूर्णता लागत वार्षिक पांच प्रतिशत वृद्धि के साथ 1552.94 करोड़ होगी। इस परियोजना के 2020-21 तक चार वर्षों में पूरी हो जाने की उम्‍मीद है। 
     यह परियोजना 20.77 लाख श्रम दिवसों के लिए निर्माण के दौरान प्रत्‍यक्ष रोजगार का सृजन करेगी। यह परियोजना न केवल माल एवं कोचिंग रेल गाडि़यों के संचालन में गति प्रदान करेगी बल्कि भविष्‍य में यातायात में वृद्धि की पूर्ति के लिए अतिरिक्‍त क्षमता भी मुहैया कराएगी। इस खंड पर बड़ी संख्‍या में यात्री यात्रा करते हैं। 
          यह नजदीकी बंदरगाहों से मालों की ढुलाई का उद्देश्‍य भी पूरा करता है। विझिनजाम बंदरगाह से संचालन के 2019 से आरंभ हो जाने की उम्‍मीद है। इसका 30 फीसदी प्रवेश यातायात रेल द्वारा होने की उम्‍मीद है। इस मार्ग के तिरूवनंतपुरम- नगरक्‍वॉयल खंड की वर्तमान परिचालन क्षमता पहले ही संतृप्‍त हो चुकी है। 
        जिससे कन्‍याकुमारी एवं चेन्‍नई की दिशा में जाने वाली रेलगाडि़यों का परिचालन बहुत अधिक प्रभावित होता है। इस मार्ग की परिचालन क्षमता को बढ़ाए जाने की आवश्‍यकता है। जिससे कि अतिरिक्‍त रेलगाडि़यों की मागों को पूरा किया जा सके। इस मार्ग के जरिए गाडि़यों की आवाजाही सुगम हो सके। इस प्रकार, तिरूवनंतपुरम एवं कन्‍याकुमारी मार्ग का दोहरीकरण किए जाने की आवश्‍यकता है।

असम, मणिपुर व गुजरात के बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए राहत सामाग्री

      केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और भारतीय रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने असम, मणिपुर और गुजरात के बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए 3.15 करोड़ रुपये की राहत सामाग्री रवाना की।

       इस मौके पर उत्तर पूर्व क्षेत्र का विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह भी मौजूद थे। नई दिल्ली में भारतीय रेड क्रास सोसायटी के राष्ट्रीय मुख्यालय से राहत सामाग्री को हरी झंडी दिखाने के बाद नड्डा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक चीजों की कमी न रह जाये।
      उन्होंने कहा कि राहत सामाग्री की पहली खेप में 3.15 करोड़ रुपये की राहत सामाग्री भेजी गई है जिसमें दवाइयां, मच्छरदानी, कपड़े इत्यादि शामिल हैं और शीघ्र ही राहत सामाग्री की दूसरी खेप भी भेजी जाएगी। 
     उन्होंने कहा कि पर्याप्त राहत सामाग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और जो भी जरूरतमंद होगा, उस तक राहत सामाग्री पहुंचाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि असम, मणिपुर और गुजरात की रेडक्रास इकाइयों के स्वयंसेवक संस्था के मौजूदा संसाधनों के जरिए पीड़ित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचा रहे हैं। 
      भारतीय रेडक्रास सोसायटी के राष्ट्रीय मुख्यालय ने भी पहले से मौजूद राहत सामाग्री भेजी है। इसमें मच्छरदानी, रसोईघर के सामान, तिरपाल, तौलिया, पुरूषों के लिए धोती और महिलाओं के लिए साड़ी, कंबल, चादर और बाल्टी शामिल हैं।

सीमा पर हाटों की स्थापना

       पड़ोसी देशों की सीमाओं पर हाट की स्थापना संबंधित देशों के बीच सीमा व्यापार की सुविधा उपलब्ध कराने और उसे बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है।

      अभी भारत-बांग्लादेश सीमा पर चार सीमा हाट चल रहे हैं। दो सीमा हाट मेघालय के कलाइचर एवं बलात में और दो सीमा हाट त्रिपुरा के श्रीनगर एवं कमालसागर में स्थित हैं। इन चार सीमा हाटों के अलावा भारत और बांग्लादेश में छह और सीमा हाट स्थापित करने पर सहमति बन गयी है। 
        इनमें दो त्रिपुरा में और चार मेघालय में स्थापित किए जाएंगे। भारत सरकार ने म्यांमार सरकार के साथ नौ आपसी सहमति वाली जगहों पर सीमा हाट खोलने के लिए एक सहमति पत्र पर काम शुरू कर दिया है। यह जानकारी राज्य सभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने दी है।

वुमन ऑफ़ इंडिया फेस्टिवल के लिए लोगो डिजाइन प्रतियोगिता

       महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अक्टूबर, 2017 में दिल्ली हाट में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘वुमन ऑफ़ इंडिया फेस्टिवल’ के लिए लोगो डिजाइन करने की प्रतियोगिता शुरू की है।

      यह उन डिजायनरों के लिए एक सुनहरा मौका है जो राष्ट्रीय फलक पर अपनी सृजनात्मकता को सफल होते देखना चाहते हैं। ‘वुमन ऑफ़ इंडिया फेस्टिवल’ में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए या उपजाये गए ऑर्गेनिक उत्पादों का सबसे बड़ा संग्रह प्रस्तुत किया जाएगा। 
  फेस्टिवल का आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पहल के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित और प्रायोजित किया जाएगा। इस फेस्टिवल में लाखों की संख्या में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों और खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। 
         महिला एवं बाल विकास मंत्रालय चाहता है कि इस अहम प्रतियोगिता के लिए खास पहचान वाला लोगो डिजाइन करने में नागरिकों का स्वैच्छिक योगदान हो। इस प्रतियोगिता का विवरण मंत्रालय के फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर उपलब्ध है। इसके लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त, 2017 है।