Monday, 1 May 2017

कपड़ा मंत्रालय देश भर में स्‍वच्‍छता पखवाड़ा मनाएगा

           कपड़ा मंत्रालय 1 मई से 15 मई, 2017 तक स्‍वच्‍छता पखवाड़ा मना रहा है। स्‍वच्‍छता के संदेश को देश भर में फैलाने एवं इसे अपने जीवन का एक हिस्‍सा बनाने के लिए 15 दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन कपड़ा राज्‍य मंत्री अजय टमटा द्वारा नई दिल्‍ली के उद्योग भवन में किया गया।

         मंत्री ने इस अवसर पर मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्‍वच्‍छता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर बोलते हुए, मंत्री ने कहा कि स्‍वच्‍छ भारत का मिशन उस दिन एक वास्‍तविकता बन जाएगा, अगर भारत के 125 करोड़ नागरिकों में से प्रत्‍येक यह मन बना ले कि न तो वह खुद गंदगी फैलाएगा और न ही किसी दूसरे को गंदगी फैलाने देगा। स्‍वच्‍छ भारत पर आयोजित गीत सुनने के बाद मंत्री  ने कहा कि सुबह में यह गीत सुनने के बाद बच्‍चों में स्‍वच्‍छता की दैवीय विशेषताओं एवं उसके महत्‍व की भावना पैदा होगी। 

       अजय टमटा ने कहा कि स्‍वच्‍छता को सबकी जिम्‍मेदारियों के रूप में देखा जाना चाहिए न कि केवल साफ करने में शामिल लोगों की जिम्‍मेदारियों के रूप में। कपड़ा सचिव श्रीमती रश्मि वर्मा ने कहा कि स्‍वच्‍छता पखवाड़ा केवल एक सांकेतिक रूप में नहीं मनाया जाना चाहिए बल्कि ऐसे कार्यक्रम के रूप में मनाया जाना चाहिए जो दिल से निकलता है।

भारत के हज कोटा में सबसे बड़ी बढोतरी

            अल्‍पसंख्‍यक मामले राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) ने भारत में सऊदी अरब के राजदूत के साथ भारतीय हज यात्रियों से संबंधित विभिन्‍न मुद्वों पर चर्चा की।

           अल्‍पसंख्‍यक मामले राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) मुख्‍तार अब्‍बास नकवी एवं भारत में सऊदी अरब के राजदूत डा. सऊद मोहम्‍मद अल्‍साती ने नई दिल्‍ली में हज 2017 के लिए भारत से रवाना हो रहे लगभग 1 लाख 70 हजार भारतीय हज यात्रियों से संबंधित विभिन्‍न मुद्वों पर चर्चा की। सऊदी अरब सरकार द्वारा भारत के हज कोटा में की गई उल्‍लेखनीय बढोतरी के बाद, इस वर्ष भारत से कुल 1,70,025 लोग हज की यात्रा पर जाएंगे जिसमें से 1,25,025 हज यात्री भारत की हज कमिटी के माध्‍यम से जाएंगे जबकि 45,000 हज यात्री निजी टूर ऑपरेटरों के माध्‍यम से जाएंगे।

             नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में भारत एवं सऊदी अरब के बीच द्विपक्षीय संबंधों में और मजबूती आई है। उन्‍होंने कहा कि हज यात्रियों की सुविधाएं, खासकर, उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। बैठक के दौरान हज यात्रियों के लिए वीसा प्रक्रिया, ठहरने की सुविधाएं एवं आवागमन की सुविधाएं जैसे विभिन्‍न मुद्वों पर चर्चा की गई। नकवी ने कहा कि इस वर्ष हज यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय से पहले ही पूरी कर ली गई थीं। 

