Wednesday, 1 March 2017

भारत का लक्ष्य ‘खुले में शौच मुक्त’

                    महिलाओं और बच्चों के बीच स्वच्छ भारत अभियान के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से महिला और बाल विकास मंत्रालय 01 मार्च, 2017 से 15 मार्च, 2017 तक स्वच्छता पखवाड़ा मना रहा है। 

            सार्वभौमिक साफ-सफाई, स्वच्छता और 2019 तक ‘खुले में शौच मुक्त’ भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। राष्ट्रव्यापी गतिविधियों के एक भाग के रूप में, मंत्रालय ने सभी राज्यों को देशभर में फैले आंगनवाड़ी केंद्रों (एडब्ल्यूसी) के नेटवर्क के माध्यम से स्वच्छता पखवाड़ा मनाने के लिए पत्र लिखा है। राज्यों को कहा गया है कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से आयोजन करें।

               स्थानीय समुदाय की मदद से आंगनवाड़ी केंद्रों का रंग-रोगन;  बिना लागत के स्थानीय लोगों की मदद से दीवारों पर तस्वीरों और स्थानीय लोगो बनाना;  आंगनवाड़ी केंद्रों के आसपास की सफाई;  पुराने पड़ चुके रिकार्ड्स को हटाना;  दिव्यांगों के लिए बनाए गए शौचालयों का निरीक्षण करना; निर्माणाधीन शौचालयों का निरीक्षण करना; स्वच्छता के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत निजी क्षेत्र का सहयोग;  स्केच प्रतियोगिता, आदि,   नदियों के तट पर स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों के आसपास स्वच्छता अभियान का आयोजन;  8 मार्च, 2017 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना। 

                 इन दिवसों के दौरान मंत्रालय और संबंधित संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी देश भर का दौरा करेंगे। स्वच्छता शपथ, नारा लेखन और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक और स्वच्छ भारत अभियान पर बनाई गई फिल्म की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य पर आयोजित सत्र, बच्चों के लिए साफ-सफाई और स्वच्छता का महत्व, कचरा प्रबंधन पर आयोजित किए गए कार्यक्रमों का मुआयना करेंगे। दिल्ली में महिला और बाल विकास मंत्रालय और इससे संबंधित सीएआरए, सीएसडब्ल्यूबी, एनसीपीसीआर, एनसीडब्ल्यू और आरएमके जैसी संस्थाओं में भी साफ-सफाई और स्वच्छ भारत पर प्रतिज्ञा जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

                   स्वच्छ भारत की थीम पर बालिकाओं के लिए आयोजित कार्यक्रमों के साथ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं जिलों में प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसकी निगरानी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के संयुक्त सचिव द्वारा की जाएगी। बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता की जरूरतों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। स्वच्छ तरीके से खाना पकाने के सही तौर-तरीकों के माध्यम से पौष्टिक व्यंजनों को तैयार करने के बारे में बताया जाएगा। बालिकाओं की सहभागिता के साथ वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। अपने संदेश में, महिला और बाल विकास मंत्री ने कहा, “स्वच्छ भारत को सुनिश्चित करने में महिलाओं की निर्णायक भूमिका है।

                 बच्चों में उनके प्रारंभिक वर्षों से ही साफ-सफाई की आदत विकसित करनी चाहिए। इससे स्वच्छ शरीर में एक स्वच्छ मस्तिष्क का निर्माण होने में मदद मिलेगी। स्वच्छता पखवाडा का आयोजन कर हम पूरे देश में महिलाओं और बच्चों, दोनों को शिक्षित कर सफाई के महत्व को समझाना चाहते हैं। स्वच्छता के वातावरण को आजीवन बनाए रखने का दृष्टिकोण विकसित करना चाहते हैं।” वरिष्ठ अधिकारी बाल गृह संस्थाओं, क्रेच का दौरा करेंगे। खिलौनो की सफाई, स्वास्थ्य और स्वच्छता, खानपान की आदतों और सुरक्षा के बारे में सत्रों का आयोजन करेंगे। स्वच्छता का निरीक्षण करने के लिए एकल सुविधा केंद्रों, सुधार गृहों और उज्ज्वला होम्स का भी दौरा किया जाएगा। 

