Wednesday, 29 March 2017

कश्‍मीर की स्थिति के बारे में विमर्श

            जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलिस महानिदेशक एस. पी. वैद ने यहां केन्‍द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की। 

          उन्‍होंने कल की हिंसा के बाद कश्‍मीर की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्‍तृत विचार-विमर्श किया। हिंसा में तीन व्‍यक्ति की मौत हो गई थी। कई अन्‍यों लोगों के घायल होने के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों को भी चोट आई थीं। डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि यह प्रशासन के साथ-साथ सिविल सोसायटी की भी जिम्‍मेदारी है कि वे कश्‍मीर के युवाओं को कुछ मुठ्ठी भर लोगों के झूठे प्रचारों में आकर भड़कने के बजाय वास्‍तविकता से अवगत करायें। 

                      सेना, अर्द्धसैनिक बल और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस सहित सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि हमारे पास भी विश्‍व के सबसे अच्‍छे सुरक्षा बल मौजूद हैं। राष्‍ट्र हमेशा उनका ऋणी रहेगा।

सभी को चौबीस घंटे गुणवत्‍तापूर्ण किफायती बिजली

             केन्‍द्रीय विद्युत, कोयला, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा और खान राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा, उदय देश में विद्युत क्षेत्र से जुड़ा अब तक का सर्वाधिक व्‍यापक सुधार है, जिसे नियोजित एवं क्रियान्वित किया गया है।

         पीयूष गोयल यहां विद्युत क्षेत्र, विशेषकर ‘उदय’ योजना की प्रगति को कवर करने वाले पत्रकारों और विश्‍लेषकों के एक प्रतिष्ठित समूह को संबोधित कर रहे थे। गोयल ने कहा कि उदय योजना व्यापक, सहकारी, सहयोगात्मक, प्रतिस्पर्धी, सहमति और करुणामय संघवाद का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके तहत यह परिकल्‍पना की गई है कि राज्‍य सरकारें पूर्ण सहयोग दर्शाते हुए केन्‍द्र के साथ मिलकर काम करेंगी, ताकि देशवासियों की बिजली संबंधी जरूरतों की व्‍यापक पूर्ति पर ध्‍यान केन्द्रित किया जा सके। मंत्री ने यह भी कहा कि इस योजना के तहत राज्‍य सरकारों को आपस में रचनात्‍मक प्रतिस्‍पर्धा के लिए प्रोत्‍साहित किया जाता है, जिससे कि उनके विद्युत विभागों और डिस्‍कॉम की वित्‍तीय एवं परिचालन स्थिति में सुधार के लक्ष्‍य को हासिल किया जा सके। 

            गोयल ने ‘उदय’ के सभी हितधारकों के लिए जारी एक प्रेरणादायक वक्‍तव्‍य में कहा कि सरकार का लक्ष्‍य ‘सभी को चौबीस घंटे सुनिश्चित, गुणवत्‍तापूर्ण, किफायती और विश्‍वसनीय बिजली’ मुहैया कराना है। भारत सरकार और केरल राज्‍य एवं केरल राज्‍य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने विद्युत उपक्रम के परिचालन में सुधार के लिए उज्‍ज्‍वल डिस्‍कॉम आश्‍वासन योजना (उदय) के तहत सहमति पत्र (एमओयू) का आदान-प्रदान किया। 

             इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा भी अपने यहां के विद्युत वितरण विभागों के परिचालन में सुधार के लिए आज उदय में शामिल हो गए। इसके साथ ही उदय में शामिल होने वाले राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों की कुल संख्‍या बढ़कर 26 हो गई है। उदय में शामिल होने के परिणामस्‍वरूप केरल, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा को क्रमश: लगभग 4178 करोड़, 309 करोड़ और 810 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ होगा। यह फायदा इन राज्‍यों के विद्युत निकायों की स्थिति में बेहतरी की तय अवधि के दौरान सस्‍ते फंड की प्राप्ति, कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक तथा पारेषण हानियों में कमी, ऊर्जा दक्षता से जुड़े कदमों इत्‍यादि से संभव हो पाएगा।