                उन्‍होंने भारत के वार्षिक हज कोटा में 34,005 का इजाफा किए जाने के लिए भी सऊदी अरब सरकार को धन्‍यवाद दिया। कई वर्षों के बाद भारत से भारत के वार्षिक हज कोटा में की गई यह सबसे बड़ी बढोतरी है। उन्‍होंने समुद्र के रास्‍ते से हज यात्रियों को भेजने के विकल्‍प को भी फिर से जीवित करने पर भी चर्चा की। नकवी ने कहा कि जहाजों के माध्‍यम से हज यात्रियों को भेजने से यात्रा के खर्च में हवाई खर्च के मुकाबले लगभग पचास प्रतिशत की कमी आएगी। 

              नकवी ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यक मामले मंत्रालय सऊदी अरब सरकार, भारत की हज कमिटी, एयर इंडिया एवं अन्‍य संबंधित एजेन्सियों के नियमित संपर्क में है। अल्‍पसंख्‍यक मामले मंत्रालय एवं भारत की हज कमिटी के वरिष्‍ठ अधिकारियों की एक टीम अभी हाल में हज यात्रियों की सुविधाएं का जायजा लेने सऊदी अरब की यात्रा पर गई थी।

‘एक बीमित- दो डिस्‍पेंसरी’ व ‘आधार पर आधारित ऑनलाइन दावा

           श्रम एवं रोजगार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्‍तात्रेय ने अंतर्राष्‍ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर ‘एक बीमित- दो डिस्‍पेंसरी’ व ‘आधार पर आधारित ऑनलाइन दावा प्रस्‍तुतिकरण’ योजनाएं शुरू कीं। ‘एक बीमित- दो डिस्‍पेंसरी’ योजना के तहत ईएसआईसी ने बीमित व्‍यक्‍ति (आईपी) को नियोक्‍ता के जरिए दो डिस्‍पेंसरी का चयन करने का विकल्‍प दिया है, जिनमें से एक डिस्‍पेंसरी का चयन खुद के लिए और दूसरी डिस्‍पेंसरी का चयन अपने परिवार के लिए करना होगा। 

         इससे सभी बीमित व्‍यक्‍ति विशेषकर ऐसे प्रवासी कामगार लाभान्‍वित होंगे, जो अपने गृह राज्‍य को छोड़ कहीं और कार्यरत हैं, जबकि उनके परिवार अपने मूल राज्‍य में ही जीवन यापन कर रहे हैं। दूसरी डिस्‍पेंसरी का विकल्‍प उपलब्‍ध न होने के कारण परिवार के आश्रित सदस्‍यों को अक्‍सर चिकित्‍सा लाभों से वंचित रहना पड़ता है। ‘एक बीमित- दो डिस्‍पेंसरी’ की अवधारणा को मूर्त रूप प्रदान करने से अब बीमित व्‍यक्‍तियों के साथ-साथ उनके परिवारिक सदस्‍यों को भी इनमें से किसी भी डिस्‍पेंसरी में इलाज कराने की सुविधा मिल जाएगी। 

              इसके साथ ही आपातकालीन स्‍थिति में उन्‍हें किसी भी ईएसआई संस्‍थान में यह सुविधा मिल जाएगी। वर्तमान में लगभग 3 करोड़ बीमित व्‍यक्‍तियों को ईएसआईसी के अंतर्गत कवर किया जा चुका है। लाभार्थियों अर्थात बीमित व्‍यक्‍तियों एवं उनके पारिवारिक सदस्‍यों की कुल संख्‍या 12 करोड़ से भी ज्‍यादा हो गई है। ‘आधार पर आधारित ऑनलाइन दावा प्रस्‍तुतिकरण’ योजना के तहत वे सभी ईपीएफ सदस्‍य पीएफ के अंतिम निपटान (फॉर्म 19), पेंशन निकासी लाभ (फॉर्म 10-सी) और पीएफ आंशिक निकासी (फॉर्म 31) के लिए सीधे अपने यूएएन इंटरफेस से आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने अपने यूएएन को सक्रिय कर दिया है। अपने केवाईसी (आधार) को ईपीएफओ से जोड़ दिया है।