              स्वच्छता के बारे में कौशल शिक्षा और फिल्मों की स्क्रीनिंग, नारा लेखन तथा स्वच्छ भारत पर प्रतिज्ञा का आयोजन किया जाएगा। अधिकारीगण पूरे देश के हर कोने का दौरा करेंगे। हरियाणा, झारखंड, सिक्किम, त्रिपुरा, उड़ीशा, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल के साथ-साथ नई दिल्ली में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

देश में 100 जिले खुले में शौच मुक्‍त

                पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने स्‍वच्‍छ भारत मिशन में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करने और उनकी अगुवाई की भलीभांति सराहना करने के उद्देश्‍य से आज देश भर में पूरे सप्‍ताह चलने वाली विभिन्‍न गतिविधियों के कार्यक्रम ‘स्‍वच्‍छ शक्ति सप्‍ताह’ का शुभारंभ किया। 

          केन्‍द्रीय पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने हरियाणा सरकार के साथ संयुक्‍त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम के तहत हरियाणा के गुरुग्राम में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर स्‍वच्‍छ शक्ति सप्‍ताह का शुभारंभ किया। हरियाणा में जमीनी स्तर से जुड़ी 1000 से अधिक महिला स्वच्छता चैंपियनों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। हरियाणा के 11 ओडीएफ (खुले में शौच मुक्‍त) जिलों के उपायुक्‍तों को इस अवसर पर सम्‍मानित किया गया। इस अवसर पर तोमर ने स्‍वच्‍छ भारत मिशन के क्रियान्‍वयन के तहत समस्‍त ग्रामीण भारत में महिलाओं द्वारा निभाई जा रही अग्रणी भूमिका की सराहना की।          

               उन्‍होंने स्‍वच्‍छता को एक जन आंदोलन का स्‍वरूप प्रदान करने के लिए भी इनकी सराहना की। उन्‍होंने घोषणा की कि पूरे सप्‍ताह के दौरान राष्‍ट्रव्‍यापी कार्यक्रम आयोजित कर महिला स्‍वच्‍छता चैंपियनों, महिला सरपंचों, ‘आशा’ से जुड़ी कार्यकर्ताओं, स्‍कूल शिक्षकों, युवा विद्यार्थियों और वरिष्‍ठ नागरिकों को सम्‍मानित किया जायेगा। उन्‍होंने कहा कि गुजरात में एक विशाल कार्यक्रम के आयोजन के साथ इस सप्‍ताह का समापन होगा। ‘स्‍वच्‍छ शक्ति 2017’ नामक इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 6000 महिला सरपंचों को संबोधित करेंगे। स्‍वच्‍छ भारत में उनके अहम योगदान के लिए उन्‍हें सम्मानित करेंगे। 

            मंत्री ने यह भी घोषणा की कि देश में ओडीएफ (खुले में शौच मुक्‍त) जिलों की संख्‍या अब 100 के पार चली गई है। इसी तरह 1.7 लाख से ज्‍यादा गांव अब ओडीएफ हो गये हैं। उन्‍होंने कहा कि आज हासिल की गई इस महत्‍वपूर्ण उपलब्धि ने इसे मिशन के लिए दोहरी खुशी के अवसर में तब्‍दील कर दिया है। उन्‍होंने स्‍वच्‍छ एवं खुले में शौच मुक्‍त भारत को एक वास्‍तविकता में तब्‍दील करने संबंधी प्रधानमंत्री के विजन में उल्‍लेखनीय योगदान देने के लिए स्‍वच्‍छ भारत मिशन से जुड़े प्रत्‍येक व्‍यक्ति, विशेषकर इन 100 जिलों के प्रशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। हरियाणा के विकास एवं पंचायत और कृषि मंत्री ओ. पी. धनखड़ भी इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि महिलाएं स्‍वच्‍छ भारत मिशन की स्‍वाभाविक नेता हैं।

             उन्‍होंने यह भी घोषाणा की कि हरियाणा नवंबर 2017 तक एक ओडीएफ राज्‍य बन जायेगा। केंद्र एवं राज्‍य सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ-साथ अन्‍य हितधारकों ने भी इस समारोह में भाग लिया।  

अल्पसंख्यक आधुनिक शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थान

             केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने युद्धस्तर पर अभियान चलाया हुआ है। 

