Monday, 25 September 2017

मोदी ने लॉन्च की 'सौभाग्य योजना', डेढ़ साल में देश का हर घर होगा रौशन

     नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौभाग्य योजना लॉन्च की। इस योजना के तहत हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे बड़ी संख्या में गरीबों को फायदा मिलेगा। 

   योजना को 31 मार्च 2019 तक पूरा करने का टारगेट है। पीएम मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर देश को इस अहम योजना की सौगात दी है। जिसका पूरा नाम 'प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना' है। इस मौके पर पीएम मोदी ने योजना की शुरुआत पर खुशी जताई। 
       पीएम मोदी ने कहा कि गरीब महिलाओं से जुड़ी एक आवश्यक योजना की आज शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि 4 करोड़ से ज्यादा ऐसे घर हैं, जहां बिजली नहीं है। आज भी करोड़ों गरीब परिवारों के यहां मोमबत्ती जलाई जाती हैं। पीएम ने ये भी कहा कि बिजली के अभाव में महिलाओं को अंधेरे में खाना पकाना पड़ता है। 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी गरीब से बिजली कनेक्शन के लिए पैसा नहीं लिया जाएगा। गरीब के घर जाकर सरकार बिजली कनेक्शन देगी। इस योजना पर 16 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च आएगा। 1000 दिनों में 18 हजार गांव तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। उनमें से अब तीन हजार से भी कम गांव बिना बिजली के रह गए हैं।
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने भी बचपन में मिट्टी के तेल का दिया जलाकर पढ़ाई की। हम 'बिजली संकट' से 'बिजली सरप्लस' की तरफ जा रहे हैं। न्यू इंडिया में हर गांव तक नहीं, हर घर तक बिजली पहुंचेगी।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले तीन सालों में बिजली क्षमता लक्ष्य से 12ऽ बढ़ी। इस दौरान पीएम ने ये भी कहा कि जनधन योजना से लेकर स्वच्छ भारत अभियान और उज्जवला से लेकर मुद्रा तक हर योजना गरीब कल्याण के लिए है।

आंध्र प्रदेश को 4468 करोड की परियोजनाओं की सौगात

         नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग, शिपिंग तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी 3 अक्‍तूबर, 2017 को आंध्र प्रदेश में 1928.46 करोड़ रुपये लागत की राष्‍ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्धाटन और 2539.08 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं का शिलान्‍यास करेंगे।