               ईपीएफ के दावा संबंधी कार्यभार में 80 प्रतिशत से भी ज्‍यादा का सामूहिक योगदान इन्‍हीं तीनों फॉर्मों का रहता है। सदस्‍यगण समूची प्रक्रिया को ऑनलाइन ही पूरा कर सकते हैं। दावे को ऑनलाइन पेश करने के लिए उन्‍हें न तो नियोक्‍ता और न ही ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क साधने की कोई जरूरत है। सदस्‍यगण को ऑनलाइन पीएफ आंशिक निकासी को प्राथमिकता देते समय कोई भी सहायक दस्‍तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अग्रिम दावे को प्राथमिकता देते समय सदस्‍य द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाने को ही उसकी स्‍व-घोषणा के रूप में मान लिया जाएगा। 

                  बंडारू दत्‍तात्रेय ने योजनाओं को आरंभ करते हुए कहा कि सरकार ने श्रम के महत्‍व एवं श्रमिकों के योगदान को स्‍वीकार किया है। वह उनके कल्‍याण के लिए समर्पित है। सरकार उनके लिए रोजगार सुरक्षा, वेतन सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। श्रम एवं रोजगार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) ने कहा कि सरकारें असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि ईएसआईसी द्वारा हाल ही में आरंभ की गई योजना ‘स्‍प्री’ योजना में 77 लाख व्‍यक्तियों एवं 66 हजार प्रतिष्‍ठानों के लिए नए खाते खोले गए हैं। 

           ईपीएफओ ने भी अपनी हाल की योजना में लगभग 50 लाख नए खाते जोड़े हैं। राष्‍ट्रीय कैरियर सेवा (एनएससी) पोर्टल पर पहले ही 34 मिलियन पंजीकरण किए जा चुके हैं। इससे पहले, श्रम एवं रोजगार सचिव श्रीमती एम सत्‍यवती ने कहा कि मंत्रालय ने श्रमिकों के कल्‍याण के लिए कई कदम उठाए हैं। मंत्रालय व्‍यवसाय की सरलता के लिए श्रम कानूनों को भी विवेकपूर्ण बना रहा है। उन्‍होंने कहा कि रोजगार अवसरों के लिए कौशल का उन्‍नयन आवश्‍यक है।   

श्रमिकों को सलाम, भारत की प्रगति में बड़ी भूमिका

             प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिक दिवस के अपने संदेश में भारत की प्रगति में बड़ी भूमिका निभाने वाले असंख्‍य श्रमिकों के दृढ़ निश्‍चय और कड़ी मेहनत को सलाम किया है। 

          प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा - ‘आज श्रमिक दिवस पर हम भारत के असंख्‍य श्रमिकों के दृढ़ निश्‍चय को सलाम करते हैं, जो भारत की प्रगति में बड़ी भूमिका निभाते हैं। श्रमेव जयते।’
 

मार्शल द्वीप के संविधान दिवस पर भारत के राष्ट्रपति का संदेश

            राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मार्शल द्वीप समूह की सरकार और लोगों को उनके संविधान दिवस की वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दी हैं। 

        मार्शल द्वीप समूह गणराज्य की राष्ट्रपति महामहीम डा. (सुश्री) हिल्डा सी. हेइना को भेजे एक संदेश में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि “भारत सरकार और भारत के लोगों की ओर से मैं आपको, आपकी सरकार और मार्शलगणराज्य के लोगों को संविधान दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत हो रहे हैं।

              मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में मार्शल द्वीप गणराज्य और भारत के बीच संबंध सुदृढ़ होंगे, जिससे दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा। महामहिम हम आपके बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं तथा मार्शल गणराज्य़ की मित्र जनता की प्रगति और समृद्धि की कामना करते हैं।”

भू सम्पदा अधिनियम प्रभावी; एक नए युग की शुरुआत

            नौ वर्ष से लम्बित भू सम्पदा क्षेत्र का नियमन एक मई 2017 से भू सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 प्रभावी होने के साथ ही एक वास्तविकता बन जाएगा।