              जिससे कि अल्पसंख्यकों सहित समाज के सभी तबकों को सस्ती-सुलभ-गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके। नई दिल्ली में “माइनॉरिटी कम्युनिटी टीचर्स एसोसिएशन” के नेशनल सेमिनार को सम्बोधित करते हुए नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यकों को बेहतर पारंपरिक एवं आधुनिक शिक्षा मुहैय्या कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगा। तकनीकी, मेडिकल, आयुर्वेद, यूनानी सहित विश्वस्तरीय कौशल विकास की शिक्षा देने वाले संस्थान देश भर में स्थापित किये जायेंगे। एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जो शिक्षण संस्थानों की रुपरेखा-स्थानों आदि के बारे में चर्चा कर रही है। जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट देगी। हमारी कोशिश होगी कि यह शिक्षण संस्थान 2018 से काम करना शुरू कर दें। इन शिक्षण संस्थानों में 40 प्रतिशत आरक्षण लड़कियों के लिए किये जाने का प्रस्ताव है। 

                नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय का पूरा जोर इस बात पर है कि अल्पसंख्यकों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ उन्हें विभिन्न कौशल ट्रेनिंग भी दी जाये जिससे की छात्र रोजगार के योग्य हो सकें। अल्पसंख्यकों को बेहतर शिक्षा दिलाने और बेहतर रोजगारपरक ट्रेनिंग देने के लिए मंत्रालय विभिन्न योजनाएं चला रहा है। नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस बार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में बड़ी वृद्धि की है। 2017-18 के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ा कर 4195.48 करोड़ रूपए कर दिया गया है। यह पिछले बजट के 3827.25 करोड़ रूपए के मुकाबले 368.23 करोड़ रूपए (9.6 प्रतिशत की वृद्धि) अधिक है। नकवी ने कहा कि बजट में बढ़ोतरी से अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। 

            नकवी ने कहा कि इस बार बजट का 70 प्रतिशत से ज्यादा धन अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण एवं कौशल विकास, रोजगारपरक ट्रेनिंग पर खर्च किया जायेगा। बजट का बड़ा भाग विभिन्न स्कालरशिप, फ़ेलोशिप और कौशल विकास की योजनाओं जैसे "सीखो और कमाओ", "नई मंजिल","नई रौशनी", "उस्ताद", "गरीब नवाज़ कौशल विकास केंद्र", "बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप" पर खर्च किये जाने का प्रावधान है। इसके अलावा बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (एमएसडीपी) के तहत भी शैक्षिक विकास की गतिविधियों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर धन खर्च किया जायेगा। 

            मेरिट-कम-मीन्स स्कालरशिप पर 393.5 करोड़ रूपए, प्री-मेट्रिक स्कालरशिप पर 950 करोड़ रूपए, पोस्ट-मेट्रिक स्कालरशिप पर 550 करोड़ रूपए, "सीखो और कमाओ" पर पिछले साल के मुकाबले 40 करोड़ रूपए की वृद्धि के साथ 250 करोड़ रूपए, "नई मंज़िल" पर 56 करोड़ रूपए की वृद्धि के साथ 176 करोड़ रूपए, मौलाना आज़ाद फ़ेलोशिप स्कीम पर 100 करोड़ रूपए खर्च किये जाने का प्रावधान है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन के लिए 113 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। नकवी ने कहा कि 2017-18 में 35 लाख से ज्यादा छात्रों को विभिन्न स्कॉलरशिप दी जाएगी। 

             इसके अलावा 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार परक ट्रेनिंग दी जाएगी। नकवी ने कहा कि 16 से ज्यादा “गुरुकुल” प्रकार के आवासीय स्कूलों को स्वीकृति दी गई है। साथ ही जो मदरसें मुख्यधारा की शिक्षा भी दे रहे हैं उन्हें भी मदद दी जारी रही है। अल्पसंख्यकों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे केंद्र सरकार के प्रयासों में "गरीब नवाज़ स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू करना, छात्राओं के लिए "बेगम हजरत महल स्कालरशिप", करना एवं 500 से ज्यादा उच्च शैक्षिक मानकों से भरपूर आवासीय विद्यालय एवं रोजगार परक कौशल विकास केंद्र शामिल हैं।

