Monday, 17 September 2018

खटमलों को खोज रहे कुत्ते

   खबर है कि खटमल की समस्या जर्मनी में भी है, पर इसे लाते हैं छुट्टी बिताकर यात्रा से लौटने वाले लोग. इसलिए 2018 से फ्रैंकफर्ट के हवाई अड्डे पर अब कुत्ते लोगों के सामान जांच रहे हैं ताकि पता चले कि कहीं उसमें खटमल तो नहीं.

   खबर है कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट चलाने वाली कंपनी फ्रापोर्ट की इस टीम में चार पुरुष, एक महिला और कई कुत्ते हैं. वे सुबह साढ़े छह बजे से रात दस बजे तक काम करते हैं. इसी समय में फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पर विमान उतरते हैं. 
   खबर है कि हानसेन कहते हैं कि हर तीसरी या चौथी ड्यूटी में सामान में खटमल मिल जाता है. ऐसा नहीं है कि लोगों पर सामान चेक करवाने के लिए दबाव डाला जाता हो. मन हो तो जांच करवाइए, नहीं है तो कोई बात नहीं. इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करानी होती है. पहले तीन बैग के लिए 105 यूरो की फीस लगती है और हर अगले नग के लिए 30 यूरो.

अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्मार्ट बाड़

   केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू में भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्मार्ट बाड़ के लिए दो प्रायोगिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

   इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने देश की सीमाओं की और अधिक सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमा की सुरक्षा-व्यवस्था को और मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी का अधिकतम इस्तेमाल करती रही है।
  उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए सीमा पर स्मार्ट बाड़ एक तकनीकी समाधान है। जम्मू में भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर प्रायोगिक आधार पर दो परियोजनाएं स्थापित की गई है।
   उन्होंने कहा कि इस स्मार्ट बाड़ से सीमा पर शहीद हो रहे हमारे जवानों की संख्या में कमी आएगी और जवानों में तनाव का स्तर भी बहुत हद तक कम होगा। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि डिजिटल स्मार्ट बाड़ से हमारी सीमाएं बिल्कुल सुरक्षित होंगी क्योंकि आतंकवादियों के लिए इसका अतिक्रमण करना और सीमा पार से घुसपैठ करना असंभव होगा।
     इस अवसर पर पूर्वोत्तर राज्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक के. के. शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा की सुरक्षा को पुख्ता करना सरकार की प्राथमिकता है।
    उन्होंने कहा कि 2026 किलोमीटर लंबी सीमा अतिसंवेदनशील है और सीमा पर ऐसे क्षेत्रों की रक्षा के लिए डिजिटल बाड़ प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सीमा बाड़ की मदद से हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगी और जवानों द्वारा पैट्रोलिंग पर निर्भरता कम होगी। समग्र एकीकृत सीमा प्रबंधन व्यवस्था (सीआईबीएमएस) कार्यक्रम के तहत स्मार्ट सीमा बाड़ परियोजना देश में अपनी तरह की पहली परियोजना है।
    सीमा पर 5.5 किलोमीटर लंबी दूरी की दो सीमा बाड़ परियोजनाओं की निगरानी व्यवस्था तकनीक तौर पर काफी उन्नत है जिससे भूमि, जल और यहां तक की हवा में भी अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक बाधाएं लगी हैं। इससे काफी कठिन क्षेत्रों में भी बीएसएफ को खतरे की पहचान करने और घुसपैठ की कोशिशों को रोकने में मदद मिलेगी।
   सीआईबीएमएस निगरानी, संचार और डाटा संग्रहण में बड़ी संख्या में अलग-अलग यंत्रों का इस्तेमाल करता है। बीएसएफ इससे सीमा पर 24 घंटे निगरानी करने में सक्षम होगा चाहे मौसम आंधी-तूफान, कोहरा या बारिश का ही क्यों न हो। जम्मू यात्रा के दौरान गृहमंत्री स्वच्छ भारत अभियान में भी शामिल हुए और बीएसएफ अधिकारियों और जवानों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

मातृभूमि को कभी नहीं भूलें: उपराष्ट्रपति

   उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग देश का गौरव बढ़ा रहे हैं और प्रवासी देश तथा अपनी मातृभूमि दोनों के प्रति अपार योगदान कर रहे हैं।

   उपराष्ट्रपति कल रात भारत के उच्चायुक्त द्वारा माल्टा की राजधानी वैलेटा में आयोजित भारतीय समुदाय के स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल और माल्टा में भारतीय उच्चायुक्त राजेश वैष्णव तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
   उपराष्ट्रपति ने कहा कि उभरता भारत हमेशा भारतीय मूल के लोगों के साथ रहेगा। उन्होंने भारतीय मूल के लोगों से आग्रह किया कि वे पालन-पोषण करने वाली मातृभूमि को कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि भारत की कला, संस्कृति, मूल्यों और परम्पराओं का संदेश विश्व में पहुंचाने में भारतीय समुदाय के लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। भारत-माल्टा संबंधों को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि माल्टा ने छोटा देश होने के बावजूद काफी प्रगति की है और भारत और माल्टा के संबंध दीर्घकालिक होंगे। 
    उन्होंने कहा कि देश का आकार महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि विकास महत्वपूर्ण है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय आबादी सभी क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर सकती है और विश्व के समाजों के साथ एकीकृत हो सकती है। उन्होंने कहा कि भौगोलिक सीमाएं भारत और माल्टा को अलग नहीं करती हैं। भारत की विकास गाथा का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश में स्थायी रूप से विकास हो रहा है और देश आगे बढ़ रहा है। प्रणालीगत सरकारी सुधारों से समाज समावेशी बन रहा है और भारत को औपचारिक अर्थव्यवस्था बनाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे है।
    उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत परिवर्तन के शिखर पर है और यह परिवर्तन अप्रत्याशित है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के डिजिटीकरण, वित्तीय समावेशन, जीएसटी तथा जन धन से भारतीय आर्थिक परिदृश्य में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। सड़क और दूरसंचार नेटवर्क ने भारत को बदल दिया है और भारत जैसे विशाल देश में संचार प्रणाली क्रांतिकारी हो गई है।
   उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किए गए कार्यों की याद दिलायी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय कला योग और आयुर्वेद पूरे विश्व में लोकप्रिय हो रहे है। उन्होंने कहा कि भारत स्वास्थ्य के मामले में गंतव्य देश हो गया है और शीघ्र लॉन्च किए जाने वाले आयुष्मान भारत कार्यक्रम से भारत में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बदल जाएगी।