          इसके अंतर्गत देशभर में 76,000 से अधिकरीयल एस्टेट कम्पनियों को अपनी परियोजनाएं पंजीकृत करानी होंगी। अधिनियम की सभी 92 धाराएं से लागू हो जाएंगी। विकासकों को वे सभी जारी परियोजनाएं और नई परियोजनाएं 3 महीने के भीतर, यानी आगामी जुलाई माह के अंत तक नियामक प्राधिकरणों के साथ पंजीकृत करानी होंगी, जिनके लिए अभी तक कम्प्लीशन सर्टिफिकेट यानी निर्माण कार्य पूरा होने का प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया गया है। इससे मकान खरीदने वालों को अपने अधिकार हासिल करने और पंजीकरण के बाद अपनी शिकायतों का निवारण करवाने में मदद मिलेगी।

            आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने इस अवसर पर अपने ट्वीट में कहा “भू सम्पदा अधिनियम 9 वर्ष के इंतजार के बाद लागू होने जा रहा है, जिससे भवन खरीदार सम्राट बन सकेगा। इससे एक नए युग की शुरुआत होगी। इससे क्रेताओं का बाजार में विश्वास बढ़ने से विकासकों को भी लाभ पहुंचेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी के कारण यह अधिनियम एक वास्तविकता बन पाया है। इस अधिनियम की बदौलत रीयल्टी क्षेत्र में वांछित जवाबदेही, पारदर्शिता और सक्षमता आएगी। अधिनियम में क्रेताओं और विक्रेताओं दोनों के अधिकार और दायित्व परिभाषित किए गए हैं।

              सरकार ने इस कानून को अमली जामा पहनाने के प्रयास किए, जिनकी बदौलत यह अंततः लागू हो पाया।” अधिनियम के प्रभावी होने से पहले आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने मॉडल भू सम्पदा विनियम तैयार किए और उन्हें प्रचारित किया ताकि राज्यों-संघ शासित प्रदेशों में नियामक प्राधिकरण उन्हें अपना सकें। इनविनियमों के अंतर्गत भवन निर्माताओं को अपनी अनुमोदित योजनाएं और नक्शे कम से कम तीन फुट ज्र् दो फुट के कागज पर सभी विपणन कार्यालयों में उपलब्ध कराने होंगे। परियोजनाओं के पंजीकरण के अलावा अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों में भवन निर्माताओं को नई परियोजनाओं के मामले में खरीदारों से प्राप्त निधि का 70ऽ हिस्सा और पहले से जारी परियोजनाओं के मामले में खर्च न की गई राशि का 70ऽ पृथक बैंक खाते में जमा कराना होगा; न्यूनतम 500 वर्ग मीटर आकार के प्लाट अथवा 8 अपार्टमेंट्स तक के निर्माण कार्यों को नियामक प्राधिकरणों के साथ पंजीकृत कराया जाएगा।

           विलम्ब के मामले में भवन निर्माता और क्रेता दोनों को भारतीय स्टेट बैंक की मार्जिनल उधारी दर अ 2 प्रतिशत दंड ब्याज का भुगतान करना होगा। भवन निर्माता को ढांचागत खराबी के लिए 5 वर्ष की गारंटी देनी होगी और अपील न्यायाधिकरणों और नियामक प्राधिकरणों के आदेशों का उल्लंघन करने की स्थिति में भवन निर्माताओं को 3 वर्ष और एजेंटों तथा क्रेताओं को एक वर्ष तक कारावास की सजा होगी। यह विधेयक सबसे पहले 2013 में राज्य सभा में पेश किया गया था। उसके बाद से आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने कई दौर के विचार विमर्श के दौरान भू सम्पदा विधेयक में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए। इसे पारित होने से पहले अत्यंत कारगर बनाया गया।