    इसके अतिरिक्‍त वे कृष्‍णा नदी के मुक्‍त्‍याला से विजयवाड़ा खंड (राष्‍ट्रीय जलमार्ग-4) को विकसित करने की परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। गडकरी 3 अक्‍तूबर, 2017 को विजयवाड़ा का दौरा करेंगे। गडकरी लगभग 415 किलोमीटर के राष्‍ट्रीय राजमार्ग का उद्घाटन और अन्‍य 250 किलोमीटर राजमार्ग का शिलान्‍यास करेंगे।
     इन परियोजनाओं में राष्‍ट्रीय राजमार्ग-43 (नया राष्‍ट्रीय राजमार्ग-26) पर विजयनगरम कस्‍बे तक 4 लेन के बाईपास सड़क के निर्माण के अलावा मौजूदा राष्‍ट्रीय राजमार्गों में सुधार और उनका उन्‍नयन करना शामिल है। 14 अप्रैल, 2016 को आंध्र प्रदेश सरकार के साथ किये गये समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अनुरूप आंध्र प्रदेश में राष्‍ट्रीय जलमार्ग-4 (एनडब्‍ल्‍यू-4) को तीन चरणों में विकसित करने का प्रस्‍ताव है। पहला चरण, मुक्‍त्‍याला से विजयवाड़ा (कृष्‍णा नदी) (82 किलोमीटर), दूसरा चरण, विजयवाड़ा से काकीनाड़ा (एलुरू नहर और काकीनाड़ा नहर) और गोदावरी के राजामुंद्री से पोलावरम खंड (233 किलोमीटर), तीसरा चरण, कोम्‍मामुर नहर, बकिंघम नहर और कृष्‍णा तथा गोदावरी नदी का शेष खंड (573 किलोमीटर)। 
    गडकरी 3 अक्‍तूबर, 2017 को पहले चरण का शिलान्‍यास करेंगे। इस चरण यानी मुक्‍त्‍याला से विजयवाड़ा तक 82 किलोमीटर का खंड विकसित करने का कार्य पहले से ही शुरू हो चुका है। इस वर्ष मई में उथले क्षेत्रों से गाद निकालने का काम शुरू हो चुका है। इसके जून, 2019 तक पूरा होने की उम्‍मीद है। इस वर्ष अगस्‍त में अस्‍थायी टर्मिनल सुविधाओं के लिए कार्य सौंप दिया गया है। जिसके जून, 2018 तक पूरा होने की आशा है। स्‍थायी टर्मिनल सुविधा के लिए मार्च, 2018 में कार्य सौंपे जाने की उम्‍मीद है और यह कार्य जून, 2019 तक पूरा हो जाएगा। 
     2018 में रात्रि दिशा सूचक सहायता सुविधा भी शुरू हो जाएगी। इस परियोजना से इस क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने की माल व्‍यवस्‍था का सक्षम समाधान उपलब्‍ध होगा और राजधानी अमरावती के शुरूआती विकास के चरण में सुविधा होगी, क्‍योंकि महत्‍वपूर्ण निर्माण सामग्री का परिवहन एनडब्‍ल्‍यू-4 के इसी खंड से किये जाने की संभावना है। पीआईबी/कैबिनेट के आईडब्‍ल्‍यूएआई बोर्ड द्वारा दूसरे चरण के प्रस्‍ताव की सिफारिश की गई है। 
     मंत्रिमंडल की सहमति के लिए परियोजना के कार्यान्‍वयन के वास्ते स्‍पेशल परपज विहिकल (एसपीवी) के गठन के प्रस्‍ताव पर विचार किया जा रहा है। नवम्‍बर, 2017 तक एसपीवी के गठन की उम्‍मीद है। नवम्‍बर, 2018 में कुल 1,078 किलोमीटर की लंबाई के राष्‍ट्रीय जलमार्ग संख्‍या-4 की घोषणा की गई थी। राष्‍ट्रीय जलमार्ग अधिनियम-2016 के अंतर्गत इसकी लंबाई 2890 किलोमीटर तक बढ़ायी गई थी।
    इसमें खंड शामिल किये गये है। दावरी नदी (भद्राचलम को राजामुंद्री) - 171 किलोमीटर, कृष्णा नदी (वजीराबाद से विजयवाड़ा) - 157 किलोमीटर, काकीनाडा नहर (काकीनाडा से राजामुंद्री) - 50 किलोमीटर, एलुरु नहर (राजामुंद्री से विजयवाड़ा) - 139 किलोमीटर, कोम्‍मामुर नहर (विजयवाड़ा से पेडागंजम) - 113 किलोमीटर, उत्तर बकिंघम नहर (पेडागंजम से चेन्नई) - 316 किलोमीटर, दक्षिण बकिंघम नहर (चेन्नई से मर्केंनाम) - 110 किलोमीटर, कलुवेली टैंक (मार्कानाम से पुद्दुचेरी) उ 22 किलोमीटर, विस्तारित खंड- वाजिराबाद से गलागली (628 किलोमीटर) तक कृष्णा नदी, भद्राचलम से नासिक (1184 किलोमीटर) तक गोदावरी नदी।

देश में पांच करोड़ शौचालयों का निर्माण

      नई दिल्ली। आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस बात जोर देते हुए कि दिल्ली में कचरे की समस्या, जो आनुपातिक रूप से अपने चरम पर पहुंच गई, है, का समुचित हल निकाले बिना देश को साफ-सुथरा नहीं रखा जा सकता।