          इस अवसर पर विद्युत सचिव पी. के. पुजारी, कोयला सचिव सुशील कुमार, केन्‍द्रीय विद्युत मंत्रालय, मंत्रालय के अधीनस्‍थ सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (पीएसयू) और राज्‍यों के विद्युत विभागों के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारीगण भी शामिल थे।

नागपुर में स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन-2017 के ग्रांड फिनाले की मेजबानी

                सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 1 और 2 अप्रैल, 2017 को नागपुर में स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 के ग्रांड फि‍नाले की मेजबानी करेगा। नागपुर 26 शहरों में से एक शहर है जहां यह आयोजन एक साथ आयोजित किया जा रहा है। 

             इसे 29 सरकारी विभागों की सहायता और समन्‍वय से आयोजित किया जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी 1 अप्रैल, 2017 को नागपुर के रामदेव बाबा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में इस आयोजन का उद्घाटन करेंगे। राष्‍ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लि. के निदेशक संजय जाजू मंत्रालय के नोडल अधिकारी हैं। स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 का 9 नवम्‍बर, 2016 को दिल्‍ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुभारंभ किया गया था। पहली बार विभिन्न सरकारी विभागों के छात्रों को सीधे तौर पर ऐसे कार्य में शामिल किया है और उन्‍हें इन विभागों की दक्षता, राजस्‍व हानि और भ्रष्‍टाचार के बारे में सुधार लाने के लिए डिजिटल समाधान तैयार करने की चुनौती दी है मानव संसाधन मंत्रालय को 29 सरकारी मंत्रालय एवं विभागों से 598 समस्‍याएं विवरण प्राप्‍त हुए हैं। जिसके सापेक्ष 7531 टीमों से विचार प्राप्‍त हुए और 672 युवाओं को शामिल करके 84 टीमों और 637 विचारों को फिनाले के लिये चुना गया है।

            ग्रांड फिनाले के दौरान ये टीमें अपने विचारों पर आधारित उत्‍पाद तैयार करने के लिए 36 घंटों तक लगातार काम करेंगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नागपुर में स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन-2017 के ग्रांड फिनाले की मेजबानी करेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 1 और 2 अप्रैल, 2017 को नागपुर में स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 के ग्रांड फि‍नाले की मेजबानी करेगा। नागपुर 26 शहरों में से एक शहर है जहां यह आयोजन एक साथ आयोजित किया जा रहा है। इसे 29 सरकारी विभागों की सहायता और समन्‍वय से आयोजित किया जा रहा है।

            स्‍मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 का 9 नवम्‍बर, 2016 को दिल्‍ली में मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुभारंभ किया गया था। पहली बार विभिन्न सरकारी विभागों के छात्रों को सीधे तौर पर ऐसे कार्य में शामिल किया है। उन्‍हें इन विभागों की दक्षता, राजस्‍व हानि और भ्रष्‍टाचार के बारे में सुधार लाने के लिए डिजिटल समाधान तैयार करने की चुनौती दी है। मानव संसाधन मंत्रालय को 29 सरकारी मंत्रालय एवं विभागों से 598 समस्‍याएं विवरण प्राप्‍त हुए हैं। जिसके सापेक्ष 7531 टीमों से विचार प्राप्‍त हुए और 672 युवाओं को शामिल करके 84 टीमों और 637 विचारों को फिनाले के लिये चुना गया है। ग्रांड फिनाले के दौरान ये टीमें अपने विचारों पर आधारित उत्‍पाद तैयार करने के लिए 36 घंटों तक लगातार काम करेंगी।

सामुदायिक रेडियो को बढ़ावा, सब्सिडी अब 90 फीसदी

            सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने देश में सामुदायिक रेडियो के विकास के रोडमैप (खाका) पर विचार-विमर्श करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। 

          इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण राज्य् मंत्री कर्नल राज्यतवर्द्धन राठौर भी उपस्थित थे। नायडू ने अपने आरंभिक संबोधन में देश में सामुदायिक रेडियो के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा उठाये जा रहे विभिन्नु कदमों के बारे में समिति के सदस्यों को जानकारी दी। उन्होंलने कहा कि मंत्रालय ने हाल ही में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की स्थांपना के लिए सब्सिडी राशि को पूर्वोत्तर राज्यों में 50 फीसदी से बढ़ाकर 90 फीसदी और अन्या राज्यों में इसे बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया है, जिसके लिए अधिकतम सीमा 7.5 लाख रुपये तय की गई है। संचार के एक प्रभावकारी माध्यिम के रूप में सामुदायिक रेडियो के साधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही सब्सिडी में बढ़ोतरी की गई है। एक संचार माध्य्म के रूप में सामुदायिक रेडियो की अहमियत के बारे में जानकारी देते हुए नायडू ने कहा कि यह स्थांनीय भाषा/बोलियों में लोगों की सूचना संबंधी जरूरतों की पूर्ति के लिहाज से एक उपयोगी साधन है।         

               सामुदायिक रेडियो (सीआर) केंद्र विभिन्न मसलों पर ऐसे कार्यक्रमों का प्रसारण करते हैं जो समुदाय के लिए काफी प्रासंगिक माने जाते हैं। इसके साथ ही ये शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि, पोषण से जुड़े माहौल, सामाजिक कल्यासण, पंचायती राज से जुड़े मुद्दों और सांस्कृतिक जरूरतों से संबंधित सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करके विकास में सहायक साबित होते हैं। नायडू ने कहा कि सामुदायिक रेडियो में समुदाय स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक बदलाव लाने की असीम क्षमता है। ये केंद्र ग्रामीण सशक्तिकरण के साथ-साथ दलितों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए भी एक सशक्तण साधन के रूप में काम करते हैं। 

             नायडू ने ‘उगाडी’ के शुभ अवसर पर संसद के सम्मानित सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उगाडी वसंत के आगमन और गर्म मौसम की शुरुआत को रेखांकित करता है, जो दक्षिण भारत के अनेक हिस्सों में नव वर्ष के शुभारंभ का परिचायक होता है। खुशी का यह उत्सव विकास एवं समृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। नव वर्ष से जुड़े समस्तो त्योहारों की भांति ही यह उत्सव भी नये उद्यमों की शुरुआत का अवसर प्रदान करता है। समिति के सदस्यों ने सामुदायिक रेडियो के विकास के लिए मंत्रालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए संचार के इस साधन की पहुंच के साथ-साथ इसके बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी बहुमूल्य सुझाव दिए। 

              उन्होंने देश में सामुदायिक रेडियो केंद्रों की स्थापना की मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ इसे दुरुस्त करने की जरूरत को भी रेखांकित किया। मंत्रालय की ओर से अपर सचिव द्वारा एक प्रस्तुति दी गई, जिसमें देश में सामुदायिक रेडियो क्षेत्र का अवलोकन पेश किया गया। समिति के सदस्योंन को देश में सामुदायिक रेडियो के विकास को सुविधाजनक बनाने में मंत्रालय की उपलब्धियों एवं इसके विभिन्नो कदमों के बारे में जानकारी दी गई। इस बैठक में अनेक सांसदों ने भी भाग लिया जिनमें मनोज कुमार तिवारी, विवेक गुप्ताअ, श्रीमती देव (मुनमुन सेन) वर्मा, हरिवंश, मधुसूदन मिस्त्री , प्रभात झा और नीरज शेखर शामिल हैं। सूचना एवं प्रसारण सचिव अजय मित्तल और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

फुटबाल से खेल संस्कृति को बढ़ावा

             संसद के सदस्यों ने देश में खेल संस्कृति, विशेषकर फुटबाल के खेल को बढ़ावा देने के लिए जन जागरुकता कार्यक्रम में यहां बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। 