गंगा के लिए 1050 करोड़

             पटना में गंगा को स्‍वच्‍छ रखने के प्रयास के तहत शहर में सक्षम सीवेज ट्रीटमेंट ढांचा तैयार करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 1050 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी का बड़ा फैसला लिया गया है। 

          यह राशि दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने, मौजूदा एसटीपी के नवीनीकरण, दो पंपिंग स्टेशनों के निर्माण और लगभग 400 किलोमीटर तक का नया भूमिगत सीवेज नेटवर्क बिछाने पर खर्च की जाएगी। शहर के सैदपुर क्षेत्र में ज़ोन में 60 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी बनाने और 227 किलोमीटर के नए भूमिगत सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए कुल 600 करोड़ रुपए लागत का ठेका यूईएम इंडिया प्रा. लि. और ज्‍योति बिल्‍डटेक प्रा. लि. को दिया गया है। तीन अन्‍य फर्मों, लार्सन एंड टर्बो लि., वोल्‍टास लि. और जीएए जर्मनी जेवी, को शहर के बेऊर क्षेत्र में 23 एमएलडी वाले एसटीपी के निर्माण, 20 एमएलडी के मौजूदा एसटीपी के नवीनीकरण और लगभग 180 किलोमीटर का नया भूमिगत सीवेज नेटवर्क बिछाने की अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 450 करोड़ रुपए आवंटित होंगे। 

              इसके दायरे में सैदपुर और बेऊर क्षेत्र में क्रमश: 83 एमएलडी और 50 एमएलडी क्षमता वाले मुख्य पंपिंग स्टेशनों का निर्माण भी शामिल है। ठेकों में 10 साल की अवधि के लिए एसटीपी और सीवेज नेटवर्क के संचालन और रखरखाव की लागत भी शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्‍य न सिर्फ पटना की मौजूदा सीवेज व्‍यवस्‍था को सुधारना है, बल्कि अगले एक दशक तक शहर में बढ़ती आबादी की संभावना को ध्‍यान में रखकर सीवेज ट्रीटमेंट का लक्ष्‍य भी शामिल है। 

           विश्व बैंक के एक सर्वेक्षण के अनुसार पटना ढांचागत विकास के मामले में दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ते शहरों में से एक है। इन परियोजनाओं के समयबद्ध परिचालन के बाद इन क्षेत्रों से गंगा नदी में किसी भी प्रकार असंशोधित जल नहीं बहाया जाएगा।

            इससे गंगा के पवित्रजल को प्रदूषित होने से बचाने में मदद मिलेगी। राष्‍ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) निर्माण-कार्य की प्रगति की निगरानी करेगा। 100 वर्ग किलोमीटर से अधिक के क्षेत्र में फैले पटना शहर को छह सीवरेज क्षेत्रों - दीघा, बेऊर, सैदपुर, कंकड़बाग, पहाड़ी और करमाली चक में बांटा गया है। करमाली चक क्षेत्र में सीवेज संबंधित परियोजनाओं के लिए जल्‍दी ही अनुबंध किए जाने की उम्मीद है।



 

एलपीजी सिलेंडर की मूल्‍य वृद्धि का उपभोक्‍ताओं पर प्रभाव नहीं

                   एलपीजी सिलेंडर के गैर रियायती मूल्‍यों में 86 रूपये की बढ़ोत्‍तरी की गई है।

             यह बढ़ोत्‍तरी वैश्‍विक एलपीजी उत्‍पाद के मूल्य बढ़ने के कारण की गई है। हालांकि इसका रियायती दरों पर एलपीजी के सिलेंडर रिफिल कराने वाले उपभोक्‍ताओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेंगा। उदाहरण के तौर पर 01 मार्च, 2017 से दिल्‍ली में नए एलपीजी रिफिल के लिए उपभोक्‍ताओं को 737 रूपये का भुगतान करना होगा। उनके खाते में 303 रुपये की सब्‍सिडी राशि जमा होगी।

           उपभोक्‍ताओं को पहले की तरह ही कुल 434 रुपये का भुगतान करना होगा। इस प्रकार गैर रियायती सिलेंडर के मूल्य में बढ़ोत्तरी का कुल मिलाकर एलपीजी उपभोक्‍ताओं के रियायती मूल्‍य पर गैस रिफिल कराने में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।