     उन्होंने लोगों में राष्ट्रीय राजधानी के बाशिंदे होने का गर्व-भाव जगाते हुए उन्हें कचरा निष्पादन के प्रभावी व ठोस प्रबंधन में सामूहिक स्तर पर जुटने का आह्वान किया। पुरी ने दक्षिणी एमसीडी द्वारा कूड़ा चुनने छांटने वाली आयातित आधुनिक मशीन का भी उद्घाटन किया। पुरी ने दक्षिण दिल्ली के भीकाजी कामा प्लेस में आयोजित स्वच्छता ही सेवा अभियान में भाग लिया। बाद में वहां उपस्थित लोगों, स्वच्छता में लगे कार्यकर्ताओं, मंत्रालय और एसडीएमसी के अधिकारियों को संबोधित किया, जिन्होंने उनके साथ-साथ श्रमदान में हिस्सा लिया।
       मंत्री ने यह रेखांकित किया कि दिल्ली के नागरिक और इसके बाशिंदा होना गौरव की बात है और यह एक अनोखा विशेषाधिकार है, जो बेहतर सेवाओं और सुविधाओं के रूप में अनेक तरह के लाभ देता है, जो देश के अन्य शहरों में सुलभ नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली मेट्रो का उदाहरण दिया कि जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों ने भारी व्यय किया हुआ है और वे भविष्य में भी इसमें धन लगा रहे हैं। पुरी ने कहा कि अगर दिल्ली साफ-सुथरी नहीं की गई और कचरे के निस्तारण का समुचित इंतजाम नहीं किया गया तो दिल्लीवासी होने का यह गौरव छीन जाएगा।
       पुरी ने कहा, राष्ट्रीय राजधानी में रहने के गर्व को जगाएं और सुस्ती छोड़ें और कचरा प्रबंधन के लिए प्रभावी ठोस इंतजाम करने में अपना योगदान दें तभी हम कचरे की समस्या से निजात पा सकते हैं, जो हम सभी के जीवन पर बुरा असर डाल रहा है। पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस इरादे, जुनून और ऊर्जा के साथ स्वच्छ भारत अभियान का संचालन करते रहे हैं, उसका अभूतपूर्व परिणाम पूरे देश में स्वच्छता के साथ लोगों के ‘व्यक्तिगत जुड़ाव’ के रूप में सामने आया है। 
     इसके चलते तीन वर्षो की कम अवधि में ही पूरे देश में पांच करोड़ शौचालयों का निर्माण संभव हुआ है। इनमें शहरी इलाकों में बनाये गए 38 लाख शौचालय भी शामिल हैं। अगले दो वर्षो में देश के शहरों में कचरा निष्पादन के ठोस प्रबंधन को एक बड़ी चुनौती करार देते हुए पुरी ने कचरे के ठोस प्रबंधन की श्रृंखला की सफलता के लिए स्वच्छता के साथ पहले के ‘व्यक्तिगत जुड़ाव’ को ‘सामाजिक जुड़ाव’ में बदलने पर बल दिया। लोगों के अपने निकटस्थ पड़ोसियों के साथ सहज जुड़ाव को देखते हुए मंत्री ने ‘घर भी साफ और पड़ोसी भी साफ अभियान का प्रारंभ किया। 
     इस अभियान के छह मुख्य कारक हैं, कचरा निष्कासन की जगह ही उनके स्वरूप के हिसाब से अलग करना। उसी आहाता पड़ोस इलाके में गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाना। सूखे कचरे की रिसाइकलिंग (पुनर्चक्रण) करना। पड़ोस को खुले में मल-मूत्र त्याग से मुक्त रखना। पड़ोसियों को खुले में कूड़ा-कर्कट न फेंकने के लिए प्रेरित करना। कचरा जमा करने या उसके पृथक्कीकरण के लिए रिहाइश के पास के पार्क या खुली जगह का जिम्मा लेना, पुरी ने कहा कि इस नेबरहुड एक्शन प्लान से लैंडफिल को भेजे जाने वाले ठोस कचरे का परिमाण घटेगा।
      इसके अलावा, कचरे से कम्पोस्ट और कचरे से ऊर्जा बनाने में सुविधा होगी। नेबरहुड का मायने आवासीय सोसाइटी, कालोनी, मुहल्ला और बाजार आदि है। मंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तीन साल पूरे होने के अवसर पर दो अक्टूबर से नेबरहुड एक्शन प्लान को देश के सभी नगरों और शहरों में शुरू किया जाएगा। उन्होंने दिल्लीवासियों से इसको प्लान को सफल बनाने की अपील की।
      पुरी ने इस अवसर पर मालवीय नगर एसडीएमसी स्कूल के बच्चे द्वारा खेले गए नुक्कड़ नाटक को भी देखा। नाटक में लोगों के खराब स्वास्थ्य के कारण और दुष्परिणाम के बारे में आगाह करते हुए स्वच्छ भारत के लिए नागरिकों की भागीदारी की जरूरत पर बल दिया गया था। पुरी ने नाटक की सराहना करते हुए इसके प्रतिभागियों को 1000 रुपये बतौर पुरस्कार भी दिये। 
     पुरी ने भीकाजी कामा प्लेस इलाके का भी निरीक्षण किया और वहां की इमारतों के खराब रख-रखाव पर चिंता जाहिर करते हुए एसडीएमसी के नगरपालिका आयुक्त को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिये। दक्षिण दिल्ली नगरपालिका कॉरपोरेशन की मेयर सुश्री कमलजीत शेहरावत, एसडीएमसी के आयुक्त डॉ. पुनीत गोयल के साथ मंत्रालय व एसडीएमसी, एवं लोगों ने भी श्रमदान में भाग लिया।