          एक समारोह के दौरान लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने दोनों सदनों के सदस्यों को फुटबाल भेंट की। इस कार्यक्रम का आयोजन युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य इस वर्ष अक्तूबर में भारत में आयोजित की जाने वाली फीफा अंडर-17 फुटबाल विश्व कप प्रतियोगता के सिलसिले में फुटबाल को समूचे भारत में बढ़ावा देने के मिशन 11 मिलियन प्रोग्राम को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर युवा मामले और खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा कि फीफा अंडर 17 विश्व कप प्रतियोगिता का आयोजन आल इंडिया फुटबाल फेडरेशन-एआईएफएफ के साथ मिल कर किया जा रहा है। 

            उन्होंने कहा कि फुटबाल संस्कृति के निर्माण के लिए मिशन 11 मिलियन शुरू किया गया है, ताकि फुटबाल को 15 हजार स्कूलों के माध्यम से 1.1 करोड़ बच्चों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मार्च, 2017 को मन की बात कार्यक्रम के अंतर्गत कहा था कि फीफा अंडर-17 विश्व कप प्रतियोगिता युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है, जो देश में खेलों के प्रति एक क्रांति ला सकता है।

विद्युत का निर्यातक बना भारत

            बिजली के सीमा पार व्यापार के लिए भारत सरकार के निर्दिष्ट प्राधिकरण, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार भारत पहली बार बिजली के निवल आयातक की बजाए निवल निर्यातक बन गया है। 

            वर्ष 2016-17 (अप्रैल से फरवरी 2017) के दौरान भारत ने नेपाल, बांग्लादेश और म्यामां को 579.8 करोड़ यूनिट बिजली निर्यात की, जो भूटान से आयात की जाने वाली करीब 558.5 करोड़ यूनिटों की तुलना में 21.3 करोड़ यूनिट अधिक है। पिछली सदी में सीमा पार विद्युत व्यापार प्रारंभ होने के बाद से भारत, भूटान से विद्युत आयात करता रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश से 33 केवी और 132 केवी रेडियल मोड में नेपाल को मामूली विद्युत का निर्यात करता रहा है।

               भूटान औसत रूप में भारत को 500-550 करोड़ यूनिट विद्युत की आपूर्ति करता रहा है। भारत नेपाल को 11 केवी, 33 केवी और 132 केवी लेवल पर 12000 से अधिक सीमा पार इंटर कनेक्शनों के लिए करीब 190 मेगावाट विद्युत का निर्यात भी करता रहा है। 2016 में 400 केवी लाइन क्षमता (132 केवी क्षमता के साथ संचालित) मुजफ्फरपुर (भारत) - धालखेबर (नेपाल) के चालू हो जाने के बाद नेपाल को विद्युत निर्यात में करीब 145 मेगावाट का इजाफा हुआ। भारत से बांग्लादेश को किए जाने वाले विद्युत निर्यात में उस समय वृद्धि हुई, जब सितम्बर, 2013 में 400 केवी क्षमता का पहला सीमा पार इंटर-कनेक्शन चालू हुआ।

               इसी तरह भारत में सुर्जामणिनगर (त्रिपुरा) और बांग्लादेश में दक्षिण कोम्मिल्ला के बीच दूसरा सीमा पार इंटर-कनेक्शन चालू होने के बाद भारत के निर्यात में और बढ़ोतरी हुई। 132 केवी काटिया (बिहार) – कुसाहा (नेपाल) और 132 केवी रक्सौल (बिहार) – पार्वाणीपुर (नेपाल) सीमा पार इंटर-कनेक्शन चालू हो जाने के बाद नेपाल को किए जाने वाले विद्युत निर्यात में करीब 145 मेगावाट की वृद्धि होने का अनुमान है। पड़ोसी देशों के साथ कुछ और सीमा पार सम्पर्क स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे भारत के विद्युत निर्यात में इजाफा होगा।


