Monday, 9 January 2017

सड़क दुर्घटना स्थलों के सुधार पर खर्च होंगे 11000 करोड़


               भारत सरकार के सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में इंडिया गेट से सड़क सुरक्षा दौड़ को झंड़ी दिखाई। गडकरी ने कुछ वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं और उससे जुड़ी मृत्यु की संख्या को 50 प्रतिशत तक घटाने में मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया। 

          मंत्रालय सड़क सुरक्षा हेतु इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपातकालीन देखभाल जैसे मुद्दों पर कार्य कर रहा था। कहा कि पहचाने गए सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थलों को सुधारने पर 11,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे ऐसे स्थलों की रिपोर्ट मंत्रालय से करें जहां बहुत अधिक दुर्घटनाएं होती रहती हैं ताकि सड़कों के इंजीनियरिंग दोषों को दूर करने के लिए कदम उठाए जा सकें। गडकरी ने कहा कि फ्लाईओवर, अंडरपास, क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप्स, यातायात चिन्हों को उचित तरीके से लगाया गया था ताकि आदि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। 


          गडकरी ने उम्मीद जाहिर की कि मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, जांच के लिए परिवहन, पर्यटन और संस्कृति विभाग से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के पास है। इसे संसद के अगले सत्र में पारित कर दिया जाएगा। यह विधेयक कड़े दंड, इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन की अनुमति देने,  फिटनेस प्रमाण पत्र और लाइसेंसिंग व्यवस्था में सुधार लाने और अच्छी तथा मान्य आईटी सक्षम प्रवर्तन प्रणालियां उपलब्ध कराकर सड़क सुरक्षा के मुद्दों का निपटान करेगा। यह विधेयक सार्वजनिक परिवहन में सुधार लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा जिससे सड़क सुरक्षा सुधारने में मदद मिलेगी। इस विधेयक में दुर्घटना के शिकार लोगों का जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण समय के दौरान इलाज का प्रावधान है जिससे मूल्यवान जीवन बचाने में मदद मिलेगी।
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अब पैन से जुडे़गा बैंक खाता

जी हां, भारत सरकार आर्थिक लेन-देन को आयकर विभाग से जोड़ने की कोशिश में लगी है। इसके लिए अब देश के बाशिंदों को बैंक खातों में पैन कार्ड-पैन संख्या दर्ज करानी होगी। 

           इसके लिए उपभोक्ताओं को बैंक में आवश्यक अभिलेख दाखिल करने होंगे। आयकर नियमों में संशोधन कर यह प्रावधान किया गया है कि बैंक सभी वर्तमान बैंक खातों में पैन या फॉर्म नं. 60 प्राप्त करेंगे। उन्हें पैन के साथ जोडेंगे, अगर पहले से ऐसा नहीं किया गया है। 

            इस संबंध में उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने  अदेशित किया है कि वैसे खातों से नकदी की निकासी की अनुमति नहीं दी जाएगी जिनमें भारी मात्रा में क्रेडिट शेष/जमाएं हैं, अगर ऐसे खातों के संबंध में पैन या फॉर्म नं. 60 उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए ऐसे व्यक्तियों को, जिनके पास बैंक खाते हैं लेकिन जिन्होंने पैन या फॉर्म नं. 60 जमा नहीं किए हैं, वे बैंक में पैन या फॉर्म नं. 60 उपलब्ध करा दें।