स्‍वच्‍छता : गरीबों के स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा करने की दिशा में मदद

     वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने वाराणसी में शहंशाहपुर गांव में दोहरे गड्ढे वाले शौचालय में निर्माण के लिए श्रमदान किया।

      उन्‍होने गांव को खुले में शौच से मुक्‍त करने वाले लोगों के साथ बातचीत की। उन्‍होंने शौचालय को इज्‍जत घर नाम दिये जाने की उनकी पहल की सराहना की। प्रधानमंत्री ने इस गांव में आयोजित पशुधन आरोग्‍य मेले का दौरा किया। उन्‍हें इस परिसर में संचालित विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य और चिकित्‍सा सुविधाओं की जानकारी दी गई, इनमें पशु शल्‍य चिकित्‍सा, अल्‍ट्रा सोनोग्राफी आदि शामिल हैं। इस अवसर पर एकत्रित विशाल जनसमूह को सम्‍बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पशुधन मेले के सफल आयोजन के लिए उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍य नाथ और राज्‍य सरकार को धन्‍यवाद दिया।
    उन्‍होंने कहा कि यह एक नया प्रयास है, जिससे राज्‍य में पशुपालन क्षेत्र को लाभ प्राप्‍त होगा। उन्‍होने कहा कि दूध उत्‍पादन में वृद्धि के फलस्‍वरूप लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचेगा। उन्‍होंने कहा कि देश के अन्‍य भागों की भांति डेयरी क्षेत्र को सहकारी संघ के रूप में गठित करने से लाभ होगा। लोगों की बेहतरी को सरकार की प्रा‍थमिकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करने के संकल्‍प को दोहराया। उन्‍होंने उल्‍लेख किया कि मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड से किसानों को काफी लाभ हो रहा है।
       उन्‍होंने कहा कि हमसे प्रत्‍येक व्‍यक्ति को हमारे स्‍वतंत्रता सैनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए 2022 तक सकारात्‍मक योगदान देने का संकल्‍प देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्‍वच्‍छता हमारी जिम्‍मेदारी है इस भावना को हम सभी को स्‍वयं में विकसित करने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने कहा कि इससे स्‍वच्‍छता और गरीबों के स्‍वास्‍थ्‍य की रक्षा करने की दिशा में काफी मदद मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि उनके लिए स्‍वच्‍छता एक प्रार्थना की भांति है और गरीबों की सेवा करने का माध्‍यम भी।