 

प्रधानमंत्री ने नववर्ष की बधाई दी

             प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर के नागरिकों को अपनी ओर से नववर्ष की शुभकामनाएं दी हैं, जो नए वर्ष की शुरूआत का उत्सव मना रहे हैं ।

          अपने ट्वीट संदेशों में प्रधानमंत्री ने यह कामना की है कि यह वर्ष सभी के लिए शांति, उल्साह और समृद्धि लाए। प्रधानमंत्री ने कहा, “पूरे भारत में लोग नए वर्ष की शुरूआत का उत्सव मना रहे हैं । सभी को नव वर्ष की बधाइयां। यह वर्ष शांति, उल्साह और समृद्धि लाए। नववर्ष और नवरात्रि की देशवासियों को कोटि-कोटि बधाई। नवसंवत्सर हम सभी के जीवन में समृद्धि, खुशहाली और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आए। मणिपुर के बहनों और भाइयों के लिए साजिबू चेइराबा के अवसर पर मेरी ओर से शुभकामनाएं। 

             मेरी कामना है कि आने वाला वर्ष सकरात्मकता और अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक हो। उगाडी का उत्सव मनाने वाले सभी लोगों को बधाइयां। मेरी कामना है कि आने वाले वर्ष में आपकी सभी इच्छाएं पूरी हो और चारों ओर खुशहाली हो।

           सिंधी समुदाय के लोगों को चेति चंद के अवसर पर बधाइयां। मेरी कामना है कि भगवान झूलेलाल हमें आशीर्वाद दें और आने वाला वर्ष हमारे लिए खुशहाली लाए तथा यादगार वर्षों में शामिल हो। महाराष्ट्र के लोगों के लिए गुडी पडवा के विशेष अवसर पर शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि आने वाला वर्ष खुशहाली, आरोग्य और समृद्धि लाए।

राष्ट्रीय जनजातीय व पूर्वोत्तर कला सम्मेलन

               केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ.महेश शर्मा ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत ललित कला अकादमी द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय जनजातीय और पूर्वोत्तर कला सम्मेलन-2017” का उद्घाटन किया। 

          इस अवसर पर डॉ.महेश शर्मा ने जनजातीय समुदायो, पूर्वोत्तर के कलाकारो के साथ-साथ चुने हुए समकालीन कलाकारो की सृजनात्मकता की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन कलाकारो को  उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अनूठा मंच प्रदान करेगा और इसमे महत्वपूर्व भारतीय जनजातीय कला के साथ कला की अन्य शैलियो को भी दर्शाया किया गया है। 

          उन्होंने कलाकारो को सृजनात्मकता प्रयासो के लिए अपनी शुभकामनाएं भी व्यक्त की। सम्मेलन में जनजातीय कला की 12 से अधिक शैलियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इनमें से अधिकतर कलाकारो ने विदेशो में आयोजित भारत महोत्सव और अन्य प्रतिष्ठित मंचो पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना के चेरियान चित्रकार, दक्षिण भारत की लघु चित्रकला, ओडिसा की पतचित्र कला, राजस्थान की फेस्क्रो चित्रकला के साथ-साथ भील, मीना व आंध्र प्रदेश के कलाकारो द्वारा चर्म चित्रकला का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान लोककला का प्रदर्शन भी किया जाएगा। 

           देश में कला की खोज, प्रोत्साहन और प्रचार को प्रोत्साहित करने के प्रयासो के अनुरूप अकादमी ने इस 7 दिवसीय सम्मेलन का आयोजन 28 मार्च,2017 से 4 अप्रैल,2017 तक नई दिल्ली स्थित ललित कला अकादमी, रविन्द्र भवन लॉन, 35 फिरोजशाह रोड़ में किया है। समारोह की शानदार शुरूआत राजस्थान के लोकसंगीत पर आधारित भव्य लोकनृत्य की प्रस्तृति से की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।